UPSC IAS Sociology : Max Weber – Authority, Bureaucracy, Protestant ethic Study Content

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Max Weber / मैक्स वेबर –

Reasons for dissatisfaction of Weber with Marx’s Historical- Materialist analysis/मार्क्स के ऐतिहासिक-भौतिकवादी विश्लेषण से वेबर की असंतुष्टि के कारण :

  • Weber thought that it was highly unlikely that history develops according to any kind of grand plan. For Weber, human action is much more contingent than this in the sense that nobody can predict what all circumstances and contexts of action will be. Regarding Marx’s idea, for ex., that capitalism must follow feudalism, Weber pointed out that capitalism is not unique to modern society. Modern industrial capitalism, is just one type, one variety of the different kinds of capitalism that, under different historical circumstances, could have developed./वेबर ने सोचा कि यह बहुत असंभव है कि इतिहास का विकास किसी विराट योजना के साथ होता है | वेबर के लिए, मानव क्रिया इतनी आकस्मिक है कि कोई यह अनुमान नहीं लगा सकता कि कार्यों की परिस्थितयाँ तथा सन्दर्भ क्या होंगे | मैक्स के विचार के अनुसार,उदाहरण के लिए- पूँजीवाद को सामंतवाद का अवश्य अनुसरण करना चाहिए, वेबर ने बताया कि   आधुनिक समाज के लिए पूँजीवाद अनन्य नहीं है| आधुनिक औद्योगिक पूँजीवाद, विभिन्न प्रकार के पूँजीवादों का केवल एक प्रकार, केवल एक किस्म है, जो विभिन्न ऐतिहासिक परिस्थितियों के अंतर्गत विकसित हो सकता था |
  • Weber said that historical-materialist approach gave too much attention to the economic realm and thus underestimated what goes on in other aspects of social life. To understand the origins of modern capitalism, it is necessary to look at developments in the political, legal and religious spheres as well as in the economic sphere./वेबर ने कहा कि ऐतिहासिक-भौतिकवाद दृष्टिकोण ने आर्थिक क्षेत्र पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया तथा इस प्रकार जीवन के अन्य पहलुओं में क्या चल रहा है, उसे कम करके आंका गया | आधुनिक पूंजीवाद के मूल को समझने के लिए, राजनीतिक, कानूनी, धार्मिक क्षेत्र के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र में भी विकास को देखना आवश्यक है |
  • Materialist theories inevitably give priority to material phenomena, ideational phenomena, including ideas, values and beliefs, but also the way social actors construct intellectual representations of reality in their mind, also need to be taken into account./भौतिकवादी सिद्धांत भौतिक घटनाओं, विचारधारात्मक घटनाओं जिनमें विचार, मूल्य तथा विश्वास शामिल हैं, उनको अधिक प्राथमिकताएं देते हैं , किन्तु जिस तरह सामाजिक कर्ताओं ने उनके दिमाग में बौद्धिक प्रतिनिधित्व का निर्माण किया है, उसे भी ध्यान में रखना चाहिए |

Weber provided an alternative to historical-materialist approach which can be studied as/वेबर ने ऐतिहासिक-भौतिकवादी दृष्टिकोण का एक विकल्प प्रदान किया, जिसका इस तरह अध्ययन किया जा सकता है –

  • his comments about the development of a new kind of rationality, which became integral to the Western world view from the 16th century onwards/नयी तरह की तर्कसंगतता के विकास के बारे में उनकी टिप्पणियां, जो 16वीं शताब्दी के बाद से  पश्चिमी दुनिया के विचारों का अभिन्न अंग बन गयी |
  • his detailed description in The Protestant Ethic and the Spirit of Capitalism of how new variant of the business or commercial spirit of capitalism coincided with the emergence of a particular kind of Protestant religious ethic in Northern Europe at around the same time/प्रोटेस्टेंट नैतिक सिद्धांतों तथा पूँजीवाद की भावना के बारे में उनका विस्तृत विवरण, कि किस प्रकार नए तरह के व्यापार अथवा पूंजीवाद की वाणिज्यिक भावना का उद्भव उत्तरी यूरोप में एक ही समय में विशेष प्रकार के प्रोटेस्टेंट नैतिक सिद्धांतों के उदय के साथ हुआ|
  • his comments about the inevitable spread of bureaucracy/नौकरशाही के अनिवार्य प्रसार के बारे में उनकी टिप्पणियां |

Max Weber – Rationality-

Rationality/तर्कसंगतता :

  • Weber agreed with Marx that modern capitalism had become the dominant characteristic of modern industrial society. But for Weber, the originating cause, the fundamental root of this development, was not ‘men making history’ or ‘the class struggle’ but the emergence of a new approach to life based around a new kind of rational outlook./वेबर मार्क्स से सहमत थे कि पूँजीवाद आधुनिक औद्योगिक समाज की प्रमुख विशेषता बन चुका था | किन्तु वेबर के लिए, उत्पत्ति का कारण, इस विकास की बुनियादी जड़, मानव निर्माण का इतिहास अथवा वर्ग संघर्ष नहीं था बल्कि एक नए प्रकार के तर्कसंगत दृष्टिकोण के आधार पर उभरा वाला जीवन के प्रति नया दृष्टिकोण था |
  • The main intention of the new rationality was to replace vagueness and speculation with precision and calculation./नयी तर्कसंगतता का मुख्य उद्देश्य अस्पष्टताओं तथा अटकलों को गणना तथा यथार्थता के द्वारा विस्थापित करना था |
  • The new rationality was all about controlling the outcomes of action, of eliminating fate and chance, through the application of reason./नयी तर्कसंगतता कारण के अनुप्रयोग के माध्यम से कार्य के परिणामों को नियंत्रित करने, भाग्य तथा इत्तेफाक को समाप्त करने के बारे में थी |
  • Weber called the new outlook instrumental rationality because it took the degree to which it enabled social actors to achieve the ends they had identified as its main criteria for judging whether an action was or was not rational./वेबर ने नए दृष्टिकोण को सहायक तर्कसंगतता कहा क्योंकि इसने वह सीमा लिया जिसके लिए इसने सामाजिक कर्ताओं को उन छोरों को प्राप्त करने में सक्षम बना दिया जिनको उन्होंने “कोई कार्य तर्कसंगत है या नहीं” इसकी जांच करने हेतु मुख्य मापदंड के रूप में चिन्हित किया था |
  • Instrumental rationality was also a ‘universal rationality’ as it affected the way in which decisions to act were made, not just in economic affairs, but across the full spectrum of activity./सहायक तर्कसंगतता एक सार्वभौमिक तर्कसंगतता भी थी क्योंकि इसने उस प्रक्रिया को प्रभावित किया जिसमें कार्य करने के निर्णय लिए जाते थे, ना केवल आर्थिक मामलों में बल्कि क्रिया के समूचे वर्णक्रम में |

Rationalisation/युक्तिकरण :

  • The term ‘rationalisation’ was used by Weber to describe what happens when the different institutions and practices that surround social action take on the techniques of instrumental rationality./शब्द “युक्तिकरण ” का इस्तेमाल वेबर के द्वारा इस चीज को परिभाषित करने के लिए किया गया था कि “क्या होता है जब विभिन्न संस्थाएं तथा प्रथाएं जिनसे सामाजिक क्रिया घिरी होती है, सहायक तर्कसंगतता की तकनीक को ग्रहण करती हैं |
  • Weber agreed with Marx about the great significance for historical development of developments in the economic sphere, he argued that the massive expansion of the economic sphere as it entered its industrial stage was itself a consequence and not a cause of the spread of the new instrumental rationality./वेबर ने आर्थिक क्षेत्र के विकास में ऐतिहासिक विकास के प्रमुख महत्व के संबंध  मार्क्स के साथ सहमति व्यक्त की, उन्होंने तर्क दिया कि आर्थिक क्षेत्र का व्यापक विस्तार, इसके औद्योगिक चरण में पंहुचने का स्वयं एक परिणाम था ना  कि नयी औद्योगिक तर्कसंगतता के प्रसार का कारण था |
  • Weber noted that the uptake of instrumental rationality through rationalisation can be seen to be a driving force behind all forms of modernisation in modern society./वेबर ने कहा कि युक्तिकरण के माध्यम से सहायक तर्कसंगतता का उदय आधुनिक समाज में आधुनिकीकरण के सभी रूपों के पीछे की एक प्रेरक शक्ति के रूप में देखी जा सकती है |
  • While factors identified by Marx, such as property relations, class conflict and development in the means of production, play an important role in how, at a lower and more descriptive level of analysis, the specific consequences are worked out, each of these is, according to Weber, an outlet for the underlying urge to become increasingly rational./मार्क्स के द्वारा चिन्हित कारक, जैसे कि संपत्ति सम्बन्ध, वर्ग संघर्ष, तथा उत्पादन के साधनों में विकास, विश्लेषण के निम्नतर तथा विवरणात्मक स्तर पर,  किस प्रकार विशिष्ट परिणामों का अर्थ निकाला जाता है, इसमें एक महवपूर्ण भूमिका निभाते हैं | वेबर के अनुसार, इनमें से प्रत्येक तेजी से तर्कसंगत बनने की अन्तर्निहित आवश्यकता के लिए एक बहिर्द्वार हैं |
  • Recalling Durkheim’s analysis of social solidarity and the new individualism, one might say that the instrumental rationality identified by Weber provides an important source of collective consciousness in modern society. Rationalisation and its consequences regulate the behaviour of social actor and thus contribute to social order./दुर्खीम के सामाजिक एकता और व्यक्तिवाद के विश्लेषण को याद करते हुए, कोई व्यक्ति कह सकता  है कि वेबर के द्वारा चिन्हित तर्कसंगतता आधुनिक समाज में सामूहिक चेतना का एक महत्वपूर्ण स्रोत प्रदान करती है | तर्कसंगतता तथा इसके परिणाम सामाजिक कर्ता के व्यवहार को विनियमित करते हैं तथा इस प्रकार सामाजिक व्यवस्था में योगदान देते हैं | 

Formal and substantive rationality/औपचारिक तथा मूल तर्कसंगतता :

  • Weber makes a distinction between the rationality of something in terms of how useful it is in a purely practical sense (its formal reality) and how rational it is in terms of the ends it serves (its substantive reality)./वेबर किसी चीज की तर्कसंगतता के बीच इस संदर्भ में भेद करते हैं कि यह शुद्धतया व्यावहारिक रूप से कितनी उपयोगी है (इसकी औपचारिक वास्तविकता ) तथा जिसे यह सेवा प्रदान करती है, उस छोर के लिए यह कितनी तर्कसंगत (इसकी मूल वास्तविकता )  है |
  • Ex., It is evident that the industrial division of labour is a more rational way of producing things than feudal agriculture. What is less clear is that whether the decision to apply this type of organisation is entirely rational one given that there is no guarantee that the general quality of life is also bound to improve./उदाहरण – यह स्पष्ट है कि श्रम का औद्योगिक विभाजन सामंती कृषि की तुलना में वस्तुओं के उत्पादन का अधिक तर्कसंगत तरीका है | वह चीज जो कम स्पष्ट है वह यह है कि क्या इस तरह की व्यवस्था को लागू करने का निर्णय पूरी तरह से तर्कसंगत निर्णय है अथवा नहीं,  जबकि जीवन की सामान्य गुणवत्ता भी बेहतर होने के लिए बाध्य है |
  • For Weber, one of the most difficult challenges of social theory is to account for the judgements social actors make, not so much over the best means for achieving something, but over which ends they feel are worth pursuing./वेबर के लिए, सामाजिक सिद्धांत की सबसे मुश्किल चुनौतियों में से एक सामाजिक कर्ताओं द्वारा लिए गए निर्णयों के प्रति उत्तरदायी होना है, किसी चीज को प्राप्त करने के सर्वोत्तम साधनों के लिए नहीं , बल्कि उन छोरों के प्रति जिनका पीछा करना वे उचित समझते हैं |
  • The potential conflict between formal and substantive rationality is itself a consequence of the modernist perspective that emerged from the European Enlightenment. In pre-modernity crucial decisions about ultimate ends simply did not arise because the originating force in the universe as considered was nature or God. Having displaced nature with society and having marginalised the notion of the divine presence with the introduction of a strong concept of human self-determination, social actors in modern society have to make choices that have been created by powerful new technical means at their disposal./औपचारिक तथा मूल तर्कसंगतता के बीच का संघर्ष स्वयं आधुनिकतावादी विचारधारा का एक परिणाम है जो यूरोपीय ज्ञान से उभरा है | आधुनिकता के पूर्व अंतिम छोरों के बारे में महत्वपूर्ण विचारों का उदय नहीं हुआ क्योंकि ब्रह्माण्ड में उत्पत्ति की शक्ति के रूप में  प्रकृति या ईश्वर को माना जाता था | समाज द्वारा प्रकृति के विस्थापन तथा मानव आत्म-निर्णय की मजबूत अवधारणा के आगमन के साथ दैवीय उपस्थिति की धारणा को हाशिये पर रखते हुए, आधुनिक समाज में सामाजिक कर्ता को चुनाव करना पड़ता है, जिनका निर्माण उनकी सेवा में नए शक्तिशाली तकनीकी साधनों के द्वारा किया गया है |
  • Reflecting the instrumentality of the new outlook, Weber felt that as social actors become more and more obsessed with expressing formal rationality by improving the techniques they have for doing things, they become less and less interested in why they are doing them. The connection between means and ends becomes increasingly weakened even to the extent that ends come to be defined in terms of the unquestioned desirability of developing yet more means./नए दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हुए, वेबर ने महसूस किया कि चूँकि सामाजिक कर्ता चीजों को करने की तकनीकों में सुधार से औपचारिक तर्कसंगतता को व्यक्त करने की आसक्ति से बहुत ज्यादा युक्त हो जाते हैं, इसलिए वे  उन चीजों को करने के तरीकों में कम से कम रूचि लेते हैं | साधनों तथा छोरों के बीच जुड़ाव तेजी से उस सीमा तक कम हो जाता है की छोरों को विकासशील किन्तु अधिक साधनों की निर्विवाद वांछनीयता के सन्दर्भ में परिभाषित किया जाने लगता है |
  • Marx had defined social conflict in terms of the struggle for economic resources, Weber added that important struggles also took place between one value system and another. Capitalism dominated modern society not because it is good at developing new techniques for producing things (it expresses very high levels of formal rationality, or, in Marx terms, is very dynamic in developing the means of production) but because it engages sufficiently at the level of ideas for social actors to believe that this is a rational way to proceed./मार्क्स ने वर्ग संघर्ष को आर्थिक संसाधनों के लिए संघर्ष के रूप में परिभाषित किया था | वेबर ने उसमें जोड़ा कि एक मूल्य प्रणाली तथा दूसरे मूल्य प्रणाली के बीच संघर्ष भी हुए | पूँजीवाद आधुनिक समाज पर इसलिए हावी नहीं हुआ कि यह वस्तुओं के उत्पादन  हेतु नयी तकनीकों को विकसित करने में अच्छा है (यह बेहद उच्च  औपचारिक तर्कसंगतता को अभिव्यक्त करता है, अथवा, मार्क्स के अनुसार यह उत्पादन के साधनों के विकास में बेहद गतिशील है ) बल्कि इसलिए क्योंकि यह सामाजिक कर्ताओं हेतु विचारों के स्तर पर पर्याप्त रूप से संलग्न होता है ताकि वे यह मान लें कि आगे बढ़ने के लिए यह एक तर्कसंगत तरीका है |

The rational iron cage/तर्कसंगतता का लौह पिंजरा : .

  • Weber regrets the loss of high ideals and of meaning in existence that results from rationalization./वेबर उच्च आदर्शों तथा अस्तित्व में अर्थ की हानि के लिए खेद व्यक्त करते हैं, जो युक्तिकरण के परिणामस्वरूप होता है |
  • Modern man is trapped in a rational “iron cage of commodities and regulations” and he has lost his humanity. At the same time, he believed that he has achieved the highest stage of development./आधुनिक व्यक्ति वस्तुओं तथा नियमों के एक तर्कसंगत लौह पिंजरे में फंसा हुआ है तथा उसने अपनी मानवता खो दी है | इसी समय, वह मानता था कि उसने विकास की सबसे ऊँची अवस्था को प्राप्त कर लिया है |

 

 

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