UPSC Exam Preparation | History Study Material for IAS | UPSC Exam

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Religious Movements

Bhakti Movement

  • Bhakti was accepted as a means to attain moksha along with Jnana and Karma.
  • The development of this cult took place in South India when the Nayanars and Alwars moved against the austerities propagated by the Buddhist and Jain schools and professed that ultimate devotion to god was the means to salvation.
  • People were no longer satisfied with a religion which emphasized only ceremonies.

Main features of Bhakti movement:

  • Discarded ritual and sacrifices,
  • Emphasised purity of heart and mind, humanism and devotion
  • Monotheistic in nature
  • God has either form (Saguna) or be formless (Nirguna)
  • Knowledge was a constituent part

Bhakti Saints of South India

Sankara

  • 9th century: started a Hindu revivalist movement giving a new orientation to Hinduism.
  • Born: Kaladi in Kerala.
  • Gave doctrine of Advaita.

Ramanuja  

  • 12th century
  • Gave doctrine of Vishishtadvaita or qualified oneness in that the soul even when united with the Supreme God remained distinct.
  • Born: Sriperumbudur near modern Chennai.

Bhakti Saints of North India

  • In the 14th and 15th centuries, Ramanand, Kabir and Nanak remained great apostles of the Bhakti cult.  
  • They drew inspiration from old masters but showed a new path to attain salvation through Bhakti or pure devotion.

Mirabai:

  • Rajput princess married into the royal family of Mewar in the 16th century.
  • Mirabai became a disciple of Ravidas, a saint from a caste considered “untouchable”.

Tulsidas :

  • Tulsidas conceived of God in the form of Rama.
  • Tulsidas’s composition, the Ramcharitmanas, written in Awadhi , is important both as an expression of his devotion and as a literary work.  

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भक्ति आंदोलन

  • ज्ञान और कर्म के साथ मोक्ष को प्राप्त करने के लिए भक्ति को एक साधन के रूप में स्वीकार किया गया |
  • भक्ति आन्दोलन का आरम्भ दक्षिण भारत में आलवारों एवं नायनारों से हुआ , इन्होने बौद्ध एवं जैन धर्म के सम्प्रदाय द्वारा प्रचारित कठोर तपस्या के खिलाफ आवाज़ बुलंद की,जिनके अनुसार  परमात्मा के प्रति समर्पण ही मोक्ष का अंतिम साधन है |
  • लोग उस प्रकार के धर्म से  संतुष्ट नहीं थे,जिसमे केवल अनुष्ठानो पर ही बल दिया जाता था |

भक्ति आंदोलन की मुख्य विशेषताएं:-

  • कर्मकाण्डो और अनुष्ठानों का त्याग किया |
  • दिल और दिमाग की पवित्रता ,एवं मानवता तथा उपासना पर बल दिया
  • प्रकृति पूजा का प्रचलन |
  • या तो भगवान का कोई रूप है (सगुण) अथवा नहीं (निर्गुण)
  • ज्ञान एक संघटक भाग था |

दक्षिण भारत के भक्ति संत

शंकर

  • 9वीं शताब्दी: हिन्दू धर्म के लिए धार्मिक आंदोलन चलाकर इसे नई दिशा प्रदान की |
  • जन्म स्थान : कालडी (केरल)
  • अद्वैत वेदान्त का सिद्धांत दिया |

रामानुज

  • बारहवीं शताब्दी
  • विशिष्टाद्वैत (विशिष्ट+अद्वैत ) के मत का प्रतिपादन किया | इसके अनुसार यद्यपि जगत् और जीवात्मा दोनों कार्यतः ब्रह्म से भिन्न हैं फिर भी वे ब्रह्म से ही उदभूत हैं ,अतः ब्रह्म एक होने पर भी अनेक हैं |
  • इनका जन्म वर्तमान चेन्नई के निकट श्रीपेरंबदुर में हुआ |

उत्तर भारत के भक्ति संत

  • 14 वीं और 15 वीं शताब्दी में, रामानंद, कबीर और नानक भक्ति पंथ के महान प्रचारक थे |
  • इन्होने पूर्वर्ती प्रचारकों से भी प्रेरणा ली परन्तु मोक्ष पाने के लिए भक्ति मार्ग (सच्ची निष्ठा ) का मार्ग दिखाया |

मीराबाई:

  • ये राजपूत राजकुमारी थी जिनका विवाह 16 वीं शताब्दी में मेवाड़ के शाही परिवार में हुआ |
  • मिराबाई संत रविदास की शिष्या बन गई जिन्हे उस समय अछूत जाति का माना जाता था |

तुलसीदास:

  • तुलसीदास ने भगवान राम की पूजा पर बल दिया |
  • तुलसीदास की अवधी भाषा में रचित रामचरितमानस , उनकी भक्ति एवं साहित्यिक कृति को दर्शाती है |

Kabir (1440-1510)

  • Born: Banaras
  • Learnt Hinduism and Islam.
  • His objective was to reconcile Hindus and Muslims and establish harmony between the two sects.

Guru Nanak (1469-1539):

  • Founder of the Sikh religion and a disciple of Kabir.
  • Born: Talwandi near Lahore.
  • He denounced caste distinctions and rituals like bathing in holy rivers.

Importance of the Bhakti Movement

  • It provided an impetus for the development of regional languages such as Hindi, Marathi, Bengali, Kannada, etc.
  • Lower classes status was raised.
  • Gave equal importance to women.

Sufi Movement

Sufism:

  • Kind of a reform movement in Islam.
  • Sufism is an English word coined in the nineteenth century.
  • The word used for Sufism in Islamic texts is Tasawwuf.
  • Sufi word meaning has been interpreted differently by different historians.

Main features:

  • Organised in different Silsilas (orders).
  • Absorbed variety of ideas and practices from Hinduism, Christianity, Buddhism and Zorastrianiam.
  • Sufis aimed at service of mankind through spiritual self development

Methods of training the heart to unite with God:

  • Zikr (chanting of a name or sacred formula)  Contemplation Sama (singing)
  • Raqs (dancing)
  • Discussion of parables,  Breath control etc. Under the guidance of a master or pir

कबीर (1440-1510)

  • जन्म: बनारस
  • हिंदुत्व और इस्लाम का ज्ञान प्राप्त किया |
  • इनका उद्देश्य हिंदुओं और मुसलमानों में मेल मिलाप बढ़ाना तथा एवं दोनों समुदायों में सद्भाव की भावना को विकसित करना था |

गुरु नानक (1469 1539):

  • ये सिख धर्म के संस्थापक और कबीर के शिष्य थे |
  • इनका जन्म लाहौर क्र पास  तलवंडी में हुआ |
  • इन्होने जातिगत भेदभाव और कई प्रकार के अनुष्ठानों जैसे पवित्र नदियों में स्नान आदि की निंदा की |

भक्ति आंदोलन का महत्व

  • इसमें हिंदी, मराठी, बंगाली, कन्नड़, आदि जैसे क्षेत्रीय भाषाओं के विकास में योगदान दिया |
  • निम्न वर्ग की सामजिक स्थिति में वृद्धि हुई |
  • महिलाओं को समान महत्व दिया गया

सूफी आंदोलन

सूफी मत:

  • इस्लाम में सुधार आंदोलन का एक प्रकार |
  • सूफीवाद एक अंग्रेजी शब्द था जो उन्नीसवीं सदी में अस्तित्व में आया |
  • इस्लामिक ग्रंथों में सूफीवाद के लिए तसव्वुफ़ शब्द का उपयोग किया जाता है |
  • विभिन्न इतिहासकारों ने सूफीवाद का अलग अलग प्रकार से वर्णन किया है |

मुख्य विशेषताएं:

  • यह विभिन्न क्रमों में व्यवस्थित था |
  • हिंदू धर्म, ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म और पारसी धर्म से विचारों और प्रथाओं का अध्ययन किया |
  • सूफियों का उद्देश्य आध्यात्मिक आत्म विकास के द्वारा मानव जाति की सेवा करना है |

भगवान के साथ जुड़ने के लिए हृदय को  प्रशिक्षित करना :

  • ज़िक्र (भगवान का नाम लेना अथवा जाप करना), चिंतन साम (गायन) ,रक (नृत्य)
  • दृष्टांतों पर चर्चा, श्वास नियंत्रण आदि, गुरु अथवा पीर के मार्गदर्शन में किये जाते थे |

Silsilas

  • A genealogy of Sufi teachers
  • Each Sufi teacher follows a slightly different method (tariqa) of instruction and ritual practice.
  • Chishti Silsila  Founder:  Khwaja Muinuddin Chishti (1235)  
  • Place: Ajmer

The Chishti Silsilah

  • Established in India by Muinuddin Chishti who moved to India after the invasion of Muizzuddin Muhammad Ghori and subsequently to Ajmer in 1206.
  • The fame of Khwaja Moinuddin grew after his death in 1235.

The Suhrawardi Silsilah

  • Founded by Shihabuddin Suhrawardi in Baghdad.
  • Established in India by Bahauddin Zakariya who founded the Suhrawardi Order, based in Multan, which was under the control of Qubacha.

Naqshbandi Silsilah

  • Established by Khwaja Bahauddin Naqshbandi.
  • From the beginning the mystics of this Order stressed on the observance of the Shariat and denounced all innovations or biddat.

The Qadri Silsila

  • Popular in Punjab.
  • Sheikh Abdul Qadir and his sons were supporters of the Mughals under Akbar.
  • Famous Sufis: Miyan Mir who had enrolled the Mughal princess Jahanara and her brother Dara as disciples.

सिलसिला

  • सूफी गुरुओं की वंशावली
  • प्रत्येक सूफी गुरु की अनुदेशन एवं कर्मकांड का अपना तरीका होता था |
  • चिस्ती सिलसिला संस्थापक: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (1235)
  • स्थान :अजमेर

चिस्ती सिलसिलाह

  • इसकी स्थापना भारत में मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा की गई जो मोहम्मद गोरी के आक्रमण के बाद भारत में आया तथा उसके बाद 1206 में अजमेर में
  • ख्वाजा मोइनुद्दीन को उसकी मृत्यु के बाद 1235 में ख्याति प्राप्त हुई |

सुहरावर्दी सिलसिला

  • इसकी स्थापना शेख़ शिहाबुद्दीन उमर सुहरावर्दी ने बग़दाद में की थी
  • भारत में बहाउद्दीन जकारिया ने इसकी स्थापना की जिन्होंने सुहरावर्दी क्रम को व्यवस्थित किया जिसका केंद्र मुल्तान में था,जो क्यूबाचा के नियंत्रण में थी।

नक्शबंदी सिलसिला

  • इसकी स्थापना ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंदी द्वारा की गई थी |
  • इस सूफीवाद ने शरीयत के पालन पर जोर दिया एवं सभी प्रकार के नवाचारों की निंदा की |

कादरी सिलसिला

  • यह तत्कालीन पंजाब में लोकप्रिय था
  • शेख अब्दुल कादिर और उसके पुत्र मुगल शासक अकबर के अधीन थे |
  • प्रसिद्ध सूफी:  मियां मीर जिसने मुगल राजकुमारी जहां आरा एवं उसके भाई को अपना शिष्य बनाया|

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