IAS UPSC Exam Preparation Study Material || Civil Services Examination

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Natural Vegetation

  • Vegetation refers to the plants which collectively found in a particular area or habitat.
  • Vegetation is broader term than flora, which means plant diversity of an area.
  • Natural vegetation refers to a plant community that has been left  undisturbed over a long time, so as to allow its individual species to adjust themselves to climate and soil conditions as fully as possible.
  • That is why, crops are not included in the natural vegetation.
  • Virgin vegetationUndisturbed by the human beings and it can be found in the area where human reach is not possible like Himalayan region and Sunderban delta region.
  • Endemic vegetation– The virgin vegetation which is only found in India
  • Exotic vegetation– the virgin vegetation which has come from outside of the India.
  • India is one of the twelve mega biodiversity countries of the world 47,000 plant species are found in India

Factors affecting Natural vegetation

1.Relief:

Land: Affects the natural vegetation directly and indirectly

  1. Fertile land –for agriculture
  2. Undulating and rough terrains — For grasslands and woodlands and give shelter to a variety of wildlife

Soil:

  1. sandy soils — support cactus and thorny bushes
  2. wet, marshy, deltaic soil –mangroves and deltaic vegetation

B. Climate

Temperature:

  • Temperature falls with Height and affects the type of vegetation and its growth, and changes it from tropical to subtropical temperate and alpine vegetation.

Photoperiod (Sunlight):

  • sunlight varies at different places due to differences in latitude, altitude, season and duration of the day.
  • Due to longer duration of sunlight, trees grow faster in sunlight

On the basis of certain common features such as predominant vegetation type and climatic regions.

Indian forests can be divided into the following groups:

  • Tropical forests
  • Montane forests
  • Alpine forest

प्राकृतिक वनस्पति

  • वनस्पति से हमारा अभिप्राय किसी क्षेत्र या स्थान पर उगाये जाने वाले पादपों से है |
  • वनस्पति फ़्लोरा (पादप) से बहुत व्यापक शब्द है जिसका अर्थ है किसी क्षेत्र विशेष की पादप विविधता |
  • प्राकृतिक वनस्पति से हमारा तात्पर्य  उस पादप समुदाय से है जो एक लम्बे काल खंड से एकांत में है, जिसके फलस्वरूप  ये पादप वहां पर उपलब्ध मृदा तथा जलवायु परिस्थिति के अनुसार स्वयं को हर सम्भव तरीके से विकसित कर सके |
  • यही कारण है कि, प्राकृतिक वनस्पति में फसल शामिल नहीं हैं |
  • स्थानिक वनस्पति – ऐसी अक्षत वनस्पति जो केवल भारत में पाई जाती है |
  • विदेशी वनस्पति -वे अक्षत वनस्पति जो भारत के बाहर से आई हों |
  • भारत विश्व का बाहरवां जैव विविधता वाला देश है यहाँ पर लगभग 47,000 पादप प्रजातियां पाई जाती हैं |

प्राकृतिक वनस्पति  को प्रभावित करने वाले कारक

A.उच्चावच :

  • भूमि : भूमि का वनस्पति पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ता है |

1). उपजाऊ भूमि पर प्राय: कृषि की जाती है |

2). ऊबड़ तथा असमतल भूभाग पर, जंगल तथा घास के मैदान हैं, जिन में वन्य प्राणियों को आश्रय मिलता है |

  • मृदा
  1. मरुस्थल की बलुई मृदा में कंटीली झाड़ियाँ पाई जाती है |
  2. नदियों के डेल्टा क्षेत्र में पर्णपाती वन पाए जाते हैं| पर्वतों की ढलानों में जहाँ मृदा की परत गहरी है शंकुधारी वन पाए जाते हैं|

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B.जलवायु

तापमान

तापमान  में गिरावट वनस्पति के पनपने और बढ़ने को प्रभावित करती है और उसे उष्ण कटिबंधीय से उपोष्ण, शीतोष्ण तथा अल्पाइन वनस्पति में परिवर्तित करती है|

सूर्य का प्रकाश:

  • किसी भी स्थान पर सूर्य के प्रकाश का समय, उस स्थान के अक्षांश, समुद्र तल से ऊँचाई एवं ऋतु पर निर्भर करता है
  • प्रकाश अधिक समय पर मिलने के कारण वृक्ष गर्मी की ऋतु में जल्दी बढ़ते हैं|

कुछ सामान्य विशेषताओं जैसे प्रमुख वनस्पति और जलवायु क्षेत्रों के आधार पर :

भारतीय वनों को निम्नलिखित समूहों में विभाजित किया जा सकता है:

  • उष्णकटिबंधीय वन
  • पर्वतीय वन
  • अल्पाइन वन

Tropical wet evergreen forest

  • The trees of these forests do not shed their leaves together.
  • The tropical rain forest appears like a thick canopy of foliage, broken only where it is crossed by large rivers or cleared for cultivation.
  • The sunlight cannot reach the ground due to thick canopy.
  • The undergrowth is formed mainly of bamboos, ferns, climbers, orchids, etc.

Climatic conditions:

  • Annual rainfall exceeds 250 cm
  • The annual temperature=25°-27°C

Distribution

  • Western side of the Western Ghats Some regions in the Purvanchal hills.
  • In the Andaman and Nicobar Islands.

Timber

  • Hardwood: The timber of these forests is fine-grained, hard and durable.
  • It has high commercial value but it is highly challenging to exploit due to dense undergrowth, absence of pure stands and lack of transport facilities ·        
  • The important species of these forests are rosewood, mahogany, aini, ebony, etc.

Tropical semi evergreen forest

  • Transitional forests between tropical wet evergreen forests and tropical deciduous forests.
  • Comparatively drier areas than tropical wet evergreen forests.

Climatic Conditions

  • Annual rainfall is 200-250 cm
  • The dry season is not short like in tropical wet evergreen forests.

Distribution

Western coast, Assam, Lower slopes of the Eastern Himalayas, Odisha and      Andamans.

Tropical moist deciduous

  • Also called the monsoon forests

Climatic Conditions

  • Annual rainfall 100 to 200 cm.
  • Mean annual temperature=27°C

Characteristics

  • The trees drop their leaves during the spring and early summer when sufficient moisture is not available.
  • The general appearance is bare in extreme summers (April-May).
  • These forests occupy a much larger area than the evergreen forests but large tracts under these forests have been cleared for cultivation.

उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन

  • इन जंगलों के  पेड़ अपने पत्तों को एक साथ नहीं गिराते है |
  • उष्णकटिबंधीय वर्षा वन पतियों की एक मोटी कैनोपी की तरह दीखते है ये केवल उन्ही जगहों पर काटे जाते है जहाँ पर कोई नदी हो अथवा कृषि प्रयोजन के लिए साफ किया गया हो   |
  • मोटी कैनोपी के कारण सूर्य का प्रकाश  मैदान तक नहीं पहुँच पाता है
  • झाड़-झंखाड़ मुख्यतः  बांस, फ़र्न, बेल,विचित्र फूलों द्वारा निर्मित होता है|

जलवायु की परिस्थितियाँ:

  • वार्षिक वर्षा = 250 सेमी से अधिक
  • वार्षिक तापमान = 25 डिग्री -27 डिग्री सेल्सियस

वितरण

  • पश्चिमी घाट के पश्चिमी हिस्सों  तथा पूर्वांचल पहाड़ियों में कुछ क्षेत्रों पाये जाते है |
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में |

लकड़ी

  • दृढ़ लकड़ी: इन जंगलों की लकड़ी उत्कृष्ट, दृढ़ और टिकाऊ है|
  • इसका  वाणिज्यिक मूल्य उच्च है, लेकिन घने वृक्षों की वजह से इनका उपयोग न हो पाना, एकल प्रकार के वृक्षों की अनुपस्थिति तथा परिवहन सुविधाओं का अभाव भी बेहद चुनौतीपूर्ण है |
  • इन वनों  की महत्वपूर्ण प्रजातियां शीशम(रोजवुड), महोगनी,एनी आबनूस आदि हैं।

उष्णकटिबंधीय अर्ध सदाबहार वन

  • ये वन उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार से उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों में परिवर्तित होते रहते है |
  • उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वनों की तुलना इनका शुष्क क्षेत्र अधिक होता है |

जलवायु की परिस्थितियाँ

  • वार्षिक वर्षा 200-250 सेमी है |
  • उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वनों की भांति यहाँ का ग्रीष्म काल खंड छोटा नहीं होता है |

वितरण

ये पश्चिमी तट, असम, पूर्वी हिमालय की निम्न ढ़लाने ,ओडिशा और अंडमान में फैले हुए है |

उष्ण कटिबंधीय आर्द्र  पर्णपाती वन

  • इन्हे वर्षा वन भी कहा जाता है |

जलवायु परिस्थितियां

  • वार्षिक वर्षा 100 से 200 सेमी
  • औसत वार्षिक तापमान = 27 डिग्री सेल्सियस

विशेषताएँ

  • इनके वृक्ष वसंत तथा शुरूआती ग्रीष्म ऋतु के दौरान पत्ते गिराते है इस समय पर्याप्त आर्द्रता नहीं होती है |
  • अत्यधिक गर्मी (अप्रैल-मई) में ये समान्यतः खाली होते है |
  • ये वन सदाबहार वनों से अत्यधिक क्षेत्र आच्छादित करते है परन्तु कृषि के लिए  सदाबहार वनों की तुलना में इनका क्षेत्र ज्यादा साफ़ किया जाता है |

Tropical dry evergreen

Distribution

  • Along the coasts of Tamil Nadu.

Climatic Conditions

  • Annual rainfall of 100 cm(mostly from the north-east monsoon winds in October-December)
  • Mean annual temperature = 28°C.
  • The growth of evergreen forests in areas of such low rainfall is a bit strange

Characteristics

  • Short statured trees, up to 12 m high, with complete canopy.
  • The important species are jamun, tamarind, neem, etc.

Tropical dry deciduous

Climatic Conditions

  • Annual rainfall is 70-100 cm.

Characteristics

  • Similar to tropical moist deciduous forests and shed their leaves in dry season with the only difference that they can grow in areas of comparatively less rainfall.
  • They represent a transitional type – moist deciduous on the wetter side and thorn forests on the drier side.
  • The forests are composed of a mixture of a few species of deciduous trees rising up to a height of 20 metres.

Tropical thorn forest

Climatic Conditions

  • Annual rainfall less than 50 cm.
  • Mean temperature is 25°-30°C.

Characteristics

  • The trees are low (6-10 metres maximum) and widely scattered.
  • consist of a variety of grasses and shrubs.
  • scrub vegetation found here.
  • Important species found are babool, ber, and wild date palm, khair, neem, khejri, palas, etc.

Distribution

Semi-arid areas of south west Punjab,Haryana, Rajasthan, Gujarat, Madhya Pradesh and Uttar Pradesh

उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार वन

वितरण :

  • ये तमिलनाडु के तटीय इलाकों में पाए जाते है |

जलवायु की परिस्थितियाँ

  • 100 सेमी की वार्षिक वर्षा (ज्यादातर अक्टूबर-दिसंबर में उत्तर-पूर्व मानसून हवाओं द्वारा)
  • औसत वार्षिक तापमान = 28 डिग्री सेल्सियस
  • ऐसे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सदाबहार वनों का विकसित होना आश्चर्यजनक है |

लक्षण

  • कम ऊंचाई वाले वृक्ष, 12 मीटर तक की ऊंचाई,इनकी केनोपी पूरी होती है |
  • महत्वपूर्ण प्रजातियां जामुन, इमली, नीम आदि हैं।

उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती

जलवायु परिस्थितियाँ

  • वार्षिक वर्षा-स्तर 70-100 सेमी है |

लक्षण

  • ये उष्णकटिबंधीय आद्र पर्णपाती वनो के समान होते है,एवं ये अपने पत्ते शुष्क मौसम में गिराते है केवल अंतर इतना है की ये अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उग सकते है |
  • ये समय के साथ अपना रूप बदलते है,आर्द्र मौसम अवस्था में आर्द्र पर्णपाती तथा शुष्क मौसम में ये कंटीले वन होते है |
  • इन वनों में  पर्णपाती वनो की कुछ प्रजातियां पाई जाती है जिनकी ऊंचाई  20 मीटर तक भी होती है |

उष्ण कटिबंधीय कंटीले वन

जलवायु परिस्थिति

  • वार्षिक वर्षा-स्तर  50 सेमी से कम |
  • औसत तापमान 25 ° -30 डिग्री सेल्सियस |

लक्षण :

  • वृक्ष संख्या में कम होते है एवं छितरे हुए होते है
  • इसमें घास तथा झाड़ियों की विभिन्न किस्मे पाई जाती है |
  • यहाँ पर झाड़ीदार वनस्पतियां पाई जाती है |
  • यहाँ पाई जाने वाली  महत्वपूर्ण प्रजातियां बबूल,बेर,जंगली खजूर,खैर,नीम ,खेजरी,पलाश आदि |

वितरण

दक्षिण पश्चिम पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अर्ध शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है |

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