Prepare History For IAS (Prelims+Mains) || HCS | RAS | PCS Exam 2018

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Gupta empire

  • In 4th century AD a new dynasty, the Guptas, arose in Magadha.
  • It was not as large as the Mauryan Empire but it kept North India politically united for more than a century, from AD 335 to 455.
  • This period is referred as the “Classical age” or “Golden Age” of ancient India and was the most prosperous era in Indian history.
  • Gupta Empire may have been of Vaisya origin.
  • UP was the center Point of Gupta Empire.

The Guptas enjoyed certain material advantages like –

  • Fertile land of MP, Bihar and UP
  • Iron ores
  • Proximity to silk trade route and Byzantine empire (Roman empire)

Guptas set up their rule over –

  • Anuganga (the middle Gangetic basin), Prayag (modern Allahabad), Saketa (modern Ayodhya)
  • Gupta Dynasty was started by Sri Gupta.
  • He was a feudatory of Kushans and not a sovereign ruler.
  • Ghatotkacha was son of Sri Gupta and he succeeded him after his death

Chandragupta -I

  • Chandragupta I was the first independent ruler of Gupta Dynasty.
  • First Gupta ruler to assume the title of Maharajadhiraja.
  • He strengthen his kingdom by matrimonial alliance with the powerful family of Lichchhavis who were the rulers of Mithila.
  • His marriage to Lichchhvi princess Kumaradevi, brought to him enormous power, resources and prestige.

Samudragupta

  • It is written on an Ashokan pillar. It is of great historical importance as details of three kings are engraved on it.
  • 1st – Ashoka, who initially established it.
  • 2nd – Samudragupta, who got his account written on it in Sanskrit
  • 3rd – Jahangir, who got his account inscribed in Persian.
  • The Gupta kingdom was enlarged enormously by Chandragupta I’s son and successor Samudragupta (A.D. 335-380).
  • Samudragupta delighted in violence and conquest. (Opposite to Asoka’s policy of peace and non-aggression)
  • His court poet Harishena wrote a glowing account of the military exploits of his patron in Allahabad’s inscription (Prayag Prashasti)
  • The best source to know about Samudragupta is the Prayag Prashasti in Allahabad.

Titles given:

  • King of poets  (prayaga Prasati)
  • Param Bhagwat (Nalanda copper plate)
  • Ashvamdha Parakrama
  • Sarva-raj-ochchetta: Uprooter of all king
  • Samudragupta was a Vaishnavite.

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गुप्त राजवंश

  • मगध में चौदहवीं शताब्दी में एक नए राजवंश का उदय हुआ जिसका नाम था ‘गुप्त राजवंश’
  • यह मौर्य साम्राज्य की तरह विशाल नहीं था,परन्तु इन्होने 335 से 455 ईसा पूर्व तक लगभग एक शताब्दी के लिए उत्तर भारत को राजनैतिक रूप से बांधे रखा |
  • इस काल को प्राचीन भारत का शास्त्रीय काल अथवा स्वर्ण काल कहा गया है एवं यह भारतीय इतिहास का समृद्ध काल माना गया है |
  • सम्भवतः  गुप्त साम्राज्य वैश्य मूल के थे |
  • उत्तर प्रदेश गुप्त साम्राज्य का केंद्र बिंदु था

गुप्त राजवंश को कुछ भौतिक लाभ भी प्राप्त हुए-

  • मध्य प्रदेश,बिहार और उत्तर प्रदेश की उपजाऊ भूमि |
  • लौह अयस्क
  • रेशम व्यापार मार्ग और बाइज़ेंटाइन साम्राज्य (रोमन साम्राज्य ) की निकटता
  • गुप्त साम्राज्य का अनुगंगा (मध्य गंगा द्रोणी क्षेत्र), प्रयाग(वर्तमान इलाहाबाद), साकेत (वर्तमान अयोध्या) पर शासन था |
  • गुप्त राजवंश के संस्थापक श्रीगुप्त थे |
  • ये कुषाणों के सामंती थे न की कोई संप्रभु शासक |
  • घटोतकच श्रीगुप्त के पुत्र थे एवं श्रीगुप्त की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारी बने |

चन्द्रगुप्त प्रथम

  • चंद्रगुप्त प्रथम गुप्त राजवंश का पहला स्वतंत्र शासक था।
  • इन्होने महाराजाधिराज की उपाधि ग्रहण की थी |
  • उन्होंने अपने राज्य को मिथिला नरेश के लिच्छवि परिवार से वैवाहिक संबंध बनाकर मजबूती प्रदान की |
  • उन्होंने लिच्छवि की राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह किया जिसके फलस्वरूप इनकी शक्ति,संसाधनों एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई |

समुद्रगुप्त

  • यह अशोक स्तम्भ पर लिखित है | इसका अपना  महान ऐतिहासिक महत्व है क्यूंकि इस पर तीन राजाओं का विवरण उपलब्ध है-
  • प्रथम- अशोक, जिन्होंने इसे स्थापित किया था |
  • द्वितीय-समुद्रगुप्त का विवरण संस्कृत में है |
  • तृतीय-जहांगीर का उल्लेख  फ़ारसी में मिलता है|
  • गुप्त साम्राज्य चन्द्रगुप्त प्रथम के पुत्र एवं उनके उत्तराधिकारी समुद्रगुप्त (335-380 ईस्वी ) के शासन काल में और अधिक विस्तृत हो गया |
  • समुद्रगुप्त हिंसा एवं युद्ध विजय का समर्थक था (अशोक की शांति एवं अहिंसा की निति का विरोधी)
  • हरिषेण समुद्रगुप्त का दरबारी कवि था एवं इन्होने इलाहाबाद के शिलालेख (प्रयाग प्रशस्ति ) में समुद्रगुप्त की सैन्य विजय गाथाओं का उल्लेख किया है |
  • समुद्रगुप्त के बारे में जानने का सबसे अच्छा स्रोत इलाहाबाद में प्रयाग प्रशस्ति है |

दिए गए खिताब

  • कवियों का राजा (प्रयाग प्रशस्ति )
  • परम भगत (नालंदा के ताम्र लेख)
  • अश्वमेघ पराक्रमी
  • सर्वराजोच्छेदता- समस्त राजाओं का उन्मूलन करने वाला
  • समुद्रगुप्त वैष्णवादी था |

Chandragupta II

  • He adopted the title of Vikramaditya. 1st Ujjain ruler to do so
  • He extended the limits of his empire by marriage alliance and conquests.
  • By marrying his daughter (Prabhavati) to Vakataka prince, he exercised indirect control over the Vakataka kingdom in central India.

Nine Gems/Navaratnas of Chandragupta II:

Kalidasa :

  • was a famous Sanskrit writer and poet in the court of Chandragupta II (Vikramaditya).
  • Commonly regarded as the greatest poet in the Sanskrit language.
  • Author of three famous plays: Abhijnanasakuntalam (tells the story of King Dushyanta and Shakuntala), Malavikagnimitram (story love of King Agnimitra with Malavika),Vikramorvasiyam (love story of King Pururavas and celestial fairy Urvashi)

Vararuchi:

  • Grammarian and Sanskrit scholar, author of Prakrit Prakasha, which is first Grammar of Prakrit Language.

Amarasimha:

  • Was a Sanskrit lexicographer and a poet and his Amarkosha is a vocabulary of Sanskrit roots, homonyms and synonyms.

Dhanvantari- Physician

  • is regarded as one of the world’s first surgeons and medical practitioner from Gupta era.
  • He is considered as the origin exponent of Ayurveda.
  • He is also worshipped as the God of Medicine.

Kumaragupta

Kumaragupta I

  • Chandragupta II was succeeded by his son Kumaragupta I
  • Worshiper of god Kartikeya.
  • His inscription has been found from several of UP and MP like Mathura and Mandsor.
  • During his period, the Huns (Central Asian tribe) made their first attack in India.

Skandagupta

  • last ruler of Gupta dynasty
  • During his reign, Gupta empire was invaded by the Huns. He succeeded in defeating the Huns.
  • The continuous attacks of Huns weakened the empire and adversely affected its economy. The gold coinage of Skandagupta bears testimony to this.

Titles:

  • Vikramaditya and Kramaditya (coins), param Bhagvata (coins), Sharkropama (kahaum Pillar Inscription), Devaraja (Arya Manjushri Mula Kalpa) etc.

चन्द्रगुप्त द्वितीय

  • उन्होंने विक्रमादित्य का शीर्षक अपनाया | ऐसा करने वाले ये प्रथम उज्जैन शासक थे |
  • उन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार विवाह गठबंधनों एवं युद्ध विजयों से किया |
  • उन्होंने अपनी पुत्री प्रभावती का विवाह वाकाटक के राजकुमार से किया एवं अप्रत्यक्ष रूप से वाकाटक  साम्राज्य पर नियंत्रण कर लिया |

नौ रत्न / चंद्रगुप्त द्वितीय के नवरत्न:

कालिदास:

  • चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के दरबार में एक प्रसिद्ध संस्कृत लेखक और कवि थे।
  • आमतौर पर संस्कृत भाषा के सबसे महान कवि के रूप में जाना जाता है।
  • तीन प्रसिद्ध नाटकों के लेखक: अभिज्ञानशाकुंतलम (राजा दुष्यंत और शकुंतला की कहानी),मालविकाग्निमित्रम् (राजकुमारी मालविका तथा विदिशा के राजा अग्निमित्र की प्रेम कहानी) ,विक्रमोर्वशीयम् (राजा पुरुरवा तथा उर्वशी की प्रेम कहानी)

वररुचि

  • व्याकरण शास्त्री,प्राकृत प्रकाश ( प्राकृत भाषा का प्रथम व्याकरण) के लेखक |

अमरसिंह

  • एक संस्कृत भाषाविज्ञानी और एक कवि थे और इनका अमरकोष संस्कृत के मूल शब्दों,पदबंधों,समानार्थक शब्द का एक शब्दकोश है|

धन्वंतरी-चिकित्सक

  • इनको विश्व के सबसे पहले शल्य चिकित्स्क एवं गुप्त काल चिकित्सा व्यवसायी के रूप में जाना जाता है |
  • उन्हें आयुर्वेद के मूल प्रतिपादक के रूप में जाना जाता है |
  • इन्हे चिकित्सा के देवता के रूप में जाना जाता है |

कुमारगुप्त

कुमारगुप्त प्रथम

  • चंद्रगुप्त द्वितीय के उत्तराधिकारी उनके पुत्र  कुमारगुप्त प्रथम थे |
  • ये कार्तिकेय भगवान के उपासक थे |
  • उनके शिलालेख अधिकांश उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश में पाए जाते है जैसे मथुरा एवं मंदसौर |
  • इन्ही के काल खंड में ही हूणों (मध्य एशियाई जनजाति) ने भारत पर आक्रमण किया था |

स्कन्दगुप्त

  • गुप्त राजवंश के अंतिम शासक
  • इन्ही के शासन काल में हूणों ने गुप्त साम्राज्य पर आक्रमण किया | ये हूणों को हराने में सफल रहे |
  • हूणों के निरंतर आक्रमणों ने गुप्त साम्राज्य की जड़े कमजोर कर दी जिस से इसकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा |
  • स्कंदगुप्त के सोने के सिक्के इसके साक्ष्य है |

शीर्षक/ख़िताब:

  • विक्रमादित्य और कर्मादित्य (सिक्कों पर),परम भगत (सिक्कों पर), शक्रोपम (कहौम जैन स्तम्भ ) ,देवराज (आर्य मंजुश्री मूल कल्प )

Gupta Administration

Taxation system

  • Land taxation keep on increasing
  • Taxation on trade and commerce decreased
  • Taxation rate – ¼ to 1/6 of produce.
  • Local people had to feed army when it passes through the countryside
  • Villagers were subjected to forced labour called vishti for serving the royal army and officials.

There were several types of taxes in Gupta era as follows:

  • Bali: Bali which was voluntary in Maurya era and was given to the King became compulsory in Gupta Era.
  • Bhaga: King’s share in all produce of the cultivators. It was 1/6th part of produce.

Judicial system

  • More developed than earlier times
  • Several law books compiled
  • 1st time demarcation of criminal and civil laws
  • Criminal law – theft and adultery
  • Civil law – disputes regarding various types of property

Provincial and Local administration

  • The empire was divided as –
  • Divisions (bhuktis) → districts (vishayas) → vithis → villages.

Order of their officers –

  • Uparika (for bhuktis)→ Vishayapati (for Vaisayas)

गुप्त प्रशासन

कराधान प्रणाली

  • भूमि कराधान निरंतर बढ़ाया जा रहा था |
  • व्यापार और वाणिज्य पर कराधान में कमी आई |
  • कराधान दर – उपज का ¼ से 1/6 भाग |
  • जब सेना किसी क्षेत्र से गुजरती तो वहां के स्थानीय लोगों को सेना को खाना खिलाना पड़ता था |
  • गुप्त काल में अन्य भी कई प्रकार के कर थे-
  • बलि: राजा को दिया जाने वाला कर  मौर्य युग में स्वैच्छिक था एवं गुप्त काल में इसे अनिवार्य बना दिया गया |
  • भाग: किसानों के सभी प्रकार के  उत्पादन में राजा का हिस्सा होता था | यह उत्पादन का 1/6 हिस्सा था

न्याय व्यवस्था

  • गुप्त काल की न्याय व्यवस्था पूर्व के अन्य शासकों की तुलना में अधिक विकसित थी |
  • कई कानून की पुस्तकें बनाई गई |
  • पहली बार आपराधिक और नागरिक कानूनों का सीमांकन किया गया |
  • आपराधिक कानून – चोरी और व्यभिचार
  • दीवानी कानून- विभिन्न प्रकार की संपत्ति के संबंध में विवाद

गुप्त काल का प्रांतीय और स्थानीय प्रशासन

  • साम्राज्य का विभाजन इस प्रकार था
  • प्रादेशिक इकाई  (भुक्ति) – जिला (विषय)-विथि-ग्राम
  • प्रशासनिक अधिकारीयों का क्रम
  • उपरिक (भुक्ति)-विषयपति (विषय के लिए ) |

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