Supreme Court Important Terms | Polity Notes | UPSC IAS Exam

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Supreme Court Important Terms | Polity Notes | UPSC IAS Exam

The Supreme Court:-

Art. 124-147 in Part V of the Constitution deals with the Supreme Court./संविधान के भाग V में अनुच्छेद 124-147 उच्चतम न्यायालय से सम्बंधित है |

The Supreme Court/उच्चतम न्यायालय:

Art. 124 provides for the establishment and constitution of Supreme Court of India./अनुच्छेद 124 भारत के उच्चतम न्यायालय की स्थापना एवं गठन को प्रदान  करता है|

Art. 124(1)/अनुच्छेद 124(1):

“There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a large number, of not more than 7 other Judges.”/“भारत का एक उच्चतम न्यायालय होगा जो भारत के मुख्य न्यायमूर्ति एवं, जबतक संसद विधि द्वारा अधिक संख्या प्राप्त नहीं करती , तबतक 7 से अनधिक न्यायाधीशों से मिलकर बनेगा|”

The Parliament can increase the number of judges, if it is necessary./यदि यह आवश्यक हो तो, संसद न्यायाधीशों की संख्या बढ़ा सकती है|

The sanctioned strength of the judges is 31, consisting of Chief Justice and 30 other judges./न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 31है, जिसमे मुख्य न्यायाधीश तथा तीस अन्य न्यायाधीश शामिल हैं|

Appointment of Judges:-

Appointment of Judges(Art. 124)/न्यायाधीशों की नियुक्ति ( अनुच्छेद 124)

  1. The Chief Justice and other judges of the Supreme Court are appointed by the President of India./उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है|
  2. In appointment of the Chief Justice, the President is constitutionally required to consult such other judges of the Supreme Court as he deems proper, but outgoing Chief Justice is always consulted./मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति में राष्ट्रपति को संवैधानिक रूप से ऐसे अन्य न्यायाधीशों से परामर्श लेना आवश्यक है जिन्हें वह इस प्रयोजन के लिए उचित मानता है, किन्तु निवर्तमान मुख्या न्यायाधीश से हमेशा सलाह लिया जाता है|
  3. Generally, the senior most judge of the Supreme Court is appointed as the Chief Justice of India (but no such constitutional provision)./साधारणतः उच्चतम न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में होती है|( किन्तु ऐसा कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है|)
  4. The other judges of the Supreme Court are appointed by the President in consultation with the Chief Justice and such other judges of the Supreme Court and the High Court, as he deems necessary. The consultation with the Chief Justice is mandatory in the case of appointment of other judges./उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के ऐसे न्यायाधीश, जिन्हें वह इस प्रयोजन के लिए आवश्यक समझता है, के परामर्श पर होती है| अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की स्थिति में मुख्या न्यायाधीश से परामर्श लेना अनिवार्य है|
  5. On basis of a ruling of Second Judges Case and Third Judges Case, whenever there is a vacancy or a likely vacancy in the Supreme Court, a Collegium of Judges comprising of the Chief Justice and 4 other senior most judges , recommends the names of the persons to be appointed as judges of Supreme Court. The President now performs formality of appointing them./दूसरे न्यायाधीशों और तीसरे न्यायाधीशों के मामले के फैसले के आधार पर, जब भी सुप्रीम कोर्ट में रिक्ति या रिक्ति होती है, मुख्य न्यायाधीश और  न्यायाधीशों का एक कॉलेजियम, जिसमे 4 अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल रहते हैं, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त किए जाने वाले व्यक्तियों के नामों की सिफारिश करता है | राष्ट्रपति तब उन्हें नियुक्त करने की औपचारिकता करता है।

Qualifications of Judges:-

Qualifications of Judges of the Supreme Court/उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए योग्यताएं :-

  1. He must be a citizen of India/वह भारत का नागरिक हो|
  2. He has been a Judge of a High Court or 2 or more such courts in succession for at least 5 years./किसी उच्च न्यायालय का या ऐसे दो या अधिक न्यायालयों का लगातार कम से कम 5 वर्ष तक न्यायाधीश रहा हो|
  3. He has been an Advocate of a High Court or one or more such courts in succession for at least 10 years./किसी उच्च न्यायालय या ऐसे दो या अधिक न्यायालयों का लगातार कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो|
  4. He should be a distinguished jurist in the opinion of the President./वह राष्ट्रपति की राय में पारंगत विधिवेत्ता है|

Tenure and Removal of Judges:-

Tenure and removal of the Judges of Supreme Court/उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों का कार्यकाल एवं उनका हटाया जाना :-

  1. He holds office until he attains the age of 65 years./वह 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक पद पर बना रहता है|
  2. He can resign his office by writing to the President./वह राष्ट्रपति को त्यागपत्र देकर  कर अपना पद त्याग सकता है|
  3. He can be removed from his office by an order of the President, passed after an address by each House of the Parliament supported by a majority of total membership of the House and not less than two-third majority of the members of each House present and voting, passed in the same session. The ground for such removal can be “proved misbehaviour or incapacity”./उसे संसद के प्रत्येक सदन के द्वारा अपनी कुल संख्या के बहुमत द्वारा तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई बहुमत द्वारा समर्थित समावेदन , राष्ट्रपति के समक्ष उसी सत्र में पारित कर, , राष्ट्रपति के आदेश द्वारा हटाया जा सकता है|ऐसे निष्कासन का आधार “साबित हो चुका कदाचार तथा असमर्थता हो सकता है |”
  4. Under Art. 124(5), Parliament may by law regulate the procedure for the removal of the judges of the Supreme Court. Parliament has passed Judges (Inquiry) Act, 1968./अनुच्छेद 124(5) के अधीन, संसद उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाये जाने की प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन कर सकेगी| संसद ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 पारित किया है|

Judges (Inquiry) Act, 1968/न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968:

It regulates the procedure related to the removal of a Judge of Supreme Court/यह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाये जाने से सम्बंधित  प्रक्रिया का विनियमन करता है:

  1. A removal motion addressed to the President signed by at least 100 members of the Lok Sabha or 50 members of the Rajya Sabha is given to the Speaker or the Chairman./लोकसभा के कम से कम 100 अथवा राज्यसभा के 50 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित एवं राष्ट्रपति को संबोधित निष्कासन प्रस्ताव सभापति अथवा अध्यक्ष को दिया जाता है|
  2. The motion is investigated by a Committee of 3 ,the chief justice or a judge of Supreme Court, a Chief Justice of a High Court and a distinguished jurist./प्रस्ताव की जांच एक तीन सदस्यीय समिति जिसमे उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा न्यायाधीश , उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा एक विशिष्ट न्यायविद शामिल होते हैं, के द्वारा की जाती है|
  3. If the Committee finds the Judge guilty of misbehaviour or that he suffers from incapacity, then the motion for removal of the judge along with the report of the Committee is taken up for consideration in the House where the motion is pending./यदि समिति न्यायाधीश को कदाचार अथवा अक्षमता का दोषी पाती है तब समिति की रिपोर्ट के साथ निष्कासन प्रस्ताव को सदन में विचार के लिए लाया जाता है जहाँ प्रस्ताव लंबित है|
  4. If the motion is passed in each House by majority of the total membership of that House and by a majority of not less than two-thirds of that House present and voting the address is presented to the President./यदि प्रस्ताव प्रत्येक सदन में उस सदन की कुल सदस्यता के बहुमत द्वारा तथा कम से कम दो तिहाई उपस्थित एवं मत डालने वाले सदस्यों के द्वारा बहुमत से पारित किया जाता है तो इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है|
  5. The Judge is removed after the President gives his order for removal on the said address./न्यायाधीश को राष्ट्रपति के संबोधित आदेश के बाद हटा दिया जाता है|

Salary And Allowances/वेतन एवं भत्ते :-

  1. The salary of Chief Justice of India is 1,00,000 per month and salary of other judges of Supreme Court is 90,000 per month./भारत के मुख्य न्यायाधीश का वेतन 1,00,000 रुपये प्रतिमाह होता है तथा उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों का वेतन 90,000 रुपये प्रतिमाह होता है|
  2. They are also paid sumptuary allowance and provided with free accommodation and other facilities like medical, car, telephone etc./उन्हें व्यय-विषयक भत्ते भी भुगतान किये जाते हैं तथा मुफ्त निवास एवं अन्य सुविधाएं जैसे स्वास्थ्य, कार , टेलीफ़ोन इत्यादि प्रदान की जाती हैं|
  3. The retired Chief Justice and judges are entitled to 50% of their last drawn salary as monthly pension./सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों को उन्हें अंतिम बार भुगतान किये गए वेतन का 50प्रतिशत  मासिक पेंशन के तौर पर दिया जाता है|

Oath or Affirmation/शपथ या प्रतिज्ञान :

Under Art. 124(6), a person appointed as a Supreme Court Judge, before entering upon his office takes an oath before the President or some person appointed by him “to bear true faith and allegiance to the Constitution of India”./अनुच्छेद 124(6) के तहत एक व्यक्ति जिसकी नियुक्ति उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में हुई है, अपना पद धारण करने से पहले राष्ट्रपति,  या उसके द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष “ भारत के संविधान के प्रति सच्चे विश्वास एवं निष्ठा” की शपथ लेता है||

Seat of the Supreme Court/उच्चतम न्यायालय का स्थान :

The Supreme Court shall sit in Delhi or, in such place or places, as the Chief Justice of India may with the approval of the President, appoint./उच्चतम न्यायालय दिल्ली में अथवा ऐसे किसी स्थान या स्थानों में अधिविष्ट होगा जिसे भारत का मुख्य न्यायाधीश , राष्ट्रपति की सहमती से चयनित करे |

Appointment of Acting Chief Justice/कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति :

The President can appoint a judge of the Supreme Court as an acting Chief Justice of India when/राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को भारत के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त कर सकता है, जब :-

  1. The office of Chief Justice of India is vacant./जब मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो|
  2. The Chief Justice of India is temporarily absent./जब भारत का मुख्य न्यायाधीश कुछ समय के लिए अनुपस्थित हो|
  3. The Chief Justice of India is unable to perform the duties of his office./जब भारत का मुख्य न्यायाधीश अपने पद के कर्तव्यों को पूरा करने में असमर्थ हो|

Appointment of Ad Hoc Judges/तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति :

  1. When there is a lack of quorum of the Judges of the Supreme Court to hold or continue any session in the Court, the Chief Justice of India can appoint a judge of a High Court as an ad hoc judge of the Supreme Court./यदि किसी समय उच्चतम न्यायालय के सत्र को आयोजित करने अथवा चालु रखने के लिए न्यायाधीशों के गणपूर्ति की कमी हो, भारत का मुख्य न्यायाधीश  किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय के तदर्थ न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त कर सकता है|
  2. He can do so only after consulting Chief Justice of high court concerned and with the previous consent of the President./वह  उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श एवं राष्ट्रपति की पूर्व सहमती से ही ऐसा कर सकता है|
  3. The Judge so appointed should be qualified to be appointed as a Judge of Supreme Court./जिस न्यायाधीश की नियुक्ति की गयी है उसमे उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यताएं होनी चाहिए|

The Supreme Court:-

Art. 128/अनुच्छेद 128:

Attendance of retired Judges at sittings of the Supreme Court/उच्चतम न्यायालयों की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति :

The Chief Justice of India with the previous consent of the President may request a retired Judge of the Supreme Court or Federal Court or a retired Judge of High Court who is duly qualified to be appointed as a Judge of the Supreme Court to act as a Judge of the Supreme Court. Such a Judge is entitled to allowances, determined by the President./राष्ट्रपति की पूर्व सहमती से भारत का मुख्य न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय या फ़ेडरल न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश  से, जो की उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए पूर्णतः योग्य है, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर कार्य करने के लिए अनुरोध कर सकता है| ऐसे न्यायाधीश के भत्ते राष्ट्रपति के द्वारा निर्धारित होते हैं|

Powers and Functions of Chief Justice of India/भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्य एवं शक्तियां :

  1. It is mandatory for the President to consult the Chief Justice in appointment of Judges of Supreme Court and the High Courts./उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति में राष्ट्रपति द्वारा मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लेना अनिवार्य है|
  2. He administers the oath of office to the President or any person acting as the President./वह राष्ट्रपति अथवा वह व्यक्ति जो राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहा है, को पद की शपथ दिलाता है|
  3. When there is a vacancy in the office of Vice-President, he performs his duties./जब उप-राष्ट्रपति का पद खाली हो, वह उसके कर्तव्यों का निर्वहन करता है|
  4. Under Art. 258, in the event of a dispute between the Centre and a State regarding amount to be paid by the Centre to the State, the matter shall be decided by an arbitrator appointed by the Chief Justice of India./अनुच्छेद 258 के तहत राज्य तथा केंद्र के बीच केंद्र द्वारा राज्य को  दी जाने वाली राशि से सम्बंधित विवाद की स्थिति में, मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त पंच द्वारा तय किया जायेगा|
  5. When President asks him to inquire the charges of misbehaviour against a member of Public Service Commission, he appoints a Judge and submits a report to the President./जब राष्ट्रपति उसे लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य पर लगे कदाचार के आरोपों की जांच करने को कहता है, तो वह एक न्यायाधीश की नियुक्ति करता है और रिपोर्ट को राष्ट्रपति को सौंपता है|
  6. His consent is required before initiation of criminal proceedings against a Judge of the Supreme Court or High Court./उच्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश पर आपराधिक मुकदमा शुरू करने से पहले मुख्य न्यायाधीश की सहमति आवश्यक है|
  7. When a resolution for the removal of a Judge of the Supreme Court or High Court is under consideration, the presiding officer of the House of Parliament constitutes a Committee of 3 Judges to investigate the alleged charges in consultation with him./जब उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाने हेतु विचार के लिए प्रस्ताव रखा जाता है, संसद के सदन का अध्यक्ष अथवा सभापति लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए  मुख्य न्यायाधीश के साथ 3 न्यायाधीशों की एक समिति का गठन करता है|
  8. He allocates work among the Judges of Supreme Court./वह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के बीच कार्य आवंटित करता है|

Independence of Supreme Court/उच्चतम न्यायालय की स्वतंत्रता :

  1. The appointment of Judges other than Chief Justice of India is made by the President in consultation with Chief Justice of India and other 4 senior most Judges of Supreme Court to avoid any interference of Executive./भारत के मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं 4 अन्य सर्वाधिक वरिष्ठ न्यायाधीशों की परामर्श पर की जाती है ताकि कार्यपालिका की दखलंदाजी से बचा जा सके|
  2. The Supreme Court has the power to punish any person for the Contempt of Court./न्यायालय का उल्लंघन करने पर उच्चतम न्यायालय के पास किसी भी व्यक्ति को दण्डित करने का अधिकार है|
  3. They enjoy security of tenure. They can only be removed on the grounds of proven misbehaviour or incapacity./वे सुरक्षित कार्यकाल का आनंद उठाते हैं| उन्हें साबित हो चुके कदाचार या अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है|
  4. After retirement, a person who held office as a Judge of Supreme Court is prohibited from practicing or acting as a Judge in any court except when he is appointed as an ad hoc Judge by the Chief Justice of India./सेवानिवृत्ति के बाद , एक व्यक्ति जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका है, अभ्यास करने तथा किसी भी न्यायालय में न्यायाधीश के तौर पर कार्य करने से रोक दिया जाता है सिवाय तब जब उसकी नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा तदर्थ न्यायाधीश के रूप में की गयी हो |
  5. The salaries and allowances of the Judges of the Supreme Court are charged on the Consolidated Fund of India and are not subject to the vote of the Parliament. Salary and allowances cannot be varied to their disadvantage except during a financial emergency./उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन एवं भत्ते भारत के समेकित निधि पर भारित किये गए हैं तथा संसद द्वारा मतदान के  विषय नहीं हैं| सिवाय वित्तीय आपातकाल के वेतन एवं भत्तों को कभी कम नहीं किया जा सकता |
  6. The conduct of a Judge of Supreme Court can not be discussed in the Parliament, except on a ground seeking the removal of a Judge./उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश के आचरण की चर्चा संसद में नही की जा सकती | सिवाय तब जब संसद उसे हटाना चाहती हो|

Jurisdiction and Powers of Supreme Court/उच्चतम न्यायालय की शक्तियां एवं अधिकार क्षेत्र :

  • Original Jurisdiction/मूल क्षेत्राधिकार
  • Writ Jurisdiction/न्यायादेश क्षेत्राधिकार
  • Appellate Jurisdiction/अपीलीय क्षेत्राधिकार
  • Advisory Jurisdiction/सलाहकार क्षेत्राधिकार
  • A Court of Record/अभिलेख न्यायालय
  • Powers of Judicial Review/न्यायिक समीक्षा की शक्ति
  • Other Powers/अन्य शक्तियां

 

 

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