Polity Making of our Constitution Study Material | UPSC IAS Exam

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Constitution / संविधान –

Constitution is the supreme law of the land./संविधान देश का सर्वोच्च कानून है |

It sets out the framework and the principal functions of various organs of the government, i.e., Legislature, Executive and Judiciary./यह सरकार के विभिन्न अंगों के ढांचे और प्रमुख कार्यों को निर्धारित करता है, अर्थात् विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका।

Making of the Constitution/संविधान की रचना :

  • The idea of a Constituent Assembly for India was put forward by M.N. Roy./भारत के लिए एक संविधान सभा का विचार एम.एन.रॉय के द्वारा रखा गया था।
  • The Constituent Assembly was set up under the Cabinet Mission (1946) proposal to draft a Constitution for independent India./कैबिनेट मिशन (1946 ) द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों के तहत स्वतन्त्र भारत के संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा का गठन हुआ |

Composition of the Constituent Assembly/संविधान सभा की रचना:

  • The total strength of the Constituent Assembly was to be 389. Of these, 296 seats (292 from eleven governor’s provinces and 4 from four chief commissioner’s provinces) were allotted to British India and 93 seats to the Princely States./संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 होनी थी। इनमें से 296 सीटें (ग्यारह गवर्नरों के प्रांतों में से 292 और चार को चार मुख्य आयुक्तों के प्रांतों में से ) को ब्रिटिश भारत को आवंटित किया गया और 93 राज्यों ने देशी रियासतों को आवंटित किया गया ।
  • Each province and princely state were to be allotted seats in proportion to their population./प्रत्येक प्रांत और रियासतों को अपनी जनसंख्या के अनुपात में आवंटित किया जाना था।

Composition of the Constituent ASSEMBLY / संविधान सभा की रचना –

  • Seats allocated to each British province were to be decided among the three communities- Muslims, Sikhs and general, in proportion to their population./प्रत्येक ब्रिटिश प्रांत को आवंटित सीटों का निर्धारण  तीन समुदायों के बीच के लोगों – मुसलमानों, सिखों और सामान्य, के आबादी के अनुपात में किया जाना था |  
  • The representatives of each community were to be elected by members of that community in the provincial legislative assembly and voting was to be done by the method of proportional representation by means of single transferable vote./प्रत्येक समुदाय के प्रतिनिधियों का चयन प्रांतीय विधानसभाओं में उस समुदाय के सदस्यों द्वारा किया जाना था और एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से समानुपातिक प्रतिनिधित्व की विधि द्वारा मतदान किया जाना था।
  • The representatives of princely states were to be nominated by the heads of the princely states./देसी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन देसी  रियासतों के प्रमुखों द्वारा किया जाना था ।

The Indian National Congress won 208 seats, the Muslim League 73 seats, and the small groups and independent got the remaining 15 seats. The 93 seats allotted to the princely seats were not filled as they stayed away from the Constituent Assembly./भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 208 सीटें, मुस्लिम लीग में 73 सीटें जीतीं, और छोटे समूह और स्वतंत्र सदस्यों को शेष 15 सीटें मिलीं। देसी रियासतों के लिए आवंटित 93 सीटों को भर नहीं पाई क्योंकि वे संविधान सभा से दूर रहे।

The Constituent Assembly included all important leaders of that time except Mahatma Gandhi and MA Jinnah./संविधान सभा में उस समय के सभी महत्वपूर्ण नेता महात्मा गांधी और एम.ए. जिन्ना को छोड़कर शामिल थे।

Working of the Constituent Assembly / संविधान सभा की कार्यप्रणाली  –

  • First meeting was held on December 9, 1946./पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई थी।
  • The Muslim League boycotted the meeting and insisted on a separate state of Pakistan. Only 211 members attended the meeting./मुस्लिम लीग ने बैठक का बहिष्कार किया और एक अलग पाकिस्तान राष्ट्र के लिए जोर दिया। केवल 211 सदस्यों ने बैठक में भाग लिया
  • Dr. Sachchidananda Sinha, the oldest member, was elected as the temporary President of the Assembly./डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा, सबसे वरिष्ठ सदस्य, सभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में चुने गए थे।
  • Later, Dr. Rajendra Prasad and H.C. Mukherjee were elected as the President and Vice-President of the Assembly respectively./बाद में, डॉ राजेंद्र प्रसाद और एच.सी. मुखर्जी को क्रमशः सभा के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया।
  • Sir BN Rau was appointed as the Constitutional advisor to the Assembly./सर बी एन राव को सभा के संवैधानिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था।

Objectives Resolution/उद्देश्य प्रस्ताव :

On December 13, 1946, Jawaharlal Nehru moved the ‘Objectives Resolution’ in the Assembly./ 13 दिसंबर, 1946 को, जवाहरलाल नेहरू ने विधानसभा में ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पेश किया।

It laid down the fundamentals and philosophy of the constitutional structure./इसने संवैधानिक संरचना के मूल सिद्धांतों और दर्शन को निर्धारित किया।

Its modified version forms the Preamble of the Constitution./इसके संशोधित संस्करण ही संविधान की प्रस्तावना है ।

It read/इसमें कहा गया :

“This Constituent Assembly declares its firm and solemn resolve to proclaim India as an Independent Sovereign Republic and to draw up for her future governance a Constitution/“यह संविधान सभा भारत को एक स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य घोषित करती है और अपने भविष्य के प्रशासन को चलाने के लिए एक संविधान के निर्माण की घोषणा करता है :

  1. Wherein the territories that now comprise British India, the territories that now form the Indian States, and such other parts of India as are outside India and the States as well as other territories as are willing to be constituted into the independent sovereign India , shall be a Union of them all; and/ब्रिटिश भारत में शामिल सभी क्षेत्र, भारतीय राज्यों में शामिल सभी क्षेत्र तथा भारत से बाहर के इस प्रकार के वे सभी क्षेत्र तथा वे अन्य क्षेत्र, जो इस स्वतन्त्र भारत में शामिल होना चाहेंगे, भारतीय संघ का हिस्सा होंगे; और
  2. Wherein the said territories, whether with their present boundaries or with such others as may be determined by the Constituent Assembly and thereafter according to the law of the Constitution, shall possess and retain the status of autonomous units together with residuary powers and exercise all powers and functions of Government and administration save and except such powers and functions as are vested in or assigned to the Union or as are inherent or implied in the Union or resulting therefrom; and/उक्त वर्णित सभी क्षेत्रों तथा उनकी सीमाओं का निर्धारण संविधान सभा द्वारा किया जायेगा तथा इसके लिए उपरांत के नियमों के अनुसार यदि वे चाहेंगे तो उनकी अवशिष्ट शक्तियां उनमें निहित रहेंगी तथा प्रशासन के सञ्चालन के लिए भी वे सभी शक्तियां, केवल उनको छोड़कर, जो संघ में निहित होंगी, इन राज्यों को प्राप्त होगी; और
  3. Wherein all power and authority of the Sovereign Independent India, its constituent parts and organs of Government are derived from the people; and/संप्रभु स्वतंत्र भारत की सभी शक्तियां और प्राधिकार, इसके अभिन्न अंग और सरकार के अंग,   सभी का स्रोत भारत की जनता होगी;
  4. Wherein shall be guaranteed and secured to all the people of India justice, social, economic and political; equality of status of opportunity, and before the law; freedom of thought, expression, belief, faith, worship, vocation, association and action, subject to law and public morality; and/भारत के सभी लोगों के लिए न्याय, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता एवं सुरक्षा, अवसर की समानता, और कानून के समक्ष समता; विचार एवं अभिव्यक्ति, विश्वास, भ्रमण, संगठन बनाने आदि की स्वतंत्रता तथा लोक नैतिकता की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी; और
  5. Wherein adequate safeguards shall be provided for minorities, backward and tribal areas, and depressed and other backward classes; and/अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और आदिवासी क्षेत्रों, और दलित और अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों की व्यवस्था की जाएगी; तथा
  6. Whereby shall be maintained the integrity of the territory of the Republic and its sovereign rights on land, sea and air according to justice and the law of civilized nations; and/संघ की एकता को अक्षुण्ण बनाए रखा जाएगा तथा इसके भू-क्षेत्र, समुद्र एवं वायु क्षेत्र को सभ्य देश के न्याय एवं विधि के अनुरूप सुरक्षा प्रदान की जाएगी; तथा
  7. This ancient land attains its rightful and honoured place in the world and makes its full and willing contribution to the promotion of world peace and the welfare of mankind.”/इस प्राचीन भूमि को विश्व में उसका अधिकार एवं उचित स्थान दिलाया जाएगा तथा विश्व शांति एवं मानव कल्याण को बढ़ावा देने के निमित्त, उसके योगदान को सुनिश्चित किया जाएगा |

Changes by the Independence Act/स्वतंत्रता अधिनियम द्वारा परिवर्तन:

After the acceptance of the Mountbatten Plan of June 3, 1947 for a partition of the country, the representatives of most of other princely states took their seats in the Assembly. The members of the Muslim League from the Indian Dominion also entered the Assembly./देश के विभाजन के लिए 3 जून, 1947 के माउंटबेटन योजना की स्वीकृति के बाद, अन्य रियासतों के प्रतिनिधियों ने सभा में अपनी सीटें ग्रहण कर लीं। भारतीय राष्ट्र के मुस्लिम लीग के सदस्य भी सभा में शामिल हो गए ।

  • The Assembly was made a fully sovereign body, which could frame any constitution it wanted./सभा को एक पूर्ण रूप से संप्रभु संगठन बनाया गया, जो स्वेच्छा से किसी भी संविधान को बना सकता था |
  • The Assembly also became a legislative body. It was assigned 2 tasks of making of a constitution for free India and enacting of ordinary laws for the country, to be done on separate days. When the Assembly met as the Constituent body, it was chaired by Dr. Rajendra Prasad and when it met as the legislative body, it was chaired by GV Mavlankar./सभा एक विधायिका भी बन गई। इसे स्वतंत्र भारत के लिए एक संविधान बनाने और देश के लिए साधारण कानून बनाने के 2 कार्य सौंपा गए, जिन्हें अलग-अलग दिनों में किया जाना था। जब सभा संविधान निकाय के रूप में बैठक करती तो, इसे डॉo राजेंद्र प्रसाद इसकी अध्यक्षता करते और जब बैठक बतौर विधायिका होती, तो जीo वीo मावलंकर इसकी अध्यक्षता करते |
  • The Muslim League members (from the areas of Pakistan), withdrew from the Constituent Assembly for India. The total strength of the Assembly came down to 299 (229 Indian provinces, 70 princely states)./मुस्लिम लीग के सदस्य (पाकिस्तान के क्षेत्रों से), भारतीय संविधान सभा से अलग हो गए। सभा के सदस्यों की कुल संख्या 299 (229 भारतीय प्रांतों, 70 रियासतों) पर आ गई।

Other Functions Performed/किये गए अन्य कार्य :

  • It ratified the India’s membership of the Commonwealth in May, 1949./इसने मई, 1949 में भारत की राष्ट्रमंडल की सदस्यता की पुष्टि की।
  • It adopted the national flag on July 22, 1947./यह 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया
  • It adopted the national anthem on January 24, 1950./इसने 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गान को अपनाया।
  • It adopted the national song on January 24, 1950./इसने 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गीत को अपनाया।
  • It elected Dr Rajendra Prasad as the first President of India on January 24, 1950./इसने 24 जनवरी 1950 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था।

Committees of the Constituent Assembly/संविधान सभा की समितियां:

There were 8 major committees and other minor committees. Most important was Drafting Committee./8 प्रमुख समितियां और अन्य छोटी समितियां थीं सबसे महत्वपूर्ण प्रारूप समिति था।

Drafting Committee:

It was entrusted with the task of preparing a new draft of the new Constitution. It consisted of 7 members:

Dr. BR Ambedkar (Chairman)/डॉ भीमराव आंबेडकर  (अध्यक्ष)

N Gopalaswamy Ayyangar/एनo गोपालस्वामी अय्यंगार

Alladi Krishnaswamy Ayyar/अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर

Dr KM Munshi/डॉo केo एमo मुंशी

Syed Mohammad Saadullah/सईद मोहम्मद सादुल्लाह

N Madhava Rau (He replaced BL Mitter who resigned due to ill-health.)/ऐन माधव राव (इन्होंने बीo एलo मित्र की जगह ली, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों के कारण इस्तीफा दे दिया। )

T T Krishnamachari (He replaced DP Khaitan who died in 1948.)/टीo टीo कृष्णमाचारी ( इन्होनें डीo पीo खेतान का स्थान लिया, जिनकी मृत्यु 1948 में हो गई थी )

Chairman of Major Committees / बड़ी समितियों के अध्यक्ष –

Union Powers Committee- Jawaharlal Nehru/संघ शक्ति समिति – जवाहरलाल नेहरू

Union Constitution Committee- Jawaharlal Nehru/संघीय संविधान समिति-  जवाहरलाल नेहरू

Provincial Constitution Committee- Sardar Patel/प्रांतीय संविधान समिति-सरदार पटेल

Drafting Committee- Dr. B.R. Ambedkar/प्रारूप समिति -डॉ भीमराव अम्बेडकर

Rules of Procedure Committee- Dr. Rajendra Prasad/प्रक्रिया नियम समिति  – डॉ राजेंद्र प्रसाद

 

States Committee (Committee for Negotiating with States)- Jawaharlal Nehru/राज्य समिति (राज्यों से समझौता करने के लिए समिति ) – जवाहरलाल नेहरू

Steering Committee- Dr. Rajendra Prasad / संचालन समिति -डॉ राजेंद्र प्रसाद

Advisory Committee on Fundamental Rights, Minorities and Tribal and Excluded Areas- Sardar Patel. This committee had following sub-committees/मौलिक अधिकारों, अल्पसंख्यकों एवं आदिवासी एवं क्षेत्रों सम्बन्धी परामर्श समिति  – सरदार पटेल I इस समिति की उप-समितियां थी :

Fundamental Rights Sub-committee–   J. B. Kripalani/मौलिक अधिकार उप-समिति– जे. बी. कृपलानी

Minorities Sub-Committee– H.C. Mukherjee/अल्पसंख्यक उप-समिति-एच.सी मुख़र्जी

North-East-Frontier Tribal Areas and Assam Excluded & Partially Excluded Areas Sub-Committee– Gopinath Bardoloi/उत्तर-पूर्व-सीमांत आदिवासी क्षेत्रों और उपेक्षित असम और आंशिक रूप से बहिष्कृत क्षेत्र उप-समिति- गोपीनाथ बारदोली

Excluded and Partially Excluded Areas (other than those in Assam) Sub-Committee– A.V. Thakkar/उपेक्षित और आंशिक रूप से बहिष्कृत क्षेत्रों (असम के क्षेत्रों को छोड़कर) की उप-समिति- ए.वी. ठक्कर

Chairman of Minor Committees / छोटी समितियों के अध्यक्ष –

Committee on the Functions of the Constituent Assembly- G. V. Mavlankar/संविधान सभा के कार्य सम्बन्धी समिति- जीo वीo मावलंकर

Order of Business Committee– Dr. K. M. Munshi/कार्य सञ्चालन समिति- डॉo केo एमo मुंशी

House Committee– B. Pattabhi Sitaramayya/सदन समिति- बीo पट्टाभिसीतारमैया

Ad-hoc Committee on the National Flag– Dr. Rajendra Prasad/राष्ट्रिय ध्वज समबन्धि सदर्भ समिति- डॉo राजेंद्र प्रसाद

Special Committee to Examine the Draft Constitution– Alladi Krishnaswamy Ayyar/संविधान प्रारूप जाँच विशेषज्ञ समिति- अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर

Credentials Committee– Alladi Krishnaswamy Ayyar/क्रेडेंशियल समिती- अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर

Finance and Staff Committee– Dr. Rajendra Prasad/वित्त एवं कर्मचारी समिति- डॉo राजेंद्र प्रसाद

Hindi Translation Committee / हिंदी अनुवाद समिति

Urdu Translation Committee/उर्दू अनुवाद समिति

Press Gallery Committee/प्रेस दीर्घा समिति

Committee to Examine the Effect of Indian Independence Act of 1947/भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के प्रभाव का आकलन करने वाली समिति

Committee on Chief Commissioner’s Provinces- B. Pattabhi Sitaramayya/मुख्य आयुक्तों के प्रान्तों के लिए समिति- बीo पट्टाभिसीतारमैया

Committee on Linguistic Provinces/वित्तीय प्रावधानों सम्बन्धी विशेषज्ञ समिति

Expert Committee on Financial Provisions/सर्वोच्च न्यायालय के लिए तदर्थ समितियां- एसo वरदाचरियार

Enactment of the Constitution/संविधान का प्रभाव में आना :

  • Dr BR Ambedkar (Father of the Constitution of India or Modern Manu) introduced the final draft for first reading in the Assembly./डॉo बीo आरo अम्बेडकर ( भारतीय संविधान के पिता और आधुनिक मनु ) ने संविधान का अंतिम प्रारूप प्रथम पाठन के लिए सभा में पेश किया |
  • After general discussion in the first reading for 5 days, clause by clause consideration in the second reading in which many amendments were proposed and discussed and after third reading of the draft, Dr BR Ambedkar moved a motion “the Constitution as settled by the Assembly be passed”./प्रथम पाठन में 5 दिनों के आम चर्चा के बाद, द्वितीय पाठन में खंडवार विचार हुआ जिसमें कई सारे संशोधन प्रस्ताव आये और उनपर चर्चा हुई और प्रारूप के तीसरे पाठन के बाद डॉo बीo आरo अम्बेडकर ने “द कॉन्स्टिट्यूशन एज सेटल्ड बाई द असेम्बली बी पास्ड” नामक प्रस्ताव पेश किया |
  • The motion was declared as passed on November 26, 1949 and received the signatures of the members (284 present) and the President./26 जनवरी, 1949 को प्रस्ताव को पारित घोषित किया गया और इस पर अध्यक्ष व सदस्यों ( 284 उपस्थित ) के हस्ताक्षर लिए गए |
  • The Constitution as adopted on November 26, 1949, contained a Preamble, 395 Articles and 8 Schedules./26 जनवरी, 1949 को संविधान को अपनाया गया जिसमें एक प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थी |

Enforcement of the Constitution/संविधान का प्रवर्त्तन:

January 26 was chosen as the ‘date of commencement’ of the Constitution because of its historical importance. It was on this day in 1930 that Purna Swaraj day was celebrated, following the resolution of the Lahore Session (December 1929) of the INC./26 जनवरी को संविधान की शुरुआत की तारीख  के लिए चुना गया क्योंकि इसका अपना एतिहासिक महत्त्व है | इसी दिन भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन (दिसंबर 1929) में पारित हुए संकल्प के आधार पर पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया था |

Criticism of the Constituent Assembly/संविधान सभा की आलोचना :

It was not a representative body as its members were not directly elected by the people of India on the basis of Universal Adult Franchise./यह प्रतिनिधि निकाय नहीं थी क्योंकि इसके सदस्यों का चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर भारत की जनता के द्वारा नहीं हुआ था |

It was not a sovereign body as it was created by the proposals of the British Government and held its sessions with the permission of the British Government./यह एक संप्रभु निकाय नहीं  थी क्योंकि इसका गठन ब्रिटिश प्रस्तावों पर हुआ था और ब्रिटिश शासन से इजाजत के बाद इसकी बैठकें होती थी |

Criticism of the Constituent Assembly / संविधान सभा की आलोचना

  • It took a long time to make the Constitution./इसने संविधान में काफी लम्बा वक्त लिया |
  • It was dominated by the Congress./इस पर कांग्रेस का प्रभुत्व था |
  • It was dominated by lawyers and politicians and other sections of the society were not properly represented./इस पर वकीलों और राजनेताओं का प्रभुत्व था और समाज के दूसरे वर्गों का प्रतिनिधित्व अच्छे तरीके से नहीं हुआ |
  • It was a Hindu dominated body and represented only one major community in India./यह एक हिन्दू प्रभुत्व निकाय था और भारत के सिर्फ एक समुदाय का प्रतिनिधित्व करता था |

 

 

 

 

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