RAS PCS 2018 Exam | History notes – Gupta Empire | UPSC | HCS

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RAS PCS 2018 Exam | History notes – Gupta Empire | UPSC | HCS

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RAS PCS 2018 Exam | History notes – Gupta Empire | UPSC | HCSGupta Empire

Economy

  • It is argued by many scholars that the state was the exclusive owner of land.
  • The most decisive argument in favor of the exclusive state ownership of land is in the Paharpur Copper plate inscription of Buddhagupta.

From the economic standpoint, land was classified into 5 groups:

  • Kshetra Bhoomi: cultivable land
  • Khila: waste land
  • Vastu Bhoomi: habitable land
  • Charagah Bhhomi: pasture land
  • Aprahata Bhoomi: Forest land
  • Gold coins: largest in number but not pure as kushanas
  • Served to pay officers, meet the need of sale and purchase of lands
  • Silver coins – issued after the conquest of Gujarat for local exchange
  • Copper coins – very few
  • Gold, silver and Copper was used in making ornaments and issuing coins.

The port of the east coast:

  • Tamralipti, Ghantashala and Kandura- handled the North-Indian trade with SouthEast Asia

The ports of the West coast:

  • Bharoach, Chaul, Kalyan and Cambay- traded with the Mediterranean and West asia.

Social Developments

  • Land grants to the Brahmanas on a large scale mean that the Brahmana supremacy continued in Gupta times.

The Guptas made three types of grants.

  • First was the religious grants to brahmans, individually or collectively, known as brahmadeya grants.
  • Second was the grants to institutions such as temples and monasteries known as devagrahara or devadana.
  • Third were secular grants to crown officers, craft guilds or also military commanders in rare occasions.

Caste System

The castes proliferated into numerous sub castes. Professions were determined by caste though not very rigidly.

  • Brahmans: followed trade, architecture and service as professions. They had even become kings.
  • Vaishyas:The Gupta emperors were Vaishyas.
  • Kshatriyas: they followed commercial and industrial vocations.

Position of Women under Gupta Empire

  • Though women were subordinate to men in society, yet their position was no less significant.
  • They were given education but they could not recite the Vedic mantras.
  • Child marriages : common.
  • Purdah system: begun among the higher castes.
  • Widow Remarriage: allowed sometimes.

RAS PCS 2018

गुप्त साम्राज्य  

अर्थव्यवस्था

  • कई विद्वानों द्वारा यह तर्क दिया जाता है कि राज्य की भूमि का एकमात्र अधिकार शासन के पास था |
  • भूमि के राज्य के शासन के स्वामित्व के पक्ष में सबसे असंदिग्ध तर्क बुधगुप्त का पहाड़पुर का ताम्रलेख है |

आर्थिक दृष्टिकोण से, भूमि 5 समूहों में वर्गीकृत की गई थी:

  • क्षेत्र भूमि: खेती योग्य भूमि
  • खिल: बेकार भूमि (वह भूमि जिस पर तीन वर्ष से कृषि ना की गई हो )
  • वास्तु भूमि: रहने योग्य भूमि
  • चारागाह भूमि :पशुओं के चरने के लिए भूमि  
  • अप्रहत भूमि: वन भूमि
  • सोने के सिक्के :इनकी संख्या बहुत अधिक थी परन्तु ये कुषाण काल जितने शुद्ध नहीं थे |
  • सिक्कों का उपयोग अधिकारियों को वेतन देने,भूमि एवं वस्तु विनिमय के लिए किया जाता था
  • चांदी के सिक्के -स्थानीय मुद्रा के रूप में गुजरात के विजय के बाद जारी किए गए थे
  • ताम्बे के सिक्के-कम संख्या में थे |
  • सोने, चांदी और ताम्बे का उपयोग आभूषण बनाने एवं सिक्को के लिया किया जाता था |
  • सोने के सिक्के :इनकी संख्या बहुत अधिक थी परन्तु ये कुषाण काल जितने शुद्ध नहीं थे |
  • सिक्कों का उपयोग अधिकारियों को वेतन देने,भूमि एवं वस्तु विनिमय के लिए किया जाता था
  • चांदी के सिक्के -स्थानीय मुद्रा के रूप में गुजरात के विजय के बाद जारी किए गए थे
  • ताम्बे के सिक्के-कम संख्या में थे |
  • सोने, चांदी और ताम्बे का उपयोग आभूषण बनाने एवं सिक्को के लिया किया जाता था |

पूर्वी तट के बंदरगाह:

  • ताम्रलिप्त, घंटशला और कंडुरा-इनकी दक्षिण पूर्व एशिया के साथ उत्तर-भारत का व्यापार में भागीदारी |

पश्चिम तट के बंदरगाह:

  • भरुच,चौल,कल्याण एवं खंभात – भूमध्य और पश्चिम एशिया के साथ व्यापार में भागीदारी |

सामाजिक विकास

  • बड़े पैमाने पर ब्राह्मणों को भूमि अनुदान में दी गई थी जिसका अर्थ यह था की गुप्त काल में ब्राह्मणों का प्रभुत्व था |

गुप्त शासकों ने तीन प्रकार के अनुदान दिए |

  • सबसे पहला ब्राह्मणों को दिया जाने वाला धार्मिक अनुदान जो व्यक्तिगत रूप से या सामूहिक तौर पर दिया जाता था जिसे ब्रह्मदेय कहा जाता था |
  • दूसरा अनुदान मंदिर एवं मठों जैसे विभिन्न संस्थानों को दिया जाता था जिसे देवदान कहा जाता था |
  • तीसरा धर्मनिरपेक्ष अनुदान था जो अधिकारीयों, शिल्पी संघ अथवा सैन्य अध्यक्षों को दुर्लभ अवसरों पर दिया जाता था

जाति व्यवस्था

जातियां कई उप-जातियों में बंट गई | व्यवसायों का निर्धारण जातिगत हो गया हालंकि इसका पालन कठोरता से नहीं हुआ (क्यूंकि कोई भी अपना व्यवसाय बदल सकता था )

  • ब्राह्मण: व्यापार, वास्तुकला और राज्यसेवाओं को व्यवसाय के रूप में अपनाया | इन्होने शासन भी किया |
  • वैश्य:ऐसा माना जाता है की गुप्त शासक वैश्य थे |
  • क्षत्रिय:इन्होने वाणिज्यिक और औद्योगिक व्यवसायों को अपनाया |

गुप्त साम्राज्य में महिलाओं की स्थिति

  • यद्यपि महिलायें समाज में पुरुषों के अधीन थी | परन्तु उनकी स्थिति उतनी भी कम नहीं थी |
  • उनको शिक्षा दी जाती थी परन्तु उन्हें वैदिक मंत्र पढ़ने की अनुमति नहीं थी |
  • बाल विवाह की प्रथा इस समाज में प्रचलित थी |
  • उच्च जातियों में पर्दा प्रथा प्रचलित थी |
  • गुप्त काल में स्ति प्रथा भी प्रचलित थी |

Buddhism and Bhagavatism

  • No longer received royal patronage.
  • According to Fa Hien, Buddhism flourished but in reality it was not so important in the Gupta period as it was in the days of Asoka and Kanishka.
  • Instead Buddhism had been replaced by Bhagavatism
  • Two Gods who commanded were – Vishnu and Shiva.

Literature:

  • Gupta age was a golden period of literature. Gupta literature can be broadly classified into
  • Religious literature
  • Secular literature
  • Religious Literature
  • Puranas (It literally means the ‘Past’)

Secular Literature:

  • Ritusamhar (first poetry), Meghadutam, Kumarasam-bhavam, Raghuvansam, Malavikagnimitra (first drama), Abhijnana Shakuntalam (Kalidasa), Mudraraksha (Vishakhadatta), Panchtantra (Vishnu Sharma), Kamasutra (Vatsyayan)

Smritis

  • Literally it means ‘Memory’.
  • These are the law books written in Gupta and pre- Gupta period.
  • Manu Smriti: the oldest Smriti written during post Mauryan period. It is the most comprehensive law book of the ancient time.
  • Narada Smriti: it gives a list of various privileges of Brahmins.
  • These smritis made or fixed laws for individual and society based on Varna system or caste heritage.
  • Most smritis assigned legalized property rights only to the male members of the family.
  • Some smriti writers gave ‘Streedhan’ a right of female but it was given only at the time of marriage and in the form of cash and jewelry.

Paintings During Gupta Period

  • They are found from Ajanta and Bagha caves.
  • Ajanta’s Rock cut caves were built during 2nd C – 7th C AD. They were patronized by different rulers and followers of Buddhism.
  • 25 caves are Vihara type (Where monks could live and pray) and 4 are Chaitya type.
  • The paintings are found on the walls and ceilings of these caves.
  • Most famous paintings have been found from caves 16, 17 and 19.
  • Natural colours from vegetation were used.
  • The themes were taken from Jataka tales and various shades of Buddha’s life.
  • Amongst the most famous paintings the ‘Apsara’ of Ajanta had attracted the attention of the critics the most.

बौद्ध धर्म और भगवतवाद

  • अधिक समय तक शासन ने सरंक्षण नहीं मिला |
  • फ़ाहियान के अनुसार बौद्ध धर्म फला फूला परन्तु वास्तविकता यह थी की इसने गुप्त काल में उतनी प्रगति नहीं की जितनी अशोक और कनिष्क के काल में की थी |
  • बल्कि बौद्ध धर्म की जगह भगवतवाद ने ले ली |
  • विष्णु और शिव भगवान का वर्चस्व था |

साहित्य:

  • गुप्त काल साहित्य के लिए सुनहरा काल था |गुप्त काल के साहित्य को दो भागों में बांटा गया था |
  • धार्मिक साहित्य
  • धर्मनिरपेक्ष साहित्य
  • धार्मिक साहित्य:-
  • पुराण (इसका शाब्दिक अर्थ है ‘अतीत’) |

धर्मनिरपेक्ष साहित्य:

  • ऋतुसंहार (कालिदास की प्रथम काव्य रचना ) , मेघदूतम्,कुमारसंभवम्,रघुवंशम्, मालविकाग्निमित्रम् (प्रथम नाटक), अभिज्ञानशाकुन्तलम् (कालिदास), मुद्राराक्षस (विशाखदत्त),  पंचतंत्र (विष्णु शर्मा), कामसूत्र (आचार्य वात्स्यायन)

स्मृतियां

  • इसका शाब्दिक अर्थ है चेतना (स्मृति अथवा याद से संबंधित)
  • ये नियमावली थी जो गुप्त काल एवं पूर्व गुप्त काल में लिखी गई थी |
  • मनु स्मृति : मौर्योत्तर काल में लिखी जाने वाली यह सबसे प्राचीन स्मृति थी |यह प्राचीन काल की सबसे विस्तृत नियमावली थी |
  • नारद स्मृति: यह ब्राह्मणों के विभिन्न विशेषाधिकारों का वर्णन करती है |
  • वर्ण अथवा जातिगत व्यवस्था पर आधारित ये स्मृतियाँ एक व्यक्ति अथवा समाज से संबंधित नियमों का उल्लेख करती है |
  • अधिकांश स्मृतियाँ केवल पुरुषों को ही सम्पति का अधिकार देती है |
  • कुछ स्मृति लेखक “स्त्री धन ” नामक अधिकार का उल्लेख करते है परन्तु यह केवल विवाह के समय ही नगद और आभूषणों के रूप में दिया जाता था |

गुप्तकालीन चित्रकलाएं

  • ये अजंता एवं बाघा गुफाओं से प्राप्त होती है |
  • अजंता की पर्वतीय गुफाएं दूसरी शताब्दी से सातवीं शताब्दी ईस्वी के बीच बनाई गई थी | इनका सरंक्षण विभिन्न शासकों एवं बौद्ध अनुयायियों द्वारा किया गया |
  • 25 गुफाएं विहार की तरह थी (जहाँ बौद्ध भिक्षु रह सकते थे एवं प्रार्थना कर सकते थे ) एवं 4 चैत्य प्रकार के थे |
  • इन गुफाओं की दीवार एवं छतों पर विभिन्न प्रकार के चित्र थे |
  • सबसे प्रसिद्ध गुफाएं 16 ,17 एवं 18 थी |
  • इन सभी चित्रों के लिए प्राकृतिक रंगो का उपयोग किया गया था जो विभिन्न वनस्पतियों से प्राप्त हुए थे
  • इन चित्रों के विषय विभिन्न जातक कथाओं एवं बुद्ध के जीवन की विभिन्न घटनाओं से लिए गए थे |
  • सबसे प्रसिद्ध चित्रकलाओं में अजंता की अप्सरा थी जिसने आलोचकों का ध्यान आकर्षित किया |

Decline of Gupta empire

Reasons of decline

Huna invasion

  • Huna invasion made them weak
  • Use of stirrups made of metal by Hunas so they can move quickly.
  • Excellent archers of Hunas

Loss of Malwa and Yashodharman

  • Malwa which was closer to port was lost.
  • Though Yashodharman had overthrown Hunas, he had given severe blow to Guptas

Rise of feudatories

They tended to become independent

Other reasons

  • By 550 AD,  Bihar and Uttar Pradesh had passed out of Gupta hands.
  • Loss of western India deprived the Guptas of the rich revenues from trade and commerce and crippled them economically.
  • Difficult to maintain large army
  • Land grants had reduced the revenues
  • Decline of foreign trade had affected income
  • No demand of cloth produced by them.
  • Debasement of the coins and gradual disappearance of gold coins during the post-Gupta period indicates the Decline of Trade.

Arguments in favor of Gupta rule:

  • There were political units, foreign rule was completely removed and peace and prosperity prevailed.
  • Enlightened character of government, i.e. taxes were light, mild punishment etc
  • Revival of Hinduism  but there was tolerance of all other regions.
  • Use of Sanskrit developed and art and literature flourished during the period

Arguments against Gupta rule:

  • Existence of too many feudatories
  • Absence of large central army
  • Development of feudal elements (Increasing land grants, Sub-infeudation etc)

गुप्त साम्राज्य का पतन

पतन के कारण

हूणों का आक्रमण

  • हूणों के आक्रमण से ये कमजोर पड़ गए |
  • हूणों ने धातु की रकाबों का प्रयोग किया जिससे वे तेज़ी से आगे बढ़े |
  • हुण उत्कृष्ट धनुर्धारी थे |

मालवा की क्षति एवं यशोधर्मन

  • मालवा जो बंदरगाह के निकट थी नष्ट कर दी गई |
  • हालांकि यशोधर्मन ने हूणों को उखाड़ फेंका, उन्होंने गुप्त शासकों एक गंभीर झटका दिया |

सामंतवादियों का उदय

उन्होंने स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दिया |

अन्य कारण

  • 550 ईस्वी तक, बिहार और उत्तर प्रदेश गुप्त राजवंश के हाथ से जा चुके थे |
  • पश्चिम भारत हारने के बाद गुप्त साम्राज्य को व्यापार और वाणिज्य से प्राप्त राजस्व में बहुत नुकसान और वे आर्थिक रूप से पंगु हो गए |
  • इसके कारण वे एक विशाल सेना को नहीं संभाल पाए |
  • भूमि अनुदान ने भी राजस्व को कम कर दिया |
  • विदेशी व्यापार की गिरावट ने भी आय को प्रभावित किया |
  • उनके द्वारा निर्मित कपड़ा की कोई मांग  नहीं थी |
  • सिक्कों में मिलावट एवं उत्तर गुप्त काल में सोने के सिक्कों के लुप्त होने के कारण व्यापार में गिरावट आई |

गुप्त शासन के पक्ष में तर्क:

  • इस काल में राजनीतिक इकाइयां थीं, विदेशी शासन पूरी तरह से हटा दिया गया था एवं राज्य में शांति एवं समृद्धि थी
  • सरकार का प्रबुद्ध चरित्र, अर्थात कम कर एवं हल्के प्रकार की सजा |
  • हिंदू धर्म का पुनरुद्धार किया लेकिन सभी अन्य धर्मों के प्रति सहिष्णुता थी।
  • गुप्त काल संस्कृत का विकास हुआ एवं कला और साहित्य फले फूले |

गुप्त शासन के प्रतिकूल तर्क

  • सामंतवादियों की अधिकता |
  • बड़ी केंद्रीय सेना की अनुपस्थिति
  • सामंती तत्वों का विकास (भूमि अनुदान को बढ़ावा,भूमि को जागीर के रूप में देना आदि )

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