HCS RAS PCS Online History Study Content | Indus Civilisation- IAS

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Indus Civilisation (2500 BC – 1750 BC)

  • Indus civilisation is one of the four earliest civilizations of the world.

Others are:

  • Mesopotamian civilisation
  • Egyptian civilisation
  • Chinese civilisation

 

  • Indus civilisation is the most extensive of all the riverine civilizations encompassing more than 1500 sites over an area of 1.5 million sq. km.
  • John marshall was the first scholar to use the term “Indus Civilisation”
  • The Indus civilisation belongs to the Bronze Age.
  • It is older but surprisingly more developed than the Chalcolithic cultures in the subcontinent.
  • It was spread over Sindh, Baluchistan, Punjab, Haryana, Rajasthan, Gujarat, Western U.P. and Northern Maharashtra.
  • Called Harappan Civilisation because this civilization was discovered first in 1921 at the modern site of Harappa situated in the province of West Punjab in Pakistan.
  • Haryana has the largest number of sites.

Sites of Indus Valley Civilisation:

  • Northernmost: Manda (Jammu – Kashmir)
  • Southernmost: Daimabad(Maharashtra)
  • Easternmost: Alamgirpur (Uttar Pradesh)
  • Westernmost: Sutkagen Dor (Pakistan-Iran border)
  • Capital cities: Harappa, Mohenjodaro
  • Port Cities: Lothal, Sutkagen Dor, Allah Dino, BAlakot, Kuntasi

Indus Civilisation economy-

Economy:

  • Agriculture:Agricultural technology was well developed.
  • No hoe or ploughshare has been discovered, but the furrows discovered in the pre-Harappan phase at Kalibangan show that the fields were ploughed in Rajasthan.
  • Probably wooden ploughshare was used.
  • No reference of whether plough was drawn by men or oxen.

Main crops:

  • Wheat, Barley, evidence of cultivation of rice in Lothal and Rangpur only.
  • Other crops included dates, mustard, sesamum, leguminous plants and cotton.
  • Indus people were the first to produce cotton in the world and as cotton was first produced in this area the Greeks called it Sindon, which is derived from Sindh.
  • Animal rearing:
  • Reared buffaloes, camels, oxen, sheep, asses, goats, pigs, elephants, dogs, cats.
  • The remains of horses–found at Surkotada in Gujarat.
  • Lion was not known to Indus People.

सिंधु सभ्यता-

सिंधु सभ्यता (2500 ईसा पूर्व – 1750 ईसा पूर्व )

  • सिंधु सभ्यता दुनिया की चार सबसे प्रारंभिक सभ्यताओं में से एक है

अन्य तीन हैं:

  • मेसोपोटामिया सभ्यता
  • मिस्र की सभ्यता
  • चीनी सभ्यता

 

  • सिंधु सभ्यता 1.5 लाख वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 1500 से अधिक स्थलों को शामिल करने वाली सभी नदी सभ्यताओं में सबसे विशाल है।
  • जॉन मार्शल “सिंधु सभ्यता” शब्द का उपयोग करने वाले प्रथम विद्वान थे
  • सिंधु सभ्यता कांस्य युग से संबंधित है
  • यह प्राचीन है,परन्तु  उपमहाद्वीप में ताम्र सभ्यता से इसका अधिक विकसित होना आश्चर्यचकित करता है |
  • यह सिंध, बलूचिस्तान, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी यू.पी. और उत्तरी महाराष्ट्र में फैली हुई थी |
  • इसे हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है क्योंकि इस सभ्यता को पहली बार 1921 में पाकिस्तान के पश्चिम पंजाब प्रांत में स्थित हड़प्पा के आधुनिक स्थल पर खोजा गया था।
  • हरियाणा में सबसे अधिक संख्या हड़प्पा स्थल है |

सिंधु घाटी सभ्यता स्थल इस प्रकार है

  • उत्तर में : मंडा (जम्मू-कश्मीर)
  • दक्षिण में : दाइमाबाद (महाराष्ट्र)
  • पूर्वी: आलमगीरपुर (उत्तर प्रदेश)
  • पश्चिम में :सुत्कागेंडोर (पाकिस्तान-ईरान सीमा)
  • राजधानी शहर: हड़प्पा, मोहेनजोदडो
  • बंदरगाह शहर: लोथल, सुत्कागेंडोर ,अल्लाह डिनो, बालाकोट, कुन्तासी

सिंधु सभ्यता अर्थव्यवस्था-

अर्थव्यवस्था:

  • कृषि:  कृषि प्रौद्योगिकी अच्छी तरह से विकसित थी।
  • किसी प्रकार की कुदाली या फाल (हल का अग्र नुकीला भाग) नहीं पाई गई है,परन्तु कालीबंगा में पूर्व-हड़प्पा काल में पाई गई हल रेखा यह दर्शाती है की राजस्थान में कृषि के लिए हल का उपयोग किया गया था |
  • संभवतया इस काल में लकड़ी के हल का इस्तेमाल किया गया था।
  • हल मनुष्य अथवा बैल द्वारा चलाया जाता था इस बात का कोई साक्ष्य नही मिला है |

मुख्य फसलें:

  • गेहूं, जौ, और चावल की खेती के प्रमाण लोथल और रंगपुर में मिले है |
  • अन्य फसलों में खजूर, सरसों, तिल,फलीदार पौधे तथा कपास थी |
  • सिंधु घाटी के लोग दुनिया में कपास का उत्पादन करने वाले पहले इंसान थे,इसी क्षेत्र में कपास की उत्पत्ति मानी गई है, ग्रीक इसे सिंदोन कहते हैं, जो सिंध से निकला है।

पशु पालन:

  • पालतू भैंस,ऊंट, बैल, भेड़, गधे, बकरियां, सूअर, हाथी,कुत्ते,बिल्ली आदि |
  • घोड़ों के अवशेष गुजरात में सुरकोटाडा में पाए गए है ।
  • शेर सिंधु लोगों के लिए अज्ञात था |

Indus Civilisation: Seals

  • Lapis Lazuli and Sapphire: Badak-shan (Afghanistan)
  • Jade: Central Asia
  • Steatite: Shaher-i- Sokhta (Iran), Kirthar hills (Pakistan)
  • Amethyst: Maharashtra
  • Iron was not known to the people of Indus civilisation.

Seals:

  • Made of Steatite (Soft Stone)
  • Size varies from ½ inch to 2-1/2 inches.
  • The two mains shapes are the square type with a carved animals and inscription on it, and the rectangular type with an inscription only.

  • The animal most frequently encountered on the seals is a humpless bull.
  • The purpose of seals was probably to mark ownership of property.
  • The Harappan seals are the greatest artistic creations of the Harappans.
  • Majority of them, carry short inscriptions with pictures of the one-horned bull, the buffalo, the tiger, the rhinoceros, the goat and the elephant.
  • Three-cylindrical seals from Mesopotamia have been found from Mohenjodaro
  • One cylindrical seal from Kalibangan, one circular button shaped seal called the Persian gulf seal has been found from Lothal.
    Script and Language
  • Harappan script is regarded as pictographic since its signs represent birds, fish, varieties of human form etc.
  • Fish symbol is most represented in the pictographs.
  • Most of the pictographs appear on seals.

सिंधु सभ्यता: मोहरें-

  • लाजवर्द तथा नीलम : बदख़्शान (अफगानिस्तान)
  • हरिताश्म: मध्य एशिया
  • शैलखटी : शहर-ए-सोखता (ईरान), किर्थर पहाड़ियां (पाकिस्तान)
  • नीलम: महाराष्ट्र
  • सिंधु सभ्यता के लोगों के लिए लोहा अज्ञात था |

मोहर (मुद्रक)

  • ये शैलखटी (साबुन का पत्थर) से निर्मित होती थी |
  • इनका आकार इंच से इंच के बीच होता था |
  • मोहरों वर्गाकार एवं आयताकार होती थी,वर्गाकार मोहर पर पशु एवं कुछ लेख गुदे हुए होते थे जबकि आयताकार मोहर पर केवल लेख ही होता था |

  • मुहरों पर सबसे ज्यादा जो जानवर पाया गया वह कूबड़हिन बैल था |
  • मुहरों का उद्देश्य सम्भवतः संपत्ति के स्वामित्व को चिह्नित करना था।
  • हड़प्पा मोहरें हड़प्पाओं की सबसे बड़ी कलात्मक रचनाएं हैं।
  • उनमें से अधिकांश, एक सींग वाले बैल, भैंस, बाघ, गेंडे,बकरी और हाथी की तस्वीरों के साथ छोटे शिलालेख शामिल थे।
  • मेसोपोटामिया की तीन-बेलनाकार मोहरे मोहनजोदड़ो में पाई गई है |
  • कालीबंगा की  एक बेलनाकार मुहर ,फ़ारसी गल्फ मुहर नामक बटन आकार की मोहर लोथल में पाई गई है |
  • लिपि और भाषा
  • हड़प्पा लिपि को चित्रलिपि के रूप में जाना जाता है क्यूंकि इनमे पक्षियों,मछलियों एवं विभिन्न प्रकार के मानव रूप पाए गए है |
  • चित्र-लिपियों में मछली का चित्र सबसे अधिक बार पाया गया है |
  • अधिकांश चित्र मोहरों पर भी पाए गए है |

Indus Civilisation: Religion-

Terracotta figurines:

  • Terracotta figurines were made of baked clay.
  • Majority of them are hand-modelled.
  • Both male and female figurines are found, the later being more common.
  • Also terracotta figurines of a range of birds and animals, including monkeys, dogs, sheep and cattle are seen.
  • Both humped and humpless bulls are found, the pride of place seemingly going to the great humpless bulls.

Indus Civilisation: Terracotta-

  • The Best metal specimen is that of a bronze image of a nude woman dancer at Mohenjodaro.
  • The best stone specimen is a steatite image of a bearded man at Mohenjodaro.
  • Stone sculptures have also been found from Harappa, Dabarkot and Mundigak.
  • The seals and images were manufactured With great skill, but the terracotta pieces represent unsophisticated artistic works.
  • The contrast between the two sets indicates the gap between the classes which used them.
  • The first were used by members of the upper classes, and the second by the common people.

Indus Civilisation: Pottery-

Pottery:

  • The Indus people indulged in widespread use of potter’s wheel.
  • Pots were painted in various colours and decorated with human figures, plants, animal and geometrical patterns.
  • Harappan glazed pottery was the first of its kind in the world.
  • Both plain and painted pottery were present, but the plain pottery is more common than the painted ware.
  • The plain pottery is red in colour whereas painted pottery is of red and black colour.

सिंधु सभ्यता: धर्म-

टेराकोटा मूर्तियां

  • टेराकोटा मूर्तियां पकाई गई मिट्टी से बनी थी |
  • इनमें से अधिकांश हस्त-निर्मित थी |
  • पुरुष और महिला दोनों की मूर्तियां पाई गयी ,कुछ समय बाद ये समान्य हो गई |
  • इसके अतिरिक्त टेराकोटा मूर्तियों में विभिन्न पक्षियों और जानवरों की मूर्तियां मिली है इनमे बंदर,कुत्ते,भेड़ और घरेलू पशु शामिल है |
  • कूबड़दार और कूबड़ रहित दोनों प्रकार के बैल पाए गए है, इस स्थान पर मुख्य रूप से पाए जाने वाले जानवर का श्रेय कूबड़ रहित बैल को जाता है |

सिंधु सभ्यता: टेराकोटा-

  • सर्वश्रेष्ठ धातु का नमूना मोहनजोदड़ो में एक नग्न महिला नर्तकी की कांस्य प्रतिमा का है।
  • सबसे अच्छा पत्थर का नमूना मोहनजोदड़ो में शैलखटी पत्थर की एक दाढ़ी वाले आदमी की प्रतिमा का है |
  • पत्थर की मूर्तियां भी हड़प्पा, डाबरकोट और मुंडिगाक से मिली हैं।
  • मुहरों और प्रतिमाओं का निर्माण बहुत ही कुशलता से किया गया था,परन्तु टेराकोटा की मूर्तियों का निर्माण बेढंगे तरीके से था |
  • दो सेटों के बीच का अंतर उन वर्गों के बीच की खाई को इंगित करता है जो उन्हें उपयोग करते थे।
  • मुहर और प्रतिमा ऊपरी वर्ग के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल किया गया था और टेराकोटा आम लोगों द्वारा |

मिट्टी के बर्तन-

  • सिंधु सभ्यता के लोग मिट्टी के पहिये का बड़े पैमाने पर उपयोग करते थे |
  • बर्तन विभिन्न रंगों में चित्रित किए गए थे और मानव आकृतियों, पौधों, जानवरों और ज्यामितीय पैटर्नों के साथ सजाए गए थे।
  • हड़प्पा के पॉलिशदार मिट्टी के बर्तन दुनिया में अपनी तरह के पहले थे |
  • बिना चित्र वाली और चित्रित मिट्टी के बर्तन दोनों मौजूद थे, लेकिन सादे बर्तन चित्रित बर्तन से ज्यादा आम थे |
  • सादे बर्तनों का रंग लाल होता है जबकि चित्रित मिट्टी के बर्तन लाल और काले रंग के थे

Harappa-

Special features of Harappan sites:

Harappa

  • Discovered by: First Indus site to be discovered by Dayaram Sahni in 1921.
  • Located: On the banks of river Ravi.

Findings:

  • Two rows of six granaries, these were the nearest buildings to the river.
  • Barracks in the form of rows of single roomed habitations which housed labourers are seen.
  • Largest number of wheat grains
  • Red sandstone torso of nude male.

Mohenjodaro-

Mohenjodaro (literally means ‘mound of the dead’)

  • Discovered by: Second Indus site to be discovered by R.D. Banerjee in 1922.
  • Located: On the banks of river Indus .

Findings:

  • Great granary (the largest building).
  • Pasupati seal
  • Multi-pillared assembly hall and a big rectangular building.
  • Bronze image of a dancing girl with right hand on hip.
  • Steatite image of a bearded man said to be of a priest.
  • Bronze mirror,bronze needle, bronze saw
  • Great bath

हड़प्पा-

हड़प्पा स्थलों की विशेषताएं:

हड़प्पा

  • यह 1921 में दयाराम साहनी द्वारा खोजा गया पहला सिंधु स्थल था |
  • यह रावी नदी के किनारे पर स्थित है |

निष्कर्ष  (खुदाई के दौरान प्राप्त हुआ )

  • छह धान्यागार की दो पंक्तियाँ थी, ये नदी के बहुत निकट थी |
  • बैरक पंक्तियों के रूप में थे जिनमे एक कमरा होता था जो सम्भवतः मजदूरों के लिए था |
  • गेहूं अधिक संख्या में थे |
  • नग्न पुरूष का लाल बलुआ पत्थर का धड़ भी पाया गया है |

मोहनजोदड़ो-

मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ है मृतकों का कंकाल |

  • राखालदास बनर्जी
  • यह 1922 में राखालदास बनर्जी द्वारा खोजा जाने वाला दूसरा सिंधु स्थल था |
  • यह सिंधु नदी के किनारे पर स्थित थी |

निष्कर्ष  (खुदाई के दौरान प्राप्त हुआ )

  • विशाल अन्नागार (सबसे बड़ी इमारत)
  • पशुपति की मोहर
  • बड़े बड़े खम्बो वाला विधान भवन तथा एक विशाल आयताकार इमारत।
  • कमर पर दाहिना हाथ रखे हुए  नृत्य करती लड़की की कांस्य की प्रतिमा |
  • दाढ़ी वाले आदमी की शैलखटी की प्रतिमा जो सम्भवतः पुजारी माना गया है |
  • कांसे के दर्पण, कांसे की सुई, कांसे का आरा
  • विशाल स्नानघर

 

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