HCS Sociology Online Exam || Study Content 2018 || Exam Preparation

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Fact, Value and Objectivity-

Fact:

  • A Fact is something that has really occurred or actually the case. A Fact is an empirically verifiable observation.
  • It is objective in nature.

Theory:

  • A theory is an abstract and generalized statement which tends to establish a logical interrelationship between facts.
  • Sociology theory is a set of ideas which provides an explanation for human society.

Hypothesis:

  • Sociology is a scientific study of society and scientific research is a guided search for facts based on the formulated hypothesis.
  • A hypothesis is a tentative statement asserting a relationship between certain facts. A researcher conducts a field research and collects data in order to test the hypothesis. After data collection, data is processed. Then, the researcher tests the hypothesis against the processed data. If the hypothesis is proved then it becomes thesis – if it is repeatedly proved, it becomes a theory and if it is almost universally true, then it becomes the law.
  • Thesis —–> Theory —–> Law

तथ्य. महत्त्व और वस्तुनिष्ठता-

तथ्य :

  • एक तथ्य वह है जो वास्तव में घटित हुआ है या जो वास्तव में है | एक तथ्य अनुभवजन्य सत्यसाधनीय अवलोकन है |
  • यह प्रकृति में वस्तुनिष्ठ है |

सिद्धांत :

  • एक सिद्धांत सार व सामान्यीकृत विवरण है जो तथ्यों के बीच तार्किक अन्तर्निहित सम्बन्ध स्थापित करता है |
  • समाजशास्त्र सिद्धांत विचारों का एक समूह है जो मानव समाज के लिए एक व्याख्या प्रदान करता है |

परिकल्पना :

  • समाजशास्त्र समाज की एक वैज्ञानिक अध्ययन है और वैज्ञानिक शोध तैयार परिकल्पनाओं पर आधारित तथ्यों के लिए निर्देशित खोज है |
  • एक परिकल्पना कुछ तथ्यों के बीच सम्बन्ध पर जोर देते हुए एक प्रयोगात्मक विवरण है | एक शोधकर्ता एक क्षेत्रीय शोध को करता है और परिकल्पना की जांच करते समय जानकारी को संग्रह करता है | जानकारी संग्रहण के बाद, जानकारी को प्रसंस्कृत किया जाता है | तब शोधकर्ता प्रसंस्कृत जानकारी के सन्दर्भ में परिकल्पना की जांच करता है | यदि परिकल्पना प्रमाणित हो जाती है तो यह थीसिस (मान्यता) हो जाती है – यदि यह बार-बार प्रमाणित होती है तो यह एक सिद्धांत बन जाता है और यह लगभग सार्वभौमिकतः सत्य हो जाता है तो यह एक नियम बन जाता है |
  • थीसिस —–> सिद्धांत —–> नियम

Relationship between Theory and Facts:

  • R.K. Merton in his essay ‘The bearing of sociological theory on empirical research’ argues that without any theoretical approach, we would not know what facts to look for to begin a study or to interpret the results of research. Existing theories act as a source for hypothesis formulation and thus guide further research resulting in discovery of new facts. Ex., Marxian theory suggests that increasing economic inequalities are the main reason of alienation and class conflict in modern capitalist societies. This theory helps to understand the increasing dicontentment among people.
  • Theory establishes a rational link between two or more variables and thus act as a tool for prediction and control. Ex., Female education is related to overall social development.
  • Theory is an abstract and generalized statement which tries to establish a logical relationship between facts. Ex., Weber’s ideal type of bureaucracy is nothing but an abstraction which helps in comparative study of bureaucratic models across various societies.

सिद्धांत और तथ्यों के बीच सम्बन्ध :

  • आर. के. मेरोन ने उनके निबंध “अनुभवजन्य शोध पर समाजशास्त्रीय सिद्धांत का असर” में यह तर्क दिया है कि बिना किसी सैद्धांतिक दृष्टिकोण के हम नहीं जान सकते कि शोध के परिणामों की व्याख्या या उसके अध्ययन के लिए किन तथ्यों को रखना चाहिए | मौजूदा सिद्धांत परिकल्पना के निर्माण में स्रोत के रूप में कार्य करते हैं और आगे के शोध इस प्रकार नए तथ्यों की खोज में सहायक होते हैं | उदाहरण के लिए, मार्क्सवादी सिद्धांत का यह मानना है कि बढती हुई आर्थिक असमानताएं आधुनिक पूंजीवादी समाजों में वर्गों के बीच विवाद व अलगाव का मुख्य कारण है | यह सिद्धांत लोगों के बीच बढ़ते असंतोष को समझने में सहायता करता है |
  • सिद्धांत दो या अधिक चरों के बीच एक तर्कसंगत लिंक स्थापित करता है और इस प्रकार पूर्वानुमान और नियंत्रण के लिए एक युक्ति की तरह कार्य करता है | उदाहरण के लिए, स्त्री शिक्षा सम्पूर्ण सामाजिक विकास से सम्बंधित है |
  • सिद्धांत एक सार व सामान्यीकृत विवरण है जो तथ्यों के बीच एक तार्किक सम्बन्ध की स्थापना की कोशिश करता है | उदाहरण के लिए, वेबर ले आदर्श नौकरशाही कुछ नहीं सिर्फ एक सारग्रहण है को विभिन्न समाजों में सत्तावाद नमूनों के तुलनात्मक अध्ययन में सहायता करता है |

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Serendipity:

  • R.K. Merton is his essay ‘The bearing of empirical research on sociological theory’ asserts that the empirical research is usually assigned a passive role – verification of hypothesis. But research plays an active role. It initiates, reformulates, deflects and clarifies theory.
  • Serendipity means that in the course of research some unanticipated but strategic data may come to light, which may initiate a new theory altogether.
  • Ex., Elton Mayo conducted many experiments designed to investigate the relationship between working conditions and productivity. He assumed that productivity was determined by the physical conditions of work environment, the aptitude of the worker and the financial incentives. While conducting research, Mayo struck upon the role of informal groups and group norms in determining the productivity.

नसीब :

  • आर. के. मेरोन ने अपने लेख “समाजशास्त्रीय सिद्धांत पर अनुभवजन्य शोध का असर” में यह माना है कि अनुभवजन्य शोध की भूमिका सामान्यतः निष्क्रिय होती है – परिकल्पना का सत्यापन | लेकिन शोध की एक सक्रिय भूमिका रहती है | यह सिद्धांत की शुरुआत, पुनर्निर्माण, विक्षेपित और स्पष्ट करता है |
  • नसीब  का अर्थ है कि शोध करते समय कुछ अप्रत्याशित लेकिन  महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है, जो पूर्ण रूप से एक नए सिद्धांत की खोज कर सकता है |
  • उदाहरण के लिए, एल्टन मेयो ने कार्यशील परिस्थितियाँ व उत्पादकता के बीच सम्बन्ध की जाँच के लिए कई सारी प्रयोगों के डिजाईन किया है | उन्होंने यह माना कि उत्पादकता का निर्धारण कार्य पर्यावरण के भौतिक परिस्थितियाँ, श्रमिक के योग्यता और वित्तीय प्रोत्साहन द्वारा होता है | शोध करते वक्त, मेयो ने उत्पादकता के निर्धारण में अनौपचारिक समूहों और सामूहिक मानदंडों की भूमिका पर जोर दिया |

Role of values in sociological enquiry:

  • The subject matter of sociology is the study of human behaviour in society which is guided by values. Value is a belief that something is good and desirable. Values differ in different societies and different cultures. Ex., Materialism is a dominant value in West, while moksha is a dominant value in India.
  • For proper understanding of social behaviour of man, the unique meanings, motives and values underlying such behaviour should also be taken into consideration. This view was supported by anti- positivists like Rickert, Dilthey, Windelband. Later Weber also argued that unlike matter, man has consciousness and therefore his actions are meaningful.

समाजशास्त्रीय समीक्षा में महत्वों की भूमिका :

  • समाजशास्त्र की विषय-वस्तु समाज में मानव व्यवहार का अध्ययन है जिसका मार्गदर्शन महत्वों द्वारा किया जाता है | महत्त्व एक विश्वास है कि कुछ वांछनीय व अच्छा है | महत्त्व विभिन्न समाज व संस्कृतियों में अलग होते हैं | उदाहरण के लिए पश्चिम में भौतिकवाद एक महत्वपूर्ण महत्त्व  है जबकि भारत में प्रभावी महत्त्व मोक्ष है |
  • मनुष्य के सामाजिक व्यवहार के सही समझ के लिए, उन व्यवहारों में अन्तर्निहित विशेष अर्थ, उद्देश्य व महत्वों को भी विचार में लाना चाहिए | इस दृष्टिकोण का समर्थन गैर-प्रत्यक्षवादी जैसे रिकेर्ट, दिल्थे, विन्देल्बंद के द्वारा किया गया | बाद में वेबर ने भी यह तर्क दिया कि पदार्थों के उलट, इंसान के पास चेतना है और इसलिए उसके कार्य सार्थक होते हैं |
  • अगस्ते कॉम्टे ने एक प्रत्यक्षवादी के रूप में माना है कि इंसान का व्यवहार, पदार्थों के व्यवहार की तरह निष्पक्ष रूप से मापा जा सकता है | भावनाएं, एहसास, उद्देश्य इत्यादि जैसे करक जिनका अवलोकन नहीं किया जा सकता है महत्वपूर्ण नहीं है और भ्रामक हो सकते हैं |

Objectivity:

  • Objectivity is a ‘frame of mind’ so that the personal prejudices or preferences of the social scientists do not contaminate the collection and analysis of data.
  • Durkheim in his ‘Rules of Sociological Method’ states that social facts must be treated as ‘things’ and all preconceived notions about the social facts must be abandoned.
  • Max Weber stressed on the need of objectivity when he said that sociology must be value-free.
  • Radcliffe Brown asserted that social scientist must abandon his ethnocentric and egocentric biases while carrying out researches.
  • Malinowski advocated ‘cultural relativism’ while conducting anthropological fieldwork in order to ensure objectivity.

Problem of Objectivity:

  • Gunnar Myrdal believes that complete objectivity is a myth. The subjectivity creeps in at various stages in the course of sociological research.

निष्पक्षता :

  • निष्पक्षता एक ‘मन की सीमा’ है ताकि सामाजिक वैज्ञानिकों की व्यक्तिगत पूर्वाग्रह या प्राथमिकताएं जानकारी के संग्रह और विश्लेषण को दूषित न करें |
  • दुर्खेम ने अपने ‘समाजशास्त्रीय तरीके के नियम’ में कहा है कि सामाजिक तथ्यों को ‘वस्तुओं’ की तरह माना जाना चाहिए और सामाजिक तथ्यों के बारे में सभी पूर्वकेन्द्रित विचारों को त्याग दिया जाना चाहिए |
  • मैक्स वेबर ने निष्पक्षता पर यह कहते हुए जोर दिया कि समाजशास्त्र को महत्त्व मुक्त होना चाहिए |
  • रेडक्लिफ ब्राउन ने यह व्यक्त किया है कि सामाजिक वैज्ञानिक को शोध करते समय अपने नृवंशकेन्द्रिक और अहंकारी पूर्वाग्रहों को अवश्य छोड़ देना चाहिए |
  • मलिनोव्सकी ने ‘सांस्कृतिक सापेक्षता’ की वकालत निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के क्रम में नृविज्ञान क्षेत्रीय कार्य करते समय की |

निष्पक्षता की समस्या :

  • गुन्नार मार्डल यह मानते हैं कि पूर्ण निष्पक्षता एक मिथक है | समाजशास्त्रीय शोध के समय विभिन्न अवस्थाओं में व्यक्तिपरकता सामने आती है |

Various stages in which objectivity is compromised:

  • While selecting a topic of research, the personal preferences of the sociologist plays an important role.
  • The ideological biases, acquired during the course of education or training also affect objectivity. Robert Redfield studied Tepoztlan village (in Mexico) with a functionalist approach and concluded that there exists complete harmony between various groups. Oscar Lewis studied the same village from a Marxist perspective and concluded that the society was conflict ridden.
  • Objectivity can be affected while formulating a hypothesis. Usually hypotheses are formed from existing theories which are produced by and restricted to particular groups whose views and interests they represent.
  • Subjectivity can also enter at the time of collection of empirical data. Ex., In participant observation, the observer acquires a bias in favour of the group he is studying. In non-participant observation, sociologists may impose his values and prejudices.
  • Subjectivity can also creep in because of field restrictions. In case of Andre Beteille’s study of Sripuram village in Tanjore, the Brahmins did not let him visit the untouchable locality and therefore he could not study their point of view.

विभिन्न अवस्थाएं जिसमें निष्पक्षता से छेड़छाड़ की जाती है :

  • शोध के एक विषय के चयन के समय, समाजशास्त्रियों के व्यक्तिगत प्राथमिकताएं एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं |
  • शिक्षा या प्रशिक्षण के दौरान हासिल की गई वैचारिक पूर्वाग्रह भी निष्पक्षता को प्रभावित करती है | रोबर्ट रेडफील्ड ने एक कार्यवादी दृष्टिकोण के साथ (मेक्सिको में) टेपोजल्टान गाँव का अध्ययन किया और यह निष्कर्ष निकाला कि विभिन्न समूहों के बीच पूर्ण सद्भाव मौजूद है | ऑस्कर लेविस ने उसी गाँव का अध्ययन एक मार्क्सवादी परिप्रेक्ष्य से किया और यह निष्कर्ष निकाला कि समाज संघर्ष से ग्रसित था |
  • निष्पक्षता को एक परिकल्पना निर्मित करते समय प्रभावित किया जा सकता है | सामान्यतः परिकल्पनाएं मौजूदा सिद्धांतों से तैयार की जाती है जो विशेष समूहों द्वारा निर्मत व प्रतिबंधित होते हैं जिनके विचार व हितों को वे प्रतिनिधित्व करते हैं |
  • व्यक्तिपरकता अनुभवजन्य जानकारी के संग्रह के समय भी आ सकती है | उदाहरण के लिए, भागीदारों के अवलोकन में, पर्यवेक्षक उस समूह के पक्ष में पक्षपात करता है जिसका वह अध्ययन करता है | गैर-भागीदारी पर्यवेक्षण में, समाजशास्त्री शायद अपनी महत्वों और पूर्वाग्रहों को लागू कर सकते हैं |
  • व्यक्तिपरकता क्षेत्रीय प्रतिबंधों के कारण भी पैदा हो सकती है | आंद्रे बेतेली के तंजौर में श्रीपुरम गाँव के अध्ययन में, ब्राह्मणों ने उन्हें अछूतों के स्थानों में नहीं जाने दिया और इसलिए वह उनके दृष्टिकोण को नहीं जान पाए

 

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