Terrestrial Ecosystem Ecology Study Notes for UPSC IAS Exam

Terrestrial Ecosystem Ecology Study Notes for UPSC IAS Exam

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Terrestrial Ecosystem Ecology Study Notes for UPSC IAS Exam

Introduction/परिचय 

  • Terrestrial ecosystems are the ecosystems which occur in land./स्थलीय पारितंत्र वैसे पारितंत्र होते हैं जो स्थल पर पाए जाते हैं |
  • There are many types of terrestrial ecosystem./स्थलीय पारितंत्र के कई प्रकार हैं
  • Terrestrial ecosystem can be distinguished from marine and freshwater ecosystem which occur under water./स्थलीय पारितंत्र को समुद्री तथा अलवणजलीय पारितंत्र, जो जल निकायों में पाए जाते हैं से अलग किया जा सकता है |

Tupes/प्रकार :

TUNDRA/टुंड्रा

Tundra stands for barren land so they are found in very severe environmental conditions./टुंड्रा शब्द का अर्थ है बंजर भूमि अतः ये ऐसी जगह पाए जाते हैं जहाँ पर्यावरणीय दशाएं कठिन होती है|

  1. Arctic tundra/आर्कटिक टुंड्रा
  2. Alpine tundra/अल्पाइन टुंड्रा

Distribution/वितरण :

Arctic tundra extends below the polar ice caps and above the treeline in northern hemisphere./आर्कटिक टुंड्रा उत्तरी गोलार्ध में वृक्ष सीमा के ऊपर ध्रुवीय हिम आवरण के नीचे एक सतत पट्टी के नीचे फैला हुआ है |

Alpine tundra occurs at high mountains./अल्पाइन टुंड्रा उच्च पर्वतों पर अवस्थित हैं |

Flora and fauna: Typical vegetation of arctic tundra is cotton grass, sedges, dwarf heath, willows and birches. Animals of tundra are reindeer, musk ox, arctic hare, caribou, lemmings and squirrel./पादप और प्राणिजात : आर्कटिक टुंड्रा की प्रारूपिक वनस्पति कपास घास, नरकट, बौनी हीथ, विलोज़, बिरचेज़ है |टुंड्रा प्रदेश के जंतुओं में रेण्डियर, कस्तूरी बैल, आर्कटिक खरगोश, केरिबोस, लेमिंग व गिलहरी आदि शामिल है |

  • Most of the animals have long life and they are protected from chillness by thick cuticle and epidermal hair./अधिकतर जंतु का जीवन काल लम्बा होता है और सर्दियों से बचाव हेतु इनके शरीर पर मोटी उपत्वचा और एपिडर्मल रोम पाए जाते हैं |
  • Mammals are characterised by large body size, small tail and ear to escape heat loss from body surface./स्तनधारियों के शरीर का आकार बहुत बड़ा और पूँछ तथा कर्ण का आकार बहुत छोटा होता है ताकि सतह से ऊष्मा की हानि को रोका जा सके |
  • Body is covered with fur for insulation./तापरोधन के लिए उनका शरीर फर से ढंका रहता है |
  • Insects have short life spans which they complete during favourable period of the year./कीटों का जीवन चक्र अल्प होता है जोकि वर्ष के अनुकूल अवधि में पूर्ण होता है |

Forest Ecosystem /वन पारितंत्र :

The nature of the soil, climate and topography are the factors which determine the distribution and abundance of trees in forest vegetation./मृदा, जलवायु  तथा भौगोलिक स्थिति का स्वरुप वो कारक हैं जो जंगल वनस्पति में वृक्षों की वितरण तथा प्रचुरता को निर्धारित करते हैं |

  • Forest may be evergreen or deciduous/वन सदाबहार या पर्णपाती होते हैं |
  • On the basis of leaves, forests are broad leafed and needle leafed./पत्तेदार और नुकीले पत्ते वाले |
  • Forest ecosystem includes a complex assemblage of different biotic communities./वन पारिस्थितिकी तंत्र में विभिन्न जैविक समुदायों का एक जटिल संयोजन शामिल है |
  • Forest ecosystem is classified into three categories-coniferous, temperate and tropical./वन पारिस्थितिकी तंत्र को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है – शंकुशीय, शीतोष्ण तथा उष्णकटिबंधीय|

Coniferous Forest/शंकुशीय वन :

  • Cold regions with high rainfall, strong seasonal climates with long winters and short summers are characterised by boreal coniferous forest./अधिक वर्षा वाले ठंडे क्षेत्र, लम्बी सर्दियों एवं छोटी गर्मियों के साथ मजबूत मौसमी जलवायु वाले क्षेत्रों को उत्तरी शंकुशीय वन के द्वारा वर्णित किया जाता है |
  • Light coloured acidic soil of coniferous forest is called podzol. Soils are low in mineral content, organic material and number of invertebrates like earthworm./शंकुशीय वन की हलकी रंग वाली अम्लीय मिट्टी को पोजोल कहा जाता है | मिट्टी में खनिज पदार्थ, जैविक पदार्थ, तथा केंचुओं जैसे अकशेरुकी की संख्या कम होती है |
  • Evergreen plant species like spruce, fir and pine trees and animals such as lynx, wolf, bear, red fox, porcupine etc are seen./सदाबहार वृक्ष प्रजातियाँ जैसे सजाने वाले वृक्ष,चीड़, देवदार, तथा  वनबिलाव, भेड़िया, भालू, लाल लोमड़ी, साही आदि जैसे जानवर देखे जाते हैं | 

Temperate Deciduous Forest/शीतोष्ण पर्णपाती वन :

They are characterised by moderate climate and broad leafed deciduous trees./उन्हें नरम जलवायु तथा बड़े पर्णपाती पेड़ों के द्वारा वर्णित किया जाता है |

  • Soil is podzolic/राख वाली मिट्टी पायी जाती है |

Temperate Evergreen Forest/शीतोष्ण सदाबहार वन

Mediterranean type climate is characterised by warm, dry summers and cool, moist winters./भूमध्यसागरीय जलवायु जिसका चित्रण गर्म, शुष्क गर्मियों तथा आर्द्र , ठंडी सर्दियों के द्वारा किया जाता है |

Plants are adapted to regenerate quickly after being burnt as fire is the most important hazardous factor./जलने के बाद पौधे तुरंत पुनर्जन्म लेने के लिए अनुकूलित होते हैं क्योंकि यहाँ आग सबसे खतरनाक कारक है |

Temperate Rain Forest/शीतोष्ण वर्षा वन 

  • Seasonal variation with respect to temperature and rainfall is seen./बारिश एवं तापमान के सम्बन्ध में मौसमी विविधता देखि जाती है |
  • Rainfall is high and fog may be very heavy. It is more important source of water than rainfall./वर्षा अधिक होती है, कोहरा काफी घना हो सकता है | यह बारिश की तुलना में पानी का अधिक महत्वपूर्ण स्त्रोत है |
  • Biotic diversity of temperate rain forest is higher than temperate forest and lower than tropical rainforest./शीतोष्ण वर्षा वन की जैव विविधता  शीतोष्ण वन से अधिक होती है तथा उष्णकटिबंधीय वर्षा वन की तुलना में कम होती है |

Tropical Rain Forest/उष्णकटिबंधीय वर्षा वन

  • Occur near equator./भूमध्य रेखा के पास पाया जाता है |
  • They are the most diverse and rich Communities. /वे सर्वाधिक विविधता वाले तथा संपन्न जैव समुदायों वाले वन होते हैं |
  • Annual rainfall exceeds 200 cm and is generally distributed throughout the year./वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक होती है तथा सामान्यतः सालों भर बारिश होते रहती है |
  • Soil are red latosols, and they are very thick./मिट्टी लाल लैटोसोल होती है, जो बहुत मोटी होती है |
  • High rate of leaching  makes soil useless for agricultural purpose./निक्षालन की दर मिट्टी को कृषि सम्बन्धी उद्देश्यों के लिए अनुपयोगी बनाती है |
  • Vertical stratification is seen with tall trees which are often covered with vines, creepers, lianas, epiphytes etc./लताओं, बेलों, अधिपादपों आदि से ढकी लम्बे वृक्षों के साथ ऊर्ध्वाधर स्तरीकरण देखा जाता है |
  • Lowest layer is formed by an understory of trees, shrubs, herbs, like ferns and palms./निचली परत वृक्षों, औषधीय पौधों, जैसे फ़र्न एवं ताड़ के अवतरण से निर्मित होता है |

Tropical Seasonal Forest/उष्णकटिबंधीय मौसमी वन –

  • Also known as monsoon forest, it occurs in regions with higher total annual rainfall./इसे मानसून वन के रूप में भी जाना जाता है, ये उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ कुल वार्षिक वर्षा अधिक होती है |
  • Found in southeast asia, south america, northern australia, western africa etc./ये वन दक्षिण पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया, पश्चिमी अफ्रीका आदि में पाए जाते हैं |

Subtropical Rain Forests/उपोष्णकटिबंधीय वर्षा वन :

They are found in regions with high rainfall and less temperature difference between winter and summer./वे अधिक वर्षा तथा गर्मी एवं शीत ऋतू के तापमान में कम अंतर  वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं |

  • Epiphytes are common/अधिपादम सामान्य रूप से देखे जाते हैं |
  • Animals are similar to tropical rainforest/पाए जाने वाले जीव-जंतु उष्णकटिबंधीय वर्षा वन के सामान होते हैं |

Indian Forests Types /भारतीय वनों के प्रकार

  • India has a diverse range of forests./भारत में वनों की एक विविध श्रृंखला पायी जाती है|
  • Climate, soil type, topography, and elevation are main factors which determine the type of forest./वनों के प्रकार को निर्धारित करने वाले प्रमुख कारक जलवायु, मिट्टी का प्रकार, स्थलाकृति तथा ऊंचाई हैं|
  • Forests vary according to their nature and composition, type of climate in which they thrive, and its relationship with surrounding environment./वन अपनी प्रकृति तथा बनावट, जहाँ वे पनपते हैं वहां की जलवायु का प्रकार, तथा आसपास के पर्यावरण से इसके सम्बन्ध के अनुसार एक दूसरे से अलग होते हैं |
  • Forests in india are classified into 16 types by champion and seth./चैंपियन एवं सेठ ने भारत में वनों को 16 प्रकारों में वर्गीकृत किया है |

Tropical Wet Evergreen Forest/उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन

Found along western ghats, andaman and nicobar islands and along north-eastern regions./पश्चिमी घाटों के किनारे, अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में पाया जाता है |

  • Characterised by tall, straight, evergreen trees/इसकी विशेषता लम्बे, सीधे, सदाबहार वृक्ष हैं |
  • Most common trees are jackfruit, betel nut palm, jamun, mango etc./सबसे सामान्य वृक्षों में कटहल, सुपाड़ी, जामुन, आम आदि के वृक्ष शामिल हैं |  
  • Shrubs cover the layer closer to the ground, followed by short trees and then are taller./भूमि के निकट की परत झाड़ियों से ढकी होती है | उसके बाद छोटे वृक्ष तथा तब ऊँचे वृक्ष आते हैं |

Tropical Semi-Evergreen Forests/उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन –

  • Location- Andaman and Nicobar islands, Western Ghats and Eastern Himalayas/स्थान- अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, पश्चिमी घाट तथा पूर्वी हिमालयी क्षेत्र |
  • They consist of a mixture of wet evergreen trees and moist deciduous trees./उनमें आर्द्र सदाबहार वन तथा आर्द्र पर्णपाती वनों का मिश्रण सम्मिलित  है |

Tropical Moist Deciduous Forest/उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन

  • Location- found throughout India except in western and north- western regions./स्थान- पूरे भारत में पाए जाते हैं सिवाय पश्चिमी तथा उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के |
  • Tall trees with broad branching trunk and roots to hold them firmly to the ground./चौड़ी शाखाओं तथा उन्हें भूमि से मजबूती से जोड़े रखने वाले जड़ों वाले  ऊँचे वृक्ष |
  • Shorter trees and evergreen shrubs form lower layer./छोटे वृक्ष तथा सदाबहार झाड़ियाँ निचली परत का निर्माण करते हैं |
  • Dominant vegetation- sal and teak, mango, bamboo and rosewood./प्रमुख वनस्पतियाँ – साल तथा सागौन, आम, बांस, तथा शीशम |

Littoral and Swamp/वेलांचली तथा दलदली वन

  • Location- Andaman and Nicobar islands and along delta area of the Ganga and Brahmaputra./स्थान – अंडमान एवं निकोबार द्वीप, तथा गंगा एवं ब्रह्मपुत्र के डेल्टा क्षेत्र में |
  • Their roots consist of soft tissue so that the plants can respire in the water. /उनकी जड़ों में मुलायम उत्तक होते हैं ताकि पौधे पानी में श्वसन कर सकें |

Tropical Dry Deciduous Forest/उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन

  • Found throughout the northern part of the country except in north-east./उत्तर-पूर्व को छोड़कर देश के समूचे उत्तरी भाग में ये वन पाए जाते हैं |
  • Also found in Madhya Pradesh, Gujarat, Andhra Pradesh, Karnataka and Tamil Nadu./मध्य प्रदेश, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा तमिलनाडु में भी ये वन पाए जाते हैं |

Tropical Thorn Forest/उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन

  • Found in areas with black soil/काली मिट्टी वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं |
  • Trees do not grow beyond 10 meters./वृक्ष 10 मीटर से अधिक ऊपर नहीं बढ़ते हैं |

Tropical Dry Evergreen Forest/उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार वन

  • Location- Tamil Nadu, Andhra Pradesh and Karnataka coast./स्थान- तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तथा कर्नाटक तट |
  • Mainly hard leaved and trees are evergreen with fragrant flowers, along with a few deciduous trees./सुगन्धित पुष्पों के साथ मुख्यतः कड़े पत्तों वाले सदाबहार वृक्ष जिसमें कुछ पर्णपाती वृक्ष भी होते हैं |

Importance of Forests/वनों का महत्त्व –

  • Purify air/वायु को शुद्ध करते हैं |
  • Prevent floods and soil erosion/बाढ़ तथा मृदा अपरदन से बचाते हैं |
  • Provide medicinal properties, fuel, timber, raw materials for industry/औषधीय संपत्ति, ईंधन, तथा लकड़ी, एवं उद्योगों के लिए कच्चे माल प्रदान करते हैं |
  • Indirect a role in precipitation./वर्षा में अप्रत्यक्ष रूप से इनकी भूमिका होती है|

Deforestation/वनों की कटाई :-

  • Deforestation is the permanent destruction of forest in order to make it useful for other purposes like urbanization, industrialisation, mining operations etc./निर्वनीकरण वनों को अन्य उद्देश्यों जैसे शहरीकरण, औद्योगीकरण, खनन कार्यों आदि के लिए उपयोगी बनाने के क्रम में, वनों के स्थायी विनाश की प्रक्रिया है |

Effects of deforestation/वनों की कटाई के परिणाम

  • Loss of biodiversity,/जैव विविधता का नुकसान
  • Soil erosion and desertification in extreme cases,/मृदा अपरदन एवं गंभीर मामलों में भूमि का बंजर होना |
  • Disturbed water cycle,/अशांत जल चक्र
  • Increased carbon dioxide concentration in atmosphere./वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के संग्रहण में वृद्धि  |
  • Almost 40% forests have been lost in the tropics and 1% in temperate region./कटिबन्धों में लगभग 40 प्रतिशत तथा शीतोष्ण क्षेत्र में 1 प्रतिशत वन लुप्त हो चुके हैं |
  • At the beginning of 20th century, forests covered about 30% of land in India. By the end of 20th century, it shrunk to 19.4%/20वी शताब्दी की शुरुआत में, भारत की 30 प्रतिशत भूमि पर वन थे | 20 वी शताब्दी के अंत तक, ये सिकुड़कर 19.4 प्रतिशत पर रह गए |

 

Terrestrial Ecosystem Ecology

Causes/कारण –

SHIFTING CULTIVATION/ SLASH AND BURN AGRICULTURE/स्थानांतरणशील कृषि /झूम खेती –

  • A piece of land is cleared, vegetation is burned and ash is mixed in soil which acts as fertiliser./भूमि का एक टुकड़ा साफ़ किया जाता है, वनस्पतियाँ जला दी जाती हैं तथा राख मिट्टी में मिल जाती है जो उर्वरक के रूप में काम करती है |
  • This land is then used for agricultural purpose for two to three times or sometimes for grazing cattles./इस भूमि को फिर दो या तीन बार  कृषि के लिए इस्तेमाल किया जाता है तथा कभी कभी पशुओं को चराने के लिए |
  • Then the farmers move to other areas and repeat the process./उसके बाद किसान अन्य क्षेत्रों को चले जाते हैं तथा इसी प्रक्रिया को दोहराते हैं |

DEVELOPMENTAL PROJECTS/विकास योजनायें

Many projects like hydroelectric projects, large dams and reservoirs, laying of railway lines etc leads to immense deforestation./कई परियोजनाएं जैसे पनबिजली परियोजनाएं, बड़े बाँध एवं जलाशय, रेल पटरियों का बिछना, आदि के परिणाम वनों की अत्यधिक कटाई के रूप में सामने आते हैं |

FUEL REQUIREMENTS/ईंधन की आवश्यकताएं

RAW MATERIAL REQUIREMENTS/कच्चे माल की जरूरतें

Industries obtain their raw material from plants like drugs, scents, perfumes, resin, gums, waxes, turpentine, latex and rubber, tannins, alkaloids, bee wax etc./उद्योग अपने कच्चे माल जैसे औषधि, खुशबू तथा इत्र, राल, गोंद, मोम, तारपीन का तेल, वनस्पति-दूध तथा रबड़, क्षाराभ, मधुमक्खी मोम आदि  पौधों से प्राप्त करते हैं |

Wood is also used as raw material for making paper, plywood, furniture, match sticks etc./कागज़, लकड़ी, फर्नीचर, माचिस की तीलियाँ आदि बनाने में भी कच्चे माल के रूप में लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है |

OTHER CAUSES/अन्य कारण

Overgrazing, agriculture, mining, urbanisation, flood, fire etc./अत्यधिक चारण , कृषि, खनन, शहरीकरण, बाढ़, आग आदि |

Terrestrial Ecosystem Ecology

Economic Importance of Grasslands/घास स्थलों का आर्थिक महत्व

  • India teems with animals of all shapes and sizes from the buffaloes to sheeps and there are millions of them./भारत में भैंसों से लेकर हिरण तक सभी आकार एवं रूप के जानवर बहुतायत मात्रा में पाए जाते है और उनकी संख्या लाखों में है |
  • The livestock wealth plays a crucial role in Indian life. It is a major source of fuel, draught power, nutrition and raw material for village industries./भारतीय जीवन में पशुधन संपत्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती  हैं | यह ईंधन, वाहक शक्ति , पोषण, तथा ग्रामीण उद्योगों के लिए कच्चे माल का प्रमुख स्रोत है |
  • But only about 13 million hectares in the country are classified as permanent grazing lands. On top of it, they exist in a highly degraded state./किंतु देश में केवल 1.3 करोड़ हेक्टेयर भूमि ही स्थायी चारण भूमि के रूप में चिन्हित की गयी है | इसके ऊपर, वे बेहद तुच्छ अवस्था में रहते हैं|
  • Grassland biomes are important to maintain the population of many domesticated and wild herbivores./कई घरेलु तथा जंगली शाकाहारी जंतुओं की जनसंख्या बनाए रखने के लिए घास स्थल बायोम  महत्वपूर्ण है |

 

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