RAS 2018 GK – Ancient Civilizations of Rajasthan PDF | Art and Culture Study Notes

RAS 2018 GK – Ancient Civilizations of Rajasthan PDF | Art and Culture Study Notes

RAS 2018 GK – Ancient Civilizations of Rajasthan PDF | Art and Culture Study Notes

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RAS 2018 GK – Ancient Civilizations of Rajasthan PDF | Art and Culture Study Notes

Rajasthan Art and Culture –

Ahad (Udaipur)/आहड़ (उदयपुर)

  • In Mewad there is abundant ancient civilization available around berach and banas rivers./मेवाड़ में बेडच व बनास नदियों के काँठे से हमें आहड  सभ्यता की प्रचूर झाँकी उपलब्ध होती है।
  • The old name of aahad was Tamarvati Nagari./आहड़ का प्राचीन नाम ताम्रवती नगरी थी।
  • In the 10th – 11th century, it was known as Aghattpur (Aghat durg)./10 वीं – 11 वीं शती  में यह आघाटपुर (आघाट दुर्ग) के नाम से जाना जाता था।
  • Pt. Akshayakirti Vyas is credited for first excavation here at small scale in 1953./पं. अक्षयकीर्ति व्यास को  सर्वप्रथम 1953 ई. में यहाँ लघु स्तर पर उत्खनन करवाने का श्रेय है।
  • The extensive excavation of ‘Dhoolkot’ (local name), a high mound of this village, on the banks of ayad river (Berach, tributary of  river Banas) near Udaipur was first done by R.C. Agarwal in 1954 and later in 1961-62, by V.N. Mishra and H.D Sankalia /उदयपुर के निकट आयड़  नदी (बनास की सहायक बेडच नदी) के किनारे इस गाँव के एक ऊँचे टीले ‘धूलकोट’ (स्थानीय नाम) का व्यापक उत्खनन सर्वप्रथम आर.सी. अग्रवाल ने  1954 में कराया तथा बाद में 1961-62 में वी. एन. मिश्रा एवं एच.डी. सांकलिया द्वारा उत्खनन करवाया गया।
  • Here are the remnants of the cosmopolitan civilization dating back to 1900-1800 B.C.  to 1200 BC./यहाँ 1900-1800  ई. पूर्व से 1200  ई. पूर्व की ताम्रयुगीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं।
  • It is called by  Dr. Sanklia as Aahad or Banas civilizaion./इसे डॉ सांकलिया ने आहड या बनास संस्कृति कहा है।
  • This was a rural civilization./यह एक ग्रामीण संस्कृति थी।
  • The three stages of this  civilization have been obtained  in various levels of excavation of this site./इस स्थल की खुदाई से प्राप्त विभिन्न स्तरों  में आहड सभ्यता के तीन चरणों का ज्ञान हुआ है।
  • In the first phase, the use of rhinestone stones was abundant, and from these different tools and equipemnts were made./प्रथम चरण में स्फटिक पत्थरों के प्रयोग की बहुतायत रही थी तथा इन्ही से विभिन्न औजार व उपकरण बनाये जाते थे।
  • In the second phase, instruments of copper-bronze and iron era have been obtained./द्वितीय चरण में ताम्र-कांस्य व लौह युग के उपकरण प्राप्त हुए हैं।
  • In the third phase, there is abundance of soil related material(pottery)./तृतीये चरण में  मृदभांड सम्बन्धित सामग्री की प्रचुरता है।
  • The houses here are made of clay and stone. /यहाँ के मकान मिटटी व पत्थरों के बने होते हैं।
  • These houses were covered with bamboos./इन मकानों को बाँस से ढका  जाता था।
  • The floor was made by adding  clay and yellow soil./फर्श चिकनी मिट्टी व पीली मिट्टी  मिलाकर बनायी जाती थी।
  • The houses were mostly rectangular./मकान अधिकांशतःआयताकार होते थे।
  • More than one stove has been found in houses which may indicate a large family or group food system./मकानों में एक से अधिक चूल्हे मिले हैं जो शायद बड़े परिवार या सामूहिक भोजन व्यवस्था को इंगित करते हैं।
  • 6 stoves have been found together in one house and one of them also has a human palm impression./एक घर में एक साथ 6 चूल्हे भी प्राप्त हुए हैं तथा इनमे से एक पर मानव हथेली की छाप भी प्राप्त हुई है ।
  • There is also a large dump of holding/storing grains./यहाँ कुछ अनाज  रखने के बड़े भाण्ड भी गड़े   मिले हैं।
  • Which was called ‘Goure’ and ‘kothe’ in the local language./जिन्हे स्थानीय भाषा में ‘गौरे’ व ‘कोठे’ कहा जाता था।

Ojhiyaan/ओझियाना –

  • This copper age archaeological site is located near the district of Badlapur in Bhilwara district./यह ताम्रयुगीन पुरातात्विक स्थल भीलवाड़ा जिले में बदनोर जिले के पास स्थित है।
  • Here B.R Meena and Alok Tripathi excavated in 2000 AD./यहाँ बी.आर. मीणा व आलोक त्रिपाठी ने सन 2000 ई.  में उत्खनन करवाया।
  • The small miniature form of cow obtained from here is very important./यहाँ से प्राप्त गाय की लघु मीणाकृति   बहुत महत्त्वपूर्ण है।
  • This place is another place for aahad civilization./यह स्थल आहड़  सभ्यता-संस्कृति का ही एक अन्य स्थल है।
  • One particularity of this is that it is located on the hill. While other places of Ahad civilization flourished in the river valleys./इसकी एक विशिष्टता यह है की यह पहाड़ी पर स्थित है। जबकि आहड सभ्यता के अन्य स्थल नदी घाटियों में पनपे हैं।
  • Based on the remains of structures, there are evidence of three stages of civilizations on this site. /ढांचों के अवशेषों के आधार पर इस स्थल पर तीन चरणों की सभ्यताओं के प्रमाण मिले हैं।
  • From the remains found in the first level, it is known that people of this age were agriculturists who preferred to live on the hills./प्रथम स्तर में प्राप्त अवशेषों से ज्ञात होता है की इस काल के लोग कृषक थे जो पहाड़ी पर रहना पसंद करते थे।
  • At that time their houses were made of raw soil./इस समय इनके मकान कच्ची मिट्टी के बने हुए थे।
  • It is evident from the second level residues that residents of this civilization were now using stone bricks as well as using stones in building construction./द्वितीय स्तर के अवशेषों से स्पष्ट होता है की इस सभ्यता के निवासी अब भवन निर्माण में मिट्टी की ईंटों के साथ-साथ पत्थरों का उपयोग भी करने लगे।
  • Many rooms and kitchen residues were found in the house./मकान में कई कमरों व रसोई के अवशेष मिले हैं।
  • In the third level excavation, in large quantities,  shaped clay oxen have been found, on which there is white painting separating this civilization from the other civilizations of the era. /तृतीये स्तर की खुदाई में बड़ी मात्रा में कई आकार  के मिटटी के बैलों की आकृतियाँ मिली हैं, जिन पर की गयी सफ़ेद रंग की चित्रकारी इस  सभ्यता को तत्कालीन अन्य सभ्यताओं से अलग करती है।
  • These white painted bulls are famous as the ojhiyan bull./ये सफ़ेद चित्रित  बैल ओझियां बैल के नाम से प्रसिद्ध है।
  • Based on the antiquities available at this site, it is estimated that the period of this civilization dates from 3000 BCE to 1500 BC /इस स्थल पर प्राप्त पुरावशेषों के आधार पर अनुमान है की इस सभ्यता का काल 3000 ई. पूर्व से 1500 ई.  पूर्व रहा होगा। 

Gilund/गिलूण्ड

  • In the Rajsamand district, at a distance from the banks of Banas river, in the excavation of the Giloond, the remnants of the copper age  civilization and later civilizations have been found./राजसमंद जिले में बनास नदी के तट से कुछ दूरी पर स्थित गिलूण्ड की खुदाई में ताम्रयुगीन सभ्यता एवं बाद की सभ्यताओं के अवशेष मिले हैं।
  • This place is located approximately 30 km away from Ahad Civilization site./यह स्थल आहड सभ्यता स्थल से लगभग 30 किमी दूरी पर स्थित है।
  • There was a spread of aahad civilization here too./यहाँ भी आहड़  युगीन सभ्यता का प्रसार था।
  • Lime plaster and raw walls were used here. /यहाँ चूने  के प्लास्टर एवं कच्ची दीवारों का प्रयोग होता था।
  • Black and red color pottery have been found in Giloond./गिलूण्ड में काल व लाल  रंग के मृदभाण्ड मिले हैं।
  • The remains of a huge building of 100 * 80 feet have been found on this site, which is made of bricks./इस स्थल  पर 100*80  फ़ीट आकार के विशाल भवन के अवशेष  मिले हैं जो ईंटों से बना हुआ है।
  • The remains of buildings of this size have not been found in Aahad. /आहड  में इस आकार के भवनों के अवशेष प्राप्त नहीं हुए हैं। 

Lachchura/लछुरा –

  • Excavation work was done in 1998 under the guidance of Shri B.R. Meena by the Indian Archaeological Survey Department (ASI) near Hanuman Nalla in village Lachhura of Aasind, Asind Tehsil of Bhilwara./भीलवाड़ा  जिले की आसींद आसींद तहसील के गाँव लाछुरा में हनुमान नाले के पास भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा 1998 में श्री बी.आर मीणा के निर्देशन में उत्खनन कार्य संपन्न करवाया गया।
  • The remains found in the excavation have found evidence of civilizations from 7th century BC to the second century AD(700 B. C. to 200 A.D)./उत्खनन  में प्राप्त अवशेषों में यहाँ 7 वीं सदी ई. पूर्व से लेकर दूसरी सदी (700 B. C. से  200 A.D ) तक की सभ्यताओं के प्रमाण मिले हैं।
  • All these remains have been classified into four periods./ये सभी अवशेष चार कालों में वर्गीकृत किये गए हैं।
  • Here  the contemporary sharp-edged cups have been found./यहाँ संगकालीन तीखे किनारे वाले प्याले आदि मिले हैं।
  • In the first level, the material of the period from 700 BC to 500 BC has been found, in which the human miniature form made of soil are important./प्रथम स्तर में 700 BC से  500 BC तक के काल की सामग्री प्राप्त हुई है, जिनमे मिट्टी की मानव आकृतियाँ प्रमुख हैं।
  • It is estimated from the black-and-red painted pottery and copper utensils found in the excavation that copper age civilization flourished here. /खुदाई में मिले काले व लाल रंग के मृदभांड व ताँबे के बर्तन से अनुमान है कि यहाँ ताम्रयुगीन सभ्यता पनपी थी।  

RAS 2018 GK – Ancient Civilizations of Rajasthan PDF 

Ancient-Civilizations-of-Rajasthan-and-Important-Archaeological-Sites-Part-2

Balathal/बालाथल –

  • From the excavation of a mound, Researchers have found remains of copper-stone civilization near Ballathal village in Ballabhnagar tehsil  Udaipur./उदयपुर जिले की बल्लभनगर तहसील में बालाथल गाँव के पास एक टीले के पास एक टीले के उत्खनन से यहाँ ताम्र-पाषाणकालीन सभ्यता के अवशेष प्राप्त  हुए हैं।
  • This civilization was discovered by Dr. V. N. Mishra in 1962-63./इस सभ्यता की खोज डॉ.  वी. एन मिश्र ने 1962-63 में की थी।
  • Here excavation work was done in the direction of Dr. V. N. Mishra in 1993, Dr. V. S. Shinde, Dr. R. K. Mohanty and Dr. Dev Kothari./यहाँ उत्खनन कार्य 1993 ई. में डॉ. वी. एन मिश्र के निदेशन में डॉ. वी. एस शिंदे, डॉ. आर. के. मोहंती  एवं डॉ. देव कोठारी द्वारा किया गया।
  • From the excavation of Balathal, there have been found the remains of a huge house, in which 11 rooms are present./बालाथल के उत्खनन से वहाँ  एक विशाल भवन के अवशेष मिले हैं, जिसमें 11 कमरे विधमान हैं।
  • It was probably built in second phase of copper-stone  period. /इसका  निर्माण संभवतः ताम्रपाषाण काल की द्वितीय अवस्था में हुआ  है।
  • Apart from this, the remains of a fortified building are also found in the excavation, which is constructed from a mud wall ./इसके अलावा खुदाई में एक दुर्ग जैसी इमारत के अवशेष भी मिले हैं, जिसका निर्माण मिट्टी की एक मोंटी दीवार से हुआ है।
  • In the third phase of this culture there is evidence of the use of mud bricks./इस  संस्कृति के तीसरे चरण में मिट्टी की कच्ची ईंटों के प्रयोग के प्रमाण मिले हैं।
  • Most equipment and tools in Balathal have been found of copper./बालाथल  में अधिकांश उपकरण एवं औजार ताँबे  के मिले हैं।
  • The number of stone tools is very low./पत्थर के उपकरणों की मात्रा बहुत कम है।
  • Copper made ornaments have also been obtained here in the excavation./यहाँ उत्खनन में ताँबे के बने आभूषण भी प्राप्त हुए हैं।
  • For the inhabitants of Balathal civilization, agriculture, hunting, and animal husbandry were the three main means of livelihood. / बालाथल सभ्यता के निवासियों के लिए कृषि, शिकार, एवं पशुपालन तीनों ही आजीविका के मुख्य  साधन रहे थे ।
  • In the agricultural crops, wheat, mustard and moong were major and mainly cow and ox in domestic animals./कृषि फसलों में गेहूं , मूंग एवं सरसों प्रमुख थी तथा पालतू पशुओं में मुख्यतः गाय एवं बैल थे।
  • Here are found two types of pottery with bright polish. /यहाँ चमकदार  पोलिश वाले दो प्रकार के मृदभांड मिले हैं।
    • Rough wall pottery, and/खुरदरी दीवार  मृदभांड, तथा
    • Smooth walled pottery/चिकनी दीवार वाले मृदभांड
  • The pots were glazed and coated in and out./बर्तनों पर अंदर व बाहर चमकदार लेप किया जाता था।
  • Residues show that residents of this civilization used kothis of clay  for storage of grains./अवशेषों से पता चलता है की इस सभ्यता के निवासी अनाज भंडारण हेतु मिट्टी की कोठियों का प्रयोग करते थे।
  • In addition, cereals were also kept in the floor of the house./इसके अलावा मकान की फर्श में वृत्ताकार गड्ढे  भी अनाज रखा जाता था।
  • cutting and  grinding of grain was done on the silbatta./अनाज को कूटने व पीसने  का कार्य सिलबट्टे पर होता था।
  • The sculptures of oxen and dogs in Balathal are notable, which is  found in the village Marmi (Chittorgarh), of aahad civilization./बालाथल में मिली बैल व कुत्ते की मूर्तियां  विशेष उल्लेखनीय है, जो आहड़ सभ्यता के एक स्थल मरमी गाँव (चित्तौड़गढ़ ) से भी मिली  है।
  • Probably the inhabitants of the city used to be non-vegeterians./संभवतः यहाँ के निवासी मांसाहार का प्रयोग भी करते थे।
  • Remains of iron smelting furnace were found in Balathal’s excavation./बालाथल के उत्खनन  में लोहा गलाने की भट्टी के अवशेष मिले हैं।
  • There is also a piece of cloth found in the excavation, from which it is known that the residents of the town also knew to knit garments./यहाँ खुदाई में एक वस्त्र का टुकड़ा भी मिला है, जिससे ज्ञात होता है की  यहाँ के निवासी वस्त्र बुनना भी जानते थे।
  • Apart from Bairath, the remains of the woven garments were found in Balathal only./बैराठ के अलावा बुने हुए वस्त्र का अवशेष बालाथल में ही मिला है।
  • Balathal culture was the culture of the later period of aahad civilization which developed independently from the Harappan culture./बालाथल संस्कृति आहड़ सभ्यता के पश्चात्वर्ती  काल की संस्कृति थी जो हड़प्पा संस्कृति से स्वतंत्र रूप से  विकसित हुई थी।

 

 

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