UPSC Exam Preparation (2018) || History Study Material – HCS

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Mughal Period

Jahangir (1605 – 1627):

  • Prince Salim succeeded his father Akbar after his death in 1605.
  • Title: Adopted title Jahangir (Conqueror of World).
  • He wrote his memoir  Tuzuk-i-jahangiri in Persian.
  • Marriage: In 1611, Jahangir married Mihar-un-nisa, widow of Sher Afgan, a Persian nobleman of Bengal.

Nurjahan:

  • Nurjahan exercised tremendous influence over the state affairs.
  • She was made the official Padshah Begum.
  • Jahangir issued coins jointly in Nurjahan name and his own.
  • It was believed by some historians that Nur Jahan formed a group of “junta” and this led to two factions in the Mughal court.  

Relation with East India Company:

  • In 1608, Captain William Hawkins, a representative of East India Company came to Jahangir’s court.
  • He was given the Mansab of 400.
  • In 1615, Sir Thomas Roe, an ambassador of King James I of England also came to his court.

Shahjahan (1628-1658)

  • Mother’s name: Jagat Gosai / Jodha Bai (the daughter of Raja Jagat Singh)
  • Shah jahan ascended the throne in 1628 after his father’s death.
  • The rise of Shah Jahan was due to his personal ambitions.
  • He rose in revolt against his father who ordered him to go to Kandhar.

Deccan Policy:

  • Defeated the forces of Ahmednagar and annexed it.
  • Both Bijapur and Golconda signed a treaty with the emperor.
  • Shah Jahan carved four Mughal provinces in the Deccan-Khandesh, Berar, Telangana and Daulatabad.

Foreign accounts

  • Shah Jahan’s reign is described by french traveller Bernier and Tavernier and the Italian  traveller Nicoli Manucci.
  • Peter Mundi described the famine that occurred during Shah Jahan’s time.
  • Shah Jahan’s reign is said to have marked the pinnacle of the Mughal dynasty .
  • He is known for the promotion of art, culture and architecture during his time.

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मुग़ल काल

जहांगीर (1605 – 1627):

  • 1605 में अकबर की मृत्यु के बाद राजकुमार सलीम ने सिंहासन संभाला |
  • शीर्षक: जहांगीर का शीर्षक अपनाया (विश्व विजेता)
  • उसने फ़ारसी में अपना संस्मरण तुज़ुक-ए-जहांगीरी नामक पुस्तक की रचना की |
  • विवाह: 1611 में, जहांगीर ने बंगाल के फारसी कुलीन शेर अफगान की विधवा, मिहर-उन -निसा से विवाह किया |

नूरजहां:

  • नूरजहां ने राज्य के मामलों पर अद्भुत प्रभाव डाला।
  • उसे आधिकारिक रूप से बादशाह बेगम बनाया गया |
  • जहांगीर ने सयुंक्त रूप से नूर जहाँ एवं स्वयं के नाम से सिक्के जारी किये |
  • कुछ इतिहासकारों का मानना था की नूर जहाँ ने जून्टा  नामक एक समूह बनाया जिसने मुग़ल दरबार को दो भागों में बाँट दिया |

ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संबंध:

  • 1608 में, ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधि कैप्टन  विलियम हॉकिन्स, जहांगीर के दरबार में आया |
  • उसे 400 मनसाब दिया गया |
  • 1615 में, इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम का राजदूत सर थॉमस रॉय भी जहांगीर के दरबार में आया |

शाहजहां (1628-1658)

  • माता का नाम: जगत गोसाई / जोधा बाई (राजा जगत सिंह की पुत्री)
  • शाहजहां अपने पिता की मृत्यु के बाद 1628 में सिंहासन ग्रहण किया |
  • शाहजहां का अभ्युदय उसकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के कारण हुआ |
  • उसका अभ्युदय एक विद्रोह के परिणामस्वरूप हुआ यह विद्रोह उसे कंधार भेजे जाने के खिलाफ था |

दक्कन नीति:

  • अहमदनगर की सेना को हराकर उस पर कब्जा कर लिया |
  • बीजापुर और गोलकुंडा दोनों ने सम्राट के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए।
  • शाहजहां ने दक्कन में चार मुगल प्रांत बनाए खानदेश, बेरार, तेलंगाना और दौलताबाद |

विदेशियों द्वारा साम्राज्य का वर्णन

  • शाहजहां के शासन का वर्णन फ्रांसीसी यात्री बर्नियर और टैवेनरियर और इटली के यात्री निकोलि मनुची द्वारा किया गया है।
  • पीटर मुंडी ने शाहजहां के समय के दौरान पड़े अकाल का वर्णन भी किया |
  • कहा जाता है कि शाहजहां के शासनकाल में मुगल साम्राज्य अपने चरमोत्कर्ष पर था |
  • उसे अपने समय के दौरान कला, संस्कृति और वास्तुकला को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है।

Aurangazeb (1658-1707)

  • One of the ablest of the Mughal kings.
  • Alamgir (means world conqueror) was the name adopted by Aurangzeb when he became the Padushah.  
  • In first 10 years of his reign, he was with great success in military campaigns.
  • Minor revolts were suppressed but he faced serious difficulties in the later part of his reign like Jats, Satnamis and Sikhs revolted against him.

Deccan Policy:

  • Deccan policy stated by Akbar .
  • Akbar conquered Khandesh and Berar.
  • Jahangir fought against Malik Amber of Ahmednagar.
  • Aurangzeb (during Shah Jahan’s reign), as governor of Deccan, followed an aggressive Deccan policy.

Religious Policy:

  • Staunch and orthodox Muslim.
  • Wanted to transform India into an Islamic state.
  • Drinking was prohibited.
  • Bhang’s cultivation and use banned.
  • Forbade music and dancing in Mughal court.

Towards Hindu:

  • Banned construction of temples
  • Later destructed Hindu temples: Mathura and Banaras reduced to ruins
  • Reimposed Jaziya and pilgrim tax

Towards other Muslims sects:

  • Even not tolerant to other Muslim sects
  • Muharram celebration stopped.
  • Hatred against Shia faith led him to Deccan sultanate invasion.

Personality and character:

In Private life:

  • Hard working and disciplined ,
  • Learned and proficient in Arabic and Persian languages.
  • Lover of books, Devoted to religion.  

औरंगजेब (1658-1707)

  • योग्य मुगल राजाओं में से एक |
  • औरंगजेब जब बादशाह बना तो उसने आलमगीर(अर्थात् विश्व विजेता) का शीर्षक अपनाया |
  • अपने शासनकाल के पहले 10 वर्षों में, उसके सैन्य अभियान बहुत सफल थे |
  • उसने छोटे छोटे विद्रोहों को दबा दिया था परन्तु उसके बाद के शासन काल में उसे जाट,सतनामी,एवं सिक्खो ने उसका विरोध किया |

दक्कन नीति:

  • अक़बर ने दक्कन नीति का निर्माण किया |
  • अकबर ने खानदेश और बरार पर विजय प्राप्त की।
  • जहांगीर ने अहमदनगर के मलिक अंबर के खिलाफ युद्ध किया |
  • औरंगजेब (शाहजहां के शासनकाल के दौरान), जब वह दक्कन का गर्वनर था,तो उसने एक आक्रामक दक्कन  नीति का पालन किया।

धार्मिक नीति:

  • कट्टरपंथी और रूढ़िवादी मुस्लिम
  • भारत को एक इस्लामी राज्य में परिवर्तित करना चाहता था
  • शराब पर सख्त पाबंदी थी |
  • भांग की खेती और प्रयोग प्रतिबंधित थी ।
  • मुग़ल अदालत में संगीत और नृत्य पर पाबंदी थी |

हिंदुओं के प्रति व्यवहार

  • मंदिरों के निर्माण पर प्रतिबंधित लगाया |
  • बाद में हिन्दू मंदिरों को नष्ट भी किया :मथुरा और बनारस के मंदिर खंडहर बन गए |
  • जाजिया और तीर्थयात्री कर वापिस लगाया |

अन्य मुस्लिम संप्रदायों की ओर:

  • अन्य मुस्लिम संप्रदायों प्रति सहिष्णु नहीं था |
  • मुहर्रम उत्सव को बंद कर दिया
  • शिया मत के प्रति घृणा रखता था जिसके फलस्वरूप उसने दक्कन सल्तनत पर आक्रमण किया |

व्यक्तित्व और चरित्र:

निजी जीवन में:

  • कड़ी मेहनत और अनुशासित,
  • अरबी और फारसी भाषाओं का ज्ञाता एवं उनमे कुशल |
  • पुस्तकों का प्रेमी, धर्म के लिए समर्पित (सुन्नी इस्लाम)

Bahadur Shah I (1707-1712)

  • Original name: Muazzam
  • Title: Shah Alam I
  • First of the Mughal emperors to preside over an empire ravaged by uncontrollable revolts.

Jahandar Shah (1712-1713)

  • Ascended the throne with the help of Zulfiqar khan.
  • Abolished Jaziya.
  • Was an unpopular incompetent titular figurehead

Farrukhsiyar (1713-1719)

  • Ascended the throne with the help of Sayyid brothers- Abdullah Khan and Hussain Khan.
  • In 1717 he granted a Farman to the English EIC granting them duty-free trading rights in Bengal.

Muhammad Shah(1719-1748)

  • Got rid of the Syed Brothers.
  • Tried to counter the emergence of the Marathas but his empire disintegrated.

Ahmad Shah (1748-1754)

  • Ahmad Shah Abdali (General of Nadir Shah) marched towards Delhi and Mughals ceded punjab and Multan.

Alamgir II (1754-1759)

  • Ahmad Shah occupied Delhi.
  • Later, Delhi was plundered by Marathas.

Causes for the downfall of Mughals:

  • Factionalism among nobility after Aurangzeb
  • Jagirdari crisis
  • Growth of Maratha and other regional powers in Bengal, Hyderabad, Avadh, Mysore etc.
  • Religious policies of Aurangzeb.
  • Weak successors who were incompetent both  as administrators and generals.

बहादुर शाह प्रथम (1707-1712)

  • मूल नाम:मुअज्ज़म शाह
  • शीर्षक: शाह आलम I
  • पहला मुग़ल सम्राट जिसने अंनियंत्रित विद्रोहों वाले राज्य की सत्ता संभाली

जहांदार शाह (1712-1713)

  • जुल्फिकार खान की मदद से सिंहासन ग्रहण किया
  • जाजिया कर समाप्त किया |
  • एक अलोकप्रिय अक्षम शासक था |

फर्रुख़ सियर (1713-171 9)

  • सैय्यद बंधुओं -अब्दुल्ला खान और हुसैन खान की सहायता से सिंहासन प्राप्त किया |
  • 1717 में उसने ईस्ट इण्डिया कम्पनी को बंगाल में कर मुक्त व्यापार करने का फरमान सुनाया |

मुहम्मद शाह (1719-1748)

  • सैय्यद बंधुओं से मुक्ति दिलाई |
  • मराठों के उद्भव को रोकने की कोशिश की लेकिन साम्राज्य का विघटन हुआ।

अहमद शाह (1748-1754)

  • अहमद शाह अब्दाली (नादिर शाह का सेनापति) ने दिल्ली पर चढ़ाई की और मुगलों ने  पंजाब और मुल्तान को प्राप्त कर लिया |

आलमगीर द्वितीय (1754-1759)

  • अहमद शाह ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया
  • कुछ समय बाद , मराठों ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया |

मुगलों के पतन के लिए कारण:

  • औरंगजेब के बाद कुलीनों में समूह बन गए |
  • जागीरदारी संकट
  • बंगाल, हैदराबाद, अवध, मैसूर आदि में मराठा और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों का विकास
  • औरंगजेब की धार्मिक नीतियां
  • कमजोर उत्तराधिकारी जो प्रशासक और सेनापति दोनों के रूप में अक्षम थे।

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