Study Material (History) for Haryana Civil Services (HCS) Exam | IAS

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Government of India Act 1935 Part 2 , August offer and Cripps mission

Nationalist response to Government of India Act, 1935

Nationalists’ Response

  • Condemned by nearly all sections.
  • Rejected by the Congress.
  • The Congress demanded, instead, convening of a Constituent Assembly elected on the basis of adult franchise to frame a Constitution for independent India.

Those who opposed it:

  • Nehru, Subhash, Congress socialists and communists
  • Argued that it would negate the rejection of the 1935 Act by the nationalists.
  • Argued that it would take away the revolutionary character of the movement as constitutional work would sidetrack the main issues of freedom, economic and social justice, and removal of poverty.

Those who favored it:

  • The leftists proposed entry into the councils with an aim to create deadlocks, thus making the working of the Act impossible (older Swarajist strategy).
  • They advocated an increased reliance on workers and peasants, integration of their class organisations into the Congress, thus imparting a socialist direction to the Congress and preparing for the resumption of a mass movement.

28 months of Congress rule

Work Under Congress Ministries

Civil Liberties

  • Laws giving emergency powers were repealed.
  • Ban on illegal organisations, such as the Hindustan Seva Dal and youth Leagues, and on certain books and journals was lifted.
  • Press restrictions were lifted.

Social Welfare Reforms

  • Prohibition imposed in certain areas.
  • Measures for welfare of Harijans taken-temple entry, use of public facilities, scholarships, an increase in their numbers in government service and police, etc.
  • Attention given to primary, technical and higher education and to public health and sanitation.
  • Encouragement give to khadi through subsidies and other measures.

Extra-Parliamentary Mass Activity of Congress

Such activities included-

  • Launching of mass literacy campaigns,
  • Setting up of Congress police stations and panchayats,
  • Congress Grievance Committees presenting mass petitions to Government, and states people’s’ movements.

Evaluation of  28-month Congress rule:

  • The contention that Indian self-government was necessary for radical social transformation got confirmed.

Study Material

भारत सरकार अधिनियम पर राष्ट्रवादियों की प्रतिक्रियाएँ

  • सभी वर्गों के द्वारा इसकी निंदा की गयी |
  • कांग्रेस के द्वारा भी यह नामंजूर कर दिया गया  |
  • कांग्रेस ने इसके बदले स्वतंत्र भारत के लिए एक संविधान की रूपरेखा तैयार करने हेतु वयस्क मताधिकार के आधार पर निर्वाचित  एक संविधान सभा गठन करने की माँग की |

जिन्होंने इसका विरोध किया :

  • नेहरु, सुभाष चन्द्र बोस , कांग्रेस सोशलिस्ट तथा साम्यवादी सत्ता में भागीदारी के खिलाफ थे |
  • इन्होने तर्क दिया कि सत्ता में भागीदारी करने का अर्थ 1935 के अधिनियम को स्वीकार करना तथा राष्ट्रवादियों द्वारा स्वयं को दोषी ठहराना |   
  • इन्होने तर्क दिया कि इससे जन आन्दोलन का क्रांतिकारी चरित्र समाप्त हो जायेगा तथा कांग्रेस संसदीय कार्यों में उलझ जाएगी एवं स्वतंत्रता, सामजिक आर्थिक न्याय और गरीबी दूर करने का लक्ष्य अधूरा  रह जायेगा |

जो इसके पक्ष में थे :

  • वामपंथियों ने गतिरोध उत्पन्न करने के उद्देश्य से  परिषदों में प्रवेश का प्रस्ताव दिया, ताकि अधिनियम के कार्यचालन को बाधित किया  जा सके | (पुरानी स्वराज्यवादी रणनीति )
  • उन्होंने मजदूरों तथा किसानों पर अधिक निर्भरता, उनके संघों की कांग्रेस में विलय  की वकालत की ताकि कांग्रेस को एक समाजवादी दिशा प्रदान की जा सके एवं जन आंदोलन को फीर से आरम्भ किया जा सके

कांग्रेस शासन के 28 महीने

कांग्रेस मंत्रिमंडलों के अधीन किये गए  कार्य

नागरिक स्वतंत्रता

  • आपातकालीन शक्तियाँ प्रदान करने वाले कानूनों को निरस्त कर दिया गया |
  • गैर-कानूनी संगठनों जैसे कि हिंदुस्तानी सेवा दल, एवं युवा संघों तथा कुछ किताबों तथा पत्रिकाओं पर से प्रतिबंधों को हटा दिया गया |
  • प्रेस पर  लगे प्रतिबंधों को हटा दिया गया |

समाज कल्याण सम्बन्धी  सुधार :

  • कुछ क्षेत्रों में शराब पर प्रतिबंध लगा दिए गए  |
  • हरिजनों के कल्याण के उपाय अपनाये गए- मंदिरों में प्रवेश, सामान्य नागरिक  सुविधाओं का प्रयोग, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों में उनकी संख्याओं में वृद्धि आदि |
  • प्राथमिक, तकनीकी तथा उच्च शिक्षा, तथा लोगों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर ध्यान दिया गया |
  • सब्सिडी तथा अन्य उपायों के माध्यम से खादी को बढ़ावा दिया गया |

संसद के अतिरिक्त कांग्रेस की व्यापक गतिविधियाँ :

इन गतिविधियों में निम्न प्रयास शामिल हैं :-

  • जन शिक्षा अभियानों की शुरुआत |
  • कांग्रेस पुलिस थानों तथा पंचायतों की स्थापना |
  • कांग्रेस लोक शिकायत समितियों की स्थापना  जो जन -याचिकाओं एवं जन भावनाओं को सरकार तक पहुंचाती थी |

कांग्रेस के 28 महीनों  के शासन का मूल्यांकन :

  • यह धारणा सिद्ध हो गयी की मौलिक सामाजिक सुधारों के लिए भारतीय स्व-शासन आवश्यक है|

Second world war and nationalist response

Second World war and nationalist response

  • September 1, 1939: Germany attacks Poland, Second World War starts.
  • September 3, 1939: Britain declares war against Germany and declares India’s support for the war without consulting Indian opinion.

Congress Position Before War

  • The Congress’ hostility to Fascism, Nazism, militarism and imperialism had been much more consistent than the British record.

Gandhi’s view:

  • He asked for an unconditional support to the Allied powers as he made a clear distinction between the democratic states of Western Europe and the totalitarian Nazis.

Subhash Bose and the socialists :

  • Argued that the war was an imperialist one since both sides were fighting for gaining or defending colonial territories.
  • Therefore, the question of supporting either of the two sides did not arise.

Immediate mass Satyagraha

Debate on the ‘Question of Immediate Mass Satyagraha’:

  1. After Linlithgow’s statement of October 1939, the debate on the question of immediate mass struggle began once again.
  2. Gandhi and his supporters were not in favour of an immediate struggle because they felt that:
  • Allied cause was just.
  • Communal, sensitivity and lack of Hindu-Muslim unity could result in communal riots.

द्वितीय विश्व युद्ध और राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया

द्वितीय विश्व युद्ध तथा राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया :

  • 1 सितम्बर 1939 : जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण कर दिया और द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया |
  • 3 सितम्बर 1939 : ब्रिटेन ने जर्मनी के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा की तथा भारतीय विचार जाने बिना  युद्ध के प्रति भारत के समर्थन की घोषणा कर दी |

युद्ध के पहले कांग्रेस की स्थिति

  • फासीवाद, नाज़ीवाद, सैन्यवाद, तथा साम्राज्यवाद के प्रति कांग्रेस का विरोध अंग्रेजों की उम्मीद से अधिक था

गाँधी जी का दृष्टिकोण :

  • इन्होने मित्र राष्ट्रों के प्रति सहानुभूति प्रकट की | गांधी का मत था की पश्चिम यूरोप के लोकतांत्रिकलोकतांत्रिक राज्यों और हिटलर का नेतृत्व स्वीकार करने वाले राज्यों में स्पष्ट अंतर है  

सुभाष चन्द्र बोस तथा समाजवादी :

  • इन्होने तर्क दिया कि यह युद्ध एक साम्राज्यवादी युद्ध है जिसे दोनों पक्ष अपने-अपने औपनिवेशिक हितों के लिए लड़ रहें है|
  • इसलिए, दोनों में से किसी भी पक्ष के समर्थन नही किया जा सकता

तुरंत व्यापक सत्याग्रह

त्वरित  जन सत्याग्रह के मसले पर बहस :

  1. लिन्लिथगो  के अक्टूबर 1939 के बयान के बाद, तुरंत व्यापक सत्याग्रह के मुद्दे पर एकबार फिर से बहस शुरू हो गयी |
  2. गाँधी तथा उनके समर्थक तुरंत संघर्ष के पक्ष में नहीं थे क्योंकि उनका मानना था कि  :
  • मित्र राष्ट्रों  का पक्ष न्यायसंगत है|
  • सांप्रदायिक संवेदनशीलता, तथा हिन्दू-मुस्लिम एकता में कमी का परिणाम सांप्रदायिक दंगों के रूप में हो सकता था |

Individual Satyagrahas

  • The Government had taken the adamant position that no constitutional advance could be made till the Congress came to an agreement with the Muslim leaders.
  • It issued ordinance after ordinance taking away the freedom of speech and that of the press and the right to organise associations.
  • Towards the end of 1940, the Congress once again asked Gandhi to take command.

Cripps mission:

  • In March 1942, a mission headed by Stafford Cripps was sent to India with constitutional proposals to seek Indian support for the war.
  • Stafford Cripps was a left-wing Laborite, the leader of the House of Commons and a member of the British War Cabinet who had actively supported the India national movement.

Departures from the Past and Implications

The proposals differed from those offered in the past in many respects-

  • The making of the constitution was to be solely in Indian hands now (and not “mainly” in Indian hands-as contained in the August Offer).
  • A concrete plan was provided for the constituent, assembly.

Why Cripps Mission Failed?

  • The Cripps Mission proposals failed to satisfy Indian nationalists and turned out to be merely a propaganda device for US and Chinese consumption.

व्यक्तिगत सत्याग्रह :

  • सरकार ने अडियल रुख अपना लिया कि जब तक कांग्रेस मुस्लिम नेताओं के साथ किसी तरह के समझौते पर नहीं पँहुचती है , तब तक किसी भी तरह की संवैधानिक सुधार सम्भव नही है |
  • सरकार ने इसके बाद एक अध्यादेश पारित किया जिसमे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता तथा संघों की स्थापना के अधिकार को छीन लिया गया |  
  • 1940 के अंत में, कांग्रेस ने एक बार फिर गाँधी से कमान संभालने को कहा |

क्रिप्स मिशन :

  • मार्च 1942 में, युद्ध के लिए भारतीय समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से संवैधानिक प्रस्तावों के साथ स्टैफोर्ड क्रिप्स की अध्यक्षता में एक शिष्टमंडल को भारत भेजा गया |
  • स्टैफोर्ड क्रिप्स वामपंथी लेबर पार्टी के एक सदस्य थे, जो हाउस ऑफ़ कॉमन के नेता एवं ब्रिटिश युद्ध कैबिनेट के एक सदस्य थे जिन्होंने भारत के राष्ट्रीय आंदोलन का सक्रियता से समर्थन किया था |

क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों का पूर्ववर्ती  प्रस्तावों से भिन्न होना :

ये प्रस्ताव कई मामलों में  भिन्न था-

  • संविधान का निर्माण केवल भारतीयों हाथों में था | (ना कि  “मुख्य रूप से” भारतीयों के हाथों में- जैसा कि अगस्त प्रस्ताव में कहा गया था ) |
  • संविधान सभा के लिए एक ठोस योजना प्रदान की गयी थी  |

क्रिप्स मिशन असफल क्यों रहा ?

  • क्रिप्स मिशन के  प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रवादियों को संतुष्ट करने में विफल रहे और अमेरिकी तथा चीनी उपभोग के लिए केवल एक प्रचार उपकरण साबित हुए |

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