HCS RAS PCS Online Study Material of History | Delhi Sultanate- IAS

HCS RAS PCS Online Study Material of History | Delhi Sultanate- IAS

HCS RAS PCS Online Study Material of History | Delhi Sultanate- IAS

HCS RAS PCS Online Study Material of History | Delhi Sultanate- IAS

HCS RAS PCS Online Study Material of History | Delhi Sultanate- IAS

Delhi Sultanate

The Tughlaq dynasty

Firoz Shah Tughlaq (1351-1388):

  • Firoz Tughlaq had the unique distinction of being chosen as sultan by the nobles.
  • He was a cousin of Muhammad-Bin-Tughlaq.
  • After his death the nobles and theologians of the court selected Firoz Shah as the next sultan.

Military Campaigns:

  • He had to face the problem of preventing the disintegration of the Delhi Sultanate.
  • As no. of rulers started declaring themselves as independent.
  • He tried to focus on northern India instead of reasserting the control over southern India.  

Taxes:

  • He was the first Sultan to impose irrigation tax.

Four kinds of taxes sanctioned were Kharaj, Zakat, Jizya and Khams.

  • Kharaj: land tax (1/10 of produce of land)
  • Zakat: 2% tax on property
  • Jizya: Levied on non-Muslims
  • Khams: 1/5th of the booty captured during war.
  • The special tax on 28 items was abolished by him since they were against the Islamic law

Agriculture :

  • Irrigation canals and wells were dug.
  • Repaired a number of canals and imposed Haque-i-Sharb or Hasil-i-sharb (water tax)
  • The longest canal was about 200 kilometres from Sutlej to Hansi.

Religion:

  • He patronized scholars like Barani and Afif.  
  • He was guided by the ulemas and so he was intolerant towards Shia Muslims and Sufis.
  • He treated Hindus as second grade citizens and imposed Jizya. In this respect he was the precursor of Sikandar Lodi and Aurangzeb.

तुगलक राजवंश

फिरोज शाह तुगलक (1351-1388):

  • फ़िरोज़ तुगलक को विशिष्ट रूप से कुलीनों द्वारा चुना गया |
  • वह  मुहम्मद-बिन-तुगलक का चचेरा भाई था |
  • उसकी मृत्यु के बाद कुलीनों एवं धर्मशास्त्रियों ने फिरोज शाह को अगले सुल्तान के रूप में चुना।

सैन्य अभियान:

  • इसे दिल्ली सल्तनत के विघटन की समस्या का सामना करना पड़ा |
  • क्यूंकि बहुत सारे शासक स्वयं को स्वतंत्र घोषित करने लगे थे |
  • वह दक्षिण भारत में साम्राज्य विस्तार की बजाय केवल उत्तर भारत पर ही केंद्रित रहना चाहता था |

कर प्रणाली

  • यह सिंचाई कर लागू करने वाला पहला सुल्तान था

चार प्रकार के कर थे : ख़राज , ज़कात,जज़िया एवं खुम्स

  • खराज: भूमि कर (भूमि का उत्पादन 1/10)
  • जकात: संपत्ति पर 2% कर
  • जजिया:गैर मुसलमानों पर लगाया जाने वाला कर  
  • ख़ुम्स: युद्ध में की गई लूट का 1/5 था
  • उसने 28 वस्तुओं पर विशेष कर समाप्त कर दिया गया क्योंकि वे इस्लामी कानून के खिलाफ थी |

कृषि :

  • सिंचाई नहरों और कुओं को खोदा गया।
  • कई नहरों की मरम्मत करवाई और हक-ए-शर्ब अथवा हासिल -ए-शर्ब नामक जल कर लगाया |
  • सबसे लम्बी नहर 200 किलोमीटर की थी जो सतलुज से हांसी तक की थी |

धर्म:

  • इसने बरानी और अफिफ जैसे विद्वानों को संरक्षण दिया।
  • वह उलेमाओं द्वारा निर्देशित था और इसलिए वह शिया मुस्लिम और सूफी संतो के प्रति असहिष्णु था
  • उसने हिन्दुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया एवं उन पर जजिया कर लगाया | सिकंदर लोधी और औरंगजेब ने भी आगे जाकर यह कर जारी रखा |

HCS RAS PCS Online Study Material

Sayyid Dynasty (1414-1451):

Khizr Khan (1414 – 1421)

  • Before his departure from India, Timur appointed Khizr Khan as governor of Multan.
  • He occupied Delhi and declared himself as sultan and founded the Sayyid dynasty in 1414.
  • He died in 1421.

Mubarak Shah (1421 – 1434)

  • He succeeded Khizr at the throne after his successful expeditions against Mewatis, Katehars .
  • Killed by the nobles in his own court.

Lodi dynasty (1451-1526):

The Lodis, who succeeded Sayyids, were Afghans.

Bahlul Lodi (1451 – 1489)

  • Founder of Lodi Dynasty.
  • Bahlul Lodi was the first Afghan ruler while his predecessors were all Turks.
  • He died in 1489 and was succeeded by his son, Sikandar Lodi.

Sikandar Lodi (1489 – 1517)

  • He was the greatest of the three Lodi sovereigns.
  • He controlled the Ganga valley as far as western Bengal.

Causes of Decline of Delhi Sultanate:

  • Despotic and military type of government which did not have the confidence of the people .
  • Greed and incompetence of nobles.
  • Defective military organisation

सैयद वंश (1414-1451):

ख़िज़्र खान  (1414 – 1421)

  • भारत से जाने से पहले तैमूर ने ख़िज़्र खान को मुल्तान के गवर्नर के रूप में नियुक्त कर दिया |
  • उसने दिल्ली पर कब्जा कर लिया एवं स्वयं को दिल्ली का सुलतान घोषित कर दिया और 1414 में सैय्यद साम्राज्य की स्थापना की |
  • इसकी मृत्यु 1421 में हुई |

मुबारक शाह (1421-1434)

  • इसने मेवात एवं कटिहार में विजय के बाद  ख़िज़्र के उत्तराधिकारी के रूप में जगह ली |
  • यह अपने ही दरबार के कुलीनों द्वारा मार दिया गया |

लोधी राजवंश (1451-1526):

  • सैय्यद की जगह लेने वाले लोधी अफगान थे |

बहलूल लोधी (1451 – 1489)

  • लोधी राजवंश का संस्थापक
  • बहलूल लोधी एकमात्र अफगान शासक था जबकि उसके सभी पूर्ववर्ती शासक तुर्क थे।
  • इसकी मृत्यु 1489 में हुई एवं इसके पुत्र सिकंदर लोधी ने इसकी जगह ली |

सिकंदर लोधी (1498-1517)

  • यह सब लोधी शासकों में से महान था |
  • उसने गंगा घाटी से पश्चिम बंगाल तक को नियंत्रित किया |

दिल्ली सल्तनत के पतन के कारण

  • तानाशाही एवं सैन्य प्रकार का शासन, जिस पर लोगों को विश्वास नहीं था |
  • लालच एवं अयोग्य कुलीन वर्ग |
  • दोषपूर्ण सैन्य संगठन

India under the Delhi Sultanate:

Administration:

  • Powerful and efficient administration.
  • Office of the Sultan was the most important in the administrative system.
  • He was the ultimate authority for the military, legal and political activities .
  • Absence of law of succession.

Central Government:

  • The Sultan was assisted by a number of departments and officials in his administration.
  • Post of Naib  was most powerful  and practically enjoyed all the powers of the Sultan .

Local Administration

  • Sultanate was divided into provinces, which were called as Iqtas.
  • Iqtas holder was called Iqtadar or Muqti.
  • Initially iqtas were under the control of the nobles.

Literature of Delhi Sultanate

Social Life Hindu society:

  • There was little change in the structure of the Hindu society.
  • Traditional caste system  Upper strata of the society – Brahmins.
  • Women – Subservient position

Literature:

  • The Delhi Sultans patronized learning and literature.
  • Many of them had great love for Arabic and Persian literature.
  • Learned men were from Persia and so Persian language got encouragement.

दिल्ली सल्तनत में भारत की स्थिति :

प्रशासन

  • शक्तिशाली और कुशल प्रशासन
  • प्रशासनिक व्यवस्था में सुल्तान का कार्यालय सबसे महत्वपूर्ण था
  • सैन्य, कानूनी और राजनीतिक गतिविधियों का अधिकार सुल्तान के पास था |
  • उत्तराधिकारी के लिए कोई विशेष नियम नहीं था |

मुख्य शासन

  • प्रशासन को चलाने के लिए सुल्तान को अपने कई विभागों और अधिकारियों की सहायता मिलती थी |
  • नायब का पद बहुत शक्तिशाली होता था एवं इसकी शक्तियां सुल्तान के बराबर थी |

स्थानीय प्रशासन

  • सल्तनत को प्रांतों में विभाजित किया गया था, जिन्हे इक्ता कहा जाता था |
  • इक्ता के मालिक को इक्तादार अथवा मुक्ति कहा जाता था |
  • शुरूआती तौर पर इक्ता पर कुलीनों का नियंत्रण था |

दिल्ली सल्तनत का साहित्य

सामजिक जीवन हिंदू समाज

  • हिंदू समाज की संरचना में थोड़ा सा बदलाव आया
  • परंपरागत जाति व्यवस्था , समाज का उच्च वर्ग -ब्राह्मण
  • महिला पुरुषों के अधीन थी

साहित्य:

  • दिल्ली सल्तनत ने शिक्षा और साहित्य को संरक्षित किया।
  • इनमे से कइयों को अरबी और फारसी साहित्य से प्रेम था |
  • विद्वान पुरुष फारस से थे इसलिए फारसी भाषा को प्रोत्साहन मिला।

Join Frontier IAS Online Coaching Center to prepare for UPSC/HCS/RAS Civil Service comfortably at your home at your own pace/time.

HCS(Prelims+Mains+Interview)   HCS Prelims(Paper 1+Paper 2)

IAS+HCS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    

  RAS+IAS Integrated(Prelims+Mains+Interview)    RAS(Prelims+Mains+Interview)     RAS Prelims     UPSC IAS Prelims      UPSC  IAS (Prelims+Mains+Interview)

Click Here to subscribe Our YouTube Channel

No Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!