Renewable Energy Ecology Study Content for UPSC IAS Exam Online

Renewable Energy Ecology Study Content for UPSC IAS Exam Online

Renewable Energy Ecology Study Content for UPSC IAS Exam Online

Renewable Energy Ecology Study Content for UPSC IAS Exam Online

Renewable Energy Ecology Study Content for UPSC IAS Exam Online

Introduction/परिचय

  • Energy that is collected from renewable sources which are naturally replenished on a human time scale, such as sunlight, wind, rain, tides, waves and geothermal heat is called Geothermal Energy./वह ऊर्जा जो नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त की जाती है, जो मानव समय अवधि के दौरान फिर से संगृहीत जाती है | जैसे सूर्य का प्रकाश, हवा, बारिश, ज्वार-भाटा, तथा भूतापीय ऊष्मा |
  • Renewable energy sources occur worldwide, in contrast to other energy sources, which are concentrated in a limited number of countries./ऊर्जा के अन्य स्रोत जो केवल सीमित संख्या वाले देशों में पाए जाते हैं,  इनके विपरीत अक्षय ऊर्जा के स्रोत पूरी दुनिया में होते हैं |
  • Renewable energy sources are viable sources of clean limitless energy. They cause less emissions, and are available locally. The usage of renewable energy greatly reduces all sorts of pollutions vis-a-vis non-renewable energy./वे साफ़ असीमित ऊर्जा के जीवक्षम स्रोत हैं, वे उत्सर्जन कम करते हैं, तथा स्थानीय रूप से उपलब्ध होते हैं | अक्षय ऊर्जा का उपयोग, क्षय ऊर्जा के विपरीत  बड़े पैमाने पर सभी प्रकार के प्रदूषणों को कम करता है |
  • Electricity is the flow of energy or current and is one of the most widely used forms of energy throughout the world./विद्युत,ऊर्जा का प्रवाह अथवा धारा  है तथा पूरी दुनिया में ऊर्जा के सबसे ज्यादा उपयोग होने वाले रूपों में से एक है |

Sources/स्रोत –

  • Primary sources- Renewable energy like solar, wind, geothermal./प्राथमिक स्रोत – अक्षय ऊर्जा जैसे सौर, वायु, भूतापीय
  • Secondary sources- Non- renewable energy generated through the conversion of coal, oil, natural gas etc./द्वितीयक स्रोत – अक्षय ऊर्जा जिसे कोयले, तेल, प्राकृतिक गैसों आदि को रूपांतरित करके उत्पादित किया जाता है |

Solar Energy/सौर ऊर्जा

Energy that is in sunlight is called solar energy. India is one of the few countries which are naturally blessed with long days and plenty of sunshine./वह ऊर्जा जो सूर्य की रोशनी में है | भारत उन कुछ देशों में से एक है जो प्राकृतिक रूप से लम्बे दिनों तथा पर्याप्त सूर्य प्रकाश से समृद्ध है |

There are two ways we can produce electricity from sunlight./दो तरीके हैं जिससे हम सूर्य के प्रकाश से बिजली का उत्पादन कर सकते हैं |

  1. Photovoltaic electricity/फोटोवोल्टिक विद्युत
  2. Solar- Thermal electricity./सौर- ताप विद्युत

Photovoltaic Electricity/फोटोवोल्टिक विद्युत

A photovoltaic (PV) cell (solar cell) is a device that converts sunlight into electricity through photoelectric effect./एक फोटोवोल्टिक सेल (सौर सेल) एक यंत्र है जो सूर्य के प्रकाश को विद्युत् में प्रकाश विद्युत् प्रभाव  के माध्यम से बदल देता है |

  • PV cell is made up of  semiconductor material./पीवी सेल अर्धचालक पदार्थ से मिलकर बना होता है |
  • When photons strike a PV cell, they may reflect off the cell, pass through the cell, or get absorbed by the semiconductor material./जब प्रकाशाणु एक पीवी सेल से टकराते हैं, तो वे सेल पर प्रभाव छोड़ते हैं, उनसे होकर गुजरते हैं अथवा अर्धचालक पदार्थों के द्वारा सोख लिए जाते हैं |
  • Only the absorbed photon provides energy to generate electricity./केवल सोखित प्रकाशाणु बिजली उत्पादन के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं |  
  • PV cells consist of at least 2 semiconductors layers- a positive charge, and a negative charge./पीवी सेल में कम से कम 2 अर्धचालक परतें होती हैं – एक धनात्मक भार तथा एक ऋणात्मक भार की  |
  • The negative layer absorbs photon and when enough photons are absorbed, electrons are freed from negative semiconductor material./ऋणात्मक भार प्रकाशाणु को सोख लेता है तथा जब पर्याप्त प्रकाशाणु सोख लिए जाते हैं तब इलेक्ट्रान ऋणात्मक अर्धचालक पदार्थों से मुक्त हो जाते हैं |
  • These freed electrons migrate to positive layer thereby creating voltage difference. When these two layers are connected to an external load, they generate electricity./ये स्वतंत्र इलेक्ट्रान धनात्मक परत की तरफ विस्थापित हो जाते हैं अतः एक वोल्टेज अंतर उत्पन्न होता है | जब ये दो परतें एक बाहरी भार से जोड़ी जाती हैं, तब वे बिजली का उत्पादन करती हैं |
  • The power generated, direct current(DC) is converted to alternate current(AC) with the use of inverters./ऊर्जा द्वारा उत्पादित – इन्वर्टर के इस्तेमाल से दिष्ट धारा  (DC) का  रूपांतरण प्रत्यावर्ती  धारा (AC) में किया जाता है |

Concentrated Solar Power (CSP) / सांद्रित सौर शक्ति (सी.एस.पी)

  • It is also called solar thermal technology./इसे सौर तापीय तकनीक भी कहा जाता है |
  • CSP technology utilises focussed sunlight./सी.एस.पी तकनीक केन्द्रित सौर प्रकाश का उपयोग करती है |
  • It generates electric power by using mirror to concentrate the Sun’s energy and convert it into high temperature heat./वे सूर्य की ऊर्जा को सांद्रित करने के लिए आईने का इस्तेमाल कर बिजली उत्पादन करते हैं तथा इसका रूपांतरण उच्च तापमान वाली ऊष्मा में करते हैं |
  • The heat is then channeled through a conventional generator./इसके बाद ऊष्मा को एक पारंपरिक जनित्र के द्वारा पंहुचाया जाता है |
  • The plants consist of two parts, one  collects solar energy and convert it into heat and the other converts heat energy into electricity./संयत्रों में दो भाग होते हैं – एक जो सौर ऊर्जा को संग्रहित करता है तथा उसका रूपांतरण ऊष्मा में करता है तथा दूसरा जो उष्मीय ऊर्जा को बिजली में बदल देता है |
  • Solar collectors vary in shape and the most commonly used ones are parabolic troughs./सौर संग्राहकों के आकार में अंतर होता है | सबसे सामान्य रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले संग्राहक परवलयिक कुंड हैं |
  • Parabolic trough power plants use a curved and mirrored trough which reflects the direct solar radiation onto a glass tube containing a fluid. This fluid gets heated up owing to the concentrated solar radiation and the hot stream is used to rotate the turbine to generate electricity./परवलयिक कुंड ऊर्जा संयत्र एक घुमावदार, दर्पण वाले  कुंड का इस्तेमाल करते हैं जो प्रत्यक्ष सौर विकिरण को एक तरल पदार्थ वाले गैस ट्यूब पर परावर्तित कर देते हैं तथा सांद्रित सौर विकिरण के कारण तरल पदार्थ गर्म होने लगता है तथा गर्म धारा का इस्तेमाल टरबाइन को घुमाने के लिए किया जाता है जिससे बिजली उत्पादित होती है |
  • The most commonly used fluids are synthetic oil, molten salt and pressurised steam./सर्वाधिक सामान्य रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले तरल पदार्थों में, सिंथेटिक तेल, पिघला हुआ नमक, तथा दबी हुई वाष्प  शामिल हैं |

WHY SOLAR?? / सौर ऊर्जा क्यों ?? 

  • Solar energy is available throughout the day./सौर ऊर्जा पूरे दिन उपलब्ध रहती है |
  • Solar energy conversion equipment have longer life, need less maintenance and provide higher energy infrastructure security./सौर ऊर्जा रूपांतरण उपकरणों का जीवनकाल लम्बा होता है, रख रखाव की कम जरुरत होती है तथा इसलिए वे उच्च ऊर्जा अवसंरचना सुरक्षा प्रदान करते है |
  • Low running costs & grid tie-up capital returns./कम परिचालन लागत तथा ग्रिड संपर्क एवं पूंजीगत लाभ
  • Unlike conventional thermal power generation from coal, solar power does not cause pollution and generate clean power./उष्मीय ऊर्जा के कोयले द्वारा उत्पादन के विपरीत वे प्रदूषण उत्पन्न नहीं करते तथा स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करते हैं |
  • Abundance of free solar energy in all parts of the world (although gradually decreasing from equatorial, tropical, subtropical and polar regions) can be utilized almost everywhere./विश्व के सभी हिस्सों में  सौर ऊर्जा की बहुतायत| ( हालाँकि यह धीरे धीरे भूमध्य रेखीय, उष्णकटिबंधीय, उपोष्णकटिबंधीय, तथा ध्रुवीय क्षेत्रों में कम हो रही है )

Potential of Solar Energy in India / भारत में सौर ऊर्जा की संभावना

  • The National Institute of Solar Energy in India has determined the country’s solar power potential at about 750 GW./भारत में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान ने देश की सौर ऊर्जा क्षमता का निर्धारण लगभग 750 GW किया है |
  • The estimation is based on the assumption that only 3% of total wasteland available in a state is used for the development of solar power projects./यह अनुमान इस धारणा पर आधारित है कि  एक राज्य में केवल 3 प्रतिशत बंजर भूमि का इस्तेमाल सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए किया जाता है |
  • According to the estimates, Rajasthan (142 GW) and Jammu Kashmir (111 GW) have highest solar power potential./अनुमान के मुताबिक़, राजस्थान ( 142 GW) तथा जम्मू कश्मीर (111 WG) में सबसे अधिक सौर ऊर्जा क्षमता है |
  • Gujarat, the leading Indian state in terms of installed solar power, has an estimated potential of 36 GW./स्थापित सौर ऊर्जा के मामले में अग्रणी राज्य गुजरात की अनुमानित क्षमता , 36 GW है |

Installed Capacity in India  / स्थापित क्षमता – भारत

  • As per MNRE estimates, the current installed solar capacity of in-grid connected power has crossed 10,000 MW, as on 2017./ग्रिड से जुड़ी बिजली की वर्तमान में स्थापित सौर क्षमता एम.एन,आर.ई के अनुमानों के अनुसार   2017 तक 10000 मेगावाट से अधिक हो चुकी है|
  • The National Solar Mission was launched in 2010. The mission has set ambitious target of deploying 100 GW of grid connected solar power by 2022./राष्ट्रीय सौर मिशन की शुरुआत 2010 में की गयी थी | इस मिशन में 2022 तक ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा का प्रसार   100 GW तक करने का महत्वकांक्षी लक्ष्य रखा गया है |

International Solar Alliance/अंतर्राष्ट्रीय सौर संधि –

  • It is a common platform for cooperation among sun rich countries lying fully or partially between the Tropic of Cancer and Capricorn which are seeking to massively ramp up solar energy./यह सूर्य प्रकाश से समृद्ध देशों के बीच सहयोग का एक सामान्य मंच है जो पूर्णतः अथवा अंशतः मकर तथा कर्क रेखा के बीच पड़ते हैं तथा जो सौर ऊर्जा को बड़े पैमाने पर बढाने का प्रयास कर रहे हैं |
  • This initiative was launched at the UN Climate Change Conference in Paris in 2015./इस पहल की घोषणा 2015 में  पेरिस में आयोजित यूएस जलवायु परिवर्तन सम्मलेन में की गयी थी |
  • The alliance included 80 countries which support on a common declaration./इस संधि में 80 देश शामिल हैं जो एक सामान्य घोषणा पर एक दुसरे का समर्थन करते हैं |
  • International Agency for Solar Policy and Application (IASPA) will be the formal name of International Solar Alliance./इस अंतर्राष्ट्रीय सौर संधि का आधिकारिक नाम इंटरनेशनल एजेंसी फॉर सोलर पालिसी एंड एप्लीकेशन (IASPA) रहेगा |

Aim/उद्देश्य :

  • Countries should work together towards the development of appropriate benchmarks, facilitate resource assessments, support research and development and demonstration facilities, with a view to encourage innovative and affordable applications of solar technologies./इसका उद्देश्य देशों के लिए सौर प्रौद्योगिकी के नवीन एवं किफायती अनुप्रयोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उपयुक्त मानदंडों के विकास के लिए, संसाधन आकलन को सुगम बनाने के लिए, अनुसन्धान एवं विकास तथा निरूपण सुविधाओं को सुगम बनाने के लिए साथ काम करना है |

Key focus areas/मुख्य ध्यान वाले क्षेत्र :

  • Promote solar technologies, new business model and investment in the solar sector to enhance prosperity./सौर तकनीकों, सौर क्षेत्र में  समृद्धि बढाने के लिए नए व्यापार मॉडल तथा निवेश  को प्रोत्साहन देना|
  • Formulate projects and programmes to promote solar applications./सौर अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए परियोजनाओं तथा कार्यक्रमों को सूत्रित करना|
  • Develop innovative financial mechanisms to reduce cost of capital./पूँजी की लागत को कम करने के लिए नवीन वित्तीय तंत्रों का विकास करना |
  • Build a common knowledge e-portal./सामान्य ज्ञान इ पोर्टल का निर्माण करना |
  • Facilitate capacity building for promotion and absorption of solar technologies./सौर तकनीकों के प्रोत्साहन तथा समामेलन के लिए क्षमता संवर्धन को सुगम बनाना |
  • Prime Minister coined the name “Surya Putra” for all the nations which fall between Tropic of Cancer and Tropic of  Capricorn, and which have been invited to join the alliance. The other term used for these countries is “Sunshine Countries”./प्रधान मंत्री ने कर्क तथा मकर रेखा के बीच पड़ने वाले देशों तथा इस गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किये गए देशों को “सूर्य पुत्र” नाम दिया है | एक अन्य पद जो इन देशों के लिए इस्तेमाल किया जाता है वह, “ सनशाइन कन्ट्रीज” है |

Wind Energy / पवन ऊर्जा –

  • It is the second fastest growing source of electricity in the world with a global installed capacity of 432,883 MW at the end of 2015./यह विश्व में बिजली का दूसरा सबसे तेजी से विकास कर रहा स्रोत है जिसकी वैश्विक स्थापित क्षमता 2015 के अंत तक 432,883 मेगावाट थी |
  • It is simply the kinetic energy associated with the movement of atmospheric air./यह बस वायुमंडलीय हवा की गति से सम्बंधित गतिज ऊर्जा है |
  • Wind energy is firstly converted into mechanical energy by wind turbines and finally converted into electricity./पवन ऊर्जा को पहले यांत्रिक ऊर्जा में पवन चक्कियों के द्वारा बदला जाता है तथा उसके बाद इसका रूपांतरण बिजली में किया जाता है|
  • Germany, USA, Denmark, Spain and India account for 80% of the total installed wind energy./कुल स्थापित पवन ऊर्जा का 80 प्रतिशत हिस्सा जर्मनी, यु.एस.ए. , डेनमार्क, स्पेन तथा भारत में उत्पादित किया जाता है |

Wind Farm/पवन चक्की संयत्र :

  • It is a group of wind turbines in the same location used to produce electricity./यह एक ही जगह पर स्थापित पवन चक्कियों को समूह है जिनका इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है |
  • A wind farm can be located onshore or offshore./एक पवन चक्की संयत्र तटवर्ती अथवा अपतटीय स्थानों पर पाया जा सकता है |
  • ONSHORE WIND FARMS- They are installed in hilly or mountainous region where wind tends to be the strongest. They are less expensive and easier to set up, maintain and operate than offshore turbines./तटवर्ती पवन चक्की संयत्र : उन्हें पहाड़ी अथवा पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित किया जाता है |जहाँ हवा सर्वाधिक तेज गति से चलती है | वे कम महंगे होते हैं तथा उनकी स्थापना, रख रखाव, तथा परिचालन अपतटीय चक्कियों की तुलना में अधिक सरल होता है |
  • OFFSHORE WIND FARMS- These wind farms are constructed in large water bodies. These are more expensive./अपतटीय पवन चक्की संयत्र : पवन चक्की संयत्रों की स्थापना बेहद बड़े जलीय निकायों में की जाती है| ये अधिक महंगी हैं।

Potential of Wind Energy in India / भारत में पवन ऊर्जा की क्षमता

  • By the end of July 2017, the total installed wind capacity is 32.56 GW./जुलाई 2017 के अंत तक, कुल स्थापित पवन क्षमता 32.56 गीगावाट है |
  • By the end of 2015, India is the fourth largest installed wind power capacity in the world./2015 के अंत तक, भारत के पास विश्व में चौथी सबसे बड़ी स्थापित पवन शक्ति क्षमता थी |
  • The National Institute of Wind Energy (NIWE) has recently launched Wind Energy Resource Map of India at 100 meters above ground level (AGL) on online Geographic Information System platform./राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान ने हाल ही में ऑनलाइन भौगोलिक सूचना प्रणाली के मंच पर भू-तल से 100 मीटर ऊपर  भारत के पवन ऊर्जा संसाधन नक़्शे की शुरुआत की है|
  • Gujarat has the maximum potential followed by Karnataka, Maharashtra, Andhra Pradesh according to the research map./इस अनुसन्धान नक़्शे के अनुसार गुजरात की पवन ऊर्जा क्षमता सबसे अधिक है तथा इसके बाद कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, आते हैं |

Installed Capacity / स्थापित क्षमता :-

INSTALLED WIND CAPACITY BY STATE AS ON 19 OCTOBER 2016/19 अक्टूबर 2016 के अनुसार राज्यों की स्थापित वायु क्षमता –

  • Tamil Nadu-7684 MW/तमिलनाडु – 7684 मेगावाट
  • Maharashtra- 4664 MW/महाराष्ट्र – 4664 मेगावाट
  • Karnataka- 3082 MW/कर्नाटक – 3082 मेगावाट
  • Rajasthan-4123 MW/राजस्थान – 4123 मेगावाट
  • Andhra Pradesh, Madhya Pradesh, Kerala are minor players with installed capacity of less than 1000 MW./आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल मामूली खिलाड़ी हैं जहाँ स्थापित क्षमता 1000 मेगावाट से कम है |

NATIONAL OFFSHORE WIND ENERGY POLICY, 2015/राष्ट्रीय अपतटीय पवन ऊर्जा नीति 2015 :

  • In september 2015, the union cabinet has approved the national offshore wind policy./सितम्बर 2015 में, केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रिय अपतटीय वायु नीति को पारित कर दिया |
  • Ministry of New and Renewable Energy has been authorised as the nodal ministry for use of offshore areas within the Exclusive Economic Zone (EEZ) of the country and the National Institute of Wind Energy(NIWE) has been authorized as nodal agency for development of offshore wind energy./देश के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर अपतटीय क्षेत्रों के इस्तेमाल के लिए नयी एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय को नोडल मंत्रालय के रूप में अधिकृत किया गया है तथा राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) को अपतटीय पवन ऊर्जा के विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है |
  • Government has paved way for development of offshore wind farms upto the seaward distance of 200 nautical miles from baseline./सरकार ने आधार रेखा से  200 समुद्री मील की दूरी तक अपतटीय पवन चक्की संयत्रों के विकास के लिए मार्ग प्रशस्त किया है |

NATIONAL WIND ENERGY MISSION/राष्ट्रीय पवन ऊर्जा मिशन :

  • The government proposed to launch a National Wind Energy Mission on the lines of the ongoing solar mission to achieve exponential growth in renewable energy./सरकार नवीकरणीय ऊर्जा में घातांकी वृद्धि प्राप्त करने के लिए वर्तमान में चल रहे सौर मिशन की तर्ज पर एक राष्ट्रीय पवन ऊर्जा मिशन की शुरुआत करने का प्रस्ताव देती है |

Main objective/मुख्य उद्देश्य

  • To make India a global leader in wind power./भारत को पवन शक्ति में विश्व नेता बनाना |
  • NWM will set a target of raising wind power generation to 60,000 MW by 2022./राष्ट्रीय पवन ऊर्जा  मिशन 2022 तक पवन शक्ति उत्पादन 60000 मेगावाट तक करने का लक्ष्य रखेगा |
  • The setting up of a mission would help in/इस मिशन की स्थापना निम्नलिखित में सहायता करेगी :
    • Achieving the targets of 12th plan and energy generation from renewable energy as set under NAPCC/12 वी योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने में तथा NAPCC के तहत लक्षित अक्षय ऊर्जा से ऊर्जा उत्पादन में |
    • Addressing the issues and challenges which the wind sector is facing with, such as precise resource assessment, effective grid integration, improvement in technology and manufacturing base to maintain its comparative advantage in the wind sector./वायु क्षेत्र में इसके आपेक्षिक लाभ को बनाए रखने के लिए पवन ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं तथा चुनौतियों का समाधान करना जैसे संसाधन आकलन को ठीक करना, प्रभावी ग्रिड एकीकरण, उत्पादन आधार तथा तकनीक में सुधार करना |

Hydro Power/जल ऊर्जा –

It refers to the conversion of energy from flowing water into electricity./यह बहते जल की ऊर्जा के बिजली में रूपांतरण को  संदर्भित करता है |

It is considered renewable source of energy because water cycle is constantly renewed by the Sun./इसे ऊर्जा का अक्षय स्रोत माना जाता है क्योंकि जल चक्र लगातार सूर्य के द्वारा नवीकृत किया जाता है |

 

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time.

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)

IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    

  RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC  IAS (Prelims+Mains+Interview)

Click Here to subscribe Our YouTube Channel

No Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!