Posted on Leave a comment

Rajasthan art and culture I Customs and costumes part 1/3 Rajasthan I RAS 2018

Rajasthan art and culture I Customs and costumes part 1/3

Rajasthan art and culture I Customs and costumes part 1/3

Sixteen Sanskar: –

  • The following sixteen rites have been considered compulsory from conception to funeral to make the human body healthy  and pure and for good values ​​of the mind.

1). Conception: –

  • Proper time for conception and essential religious activities

2). Punsvan: –

  • Before giving  birth to the child in the womb, praising the deities  for the birth of a son is called Punsvan Samskara.

3). Seemantotrayan: –

  • This Sanskar was done to save the pregnant woman from abnormal/evil forces.

PDF :

[pdf-embedder url=”https://www.baljitdhaka.com/wp-content/uploads/securepdfs/2018/04/Customs-and-Costumes-in-Rajasthan-Part-1.pdf” title=”Customs and Costumes in Rajasthan Part – 1″]

सोलह संस्कार :-

  • मनुष्य शरीर को स्वस्थ तथा दीर्घायु और मन को शुद्ध और अच्छे संस्कारों वाला बनाने के लिए गर्भाधान से लेकर अंत्येष्टि तक निम्न सोलह संस्कार अनिवार्य माने गये हैं :-

1).  गर्भाधान :-

  • गर्भाधान के पूर्व उचित काल और आवश्यक धार्मिक क्रियाएँ।

2). पुंसवन :-

  • गर्भ में स्थित शिशु को पुत्र का रूप देने के लिए देवताओं की स्तुति कर पुत्र प्राप्ति की याचना करना पुंसवन संस्कार कहलाता है।

3). सीमन्तोन्नयन :-

  • ग़र्भवति स्त्री को अमंगलकारी शक्तियों से बचाने के लिए किया गया संस्कार।

4). Jaatkarm: –

  • Sanskar performed on the birth of a child.

5). Naamkaran: –

  • Samskaras on the tenth or twelfth day of birth to name the baby.

Video:

6). Nishkraman: –

  • After the fourth month of birth, to bring the child out of the house for the first time, to let him see the sun and moon.

7). Annapraashan: –

  • The action of giving first cereal food to the child in the sixth month of birth

8). Chudakarm or Jadulla: –

  • In the first or third year of the baby, the rituals  being done for cutting head hair first. It is also called jadulla removing.

4). जातकर्म :-

  • बालक के जन्म  पर किया जाने वाला संस्कार।

5). नामकरण :-

  • शिशु का नाम रखने के लिए जन्म के दसवें अथवा 12 वें दिन किया जाने वाला संस्कार।

6). निष्क्रमण :-

  • जन्म के चौथे मास में बालक को पहली बार घर से निकालकर सूर्य और चंद्र दर्शन कराना।

7). अन्नप्राशन :-

  • जन्म के छठे मास में बालक को पहली बार अन्न का आहार देने की क्रिया।   

8). चूड़ाकर्म या जडूला :-

  • शिशु के पहले या तीसरे वर्ष में सिर के बाल  पहली बार मुड़वाने पर किया जाने का संस्कार। इसे जडूला उतारना भी कहते हैं।

Rajasthan

9). Karnvedh: –

  • The sanskaar to be done in the third and fifth years of the baby, in which the ear of the baby is pierced.

10). Schooling: –

  • Sanskaras being done by worshipping the deities and  sitting in front of the Guru to learn the alphabet.

11). Upaniyan: –

  • The child was taken to the teacher for his  education , the Brahmachari Ashram would start with this ritual. It was also called ‘Yagyopaveet Sanskar’. The Brahmins, the Kshatriye and the Vaishyas had the right to practice upnayan.

9). कर्णवेध :-

  • शिशु के तीसरे एवं पाँचवें वर्ष में किया जाने वाला संस्कार, जिसमें शिशु के कान बीधें जाते हैं।

10). विद्यारम्भ :-

  • देवताओं की स्तुति कर गुरु के समक्ष बैठकर अक्षर ज्ञान कराने हेतु किया जाने वाला संस्कार।

11). उपनयन :-

  • इस संस्कार द्वारा बालक को शिक्षा के गुरु के पास ले जाया जाता था ब्रम्हचर्याश्रम इसी संस्कार से  प्रारम्भ होता था। इसे ‘यज्ञोपवीत संस्कार’ भी कहते थे। ब्राह्मणों, क्षत्रीय और वैश्यों को ही उपनयन का अधिकार था।

12). Vedaarambh: –

  • Samskaras to take the right to read the  Vedas

13). Keshant or Godan: –

  • Normally a ritual performed at the age of 16, in which the bachelors had to cut their hair. Now this rites have been extinct.

Rajasthan

14). Samavartan or Convocation: –

  • The ritual performed at the end of the education, the student gave his teacher  Gurudakshina and received blessings from him and returned home after bathing. Due to bathing(snaan), the bachelor was called a Snaatak.

12). वेदारम्भ :-

  • वेदों के पठन-पाठन का अधिकार लेने हेतु किया गया संस्कार।

13). केशान्त या गोदान :-

  • सामान्यतः 16 वर्ष की आयु में किया जाने वाला संस्कार , जिसमें ब्रम्हाचारी को अपने बाल कटवाने पड़ते थे। अब यह संस्कार विलुप्त हो चूका है।

14). समावर्त्तन या दीक्षांत संस्कार :-

  • शिक्षा समाप्ति पर किया जाने वाला संस्कार, विधार्थी अपने आचार्य को गुरुदक्षिणा देकर उसका आशीर्वाद गृहण कराता था तथा स्नान करके घर लौटता था। स्नान के कारण  ही ब्रम्हाचारी को स्नातक कहा जाता था।

15). Wedding ceremony :-

  • Sanskar on the occasion of admission in Grihastashram

16). Funeral: –

  • It is the cremation performed on death.

Other major customs: –

(1). Shamela or Madhuperk :-

  • On reaching bride’s home, the bride’s father introduces the groom’s party with his relatives,  it is called ‘Samola’.

(2) Bindoli: –

  • A day before the marriage, the iundoli of  bride and groom is taken out, in which women sing songs, and make both of them roam in a village or a mohalla.

15). विवाह संस्कार :-

  • ग्रहस्थाश्रम में प्रवेश के अवसर पर किया जाने वाला संस्कार।

16). अंत्येष्टि :-

  • यह मृत्यु  पर किया जाने वाला दाह संस्कार है।

अन्य प्रमुख रीति-रिवाज :-

(1). सामेला या मधुपर्क :-

  • वर के वधु के घर पहुँचने पर वधु  का पिता अपने संबंधियों के साथ वर पक्ष का स्वागत करता है, इसे ‘समोला’  कहते हैं।

(2) बिंदोली :-

  • विवाह के एक दिन पूर्व वर व वधु की बिंदोली  निकाली जाती है, जिसमें स्त्रियाँ माँगलिक गीत गाते हुए उन दोनों को गाँव या मोहल्ले में घूमाती हैं।

(3). Pahrawani / Rangabari: –

  • While the  barat is returning, every barati and bride and bridegroom are given  some amount of money and gifts and they are called pahravani.

(4). Muklava or Gauna: –

  • If the married minor becomes adult enough and she is sent to her in-laws, , it is called ‘Muklava’ or ‘gauna’.

(5). Badhaar : –

  • The collective food  on the occasion of marriage

(6). Kankandor Bandhna:

  • The moli thread tied in the hands of bride and bridegroom before marriage is called Kankandor  bandhna.

(3). पहरावणी/रंगबरी :-

  • बारात विदा करते समय प्रत्येक बाराती तथा वर-वधु को यथाशक्ति धन व उपहारादि दिए जाते हैं, जिसे पहरावणी कहते है।

(4). मुकलावा या गौना :-

  • विवाहित अवयस्क कन्या को वयस्क होने पर उसे अपने ससुराल भेजना ‘मुकलावा’ करना या ‘गौना’ कहलाता है।  

(5). बढार :-

  • विवाह के अवसर पर दिया जाने वाला सामूहिक प्रतिभोज।

(6). कांकनडोर बांधना :-

  • विवाह के पूर्व वर व वधु के हाथ में बाँधा गया मोली का धागा कांकन डोर बाँधना कहा जाता है।

(7). Jamana: –

  • On the birth of a son, The Nai  takes the Pagle (Footprints using turmeric of the new born on white clothes). Then the maternal grandfather or uncle  comes with garments, gifts etc., which is called jamana.

(8). Nangal: –

  • The ceremony of inauguration of the newly built house is called  Nangal.

(9) Mausar: –

  • Death feast is called a Mausar. It is also called Ausar or Nukta.

(10). Toran : –

  • On the occasion of marriage, the bride toches a stick on the toran on the main entrance of the bride’s house. This is called toran ceremony.

(7). जामणा :-

  • पुत्र जन्म पर नाई बालक के पगल्ये (सफेद वस्त्र पर हल्दी से अंकित पद चिन्ह) लेकर उसके ननिहाल जाता है। तब उसके नाना या मामा उपहार स्वरूप वस्त्राभूषण, मिठाई आदि लेकर आते हैं, जिसे ‘जामणा’ कहा जाता है।

(8). नांगल :-

  • नवनिर्मित गृह के उद्घाटन की रस्म नांगल कहलाती है।

(9) मौसर :-

  • मृत्यु भोज को मौसर कहते है। इसे औसर या नुक्ता भी कहते हैं।

(10). तोरण मारना :-

  • विवाह के अवसर पर दूल्हे द्वारा दुल्हन के घर के मुख्य द्वार पर लटके तोरण पर छड़ी लगाना तोरण मारना  कहलाता है।

For complete course Join complete course 

For sample videos subscribe our youtube channel

 

Posted on Leave a comment

Rajasthan GK Art and culture I religious cult part 2 I PDF I Video

Rajasthan GK Art and culture I religious cult part 2 I PDF I Video

Rajasthan GK Art and culture I religious cult part 2 I PDF I Video

SantPipa (1383-1453 AD): –

  • He was born in the house of Gagron king Kadawa Rao khinchi (Chauhan). His mother’s name was Lakshmi-Vati and his childhood name was ‘Pratap Singh’.
  • Pipaji took initiation from Saint Ramanand and promoted Bhagvat devotion. Tailor community treats them as their god. There is a grand temple of Pipaji in Samadri village of Barmer where huge fair is held. Apart from this, fairs are also held in memory of Masurian and Gagron.
  • Saint Pippa also stayed for some time in Toda Gram (Tonk) where Pappa ji’s cave is situated in  which he used to sing hymns.

PDF Notes : Rajasthan GK Art and culture I religious cult part 2

[pdf-embedder url=”https://www.baljitdhaka.com/wp-content/uploads/securepdfs/2018/04/Religious-cults-Part-2.pdf” title=”RAS Rajasthan Notes art and culture “]

संतपीपा (1383-1453 ई.) :-

  • इनका जन्म गागरोन नरेश कड़ावा राव खींची (चौहान) के घर हुआ था। इनकी माता का नाम लक्ष्मी-वती था तथा इनके बचपन का नाम ‘प्रताप सिंह’ था।
  • पीपाजी ने संत रामानंद से दीक्षा ली तथा भगवत भक्ति का प्रचार किया। दर्जी समुदाय इन्हें अपना आराध्य मानता है। बाड़मेर के समदड़ी ग्राम में पीपाजी का भव्य मंदिर है जहाँ विशाल मेला भरता है। इसके अलावा मसूरिया एवं गागरोन में भी इनकी स्मृति में मेले लगते हैं।
  • संत पीपा कुछ समय तोडा ग्राम (टोंक) में भी रहे जहाँ पीपा जी की गुफा है जिसमें वे भजन किया करते थे।
  • Saint Pipa has strongly criticized castes, communalismn and discrimination and worshiped Nirguna Brahma, taught the necessity of the master to attain God and the means of salvation.
  • He was  the first saint who waved the Bhakti movement in Rajasthan.

Saint Sunderdas ji (1596-1707.): –

  • Mr. Sundar Das, the ultimate disciple of Dadu Ji, was born in the Khandeval Vaishya family in Dausa. His father was Shri Parmanand (Shah Chokha).
  • By taking initiation from Daduji, he preached his teachings and composed many texts. The main texts are- Gyaan Samundra, Gyaan Savaiyya (Sundarvilas), Sundar Saar, Sundar granthavali etc.
  • संत पीपा ने जाति-पाँति, सम्प्रदायवाद, ऊँच-नीच आदि भेदभावों की कटु आलोचना की एवं निर्गुण ब्रम्हा की उपासना करने, ईश्वर प्राप्ति हेतु गुरु की अनिवार्यता एवं भक्ति को मोक्ष प्राप्ति का साधन बनाने का उपदेश दिया।
  • राजस्थान में भक्ति आंदोलन का अलख जगाने वाले ये प्रथम संत थे।

संत सुंदरदास जी (1596-1707ई.) :-

  • दादूजी के परम शिष्य श्री सुंदरदास जी का जन्म दौसा में खण्डेवाल वैश्य परिवार में हुआ। इनके पिता श्री परमानंद(शाह चोखा) थे।
  • दादूजी से दीक्षा लेकर इन्होंने उनके उपदेशों का प्रचार किया और कई ग्रन्थों की रचना की। प्रमुख ग्रंथ हैं-ज्ञान समुन्द्र, ज्ञान सवैया (सुन्दरविलास), सुंदर सार, सुंदर ग्रंथावाली आदि।
  • He passed away in Sanganer in 1764. his main workplace was Dausa, Sanganer, Narayana and Fatehpur Shekhawati. He started the ‘Naga Sadhu’ class in the Dadu sect.

Saint rajjab ji: –

  • Rajjab ji was born in Sanganer (Jaipur) in the 16th century. While going for marriage, he  listened to the teachings of Daduji, he became his disciple and throughout his life he remained in  groom’s attire and spread ‘Dudu’s teachings’.
  • ‘Rajjabvani’ and Sarvangi are his main texts. He died in Sanganer.
  • इनका निधन संवत 1764 में सांगानेर में हुआ। इनके मुख्य कार्यस्थल दौसा, सांगानेर, नारायणा एवं फतेहपुर शेखावाटी रहे। इन्होने दादू पंथ में ‘नागा’ साधु वर्ग प्रारम्भ किया।

संत रज्जब जी :-

  • रज्जब जी का जन्म सांगानेर(जयपुर) में 16 वीं सदी में हुआ। विवाह के लिए जाते समय दादूजी के उपदेश सुनकर ये उनके शिष्य बन गये और जीवन भर दूल्हे के वेश में रहते हुए ‘दादू के उपदेशों’ का बयान किया।
  • ‘रज्जबवाणी’ एवं सर्वंगी इनके प्रमुख ग्रंथ हैं। इनका स्वर्गवास सांगानेर में हुआ, जहाँ इनकी प्रधान गद्दी है।

Saint Dhanna Ji: –

  • Sant Dhanna ji, disciple of Ramananda  was born in a Jat family in 1472 in ‘Dhuvan’ village near Tonk. Since childhood, he used to be absorbed in devotion of god.
  • These saints started preaching after taking knowledge from Ramnand. Serving saints, freedom of belief in God, and opposing Karm-kaands, superstitions,  and rituals etc. are his main teachings.

Saint Jaimladas ji: –

  • The revered Shree Jimal Das was a disciple of the famous saint, Shri Madhodas ji Diwan of the Ramasnehi Samradaya . He gave deeksha to  Sant Hariram Das, initiator of ramsnehi community of Sinhathal branch.

संत धन्ना जी :-

  • संत धन्ना जी रामानन्द के शिष्य संत धन्ना जी टोंक के निकट ‘धुवन’ ग्राम में संवत 1472 में एक जाट परिवार में पैदा हुए। ये बचपन से ही ईश्वर भक्ति में लीन रहते थे।
  • ये संत रामानंद से दीक्षा लेकर धर्मोप्रदेश एवं भगवत भक्ति का प्रचार करने लगे। संग्रह व्रति से मुक्त रहते हुए संतों की सेवा, ईश्वर में दृढ़ विश्वास तथा बाहरी आडंबरों व कर्मकाण्डों का विरोध आदि इनके प्रमुख उपदेश हैं।

Rajasthan GK Art and culture I religious cult part 2 I PDF I Video

संत जैमलदास जी :-

  • पूज्यवाद श्री जैमलदास जी रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रसिद्ध संत श्री माधोदास जी दीवान के शिष्य थे। इन्होंने रामस्नेही सम्प्रदाय की सिंहथल शाखा के प्रवर्त्तक संत हरिरामदास जी को दीक्षा दी।
  • Therefore he is also considered as the Adi Acharya of the Sinhital Khopada Branch.

Devotee poet Durlabh: –

  • Sant Durlabh Jee was born in V.S  1753, it was in the Vaagad area . He preached Krishna’s devotion and drew the people to Krishna Leela. He created his work area in Banswara and Dungarpur. He is also called ‘Narsingh of Rajasthan’.

Saint Raidas ji: –

  • Ramanand’s disciple Sant Raidas was not from Rajasthan, but he spent some time in Rajasthan too. These was of the Chamar caste. They also preached  devotion and against discrimination prevailing in the society and devotion of Nirgun Brahma.
  • इसलिए इन्हें सिहंथल खोपडा शाखा का आदि आचार्य भी माना जाता है।

Rajasthan GK Art and culture I religious cult part 2 I PDF I Video

भक्त कवि दुर्लभ :-

  • संत दुर्लभ जी का जन्म वि.सं. 1753 में वागड़ क्षेत्र में हुआ। इन्होंने कृष्ण भक्ति के उपदेश दिये  तथा लोगों को कृष्ण लीला के रसामृत से सराबोर किया। बाँसवाड़ा व डूँगरपुर को इन्होंने अपना कार्यक्षेत्र बनाया था। इन्हें ‘राजस्थान का नृसिंह’ भी कहते हैं।

संत रैदास जी :-

  • रामानंद के शिष्य संत रैदास राजस्थान के नहीं थे परन्तु इन्होने अपना कुछ समय राजस्थान में भी बिताया था। ये जाति के चमार थे। इन्होंने भी समाज में व्याप्त आडंबरों एवं भेदभावों का विरोध कर निर्गुण ब्रम्हा की भक्ति का उपदेश  दिया।
  • At the time of Meera, he came to Chittor. His chhatri is in a corner of Kumbhashyam temple of Chittorgarh. His teachings are in the book “Radias Ki Parachi”.

Saint Shiromani Meera: –

  • Meerabai was born in 1498 in Kurki village near Merta. His father Shri Ratna Singh ji Rathod was the Jageerdaar of Bajoli.
  • Meera ji was raised  at her grandfather’s house here. Her birth name was Pemal. She were married to Bhojraj, son of Maharana Sangram Singh (Sanga) of Mewar but he died only  few years later.
  • Meera Bai told the simple path of Saguna devotion, Bhajan, Dance and Krishna Smaran.
  • ये मीरा के समय चितौड़ आये। इनकी छतरी चितौड़गढ़ के कुम्भश्याम मंदिर के एक कोने में है। इनके उपदेश ‘रैदास की परची’ ग्रंथ में हैं।

संत शिरोमणी मीरा :-

  • मीराबाई का जन्म सन 1498 में मेड़ता के पास कुड़की ग्राम में हुआ था। इनके पिता श्री रत्न सिंह जी राठौड़ बाजोली के जागीरदार थे।
  • मीरा जी का लालन-पालन अपने दादाजी के यहाँ मेड़ता में हुआ। इनका जन्म नाम पेमल था। इनका विवाह मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह (सांगा) के पुत्र भोजराज के साथ हुआ, परन्तु कुछ वर्ष बाद ही उनकी मृत्यु हो गई थी।
  • मीरा बाई ने सगुण भक्ति का सरल मार्ग भजन, नृत्य एवं कृष्ण स्मरण को बताया।
  • Meera ji went to the Ranchod temple in Dakor, Gujarat and in her last moments, got merged in his Girdhar Gopal. Meeraji’s ‘Padavalis’ are famous.

Gavri Bai: –

  • Born in Nagar family of Dungarpur, Gavari Bai flowed the stream of Bhaktiras like Meera in Vaagad. She is also called ‘Vaagad ki Meera’.

Saint Mawji: –

  • Saint Maawji was born in a Brahmin family of Sabla village (Dungarpur) In 1727, he received enlightenment at a place named Beneshwar.
  • मीरा जी अपने अंतिम समय में गुजरात के डाकोर स्थित रणछोड़ मंदिर में चली गई और वहीं अपने गिरधर गोपाल में विलीन हो गई। मीरा जी की ‘पदावलियाँ’ प्रसिद्ध हैं।

गवरी बाई :-

  • डूंगरपुर के नागर कुल में जन्मी गवरी बाई ने वागड़ में मीरा की तरह भक्ति रस की धारा प्रवाहित की। इन्हें ‘वागड़ की मीरा’ भी कहा जाता है।

संत मावजी :-

  • वागड़ प्रदेश के संत मावजी का जन्म साबला ग्राम (डूंगरपुर) के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। सन 1727 में इन्हें बेणेश्वर स्थान पर ज्ञान प्राप्त हुआ।
  • Saint Mavji founded Beneshwar Dham . His main temple is only in Sabla village on the Mahi coast.
  • He is installed in the form of the Nikalanki incarnation of Shri Krishna. He composed the Krishna Leela in Bagdi language.
  • His voice is called ‘Chopra’. Sant Mavji comes from those saints of Indian Saints tradition, who coordinated  Nirguna and Saguna and has the reputation of being on the omnipotent path.

Acharya Bhikshu Swamy: –

  • Shwetambar Jain Acharya who was born in Kantalia village of Marwar. 1783 (1726 AD). In 1751 AD, Acharya was conferred in the sect of Raghunath ji.

For complete notes and videos join here

Subscribe our youtube channel for sample videos

Posted on Leave a comment

IAS UPSC History Questions / Solution | Civil Service Exam

IAS UPSC History Questions / Solution | Civil Service Exam

IAS UPSC History Questions / Solution | Civil Service Exam

Q1. Consider the following statements:

1.Indigo Revolt took place in 1859-60 in Bengal because of exploitation by Indigo planters.

2.Indigo revolt was led by Digambar Biswas and Bishnu Biswas of Nadia district.

3.Government appointed an Indigo commission to inquire into the problem of indigo cultivation.

Which of the above statement/s is/are correct ? निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.नील आंदोलन, नील उत्पादकों द्वारा शोषण की वजह से 1859-60 में बंगाल में  हुआ |

2.नील आंदोलन का  नेतृत्व नादिया जिले के दिगंबर विश्वास, तथा विष्णु विश्वास ने किया था |

3.सरकार ने एक नील उत्पादन में होने वाली समस्याओं की जाँच करने के लिए  नील आयोग का गठन किया |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 3

(b)1 and 2

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct Indigo Revolt took place in 1859-60 in Bengal because of exploitation by Indigo planters.

Statement 2 is correct Indigo revolt was led by Digambar Biswas and Bishnu Biswas of Nadia district.

Statement 3 is correct Government appointed an Indigo commission to inquire into the problem of indigo cultivation.

 

[/showhide]

Q2. Consider the following statements:

1.In October 1930, the Awadh Kisan Sabha came into existence.

2.Deccan Agriculturists Relief Act was passed in 1879.

3.Pabna Agrarian League took place in Eastern Bengal 1873.

Which of the above statement/s is/are correct ?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.अक्टूबर 1930 में, अवध किसान सभा की स्थापना की गयी |

2.दक्कन कृषक समाधान अधिनियम 1879 में पारित किया गया |

3.पाबना कृषक विद्रोह 1873 में पूर्वी बंगाल में हुआ |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 1

(b)1 and 2

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links2″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Explanation:

Statement 1 is not correct In October 1920, the Awadh Kisan Sabha came into existence.

Statement 2 is correct Deccan Agriculturists Relief Act was passed in 1879.

Statement 3 is correct Pabna Agrarian League took place in Eastern Bengal 1873.

[/showhide]

Q3. Consider the following statements:

1.50 per cent higher than the recorded rates, Practice of share-rents were the main causes of Eka movement.

2.Madari Pasi and other low-caste leaders supported Eka movement.

3.Towards the end of 1921, in Eka movement, peasant discontent resurfaced in Hardoi, Bahraich, Sitapur district of United Provinces.

Which of the above statement/s is/are correct ?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.उचित दर से 50 प्रतिशत अधिक लगान , तथा बेगार की प्रथा एका आंदोलन के मुख्य कारण थे |

2.मदारी पासी तथा अन्य पिछड़ी जातियों के नेताओं ने एका आंदोलन को समर्थन दिया |

3.1921 के अंत में, एका आंदोलन में, संयुक्त प्रांतों के हरदोई, बहराइच, सीतापुर जिलों में किसानों का असंतोष फिर से जाग उठा |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 1

(b)1 and 3

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links3″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct 50 per cent higher than the recorded rates, Practice of share-rents were the main causes of Eka movement.

Statement 2 is correct Madari Pasi and other low-caste leaders supported Eka movement.

Statement 3 is correct  Towards the end of 1921, in Eka movement, peasant discontent resurfaced in Hardoi, Bahraich, Sitapur district of United Provinces.

Option D is correct.

Statement 1 is correct Bardoli Satyagraha sparked off in January 1926 when the authorities decided to increase the land revenue by 30 per cent.

Statement 2 is correct K.M. Munshi and Lalji Naranji resigned from the Bombay Legislative Council in support of the Bardoli Satyagraha.

Statement 3 is correct The Mappilas were the Muslim tenants inhabiting the Malabar region where most of the landlords were Hindus.

[/showhide]

Q4. Consider the following statements:

1.Bardoli Satyagraha sparked off in January 1926 when the authorities decided to increase the land revenue by 30 per cent.

2.K.M. Munshi and Lalji Naranji resigned from the Bombay Legislative Council in support of the Bardoli Satyagraha.

3.The Mappilas were the Muslim tenants inhabiting the Malabar region where most of the landlords were Hindus.

Which of the above statement/s is/are correct?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.बारदोली सत्याग्रह जनवरी 1926 में तब  शुरू हुई जब सरकार ने भू राजस्व को 30 प्रतिशत से बढ़ाने का निर्णय लिया |

2.के.एम  मुंशी तथा लालजी नारंजी ने बारदोली सत्याग्रह के समर्थन में  बॉम्बे विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया |

3.मोपले, मालाबार क्षेत्र में रहने वाले  मुस्लिम किसान थे, जहाँ के अधिकतर ज़मींदार हिंदू थे |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 1

(b)1 and 2

(c)1 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links4″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct Bardoli Satyagraha sparked off in January 1926 when the authorities decided to increase the land revenue by 30 per cent.

Statement 2 is correct K.M. Munshi and Lalji Naranji resigned from the Bombay Legislative Council in support of the Bardoli Satyagraha.

Statement 3 is correct The Mappilas were the Muslim tenants inhabiting the Malabar region where most of the landlords were Hindus.

[/showhide]

Q5. Consider the following statements:

1.N.G. Ranga had set up, in 1933, the India Peasants’ Institute.

2.India Kisan Congress Sabha was founded in Lucknow in April 1936.

3.N.G. Ranga was the President of India Kisan Congress Sabha and  Swami Sahajanand Saraswati was the general secretary.

Which of the above statement/s is/are correct ?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.एन.जी रंगा ने 1933 में भारतीय कृषक संस्थान की स्थापना की |

2.अखिल भारतीय किसान कांग्रेस सभा की स्थापना अप्रैल 1936 में  लखनऊ में की गयी थी |

3.एन.जी रंगा अखिल भारतीय किसान कांग्रेस सभा के अध्यक्ष थे तथा स्वामी सहजानंद सरस्वती इसके सचिव थे |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 3

(b)1 and 2

(c)1 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links5″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option B is correct.

Explanation:

Statement 1 is  correctN.G. Ranga had set up, in 1933, the India Peasants’ Institute.

Statement 2 is correct India Kisan Congress Sabha was founded in Lucknow in April 1936.

Statement 3 is not correct Swami Sahajanand Saraswati was the President of India Kisan Congress Sabha and  N.G. Ranga was the general secretary.

[/showhide]

Q6. Consider the following statements:

1.Telangana Movement was the biggest peasant guerilla war of modern Indian history.

2.The restrictions  imposed on visits to holy places estranged the sanyasis and led to Sanyasi revolt.

3.Chuar aboriginal tribesmen belongs to Midnapore district.

Which of the above statement/s is/are correct ? निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.तेलंगाना आंदोलन आधुनिक भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा छद्म युद्ध था |

2.तीर्थ स्थलों पर जाने पर लगाए गए प्रतिबंधों ने सन्यासियों का बहिष्कार किया तथा सन्यासी विद्रोह की वजह बने |

3.चुआड़ आदिवासियों का संबंध मिदनापुर जिले से है |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 3

(b)1 and 2

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links6″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct Telangana Movement was the biggest peasant guerilla war of modern Indian history.

Statement 2 is correct The restrictions  imposed on visits to holy places estranged the sanyasis and led to Sanyasi revolt.

Statement 3 is correctChuar aboriginal tribesmen belongs to Midnapore district.

[/showhide]

Q7. Consider the following statements:

1.Kol Mutiny covered Ghumsar, Chinaki-Medi, Kalahandi and Patna.

2.Kandh Uprising covered  Ranchi, Singhbhum, Hazaribagh, Palamau and the western parts of Manbhum.

3.The Kandhs retaliated under Chakra Bisoi against the British efforts to put an end to the Kandh’s practice of human sacrifice (mariah).

Which of the above statement/s is/are correct ?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.कोल विद्रोह का विस्तार घुमसर, चीन की मेदी, कालाहांडी तथा पटना में हुआ |

2.खोंड विद्रोह का विस्तार रांची, सिंहभुम, हजारीबाग, पलामु, तथा मानभूम के पश्चिमी हिस्सों तक हुआ |

3.खोंडों ने चक्र बिसाई के नेतृत्व में अंग्रेजों द्वारा खोंडों में मानव बलिदान (मारियाह ) की प्रथा को समाप्त करने के प्रयासों के विरुद्ध बदला लिया |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 3

(b)1 and 2

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links7″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Statement 1 is not correct Kol Mutiny covered Ranchi, Singhbhum, Hazaribagh, Palamau and the western parts of Manbhum.

Statement 2 is not correct Kandh Uprising covered Ghumsar, Chinaki-Medi, Kalahandi and Patna.

Statement 3 is correct The Kandhs retaliated under Chakra Bisoi against the British efforts to put an end to the Kandh’s practice of human sacrifice (mariah).

[/showhide]

Q8. Consider the following statements:

1.The Santhals of Rajmahal Hills resented the oppression by by the “outsiders’ (diku).

2.The Santhals rebelled under the leadership of Sido and Kanhu.

3.The Faraizis were the followers of a Muslim sect founded by Haji Shariat-Allah of Faridpur in Eastern Bengal.

Which of the above statement/s is/are correct ?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.राजमहल पहाड़ियों के संथालों ने बाहरी लोगों (दिकु ) के दमन के विरुद्ध असंतोष व्यक्त किया |

2.संथालों ने सिदो तथा कान्हू के नेतृत्व में विद्रोह कर दिया |

3.फैराज़ी पूर्वी बंगाल में फरीदपुर के हाजी शरियत-अल्लाह के द्वारा स्थापित किये गए एक मुस्लिम सम्प्रदाय के अनुयायी थे |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 1

(b)1 and 3

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links8″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct The Santhals of Rajmahal Hills resented the oppression by by the “outsiders’ (diku).

Statement 2 is correct The Santhals rebelled under the leadership of Sido and Kanhu.

Statement 3 is correct The Faraizis were the followers of a Muslim sect founded by Haji Shariat-Allah of Faridpur in Eastern Bengal.

[/showhide]

Q9. Consider the following statements:

1.The Bhils, an aboriginal tribe concentrated around Uttar Pradesh.

2.Ramosi rising rose under Chittur Singh in 1822 and plundered the country around Satara.

3.The Gadkari’s were a hereditary military class which was garrisoned in the Maratha forts.

Which of the above statement/s is/are correct?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.भील, जो आदिवासी जनजाति थे, उत्तर प्रदेश के आसपास निवास करते थे |

2.रामोसिस विद्रोह 1822 में चित्तूर सिंह के नेतृत्व में हुआ तथा इसमें सतारा के आसपास देश में लूटपाट की गयी |

3.गडकरी वंशानुगत सैन्य वर्ग से संबंधित थे जो मराठा दुर्गों में दुर्ग रक्षक थें |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 1

(b)1 and 2

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links9″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Explanation:

Statement 1 is not correct The Bhils, an aboriginal tribe concentrated around Khandesh.

Statement 2 is correct Ramosi rising rose under Chittur Singh in 1822 and plundered the country around Satara.

Statement 3 is correct The Gadkari’s were a hereditary military class which was garrisoned in the Maratha forts.

[/showhide]

Q10. Consider the following statements:

1.Wahabi Movement was founded by Syed Ahmed of Rai Bareilly

2.Kuka Movement was founded in 1840 by Bhagat JawaharMal in western Punjab.

3.Wahabi Movement was inspired by the teachings of Abdul Wahab of Saudi Arabia and Shah Waliullah of Delhi.

Which of the above statement/s is/are correct ?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.वहाबी आंदोलन की शुरुआत राय बरेली के सैयद अहमद के द्वारा की गयी थी |

2.कूका आंदोलन की शुरुआत 1840 में भगत जवाहरमल के द्वारा पश्चिमी पंजाब में की गयी थी |

3.वहाबी आंदोलन सऊदी अरब के अब्दुल वहाब तथा दिल्ली के शाह वलियुल्लाह की शिक्षाओं से प्रेरित था |

ऊपर दिए गए कौन से कथन सही हैं ?

(a)Only 3

(b)1 and 2

(c)1 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links10″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Statement 1 is  correctWahabi Movement was founded by Syed Ahmed of Rai Bareilly

Statement 2 is correct Kuka Movement was founded in 1840 by Bhagat JawaharMal in western Punjab.

Statement 3 is correct Wahabi Movement was inspired by the teachings of Abdul Wahab of Saudi Arabia and Shah Waliullah of Delhi.

[/showhide]

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)

Posted on Leave a comment

Geography Topic Cyclone MCQs for HCS RAS PCS Exam

Geography Topic Cyclone MCQs for HCS RAS PCS Exam

Geography Topic Cyclone MCQs for HCS RAS PCS Exam

Q1. Which of the following is/are the favvorable condition for tropical cyclone formation?

उष्णकटिबंधीय चक्रवात के निर्माण के लिए निम्न में से कौन सी उचित स्थिति है ?

(a)Warm moist air / गर्म आर्द्र हवा

(b)High coriolis force /उच्च कोरिओलिस बल

(c)Upper level outflow /ऊपरी स्तर का बहिर्वाह

(d)All of these / ये सभी

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Expanation:

Warm moist air, High coriolis force, Upper level outflow, Weak vertical wind shear in the basic current are the favorable conditions for tropical cyclone formation.

[/showhide]

Q2.Which of the following is the most favorable period for tropical cyclone to develop?

निम्न में से उष्णकटिबंधीय चक्रवात के विकसित होने  के लिए  सबसे अनुकूल अवधि  कौन सी है?

(a)Winters / सर्दी

(b)Rainy season / बारिश का मौसम

(c)Late summers /  ग्रीष्मकाल में देरी

(d)None of these / इनमे से कोई नहीं

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Expanation:

Late summers (August-September) is the most favorable period for tropical cyclone to develop.

[/showhide]

Q3. Which of the following zone is considered as the most destructive zone in tropical cyclone?

निम्न में से कौन सा क्षेत्र उष्णकटिबंधीय चक्रवात में सबसे अधिक विनाशकारी क्षेत्र माना जाता है?

(a)Eye/चक्रवात की आंख

(b)Eyewall / नेत्र-भित्ति

(c)Spiral bands / सर्पिल पट्टी

(d)None of these/इनमे से कोई नहीं

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option B is correct.

Expanation:

Eyewall is considered as the most destructive zone in tropical cyclone

[/showhide]

Q4. In Gulf of maxico, tropical cyclones are known as ?

मेक्सिको की खाड़ी में, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को किस नाम से जाना जाता है?

(a)Baguio/बाग्यो

(b)Typhoon / टाइफून

(c)Hurricane / हरिकेन

(d)Willy willy / विली विली

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Expanation:

In Gulf of maxico, tropical cyclones are known as Hurricane.

[/showhide]

Q5. In Philippines, tropical cyclones are known as?

फिलीपींस में, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को किस नाम से जाना जाता है?

(a)Baguio / बाग्यो

(b)Typhoon / टाइफून

(c)Hurricane / हरीकेन

(d)Willy willy / विली विली

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Expanation:

In Philippines, tropical cyclones are known as Baguio.

[/showhide]

Q6. Which of the following cyclones are  associated with the phenomenon of “Western Disturbances”?

निम्नलिखित में से कौन सा चक्रवात “पश्चिमी विक्षोभ” की परिघटना से जुड़ा हुआ है?

(a)Tropical Cyclone / उष्णकटिबंधीय चक्रवात

(b)Temperate Cyclone / शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात

(c)Both A and B / A और B दोनों

(d)None of the above / इनमे से कोई भी नहीं

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option B is correct.

Expanation:

Temperate cyclone are associated with the phenomenon of “Western Disturbances”

[/showhide]

Q7. Which of the following direction is followed by Temperate cyclone?

निम्न दिशाओं में से कौन सी दिशा में शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात चलता है

(a)North to south / उत्तर से दक्षिण तक

(b)South to North /दक्षिण से उत्तर

(c)West to East / पश्चिम से पूर्व

(d)East to West/ पूर्व से पश्चिम

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Expanation:

Temperate cyclone move from West to East.

[/showhide]

Q8. Which of the following cyclone has the characteristic of heavy rain?

निम्न चक्रवात में से घनी वर्षा करवाना किसकी विशेषता है ?

(a)Tropical Cyclone / उष्णकटिबंधीय चक्रवात

(b)Temperate Cyclone / शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात

(c)Polar cyclone / ध्रुवीय चक्रवात

(d)None of these / इनमे से कोई नहीं

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Expanation:

Tropical cyclone have the feature of  heavy rain but does not last beyond a few hours while in Temperate cyclone rainfall is slow and continues for many days, sometimes even weeks.

[/showhide]

Q9. Which type of front is mainly responsible for Temperate cyclone?

निम्नलिखित में से कौन सा वाताग्र शीतोष्ण चक्रवात के लिए उत्तरदायी है ?

(a)Occluded Front /अधिविष्ट वाताग्र

(b)Cold Front / शीत वाताग्र

(c)Warm Front / उष्ण वाताग्र

(d)None of these / इनमे से कोई नहीं

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Expanation:

Occluded front are mainly responsible for the occurrence of Temperate Cyclone.

[/showhide]

Q10. In which of the following season, Temperate cyclone generally  develop ?

निम्न में से किस मौसम में, शीतोष्ण चक्रवात आमतौर पर विकसित होता है?

(a)Winter /सर्दी

(b)Spring / वसंत

(c)Both A and B / A और B दोनो

(d)None / कोई नहीं

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Expanation:

In winter, Spring and late autumn, Temperate cyclone generally  develop.

[/showhide]

 

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)

Posted on Leave a comment

Supreme Court Important Terms | Polity Notes | UPSC IAS Exam

Supreme Court Important Terms | Polity Notes | UPSC IAS Exam

Supreme Court Important Terms | Polity Notes | UPSC IAS Exam

The Supreme Court:-

Art. 124-147 in Part V of the Constitution deals with the Supreme Court./संविधान के भाग V में अनुच्छेद 124-147 उच्चतम न्यायालय से सम्बंधित है |

The Supreme Court/उच्चतम न्यायालय:

Art. 124 provides for the establishment and constitution of Supreme Court of India./अनुच्छेद 124 भारत के उच्चतम न्यायालय की स्थापना एवं गठन को प्रदान  करता है|

Art. 124(1)/अनुच्छेद 124(1):

“There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a large number, of not more than 7 other Judges.”/“भारत का एक उच्चतम न्यायालय होगा जो भारत के मुख्य न्यायमूर्ति एवं, जबतक संसद विधि द्वारा अधिक संख्या प्राप्त नहीं करती , तबतक 7 से अनधिक न्यायाधीशों से मिलकर बनेगा|”

The Parliament can increase the number of judges, if it is necessary./यदि यह आवश्यक हो तो, संसद न्यायाधीशों की संख्या बढ़ा सकती है|

The sanctioned strength of the judges is 31, consisting of Chief Justice and 30 other judges./न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 31है, जिसमे मुख्य न्यायाधीश तथा तीस अन्य न्यायाधीश शामिल हैं|

Appointment of Judges:-

Appointment of Judges(Art. 124)/न्यायाधीशों की नियुक्ति ( अनुच्छेद 124)

  1. The Chief Justice and other judges of the Supreme Court are appointed by the President of India./उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है|
  2. In appointment of the Chief Justice, the President is constitutionally required to consult such other judges of the Supreme Court as he deems proper, but outgoing Chief Justice is always consulted./मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति में राष्ट्रपति को संवैधानिक रूप से ऐसे अन्य न्यायाधीशों से परामर्श लेना आवश्यक है जिन्हें वह इस प्रयोजन के लिए उचित मानता है, किन्तु निवर्तमान मुख्या न्यायाधीश से हमेशा सलाह लिया जाता है|
  3. Generally, the senior most judge of the Supreme Court is appointed as the Chief Justice of India (but no such constitutional provision)./साधारणतः उच्चतम न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में होती है|( किन्तु ऐसा कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है|)
  4. The other judges of the Supreme Court are appointed by the President in consultation with the Chief Justice and such other judges of the Supreme Court and the High Court, as he deems necessary. The consultation with the Chief Justice is mandatory in the case of appointment of other judges./उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के ऐसे न्यायाधीश, जिन्हें वह इस प्रयोजन के लिए आवश्यक समझता है, के परामर्श पर होती है| अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की स्थिति में मुख्या न्यायाधीश से परामर्श लेना अनिवार्य है|
  5. On basis of a ruling of Second Judges Case and Third Judges Case, whenever there is a vacancy or a likely vacancy in the Supreme Court, a Collegium of Judges comprising of the Chief Justice and 4 other senior most judges , recommends the names of the persons to be appointed as judges of Supreme Court. The President now performs formality of appointing them./दूसरे न्यायाधीशों और तीसरे न्यायाधीशों के मामले के फैसले के आधार पर, जब भी सुप्रीम कोर्ट में रिक्ति या रिक्ति होती है, मुख्य न्यायाधीश और  न्यायाधीशों का एक कॉलेजियम, जिसमे 4 अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल रहते हैं, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त किए जाने वाले व्यक्तियों के नामों की सिफारिश करता है | राष्ट्रपति तब उन्हें नियुक्त करने की औपचारिकता करता है।

Qualifications of Judges:-

Qualifications of Judges of the Supreme Court/उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए योग्यताएं :-

  1. He must be a citizen of India/वह भारत का नागरिक हो|
  2. He has been a Judge of a High Court or 2 or more such courts in succession for at least 5 years./किसी उच्च न्यायालय का या ऐसे दो या अधिक न्यायालयों का लगातार कम से कम 5 वर्ष तक न्यायाधीश रहा हो|
  3. He has been an Advocate of a High Court or one or more such courts in succession for at least 10 years./किसी उच्च न्यायालय या ऐसे दो या अधिक न्यायालयों का लगातार कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो|
  4. He should be a distinguished jurist in the opinion of the President./वह राष्ट्रपति की राय में पारंगत विधिवेत्ता है|

Tenure and Removal of Judges:-

Tenure and removal of the Judges of Supreme Court/उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों का कार्यकाल एवं उनका हटाया जाना :-

  1. He holds office until he attains the age of 65 years./वह 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक पद पर बना रहता है|
  2. He can resign his office by writing to the President./वह राष्ट्रपति को त्यागपत्र देकर  कर अपना पद त्याग सकता है|
  3. He can be removed from his office by an order of the President, passed after an address by each House of the Parliament supported by a majority of total membership of the House and not less than two-third majority of the members of each House present and voting, passed in the same session. The ground for such removal can be “proved misbehaviour or incapacity”./उसे संसद के प्रत्येक सदन के द्वारा अपनी कुल संख्या के बहुमत द्वारा तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई बहुमत द्वारा समर्थित समावेदन , राष्ट्रपति के समक्ष उसी सत्र में पारित कर, , राष्ट्रपति के आदेश द्वारा हटाया जा सकता है|ऐसे निष्कासन का आधार “साबित हो चुका कदाचार तथा असमर्थता हो सकता है |”
  4. Under Art. 124(5), Parliament may by law regulate the procedure for the removal of the judges of the Supreme Court. Parliament has passed Judges (Inquiry) Act, 1968./अनुच्छेद 124(5) के अधीन, संसद उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाये जाने की प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन कर सकेगी| संसद ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 पारित किया है|

Judges (Inquiry) Act, 1968/न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968:

It regulates the procedure related to the removal of a Judge of Supreme Court/यह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाये जाने से सम्बंधित  प्रक्रिया का विनियमन करता है:

  1. A removal motion addressed to the President signed by at least 100 members of the Lok Sabha or 50 members of the Rajya Sabha is given to the Speaker or the Chairman./लोकसभा के कम से कम 100 अथवा राज्यसभा के 50 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित एवं राष्ट्रपति को संबोधित निष्कासन प्रस्ताव सभापति अथवा अध्यक्ष को दिया जाता है|
  2. The motion is investigated by a Committee of 3 ,the chief justice or a judge of Supreme Court, a Chief Justice of a High Court and a distinguished jurist./प्रस्ताव की जांच एक तीन सदस्यीय समिति जिसमे उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा न्यायाधीश , उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा एक विशिष्ट न्यायविद शामिल होते हैं, के द्वारा की जाती है|
  3. If the Committee finds the Judge guilty of misbehaviour or that he suffers from incapacity, then the motion for removal of the judge along with the report of the Committee is taken up for consideration in the House where the motion is pending./यदि समिति न्यायाधीश को कदाचार अथवा अक्षमता का दोषी पाती है तब समिति की रिपोर्ट के साथ निष्कासन प्रस्ताव को सदन में विचार के लिए लाया जाता है जहाँ प्रस्ताव लंबित है|
  4. If the motion is passed in each House by majority of the total membership of that House and by a majority of not less than two-thirds of that House present and voting the address is presented to the President./यदि प्रस्ताव प्रत्येक सदन में उस सदन की कुल सदस्यता के बहुमत द्वारा तथा कम से कम दो तिहाई उपस्थित एवं मत डालने वाले सदस्यों के द्वारा बहुमत से पारित किया जाता है तो इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है|
  5. The Judge is removed after the President gives his order for removal on the said address./न्यायाधीश को राष्ट्रपति के संबोधित आदेश के बाद हटा दिया जाता है|

Salary And Allowances/वेतन एवं भत्ते :-

  1. The salary of Chief Justice of India is 1,00,000 per month and salary of other judges of Supreme Court is 90,000 per month./भारत के मुख्य न्यायाधीश का वेतन 1,00,000 रुपये प्रतिमाह होता है तथा उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों का वेतन 90,000 रुपये प्रतिमाह होता है|
  2. They are also paid sumptuary allowance and provided with free accommodation and other facilities like medical, car, telephone etc./उन्हें व्यय-विषयक भत्ते भी भुगतान किये जाते हैं तथा मुफ्त निवास एवं अन्य सुविधाएं जैसे स्वास्थ्य, कार , टेलीफ़ोन इत्यादि प्रदान की जाती हैं|
  3. The retired Chief Justice and judges are entitled to 50% of their last drawn salary as monthly pension./सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों को उन्हें अंतिम बार भुगतान किये गए वेतन का 50प्रतिशत  मासिक पेंशन के तौर पर दिया जाता है|

Oath or Affirmation/शपथ या प्रतिज्ञान :

Under Art. 124(6), a person appointed as a Supreme Court Judge, before entering upon his office takes an oath before the President or some person appointed by him “to bear true faith and allegiance to the Constitution of India”./अनुच्छेद 124(6) के तहत एक व्यक्ति जिसकी नियुक्ति उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में हुई है, अपना पद धारण करने से पहले राष्ट्रपति,  या उसके द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष “ भारत के संविधान के प्रति सच्चे विश्वास एवं निष्ठा” की शपथ लेता है||

Seat of the Supreme Court/उच्चतम न्यायालय का स्थान :

The Supreme Court shall sit in Delhi or, in such place or places, as the Chief Justice of India may with the approval of the President, appoint./उच्चतम न्यायालय दिल्ली में अथवा ऐसे किसी स्थान या स्थानों में अधिविष्ट होगा जिसे भारत का मुख्य न्यायाधीश , राष्ट्रपति की सहमती से चयनित करे |

Appointment of Acting Chief Justice/कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति :

The President can appoint a judge of the Supreme Court as an acting Chief Justice of India when/राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को भारत के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त कर सकता है, जब :-

  1. The office of Chief Justice of India is vacant./जब मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो|
  2. The Chief Justice of India is temporarily absent./जब भारत का मुख्य न्यायाधीश कुछ समय के लिए अनुपस्थित हो|
  3. The Chief Justice of India is unable to perform the duties of his office./जब भारत का मुख्य न्यायाधीश अपने पद के कर्तव्यों को पूरा करने में असमर्थ हो|

Appointment of Ad Hoc Judges/तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति :

  1. When there is a lack of quorum of the Judges of the Supreme Court to hold or continue any session in the Court, the Chief Justice of India can appoint a judge of a High Court as an ad hoc judge of the Supreme Court./यदि किसी समय उच्चतम न्यायालय के सत्र को आयोजित करने अथवा चालु रखने के लिए न्यायाधीशों के गणपूर्ति की कमी हो, भारत का मुख्य न्यायाधीश  किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय के तदर्थ न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त कर सकता है|
  2. He can do so only after consulting Chief Justice of high court concerned and with the previous consent of the President./वह  उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श एवं राष्ट्रपति की पूर्व सहमती से ही ऐसा कर सकता है|
  3. The Judge so appointed should be qualified to be appointed as a Judge of Supreme Court./जिस न्यायाधीश की नियुक्ति की गयी है उसमे उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यताएं होनी चाहिए|

The Supreme Court:-

Art. 128/अनुच्छेद 128:

Attendance of retired Judges at sittings of the Supreme Court/उच्चतम न्यायालयों की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति :

The Chief Justice of India with the previous consent of the President may request a retired Judge of the Supreme Court or Federal Court or a retired Judge of High Court who is duly qualified to be appointed as a Judge of the Supreme Court to act as a Judge of the Supreme Court. Such a Judge is entitled to allowances, determined by the President./राष्ट्रपति की पूर्व सहमती से भारत का मुख्य न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय या फ़ेडरल न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश  से, जो की उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए पूर्णतः योग्य है, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर कार्य करने के लिए अनुरोध कर सकता है| ऐसे न्यायाधीश के भत्ते राष्ट्रपति के द्वारा निर्धारित होते हैं|

Powers and Functions of Chief Justice of India/भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्य एवं शक्तियां :

  1. It is mandatory for the President to consult the Chief Justice in appointment of Judges of Supreme Court and the High Courts./उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति में राष्ट्रपति द्वारा मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लेना अनिवार्य है|
  2. He administers the oath of office to the President or any person acting as the President./वह राष्ट्रपति अथवा वह व्यक्ति जो राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहा है, को पद की शपथ दिलाता है|
  3. When there is a vacancy in the office of Vice-President, he performs his duties./जब उप-राष्ट्रपति का पद खाली हो, वह उसके कर्तव्यों का निर्वहन करता है|
  4. Under Art. 258, in the event of a dispute between the Centre and a State regarding amount to be paid by the Centre to the State, the matter shall be decided by an arbitrator appointed by the Chief Justice of India./अनुच्छेद 258 के तहत राज्य तथा केंद्र के बीच केंद्र द्वारा राज्य को  दी जाने वाली राशि से सम्बंधित विवाद की स्थिति में, मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त पंच द्वारा तय किया जायेगा|
  5. When President asks him to inquire the charges of misbehaviour against a member of Public Service Commission, he appoints a Judge and submits a report to the President./जब राष्ट्रपति उसे लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य पर लगे कदाचार के आरोपों की जांच करने को कहता है, तो वह एक न्यायाधीश की नियुक्ति करता है और रिपोर्ट को राष्ट्रपति को सौंपता है|
  6. His consent is required before initiation of criminal proceedings against a Judge of the Supreme Court or High Court./उच्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश पर आपराधिक मुकदमा शुरू करने से पहले मुख्य न्यायाधीश की सहमति आवश्यक है|
  7. When a resolution for the removal of a Judge of the Supreme Court or High Court is under consideration, the presiding officer of the House of Parliament constitutes a Committee of 3 Judges to investigate the alleged charges in consultation with him./जब उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाने हेतु विचार के लिए प्रस्ताव रखा जाता है, संसद के सदन का अध्यक्ष अथवा सभापति लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए  मुख्य न्यायाधीश के साथ 3 न्यायाधीशों की एक समिति का गठन करता है|
  8. He allocates work among the Judges of Supreme Court./वह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के बीच कार्य आवंटित करता है|

Independence of Supreme Court/उच्चतम न्यायालय की स्वतंत्रता :

  1. The appointment of Judges other than Chief Justice of India is made by the President in consultation with Chief Justice of India and other 4 senior most Judges of Supreme Court to avoid any interference of Executive./भारत के मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं 4 अन्य सर्वाधिक वरिष्ठ न्यायाधीशों की परामर्श पर की जाती है ताकि कार्यपालिका की दखलंदाजी से बचा जा सके|
  2. The Supreme Court has the power to punish any person for the Contempt of Court./न्यायालय का उल्लंघन करने पर उच्चतम न्यायालय के पास किसी भी व्यक्ति को दण्डित करने का अधिकार है|
  3. They enjoy security of tenure. They can only be removed on the grounds of proven misbehaviour or incapacity./वे सुरक्षित कार्यकाल का आनंद उठाते हैं| उन्हें साबित हो चुके कदाचार या अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है|
  4. After retirement, a person who held office as a Judge of Supreme Court is prohibited from practicing or acting as a Judge in any court except when he is appointed as an ad hoc Judge by the Chief Justice of India./सेवानिवृत्ति के बाद , एक व्यक्ति जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका है, अभ्यास करने तथा किसी भी न्यायालय में न्यायाधीश के तौर पर कार्य करने से रोक दिया जाता है सिवाय तब जब उसकी नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा तदर्थ न्यायाधीश के रूप में की गयी हो |
  5. The salaries and allowances of the Judges of the Supreme Court are charged on the Consolidated Fund of India and are not subject to the vote of the Parliament. Salary and allowances cannot be varied to their disadvantage except during a financial emergency./उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन एवं भत्ते भारत के समेकित निधि पर भारित किये गए हैं तथा संसद द्वारा मतदान के  विषय नहीं हैं| सिवाय वित्तीय आपातकाल के वेतन एवं भत्तों को कभी कम नहीं किया जा सकता |
  6. The conduct of a Judge of Supreme Court can not be discussed in the Parliament, except on a ground seeking the removal of a Judge./उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश के आचरण की चर्चा संसद में नही की जा सकती | सिवाय तब जब संसद उसे हटाना चाहती हो|

Jurisdiction and Powers of Supreme Court/उच्चतम न्यायालय की शक्तियां एवं अधिकार क्षेत्र :

  • Original Jurisdiction/मूल क्षेत्राधिकार
  • Writ Jurisdiction/न्यायादेश क्षेत्राधिकार
  • Appellate Jurisdiction/अपीलीय क्षेत्राधिकार
  • Advisory Jurisdiction/सलाहकार क्षेत्राधिकार
  • A Court of Record/अभिलेख न्यायालय
  • Powers of Judicial Review/न्यायिक समीक्षा की शक्ति
  • Other Powers/अन्य शक्तियां

 

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)

Posted on Leave a comment

Sociology Study Notes for UPSC IAS | Topic Emile Durkheim – Social fact

Sociology Study Notes for UPSC IAS | Topic Emile Durkheim – Social fact

Sociology Study Notes for UPSC IAS | Topic Emile Durkheim – Social fact

Emile Durkheim (1858 – 1917) / इमाइल दुर्खीम (1858-1917):

  • Durkheim lived through a very turbulent period in French history – the disastrous war with the Prussians, the chaos and socio-political turmoil which inevitably followed, and the instability and internal conflicts of the Third Republic. He was also involved in the greatest political conflicts of his time known as the Dreyfus Affair./दुर्खीम फ्रांसीसी इतिहास के बेहद अशांत काल- प्रशियाई लोगों के साथ युद्ध, अराजकता, तथा राजनीतिक उथल-पुथल एवं तीसरे गणराज्य की अस्थिरता एवं आतंरिक संघर्षों, के बीच जीवित रहे | वह अपने समय के सबसे बड़े राजनीतिक संघर्षों में भी शामिल थे जिसे ड्रेफस अफेयर के नाम से जाना जाता है |
  • All these issues of the French society along with his own background of belongingness to a highly well-knit Jewish community, predisposed him towards a search for the basis of moral order in society./बेहद संगठित यहूदी समुदाय से उनकी संबंधितता के साथ फ्रांसीसी समाज की इन सभी समस्याओं ने उन्हें समाज में नैतिक व्यवस्था की खोज के प्रति संवेदनशील बना दिया |
  • Durkheim asserted the primacy of ‘group’ over the individuals and tried exploring the sources of social order and disorder./दुर्खीम ने व्यक्तियों पर ‘समूह’ की प्रधानता पर जोर दिया और सामाजिक व्यवस्था  और अव्यवस्था के स्रोतों की खोज करने का प्रयास किया।
  • He believed that the traditional sources of morality upon which the social order was built, especially religion, were no longer viable without rational changes. The new source of moral integration, necessary for the establishment and stability of society, would be found in the discipline designed to scientifically analyze social order, stability, and continuity i.e. in sociology./उनका मानना था कि नैतिकता के पारंपरिक स्रोत, विशेष रूप से धर्म  जिसपर सामाजिक व्यवस्था का निर्माण किया गया था, तर्कसंगत परिवर्तनों के बिना अब व्यवहार्य नहीं थे | नैतिक एकीकरण का नया स्रोत, जो समाज की स्थापना और स्थायित्व के लिए जरूरी है, वह वैज्ञानिक व्यवस्था, स्थिरता और निरंतरता का वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण करने हेतु  रूपांकित किये गए अनुशासन में पाया जाएगा, अर्थात् समाजशास्त्र में।
  • He favoured liberal, democratic constitution, the development of the welfare state, and the regulation of the capitalist economy. He aligned himself with reformist socialism, but was also influenced by conservative ideas on the importance of morality, the family, religion and tradition. Socialism according to Durkheim represented a movement aimed at the moral regeneration of society through scientific morality, and he was not interested in short-term political methods or the economic aspects of socialism./उन्होंने उदारवादी, लोकतांत्रिक संविधान, कल्याणकारी राज्य के विकास, तथा पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के विनियमन का समर्थन किया | उन्होंने खुद को सुधारवादी समाजवाद की पंक्ति में खड़ा किया, किन्तु साथ ही नैतिकता के महत्व, परिवार, धर्म, एवं परंपरा के रुढ़िवादी विचारों से भी प्रभावित थे | दुर्खीम के अनुसार समाजवाद ने वैज्ञानिक नैतिकता के माध्यम से समाज के नैतिक पुनर्निर्माण के उद्देश्य से एक आन्दोलन का प्रतिनिधित्व किया, तथा वे समाजवाद की लघु अवधि की राजनीतिक पद्धतियों अथवा आर्थिक पहलूओं में रूचि नहीं रखते थे |  
  • From Comte, he was inspired by the notion that it was possible and necessary to develop a knowledge of social phenomena that would be as rigorous, reliable and concrete as the positivistic knowledge provided by the biological and natural sciences. He also followed Comte in seeing human society in naturalistic terms as an organic unity./कॉम्त से, वह इस धारणा से प्रेरित थे कि सामाजिक घटनाओं के ज्ञान का विकास करना आवश्यक एवं संभव था जो उतना ही  सशक्त, विश्वसनीय, एवं ठोस होगा जितना सशक्त जैविक एवं प्राकृतिक विज्ञान के द्वारा प्रदान किया गया प्रत्यक्षवादी ज्ञान था |  साथ ही, मानव समाज को प्राकृतिक रूप में एक जैविक एकता के रूप में देखने में भी उन्होंने कॉम्ते का अनुसरण किया |

Emile Durkheim – Social Fact / इमाइल दुर्खीम – सामाजिक तथ्य:

  • Durkheim aspired to create a separate and identifiable niche for sociology. But psychology and philosophy claimed to already cover the domain sought by sociology./दुर्खीम समाजशास्त्र के लिए एक अलग और पहचाने जाने योग्य स्थान बनाने की इच्छा रखते थे। लेकिन मनोविज्ञान और दर्शन में दावा किया गया कि पहले से ही समाजशास्त्र द्वारा मांगे गए ज्ञान क्षेत्र को शामिल कर लिया गया है।
  • To separate sociology from philosophy, Durkheim argued that sociology should be oriented toward empirical research. He found it necessary to attack both Comte and Spencer for relying on preconceived ideas of social phenomena instead of actually studying the real world./समाजशास्त्र को दर्शन से अलग करने के लिए, दुर्खीम ने तर्क दिया कि समाजशास्त्र को अनुभवजन्य अनुसंधान के तरफ उन्मुख होना चाहिए | उन्होंने इसे वास्तव में वास्तविक दुनिया का अध्ययन करने के बजाय सामाजिक घटनाओं के पूर्वकल्पित विचारों पर निर्भर रहने के लिए कॉम्ते एवं स्पेंसर पर आक्रमण करने के लिए  आवश्यक पाया |
  • Comte was said to be guilty of assuming theoretically that the social world was evolving in the direction of an increasingly perfect society, rather than engaging in the difficult and basic work of actually studying the changing nature of various societies. Spencer was accused of assuming harmony in society rather than studying whether harmony actually existed./कॉम्ते इस बात का सैद्धांतिक रूप से विश्लेषण करने के लिए दोषी माने जाते थे कि विभिन्न समाजों की परिवर्तनशील प्रकृति के  वास्तविक अध्ययन के कठिन एवं बुनियादी कार्य में संलग्न रहने के बजाय सामाजिक दुनिया एक सुदृढ़ समाज की दिशा में विकसित हो रही है | स्पेंसर को, वास्तव में सौहार्द्रपूर्णता कहाँ है इस बात का अध्ययन करने के बजाय समाज में समरसता की कल्पना करने के लिए दोषी माना जाता है |
  • To give sociology a separate identity, Durkheim proposed that the distinctive subject matter of sociology should be the study of social facts./समाजशास्त्र को एक पृथक पहचान देने के लिए, दुर्खीम ने यह प्रस्ताव दिया कि समाजशास्त्र का विशिष्ट  विषय सामाजिक तथ्यों का अध्ययन होना चाहिए |

Social Fact/सामाजिक तथ्य :

    • Social facts are the social structure and cultural norms and values that are external to, and coercive of, actors./सामाजिक तथ्य सामाजिक संरचनाएं तथा सांस्कृतिक आदर्श एवं मूल्य हैं जो कर्ता के लिए बाहरी एवं अनिवार्य  हैं |
    • Social facts must be studied by acquiring data from outside of our own minds through observation and experimentation. This empirical study of social fact as “things” sets Durkheimian sociology apart from more philosophical approaches./अवलोकन और प्रयोग के माध्यम से हमारे अपने मन के बाहर से आंकड़ों को प्राप्त करके सामाजिक तथ्यों का अध्ययन किया जाना चाहिए। “वस्तुओं” के रूप में सामाजिक तथ्यों का अनुभवजन्य अध्ययन  अधिक दार्शनिक दृष्टिकोणों से दुर्खीम के समाजवाद को अलग करता हैं |
  • Social facts can be empirically studied, are external to the individual, are coercive of the individual, and are explained by other social facts./सामाजिक तथ्यों का अनुभवजन्य अध्ययन किया जा सकता है, वे व्यक्ति के लिए बाहरी होते हैं, व्यक्ति के लिए अनिवार्य होते हैं तथा  अन्य सामाजिक तथ्यों के द्वारा परिभाषित किये जाते हैं |/Durkheim gave 2 ways of defining a social fact so that sociology is distinguished from psychology/दुर्खीम ने सामाजिक तथ्यों को परिभाषित करने के दो तरीके दिए ताकि समाजशास्त्र दर्शन से अलग हो सके

(a)It is experienced as an external constraint rather than an internal drive./इसे एक आतंरिक शक्ति के बजाय बाहरी बाधा के रूप में अनुभव किया जाता  है |

(b)It is general throughout the society and is not attached to any particular individual./यह पूरे समाज में सामान्य है तथा किसी विशेष व्यक्ति से  जुड़ा नहीं है |

  • Durkheim argues that when individuals come together and start living in a group, a new level of reality emerges, i.e. social reality or society. In a society, individuals interact and enter into relations with each other giving rise of a way of life (social currents, for Durkheim)./दुर्खीम तर्क देते हैं कि जब व्यक्ति साथ आते हैं तथा एक समूह में रहना शुरू करते हैं, तब वास्तविकता के एक नए स्तर का उदय होता है अर्थात् सामाजिक वास्तविकता अथवा समाज | एक समाज में, व्यक्ति परस्पर क्रिया करते हैं एवं एक दुसरे के साथ संबंधों में प्रवेश करते हैं जिससे जीवन के एक तरीके की उत्पत्ति होती है | (दुर्खीम के लिए, सामाजिक धाराएं )
  • Durkheim argues that although society (and its various institutions) develop out of the continuous process of interaction of its individual members yet it comes to acquire a unique and independent existence of its own. It cannot be explained simply by reducing it to a mere aggregation of individuals./दुर्खीम तर्क देते हैं कि हालाँकि एक समाज (तथा इसके विभिन्न संस्थानों ) का विकास इसके वैयक्तिक सदस्यों की परस्पर क्रियाओं की निरंतर प्रक्रिया से होता है, लेकिन फिर भी इसे स्वयं का स्वतंत्र तथा अनन्य अस्तित्व प्राप्त है | इसे केवल व्यक्तियों के एकीकरण मात्र तक सीमित करके वर्णित नहीं किया जा सकता है |

According to Durkheim, social facts are those ways of acting, thinking and feeling which are capable of exerting an external constraint on individual members, which are generally diffused throughout a given society and which can exist in their own life independent of their individual manifestations. Ex., religion, law, language, any form of socio-economic and political institutions etc./ दुर्खीम के अनुसार, सामाजिक तथ्य कार्य करने, सोचने और महसूस करने के वे तरीके हैं जो  सदस्यों पर बाहरी बाधा उत्पन्न करने में सक्षम हैं | ये आमतौर पर पूरे समाज में फैले हुए हैं तथा ये अपने स्वयं के जीवन में व्यक्तिगत अभिव्यक्तियों से स्वतंत्र हो सकते हैं | उदाहरण – धर्म, क़ानून, भाषा, सामाजिक-आर्थिक तथा राजनीतिक संस्थाओं का कोई भी रूप आदि |

Major characteristics of Social facts/सामाजिक तथ्यों की मुख्य विशेषताएं :

  • Social facts have distinctive social characteristics and determinants which are not amenable to explanation on either the biological or psychological level./सामाजिक तथ्यों में विशिष्ट सामाजिक विशेषताएं तथा निर्धारक तत्व होते हैं जो जैविक या मनोवैज्ञानिक स्तर पर वर्णन करने के योग्य नहीं हैं |
  • They are external to the individual, i.e., social facts are external to and independent of the individual members of the society./वे व्यक्ति के लिए बाहरी होते हैं | अर्थात् सामाजिक तथ्य समाज के सदस्यों के लिए बाहरी तथा समाज के सदस्यों से मुक्त होते हैं |
  • Social facts are diffused throughout the collectivity and are commonly shared by most of the members. They are general throughout a given society./सामाजिक तथ्य सामूहिकता से पूरे समाज में प्रचलित हैं एवं आम तौर पर इसके अधिकांश सदस्यों के द्वारा साझा किये जाते हैं | वे किसी समाज में सामान्य होते हैं 
  • They endure through time outlasting any set or group of individuals./वे समय के साथ दृढ रहते हैं तथा व्यक्तियों के किसी समूह अथवा समुच्चय को लम्बे समय तक जीवित रखते हैं |
  • As Durkheim’s says, they are, “endowed with coercive power, by virtue of which they impose themselves upon him, independent of his individual will”. Social facts constrain the individual to abide by the social norms and code of conduct. According to Durkheim, true human freedom lies in being properly regulated by the social norms./जैसा कि दुर्खीम कहते हैं, “वे बाध्यकारी शक्ति से संपन्न होते हैं, जिसके आधार पर वे व्यक्ति की वैयक्तिक चाह से मुक्त होकर उस  पर खुद को लागू करते हैं |” सामाजिक तथ्य व्यक्ति को सामाजिक मानदंडों एवं आचार संहिता का पालन करने के लिए विवश करते हैं | दुर्खीम के अनुसार, सच्ची मानवीय स्वतंत्रता सामाजिक मानकों द्वारा उचित ढंग से विनियमित होने में निहित है |
  • Social facts are dynamic in nature./सामाजिक तथ्यों की प्रकृति गतिशील होती है |
  • Durkheim argued that social facts can be explained only by other social facts, i.e., to understand social consequences, one must look for social causes./दुर्खीम ने यह तर्क दिया कि सामाजिक तथ्यों की व्याख्या केवल अन्य सामाजिक तथ्यों के द्वारा ही की जा सकती है | अर्थात् सामाजिक परिणामों को समझने के लिए, व्यक्ति को सामाजिक कारणों पर अवश्य ध्यान देना चाहिए |

2 Types of Social Facts/2 प्रकार के सामाजिक तथ्य :

  • For Durkheim, sociology is a science of social facts. Society or ‘Conscience collective’ is the ultimate social fact. These social facts have to be studied in terms of their interrelationship and interdependence with each other. According to Durkheim, what holds the society together as an ongoing concern is the cohesiveness (solidarity, as Durkheim said) between these interdependent parts. /दुर्खीम के लिए, समाजशास्त्र,  सामाजिक तथ्यों का विज्ञान है | समाज अथवा सामूहिक चेतना अंतिम सामाजिक तथ्य है | इन सामाजिक तथ्यों का इनके पारस्परिक संबंधों तथा एक दूसरे पर परस्पर निर्भरता के सन्दर्भ में अध्ययन किया जाना चाहिए | दुर्खीम के अनुसार, इन अन्योन्याश्रित भागों के बीच संयोगशीलता  (एकजुटता , जैसा की दुर्खीम ने कहा )वह चीज है जो समाज को अविरत सम्बन्ध के रूप में  एक साथ रखती है |
  • 2 broad types of social facts /सामाजिक तथ्यों के दो व्यापक प्रकार :
    • Material social fact/भौतिक सामाजिक तथ्य
    • Nonmaterial social fact/अभौतिक सामाजिक तथ्य
  • Material social facts, such as forms of technology, styles of architecture, and legal codes are directly observable, external to individuals and coercive over them./भौतिक सामाजिक तथ्य , जैसे कि प्रौद्योगिकी के रूप, वास्तुकला की शैलियाँ, तथा कानूनी धाराएँ स्पष्ट रूप से अवलोकन योग्य होती हैं, जो व्यक्तियों के लिए बाहरी होती हैं तथा उनके लिए अनिवार्य होती हैं |
  • Durkheim argued that a sociologist usually begins a study by focusing on material social facts, which are empirically accessible, in order to understand nonmaterial social facts, which are the real focus of his work./दुर्खीम ने यह तर्क दिया कि एक समाजशास्त्री सामान्यतः किसी अध्ययन की शुरुआत भौतिक उन  सामाजिक तथ्यों पर ध्यान केन्द्रित करके करता है जो अनुभवतः सुलभ हैं , ताकि अभौतिक सामाजिक तथ्यों को समझा जा सके जो उसके कार्य की वास्तविक केंद्रबिंदु है |
  • Examples of nonmaterial social facts are morality, collective conscience, collective representations, and social currents. / अभौतिक सामाजिक तथ्यों के उदाहरणों में नैतिकता, सामूहिक अन्तः करण , सामूहिक प्रतिनिधित्व तथा सामाजिक धाराएँ शामिल हैं |

 

 

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)

Posted on Leave a comment

PCS History Questions / Solution | Online Exam Preparation

PCS History Questions / Solution | Online Exam Preparation

PCS History Questions / Solution | Online Exam Preparation

Q1. At  which of the following place Indigo revolt took place?

निम्नलिखित में से किस स्थान पर नील विद्रोह हुआ था?

(a)Bengal /बंगाल

(b)Maharashtra/महाराष्ट्र

(c)Kerala /केरल

(d)Bihar /बिहार

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Indigo revolt took place in Bengal

 

[/showhide]

Q2. Who among the following had setup The UP Kisan Sabha?

निम्नलिखित में से उत्तर प्रदेश किसान सभा की स्थापना किसने की थी?

(a)Gauri Shankar Mishra/ गौरी शंकर मिश्रा

(b)Indra Narayan Dwivedi/इंद्र नारायण द्विवेदी

(c)Both A and B / A और B दोनों

(d)None of the above/ इनमे से कोई नही

[showhide type=”links2″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Explanation:

The UP Kisan Sabha was setup in 1918 by Gauri Shankar Mishra and Indra Narayan Dwivedi.

[/showhide]

Q3. In which of the following area Eka Movement was concentrated?

निम्न में से किस क्षेत्र में एकता आंदोलन अधिक सक्रिय था?

(a)United Provinces/संयुक्त प्रांत

(b)Bengal/ बंगाल

(c)Kerala/केरल

(d)None of these / इनमे से कोई नही

[showhide type=”links3″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Towards the end of 1921, in form of Eka Movement peasant discontent resurfaced in Hardoi, Bahraich, Sitapur district of United Provinces.

[/showhide]

Q4. In which of the following region, Mappila revolt took place?

निम्न में से किस क्षेत्र में, मोपला विद्रोह हुआ?

(a)United Provinces /संयुक्त प्रांत

(b)Bengal/बंगाल

(c)Malabar/मालाबार

(d)None of these/इनमे से कोई नहीं

[showhide type=”links4″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Explanation:

Mappila revolt took place in Malabar region. The Mappilas were the Muslim tenants inhabiting the Malabar region where most of the landlords were Hindus.

[/showhide]

Q5.  In which of the following  movement, Vallabhbhai Patel was given the title of “Sardar”?

निम्न में से किस आंदोलन में, वल्लभभाई पटेल को “सरदार” का शीर्षक  दिया गया था?

(a)Bardoli Satyagraha/बरदौली सत्याग्रह

(b)Indigo Revolt/नील विद्रोह

(c)Pabna Agrarian League/पबना विद्रोह

(d)None of them/इनमे से कोई नही

[showhide type=”links5″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A  is correct.

Explanation:

In Bardoli Satyagraha, Vallabhbhai Patel was given the title of “Sardar”.

[/showhide]

Q6. Who among the following was the founder of the Pagal Panth-a semi religious sect of Bengal?

बंगाल के एक अर्ध-धार्मिक सम्प्रदाय पागल पंथी के संस्थापक निम्न में से कौन थे ?

(a)Haji Shariat-Allah/ हाजी शरियत-अल्लाह

(b)Karam Shah/ करम शाह

(c)Gomdhar Konwar/ गोमधर कुंवर

(d)None of them/ इनमें से कोई नहीं |

[showhide type=”links6″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option B is correct.

Explanation:

Karam Shah was the founder of the Pagal Panth-a semi religious sect of Bengal.

[/showhide]

Q7. In which of the following area Munda revolt took place?

निम्न में से किस क्षेत्र में मुंडा विद्रोह हुआ ?

(a)Chhotanagpur/ छोटा नागपुर

(b)Bengal/ बंगाल

(c)Andhra Pradesh/ आंध्र प्रदेश

(d)None of these/ इनमें से कोई नहीं

[showhide type=”links7″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Munda revolt took place in Chhotanagpur area.

[/showhide]

Q8. Who among the following leaded Ramosi rising of Western ghat?

पश्चिमी घाट में निम्न में से किसने रामोसिस विद्रोह का नेतृत्व किया ?

(a)Chittur Singh/ चित्तूर सिंह

(b)Syed Ahmed/ सैयद अहमद

(c)Abdul Wahab/ अब्दुल वहाब

(d)None of them/ इनमें से कोई नहीं

[showhide type=”links8″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Ramosi rising rose under Chittur Singh in 1822 and plundered the country around Satara.

[/showhide]

Q9. At which of the following places, Rampa revolt took place?

रम्पा विद्रोह निम्न में से किस स्थान पर हुआ ?

(a)United Provinces/ संयुक्त प्रांत

(b)Bengal/ बंगाल

(c)Andhra Pradesh/ आंध्र प्रदेश

(d)None of these/ इनमें से कोई नहीं

[showhide type=”links9″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Explanation:

Rampa revolt took place in coastal Andhra Pradesh in March 1879 against the depredations of the government-supported mansabdar and the new restrictive forest regulations.

[/showhide]

Q10.  Who among the following  founded Kuka movement of Western Punjab?

पश्चिमी पंजाब में निम्न में से किसने कूका आंदोलन की शुरुआत की ?

(a)Bhagat JawaharMal / भगत जवाहरमल

(b)Syed Ahmed/ सैयद अहमद

(c)Abdul Wahab/ अब्दुल वहाब

(d)Bhagat Ram Singh/ भगत राम सिंह

[showhide type=”links10″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A  is correct.

Explanation:

Bhagat JawaharMal  founded Kuka movement of Western Punjab  in 1840.

[/showhide]

 

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)

Posted on Leave a comment

PCS Indian Geography MCQs : HCS RAS Civil Service Exam

PCS Indian Geography MCQs : HCS RAS Civil Service Exam

PCS Indian Geography MCQs : HCS RAS Civil Service Exam

Q1. Which of the following clouds are thin and detached having a feathery appearance?

निम्नलिखित में से कौन से मेघ है जो  पतले तथा बिखरे हुए है, एवं पंख के समान प्रतीत होते है |

(a)Cirrus cloud / पक्षाभ मेघ

(b)Cumulus cloud /कपासी मेघ

(c)Stratus cloud / स्तरी मेघ

(d)Nimbus cloud / वर्षा मेघ

[showhide type=”links1″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Cirrus clouds are thin and detached having a feathery appearance

 

[/showhide]

Q2.Which of the following clouds look like cotton wool?

निम्नलिखित में से कौन से मेघ रुई के समान दिखते है ?

(a)Cirrus cloud / पक्षाभ मेघ

(b)Cumulus cloud /कपासी मेघ

(c)Stratus cloud /स्तरी मेघ

(d)Nimbus cloud /वर्षा मेघ

[showhide type=”links2″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option B is correct.

Explanation:

Cumulus cloud looks like cotton wool.

[/showhide]

Q3. Which of the following clouds form at middle levels or very near to the surface of the earth?

निम्नलिखित में से कौन से बादल  मध्य स्तरों या पृथ्वी की सतह के काफी नजदीक बनते है |

(a)Cirrus cloud /पक्षाभ मेघ

(b)Cumulus cloud / कपासी मेघ

(c)Stratus cloud / स्तरी मेघ

(d)Nimbus cloud / वर्षा मेघ

[showhide type=”links3″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Nimbus cloud form at middle levels or very near to the surface of the earth.

[/showhide]

Q4. Which of the following clouds are known as High clouds?

निम्नलिखित में से कौन से बादलों को उच्च मेघों के रूप में जाना जाता है ?

(a)Stratocumulus /स्तरी कपास

(b)Nimbostratus /कपासी वर्षा मेघ

(c)Cirrostratus /पक्षाभ स्तरी

(d)Cumulus cloud / कपासी मेघ

[showhide type=”links4″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Explanation:

Cirrus, Cirrostratus are also known as High clouds.

[/showhide]

Q5. Which of the following rainfall is highly localised which occur mainly during summer?

निम्नलिखित में से कौन सी वर्षा बड़े पैमाने किसी स्थिति विशेष तक ही सीमित होती है एवं मुख्य रूप से गर्मियों में आती है

(a)Convectional rainfall/संवहनीय वर्षा

(b)Orograhic rainfall /पर्वतीय वर्षा

(c)Frontal rainfall / फ्रंटल वर्षा

(d)Cyclonic rainfall / चक्रवाती वर्षा

[showhide type=”links5″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Convectional rainfall is highly localised which occur mainly during summer

[/showhide]

Q6.Consider the following statements

1.Clouds are caused mainly by the adiabatic cooling of air below its dew point

2.Cirrus clouds are always black in colour

3.Cumulus clouds generally formed at a height of 4,000 -7,000 m.

Which of the above statement/s is/are correct

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें

1.बादल मुख्य रूप से वायु के ओसांक बिंदु से नीचे उसके समोष्ण शीतलन द्वारा निर्मित होते है |

2.पक्षाभ मेघ काले रंग के होते है |

3.कपासी मेघ  प्रायः 4000 से 7000 मीटर की ऊंचाई पर बनते है |

उपरोक्त में से कौन से कथन सही है ?

(a)Only 1

(b)1 and 3

(c)Only 2

(d)1,2,3

[showhide type=”links6″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option B is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct Clouds are caused mainly by the adiabatic cooling of air below its dew point.  

But, Statement 2 is not correct Cirrus clouds are always white in colour.

Statement 3 is correct Cumulus clouds generally formed at a height of 4,000 -7,000 m

[/showhide]

Q7.Consider the following statements

1.Stratus clouds are layered clouds covering large portions of the sky.

2.Nimbus clouds are extremely dense and opaque to the rays of the sun.

3.Altostratus and Altocumulus comes under category of middle clouds

Which of the above statement/s is/are correct

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें

1.स्तरी मेघ परतदार होते है जो की आकाश के बहुत बड़े भाग पर फैले रहते है |

2.वर्षा मेघ  सूर्य की किरणों के लिए बहुत ही अपारदर्शी होते है

3.स्तरी मध्य तथा कपासी मध्य,  मध्यम ऊंचाई के बादल है |

उपरोक्त में से कौन से कथन सही है ?

(a)Only 2

(b)1 and 2

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links7″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option D is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct Stratus clouds are layered clouds covering large portions of the sky.

 Statement 2 is correct Nimbus clouds are extremely dense and opaque to the rays of the sun.

Also, Statement 3 is correct Altostratus and Altocumulus comes under category of middle clouds.

[/showhide]

Q8. Consider the following statements

1.Preciitation takes place only in liquid form

2.Drizzle is light rainfall with drop size being less than 0.5 mm

3.Below 0° C, precipitation takes place in the form of fine flakes of snow and is called snowfall

Which of the above statement/s is/are correct

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.वर्षण केवल द्रव रूप में होता है |

2.बूंदा-बांदी हल्की वर्षा होती है, जिसकी बूंदो का आकार 0.5 मिमी से कम होता है

3.जब तापमान 0° C से कम होता है तब वर्षण हिमतूलों के रूप में होता है तो यह  हिमपात कहलाता है |

उपरोक्त में से कौन से कथन सही है ?

(a)Only 1

(b)1 and 2

(c)2 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links8″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option C is correct.

Explanation:

Statement 1 is not correct   Preciitation may take place both in liquid and solid form.

But, Statement 2 is correct Drizzle is light rainfall with drop size being less than 0.5 mm

Statement 3 is correct  Below 0° C, precipitation takes place in the form of fine flakes of snow and is called snowfall.

[/showhide]

Q9. Consider the following statements

1.Size of hailstones varies from 5mm to 50mm.

2.Convectional rainfall occurs mainly during summer

3.Convectional rainfall is also known as the Relief rain

Which of the above statement/s is/are correct

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.ओलापत्थर  का आकार  5mm से  50mm तक होता है |

2.सवंहनी वर्षा गर्मियों के दौरान मुख्य रूप से होती  है |

3.सवंहनी वर्षा को उच्चावच वर्षा भी कहा जाता है |

उपरोक्त में से कौन से कथन सही है ?

(a)Only 1

(b)1 and 2

(c)1 and 3

(d)1,2,3

[showhide type=”links9″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option B is correct.

Explanation:

Statement 1 is correct Size of hailstones varies from 5mm to 50mm.

 Statement 2 is correct  Convectional rainfall occurs mainly during summer

But, Statement 3 is not correct Orographic rainfall is also known as the Relief rain.

[/showhide]

Q10. Consider the following statements

1.In Cyclonic rainfall, windward slopes receive greater rainfall

2.Cyclonic Rainfall is convectional rainfall on a large scale.

3.The rainfall is more over the oceans than on the landmasses of the world

Which of the above statement/s is/are correct/उपरोक्त में से कौन से कथन सही है ?

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

1.चक्रवाती वर्षा में पवनाभिमुख ढाल पर सबसे अधिक वर्षा होती है |

2.चक्रवाती वर्षा बड़े पैमाने पर सवंहनी वर्षा होती है।

3.विश्व के स्थलीय भागों की अपेक्षा महासागरों के ऊपर वर्षा अधिक होती है

(a)2 and 3

(b)1 and 3

(c)1 and 2

(d)Only 1

[showhide type=”links10″ more_text=”Show Answer” less_text=”Hide Answer”]

Option A is correct.

Explanation:

Statement 1 is not correct In Orographic rainfall, windward slopes receive greater rainfall.

But, Statement 2 is correct Cyclonic Rainfall is convectional rainfall on a large scale.

Statement 3 is correct  The rainfall is more over the oceans than on the landmasses of the world.

[/showhide]

 

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)

Posted on Leave a comment

Indian Polity Study Content | Parliament | UPSC IAS Exam

Indian Polity Study Content | Parliament | UPSC IAS Exam

Indian Polity Study Content | Parliament | UPSC IAS Exam

Art. 79/अनु. 79:

Constitution of Parliament/संसद का गठन :

“There shall be a Parliament for the Union which shall consist of the President and two Houses to be known respectively as the Council of States and the House of the people.”/“संघ के लिए एक संसद होगी जो राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनेगी जिनके नाम क्रमशः राज्य सभा और लोक सभा होंगे ।”

Parliament consists of/संसद में शामिल हैं:

  • President/राष्ट्रपति
  • Council of States/राज्यसभा
  • House of the People/लोकसभा

President is not a member of either House of Parliament but he is a part of Parliament. He can summon both the Houses of Parliament, dissolves the House of the People and gives his assent before any legislation comes into effect./राष्ट्रपति संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं हैं लेकिन वह संसद का एक हिस्सा हैं। वह संसद के दोनों सदनों को बुला सकता है, लोक सभा को भंग कर सकता है और किसी कानून को लागू करने से पहले अपनी सहमति देता है।

Council of States (Rajya Sabha)   

Art. 80/अनु. 80:

Composition of Council of States/राज्य सभा की सरंचना :

  1. Maximum strength of Council of States is 250./राज्य सभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 है।
  2. 238 should be representatives of states and union territories (elected indirectly) and 12 are nominated by the President./238 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों (अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए) के रूप में और 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाते हैं।
  3. Present strength of Council of States is 245, where 229 represents the states, 4 members represents the union territories and 12 nominated by the President./राज्य सभा की वर्तमान सदस्यों की संख्या  245 है, जहां 229 सदस्य राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं , 4 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं और 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत हैं।

Composition of Council of States:-

Allocation of seats in Council of States(4th Schedule of Constitution)/राज्य सभा में सीटों का आबंटन (संविधान की चौथी अनुसूची):

  • Representation of States/राज्यों का प्रतिनिधित्व
  • Representation of Union Territories/केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व
  • Nominated Members / मनोनीत सदस्य

Representation of states:/राज्यों का प्रतिनिधित्व:

  1. Representative of states are elected by elected members of state legislative assemblies (Indirect Election)./राज्यों के प्रतिनिधि राज्य विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं (अप्रत्यक्ष चुनाव)।
  2. Election held in accordance with system of proportional representation by means of single transferable vote./चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय  मत के माध्यम से आयोजित होते हैं ।
  3. Seats are allocated on the basis of population. 1 seat for each million of population for first 5 million and thereafter 1 seat for every 2 million population./सीटों का आवंटन आबादी के आधार पर की जाती हैं। पहली पचास लाख के प्रत्येक दस लाख जनसंख्या के लिए 1 सीट और उसके बाद प्रत्येक बीस लाख की आबादी के लिए 1 सीट।

Representation of Union Territories/संघ शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व:

  1. Representatives are indirectly elected by members of an electoral college specially constituted for this purpose./प्रतिनिधियों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से इस प्रयोजन के लिए विशेष रूप से गठित एक निर्वाचक मंडल  के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
  2. Election is held in accordance with the system of proportional representation by means of single transferable vote./चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय  मत के माध्यम से आयोजित होते हैं ।
  3. Only Delhi and Puducherry have representation in Council of States, population of other 5 Union Territories is too small./केवल दिल्ली और पुडुचेरी का प्रतिनिधित्व राज्य सभा में  है, अन्य 5 केंद्रशासित प्रदेशों की आबादी बहुत कम है |
  4. Electoral college of Delhi and Puducherry consists of the elected members of the Legislative Assembly of Delhi and Puducherry respectively./दिल्ली और पुदुच्चेरी के निर्वाचक मंडल  में क्रमशः दिल्ली और पुडुचेरी विधान सभा के निर्वाचित सदस्य होते हैं।

Nominated Members/मनोनीत सदस्य:

President nominates 12 members to Rajya Sabha who have specialisation in art, literature, science and social service to give a chance to eminent personalities./राष्ट्रपति राज्य सभा के 12 सदस्यों को मनोनीत करता है, जिन्होंने कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा में विशेषज्ञता हासिल की है, ताकि प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को मौका मिलें ।

Composition of the House of the People:

Art. 81/अनु. 81:

Composition of the House of the People(Lok Sabha)/लोक स

भा की संरचना:

  1. Maximum strength is 552./अधिकतम सदस्य संख्या 552 है।
  2. 530 are to be representatives of the states, 20 members are to be representatives of the union territories and 2 members are to be nominated by president from the Anglo- Indian community./530 राज्यों के प्रतिनिधियों होते  हैं , 20 सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि होते हैं  और 2 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा आंग्ल -भारतीय समुदाय से मनोनीत किया जाता है।
  3. Presently, Lok Sabha has 545 members, 530 repr
  4. esents the states, 13 represents the union territories and 2 Anglo-Indian nominated by the President./वर्तमान में, लोकसभा में 545 सदस्य हैं, 530 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं, 13 केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि है और राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 2  सदस्य आंग्ल-भारतीय समुदाय को प्रतिनिधित्व करते हैं ।

Representation of States/राज्यों का प्रतिनिधित्व:

  1. Representatives are directly elected by the people from the territorial constituencies in the states on the principle of Universal Adult Franchise./प्रतिनिधि सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धांत पर राज्यों के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों द्वारा सीधे चुने जाते हैं।
  2. Universal Adult Franchise means every Indian citizen of age 18 and above who is not disqualified under any law is eligible to vote. 61st Constitutional Amendment Act reduced the age from 21 to 18 years./सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार  का मतलब है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के हर भारतीय नागरिक जो कि किसी भी कानून के तहत अयोग्य नहीं हैं, वोट देने के योग्य हैं। 61 वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम ने आयु को 21 से 18 साल तक घटा दिया।

Composition of the House of the People:

Representation of Union Territories/केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व:

  1. Constitution empowers Parliament to prescribe manner of election of choosing representatives of union territories in the Lok Sabha./संविधान संसद को लोक सभा में केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के चयन के चुनाव के तरीके को निर्धारित करने की शक्ति देता है।
  2. Parliament enacted Union Territories(Direct Election to the House of the People Act), by which members of Lok Sabha from union territories are also chosen by direct election./संसद ने केंद्रशासित प्रदेशों को अधिनियमित किया (लोक सभा प्रत्यक्ष चुनाव अधिनियम ), जिसके द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव के द्वारा केंद्रशासित प्रदेशों से लोक सभा के सदस्य भी  चुने जाते हैं

Nominated Members/मनोनीत सदस्य:

  1. President can nominate 2 members from the Anglo- Indian community if the community is not adequately represented in the Lok Sabha./यदि लोकसभा में समुदाय का पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व नहीं है, तो राष्ट्रपति आंग्ल-भारतीय समुदाय से 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकता है ।
  2. 95th Amendment Act extended this provision till 2020 rather than 1960 as prescribed earlier./95 वें संशोधन कानून ने इस प्रावधान को 1960 के बजाय 2020 तक बढ़ाया, जैसा कि पहले निर्धारित किया गया था ।

System of Elections to Lok Sabha:-

Territorial Constituencies/क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र:

For Lok Sabha elections, each state is divided into territorial constituencies./लोकसभा चुनावों के लिए प्रत्येक राज्य को क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा गया है।

Two provisions/2 प्रावधान:

  1. Each state is given a number of seats in Lok Sabha, so that the ratio between the number of seats and its population is same for all state./प्रत्येक राज्य को लोकसभा में कई सीटें मिलती हैं, ताकि सभी राज्यों के लिए संख्या और उसकी आबादी के बीच का अनुपात एक ही हो।   

 Each state is divided into territorial constituencies, such that the ratio between the population of each constituency and the number of seats allotted it same throughout the state./प्रत्येक राज्य क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों में  इस प्रकार विभाजित किया जाता है, कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र की आबादी और इसे आवंटित किया गया सीटों के बीच के अनुपात पूरे राज्य में समान हो ।

These provisions ensure the uniformity of representation between the different states and between the different constituencies in the same state./ये प्रावधान अलग-अलग राज्यों और एक ही राज्य के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के बीच प्रतिनिधित्व की समानता सुनिश्चित करते हैं।

Why not Proportional Representation? / आनुपातिक प्रतिनिधित्व क्यों नहीं ?

Difficulty in understanding of process/प्रक्रिया को समझने में कठिनाई |

It may lead to increase in political parties leading to unstable government./इससे राजनीतिक दलों में बढ़ोतरी हो सकती है जिससे सरकार अस्थिर हो सकती है।

Decreases importance of voters/मतदाताओं के महत्व को घटाता है |

Bye-election/Biennial/उप-चुनाव / द्विवार्षिक:

  1. The election held to fill a vacancy arising because of reasons other than by retirement of a member on the expiration of his term of office./एक सदस्य की पद की समाप्ति पर सेवानिवृत्ति के अलावा अन्य कारणों के कारण उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए चुनाव।
  2. Such member elected remains the member for the remainder of the term./निर्वाचित सदस्य शेष अवधि के सदस्य रहेगा।

Readjustment After each Census:

Art. 82/अनु. 82:

Readjustment after each Census/प्रत्येक जनगणना के पश्चात पुनः समायोजन:

  1. After each population census, a readjustment is to be made in allocation of seats in the Lok Sabha to the states and division of each state into territorial constituencies./प्रत्येक आबादी जनगणना के बाद, राज्यों का लोकसभा में सीटों के आवंटन और प्रत्येक राज्य के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन के लिए एक समायोजन किया जाता है।
  2. Parliament has the authority to determine the manner in which it has to be done./संसद को उस तरीके का निर्धारण करने का अधिकार है जिसमें यह किया जाना है ।
  3. Presently, allocation of seats in the Lok Sabha to the seats is done on the basis of 1971 level. Delimitation (fixing boundaries) of constituencies is done on the basis of 2001 census./वर्तमान में, लोकसभा में सीटों का आवंटन 1971 के स्तर के आधार पर किया जाता है। 2001 की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्र की सीमा निर्धारण (सीमा तय करने) की गई है।

Duration of Houses of Parliament:

Art. 83/अनु.  83:

Duration of the Houses of the Parliament/संसद के सदनों की अवधि:

Duration of Rajya Sabha/राज्य सभा की अवधि:

  1. It is permanent House and is not subject to dissolution./यह स्थायी घर है और विघटन का विषय नहीं है |
  2. Retiring members are eligible for re-election and re-nomination any number of times./सेवानिवृत्त सदस्य कई बार पुनः निर्वाचन और फिर से मनोनीत होने के लिए पात्र हैं।
  3. Members are elected by the elected members of the State Legislative Assemblies for a 6 year term (provided by Parliament in the Representation of People Act, 1951), in accordance with the system of proportional representation by means of single transferable vote./निर्वाचित सदस्य  राज्य विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा 6 साल की अवधि के लिए (लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में  संसद द्वारा प्रदत्त) आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से निर्वाचित किये जाते हैं।
  4. No seats are reserved for SCs and STs in the Rajya Sabha./राज्यसभा में अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं है।

Duration of Lok Sabha/लोकसभा की अवधि:

  1. Tenure is 5 years, but can be dissolved earlier by President./कार्यकाल 5 साल है, लेकिन राष्ट्रपति द्वारा पहले भंग किया जा सकता है |
  2. Its life can be extended by Parliament beyond the 5 year term, when proclamation of Emergency under Art. 352 is in force./अनु. 352 को प्रयोग में लेकर इसके तहत आपातकाल की घोषणा करते हुए, इसका जीवन 5 साल की अवधि से आगे संसद द्वारा बढ़ाया जा सकता है।
  3. But Parliament cannot extend the normal life of the Lok Sabha more than 1 year at a time./लेकिन संसद लोकसभा के सामान्य जीवन को एक समय 1 वर्ष से अधिक नहीं बढ़ा सकती है।
  4. Also, extension cannot continue for more than 6 months after the Proclamation of Emergency comes to an end./इसके अलावा, आपातकाल की घोषणा समाप्त होने के 6 महीनों से अधिक समय तक कार्यकाल का विस्तार जारी नहीं हो सकता।


Qualifications for Membership of Parliament:

  Art. 84/अनु. 84:

Qualifications for membership of Parliament/संसद की सदस्यता के लिए अर्हता :

  1. He must be a citizen of India./वह भारत का नागरिक होना चाहिए।
  2. He must make and subscribe oath before the person authorised by the Election Commission./चुनाव आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के समक्ष उसे शपथ लेनी चाहिए और उस पर अपना हस्ताक्षर करना  चाहिए।
  3. He must be at least 30 years of age in case of Rajya Sabha and at least 25 years in case of Lok Sabha./वह राज्यसभा के मामले में 30 वर्ष से कम उम्र के नहीं हो और लोकसभा के मामले में 25 वर्ष से कम उम्र का नहीं हो।
  4. He must possess other qualifications prescribed by Parliament./उसमें संसद द्वारा निर्धारित अन्य योग्यताएं होने चाहिए।

Qualifications for Membership of Parliament:-

Additional qualifications under Representation of People Act (1951)/लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (1951) के तहत अतिरिक्त योग्यता  :

  1. He must be registered as an elector for a parliamentary constituency in case of both Lok Sabha and Rajya Sabha. But requirement that a candidate contesting a seat to Rajya Sabha should be an elector in that particular state was removed./वह लोकसभा और राज्यसभा दोनों के मामले में संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक निर्वाचक के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। लेकिन इस मांग को कि राज्य सभा के लिए एक सीट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को उस राज्य विशेष में निर्वाचक होना आवयश्यक है, हटा दिया गया ।
  2. If he wants to contest a seat reserved for SC or ST, he must be a member of that tribe in any state or union territory. He can also contest from a general seat./यदि वह अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ना चाहता है, तो वह किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में उस जनजाति का सदस्य होना चाहिए। वह सामान्य सीट से भी चुनाव लड़ सकता है ।

  Disqualifications of Members of Parliament:

  

Vacation of Seats/सीटों की रिक्ति :

Art. 101/अनु. 101:

Various causes/विभिन्न कारण  :

  • Double Membership/दो सदस्यता
  • Disqualification/अयोग्यता
  • Resignation/इस्तीफा
  • Absence/अनुपस्थिति
  • Other causes/अन्य कारण

Double Membership/दो सदस्यता:

A person cannot be a member of both Houses of Parliament at the same time./एक व्यक्ति संसद के दोनों सदनों का एक ही समय में सदस्य नहीं हो सकता है।

Representation of People Act (1951) provides/लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (1951) सुचना देता है:

  1. If a person is elected to both the Houses of Parliament, he must intimate within 10 days in which House he wants to serve, otherwise his seat in Rajya Sabha becomes vacant./अगर किसी व्यक्ति को संसद के दोनों सदनों के लिए चुना जाता है, तो उसे 10 दिनों के भीतर सूचित करना होता है कि वह किस सदन में सेवा करना चाहता है, अन्यथा राज्यसभा में उनकी सीट रिक्त हो जाती है।
  2. If a sitting member of one House is also elected to another House, his seat in the first House becomes vacant./यदि एक सदन के वर्तमान सदस्य दूसरे सदन के लिए भी चुना जाता है, तो पहले सदन में उसकी सीट रिक्त हो जाती है।
  3. If a person is elected to 2 seats in a House, he should decide one, otherwise both seats become vacant./अगर किसी व्यक्ति को सदन में 2 सीटों के लिए चुना जाता है, तो उसे एक सीट का फैसला करना होता है, अन्यथा दोनों सीटें रिक्त हो जाती है ।

Disqualification/निरर्हता:

If a member of either House of Parliament is disqualified under Art. 102(1) and 102(2)./संसद के किसी भी सदन का सदस्य अनु. 102 (1) और 102 (2) के तहत अयोग्य हो जाता है |

Resignation/इस्तीफा:

A member may resign his seat by writing to the Chairman of Rajya Sabha or Speaker of Lok Sabha, as case maybe. Seat becomes vacant when resignation is accepted./एक सदस्य राज्य सभा के अध्यक्ष या लोकसभा के अध्यक्ष को लिखकर अपनी सीट से इस्तीफा दे सकता है, जैसा विषय हो | जब इस्तीफा स्वीकार किया जाता है तो सीट रिक्त हो जाती है।

Absence/अनुपस्थिति:

If a member of either House absents himself from House without its permission for more than 60 days, the House may declare his seat vacant. In calculating 60 days time period, period for which House is prorogued or adjourned for more than 4 consecutive days, is not taken into account./अगर किसी सदन का सदस्य 60 दिनों से अधिक समय के लिए बिना अनुमति के सदन से खुद को अनुपस्थित करता है, तो सदन उसकी सीट रिक्त घोषित कर सकती है। 60 दिनों की अवधि की गणना में, जिस अवधि के लिए सदन को लगातार 4 दिनों से अधिक समय से खारिज या स्थगित किया जाता है, उसे ध्यान में नहीं रखा जाता है।

 

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)

Posted on Leave a comment

Agriculture Notes for UPSC IAS Economics | Exam Preparation Online

Agriculture Notes for UPSC IAS Economics | Exam Preparation Online

Agriculture Notes for UPSC IAS Economics | Exam Preparation Online

Important Terminologies / महत्वपूर्ण शब्दावलियाँ:-

Minimum Support Price/न्यूनतम समर्थन मूल्य:

  • MSP is the minimum guaranteed price for the farmers offered by the Government for their produce in case the market prices fall below that level./एमएसपी किसानों के लिए न्यूनतम गारंटीकृत मूल्य है, जो कि सरकार द्वारा उनके उपज के लिए पेशकश की है यदि बाजार की कीमत उस स्तर से नीचे आती है।
  • If the market offers higher price than MSP, the farmers are free to sell their produce at that price./यदि बाजार एमएसपी से अधिक मूल्य प्रदान करता है, तो किसान अपने उत्पाद को उस कीमत पर बेचने के लिए स्वतंत्र हैं।

Fair and Remunerative Price/उचित और लाभकारी मूल्य:

    • The Fair Price is offered in the interest of farmers keeping in view the need for a remunerative price and the present situation of the agriculture./उचित मूल्य की आवश्यकता और कृषि की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में उचित मूल्य की पेशकश की जाती है।
    • For example, the ‘fair and remunerative price’ of Sugarcane is determined under the Sugarcane (Control) Order 1966./उदाहरण के लिए, गन्ने का ‘उचित और लाभकारी मूल्य’  गन्ना (नियंत्रण) आदेश 1966 के तहत निर्धारित किया गया है।
    • The concept of FRP in case of essential commodities such as in place of Statutory Minimum Price is important as it ensures upfront payment towards margins on account of profit and risk to sugarcane farmers on the cost of production and transportation of sugarcane./वैधानिक न्यूनतम मूल्य के स्थान पर आवश्यक वस्तुओं के मामले में एफआरपी की अवधारणा महत्वपूर्ण है क्योंकि गन्ने के परिवहन और उत्पादन पर गन्ना किसानों को मुनाफे और जोखिम के मुकाबले मार्जिन के प्रति अग्रिम भुगतान सुनिश्चित करता है।
    • There is a system of State Advisory Prices in some states, which are generally higher than the FRP./कुछ राज्यों में राज्य सलाहकार मूल्य की एक प्रणाली है, जो आम तौर पर एफआरपी से अधिक होती है।

Central Issue Price/केंद्रीय जारी मूल्य:

It is the price at which Central Government issues the food grains to State Governments/ Union territory Administrations./यह वह कीमत है जिस पर केंद्र सरकार राज्य सरकारों / संघीय क्षेत्र प्रशासनों को अनाज जारी करती है।

Wheat and rice are issued to the State Governments/ UT Administrations from the Central pool at the uniform Central Issue Price for distribution under Targeted Public Distribution System./लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरण के लिए समान केंद्रीय निर्गमन कीमत पर केन्द्रीय पूल से राज्य सरकारों / संघ शासित प्रदेशों के लिए गेहूं और चावल जारी किए जाते हैं।

Decentralized Procurement/विकेंद्रीकृत खरीद:

  • The Scheme of Decentralised Procurement of foodgrains (rice and wheat) was introduced in 1997-98 with a view to enhance the efficiency of procurement and Public Distribution System and to encourage local procurement and reduce outgo of food subsidy./खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दक्षता बढ़ाने और स्थानीय खरीद को प्रोत्साहित करने और खाद्य आर्थिक सहायता को कम करने के उद्देश्य से 1997-98 में अनाज (चावल और गेहूं) की विकेंद्रीकृत खरीद की योजना शुरू की गई थी।
  • Under the scheme, the States undertake the responsibility of procurement of foodgrains, its scientific storage and distribution through Targeted Public Distribution System./इस योजना के तहत, राज्यों ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्नों की खरीद, इसकी वैज्ञानिक भंडारण और वितरण की जिम्मेदारी संभाली है।

Agricultural Marketing / कृषि विपणन :

Agricultural Marketing must satisfy following objectives/कृषि विपणन निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करना चाहिए:

  • Ensure a remunerative price for the farmer./किसान के लिए एक उचित मूल्य सुनिश्चित करना |
  • Narrow down the difference between the price that a farmer gets and the price at which it is sold to consumers./जो एक किसान को प्राप्त होता है और जिस कीमत पर यह उपभोक्ताओं को बेचा जाता है, उन कीमत के बीच के अंतर को कम करना
  • Minimise the role of middlemen./मध्यस्थों की भूमिका को कम करना |

Types of Food Processing/खाद्य प्रसंस्करण के प्रकार:

  • Primary Processing – includes basic cleaning, grading and packaging as in case of fruits and vegetables./प्राथमिक प्रसंस्करण – फलों और सब्जियों के मामले में बुनियादी सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग शामिल है |
  • Secondary Processing – includes alteration of the basic product to a stage just before the final preparation as in case of milling of paddy to rice./माध्यमिक प्रसंस्करण – धान से चावल को मिलाने के मामले में अंतिम तैयारी के ठीक पहले एक मूल उत्पाद को बदलना शामिल है।
  • Tertiary Processing – leads to a high value-added ready-to-eat food like bakery products, instant foods, health drinks etc./तृतीयक प्रोसेसिंग – बेकरी उत्पाद, तत्काल खाद्य पदार्थ, स्वास्थ्य पेय आदि जैसे उच्च मूल्य-युक्त खाने-पीने के भोजन को शामिल करता है।

Various issues faced by farmers/किसानों द्वारा सामना किये जाने वाले कई मुद्दे :

  • Lack of warehousing and storage facilities/भंडारण सुविधाओं की कमी |
  • Inadequate and inefficient transportation/अपर्याप्त और अक्षम परिवहन |
  • Lack of grading and standardization facilities due to which they are not able to get better price./ग्रेडिंग और मानकीकरण सुविधाओं का अभाव जिससे वे बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं।
  • Use of substandard weights and measures./घटिया वज़न और उपायों का उपयोग |
  • Presence of a large number of middlemen./बड़ी संख्या में मध्यस्थों की उपस्थिति |
  • Lack of credit facilities./साख सुविधाओं का अभाव |
  • No access to market conditions and prevailing prices./बाजार की स्थितियों और प्रचलित कीमतों तक पहुंच नहीं होना |

Various measures taken by the Government/सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपाय:

  • Provision of warehousing facilities The government set up Central Warehousing Corporation in 1957 with the purpose of constructing and running godowns and warehouses. The States have set up corresponding State Warehousing Corporations. The FCI has taken up construction of its own network of rural godowns./भंडारण सुविधाओं का प्रावधान सरकार ने गोदामों और भंडारगृहों के निर्माण और उसे चलाने के उद्देश्य से 1957 में केन्द्रीय भण्डारगृह कॉरपोरेशन की स्थापना की। राज्यों ने राज्य भंडारण निगमों की समानता स्थापित की है। एफसीआई ने ग्रामीण गोदामों के अपने स्वयं के नेटवर्क का निर्माण किया है।
  • Grading and standardization has been facilitated by enacting Agricultural Produce (Grading and Standardization) Act. The graded goods are stamped with the seal of ‘AGMARK’./कृषि उत्पाद (ग्रेडिंग और मानकीकरण) अधिनियम के तहत ग्रेडिंग और मानकीकरण किया गया है | श्रेणीबद्ध सामान ‘एगमार्क’ की मुहर के साथ मुद्रांकित होते हैं।
  • Promoting Cooperative marketing by setting up National Cooperative Development Corporation and NAFED./राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और नाफेड की स्थापना के द्वारा सहकारी विपणन को बढ़ावा देना।
  • Special Boards have been set up for commodities like rice, pulses, jute, millets, cotton, oilseeds, tobacco, sugarcane etc./चावल, दालों, जूट, बाजरा, कपास, तिलहन, तंबाकू, गन्ना आदि जैसे वस्तुओं के लिए विशेष बोर्ड स्थापित किए गए हैं।
  • Boost to export of agricultural commodities through incentives provided in successive Exim policies and setting up of Export Promotion Council as well as Agricultural and Processed Food Export Development Authority./लगातार एक्जिम नीतियों और निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना के साथ-साथ कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण की स्थापना के माध्यम से कृषि वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देना।
  • Futures Trading has been permitted in various agricultural commodities. In 2003-04, the government set up national level commodity exchanges like for wheat, cotton, soya oil, jute, rubber, pepper, turmeric etc./
  • विभिन्न कृषि वस्तुओं में वायदा कारोबार को अनुमति दी गई है। 2003-04 में, सरकार ने गेहूं, कपास, सोया तेल, जूट, रबर, काली मिर्च, हल्दी आदि के लिए राष्ट्रीय स्तर की कमोडिटी एक्सचेंजों की स्थापना की।
  • Enactment of model APMC Act 2003/मॉडल एपीएमसी अधिनियम 2003 के अधिनियमन |
  • Setting up of Regulated markets. A Regulated market is set up under the law either for a specific commodity or a group of commodities. These markets are set up under the APMC Acts of State governments./नियमित बाजारों की स्थापना। एक नियमित बाजार या तो किसी विशिष्ट वस्तु या वस्तुओं के समूह के लिए कानून के तहत स्थापित किया जाता है। इन बाजारों को राज्य सरकारों के एपीएमसी अधिनियमों के तहत स्थापित किया गया है |

Shankar Guru Committee/शंकर गुरु समिति:

To address issues related to regulated markets, the Centre set up Shankar Guru Committee in 2001 and also set up an inter-ministerial expert group./विनियमित बाजारों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए, केंद्र ने 2001 में शंकर गुरु समिति की स्थापना की और एक अंतर-मंत्रीीय विशेषज्ञ समूह भी स्थापित किया।

Observations and Recommendations/टिप्पणियां और अनुशंसाएं:

  • These markets have become too restrictive and instead of promoting free and fair play of market forces, have become too monopolistic./ये बाज़ार अति प्रतिबंधात्मक बन गए हैं और बाजार बलों के नि: शुल्क और निष्पक्ष क्रिया को बढ़ावा देने के बजाय, अत्यधिक एकाधिकार बन गए हैं |
  • These markets have failed to reflect situations of scarcity or plenty and particularly in respect of food grains have led to stockpiling by FCI./ये बाजार कमी या बहुलता स्थितियों को प्रतिबिंबित करने में असफल रहे हैं, और विशेष रूप से अनाज के संबंध में  एफसीआई द्वारा स्टॉक जमा करने में प्रेरित हुआ है।
  • Government intervention in agricultural markets should be selective and confined only to situations of extreme scarcity./कृषि बाजारों में सरकार के हस्तक्षेप को चयनात्मक होना चाहिए और केवल अत्यधिक कमी की स्थितियों तक ही सीमित होना चाहिए।
  • Essential Commodities Act should be repealed./आवश्यक वस्तु अधिनियम निरस्त किया जाना चाहिए।
  • Government should review all the relevant legislations relating to agricultural marketing./सरकार को कृषि विपणन से संबंधित सभी प्रासंगिक कानूनों की समीक्षा करनी चाहिए।

 

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)    IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC IAS(Prelims+Mains)