HCS Prelims Mains Exam 2018 | History Study Content | Online Preparation

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Vijaynagar and Other Kingdom

Vijaynagar Kingdom (1336-1672)

  • Vijayanagar kingdom lay in the Deccan, to the south of the Bahmani kingdom.
  • Vijayanagar period can be divided into four dynasties: Sangama, Saluva, Tuluva and Aravidu.

Archaeological sources:

  • Srirangam copper plate inscription of Devaraya II provide the genealogy and achievements of Vijayanagar rulers.
  • The Hampi ruins and other monuments provide information on the cultural contributions of the Vijayanagar rulers.

1. The Sangama Dynasty

Harihara I and Bukka I:

  • Founded Vijayanagar in 1336.
  • They were originally served under the Kakatiya rulers of Warangal.
  • Then they went to Kampili where they were imprisoned and converted to Islam.
  • Later, they returned to the Hindu fold at the initiative of the saint Vidyaranya.

Deva Raya I

  • He was the third son of Harihara II.
  • His greatest achievement was his irrigation works where a dam was built across the Tungabhadra, with canals leading to the city.

Deva Raya II:

  • He was grandson of Deva Raya I.
  • Deva Raya II began the practice of employing Muslim cavalrymen and archers in the army on large scale

2. The Saluva dynasty (1486-1505 AD)

  • Founded by Saluva Narasimha (1486-1491 AD).

Tirumal and Immadi Narasimha (1491-1505)

  • Both were minors during the regency of Narsa Nayaka.
  • Vasco Da Gama landed in Calicut during his reign in 1498.

3. The Tuluva dynasty

  • Founder: Narasa Nayaka
  • Krishnadevaraya, the greatest of the Vijayanagar rulers, belonged to the Tuluva dynasty.
  • He possessed great military ability, imposing personality and high intellectual quality.
  • In 1509, Krishnadevaraya’s armies clashed with the Sultan of Bijapur at Diwani and the Sultan Mahmud was severely injured and defeated.
  • Yusuf Adil Khan was killed and the Raichur Doab was annexed.

HCS Prelims Mains Exam 2018

विजयनगर साम्राज्य

  • विजयनगर साम्राज्य बहमनी साम्राज्य के दक्षिण में दक्कन में था।
  • विजयनगर पर चार राजवंश शासन करते थे : संगम वंश, सालुव वंश,तुलुव वंश और अराविदु वंश |

पुरातत्व स्रोत:

  • देवराय द्वितीय की श्रीरंगम ताम्रपत्र में विजयनगर शासकों की वंशावली और उपलब्धियां वर्णित है |
  • हम्पी के अवशेष एवं अन्य स्मारक विजयनगर शासकों के सांस्कृतिक योगदान के बारे में जानकारी प्रदान करते है |

संगम राजवंश

  • हरिहर प्रथम (हक्का) एवं बुक्का प्रथम (संगम का पुत्र) ने 1336 में  विजयनगर की स्थापना की |
  • मूल रूप से इन्होने वारांगल के काकतीय वंश के अधीन शासन किया |
  • कम्पीली में ले जाकर उन्हें जेल में डाल दिया गया एवं उनसे इस्लाम कबूल करवाया गया |
  • उसके बाद वे संत विद्यारण्य के कहने पर वापिस हिन्दू धर्म में लौट गए |

देवराय प्रथम

  • ये हरिहर द्वितीय के तीसरे पुत्र थे।
  • इनकी सबसे बड़ी उपलब्धि इनका सिंचाई कार्य था जिसके अंतर्गत इन्होने तुंगभद्रा नदी पर बाँध एवं एक नहर बनाई जो शहर की तरफ थी |

देव राय द्वितीय:

  • ये देव राय प्रथम के पौत्र थे |
  • देव राय द्वितीय ने बड़े पैमाने पर मुस्लिम सैनिक एवं धनुर्धारियों को सेना में भर्ती करना आरम्भ कर दिया |

सालुव राजवंश

सालुव राजवंश (1486-1505 ईस्वी)

  • सालुव नरसिंह (1486-1491 ईस्वी ) इस राजवंश के संस्थापक थे |

तिरुमल और इम्माडी नरसिंह (1491-1505)

  • अल्प वयस्क होने के कारण नरसा नायक को इनका सरंक्षक बनाया गया |
  • वास्को डी गामा इन्ही के शासन काल में 1498 में भारत में आया |

तुलुव राजवंश

  • संस्थापक: नरसा नायक
  • विजयनगर शासकों में सबसे महान एवं शक्तिशाली शासक कृष्णदेवराय, तुलुव वंश का था।
  • उन्होंने अपनी सेना को मजबूत बनाया, इनका व्यक्तित्व प्रभावशाली एवं इनकी बौद्धिक गुणवत्ता उच्च थी |
  • 1509 में, कृष्णदेवराय की सेना ने दिवानी में बीजापुर के सुल्तान पर आक्रमण कर दिया एवं सुल्तान महमूद को गंभीर चोट आई एवं वह पराजित हो गया |
  • युसूफ आदिल खान की हत्या कर दी गई एवं रायचूर दोआब पर कब्जा कर लिया गया।

Vijayanagara Empire

Administration:

  • Well organized.
  • King enjoyed absolute authority in executive, judicial and legislative matters.
  • The succession to the throne by principle of hereditary.
  • Sometimes usurpation to the throne took place as Saluva Narasimha came to power by ending the Sangama dynasty.

Religion:

  • Sangama rulers were chiefly Savaites
  • Their family deity – Virupaksha
  • Other dynasties were Vaishnavites.
  • Srivaishnavism of Ramanuja was very popular.

Women’s Position:

  • Not improved.
  • However, some of them were learned.
  • Ganga Devi, wife of Kumara Kampana authored the famous work Madhuravijayam.
  • According to Nuniz, a large number of women were employed in royal palaces as dancers, domestic servants and palanquin bearers.

Economic Condition:

  • According to foreign travellers account,  Vijayanagar Empire was one of the wealthiest parts of the world at that time.
  • Chief occupation of people – Agriculture
  • The Vijayanagar rulers provided a stimulus to it by providing irrigation facilities by building dams and constructing tanks across the rivers like Tungabhadra.  

Industries:

  • Industries were organized into guilds.  Metal workers and other craftsmen flourished during this period.
  • Diamond mines were located in Kurnool and Anantapur district.

Trade:

  • A great centre of trade.
  • The chief gold coin was the varaha but weights and measures varied from place to place.

विजयनगर साम्राज्य

प्रशासनिक व्यवस्था

  • प्रशासनिक व्यवस्था सुव्यवस्थित थी |
  • कार्यकारी, न्यायिक और वैधानिक मामलों में राजा का एकाधिकार था |
  • सिंहासन का उत्तराधिकार वंशानुगत था |
  • संगम राजवंश की समाप्ति के बाद सलुव राजवंश ने शासन संभाला |

धर्म:

  • मुख्य रूप से संगम शासक शिव भक्त थे |
  • विरुपाक्ष उनके कुल देवता थे |
  • अन्य सभी राजवंश वैष्णववादी थे |
  • रामानुज का श्रीविष्णुवाद बहुत लोकप्रिय था |

स्त्रियों की स्थिति

  • किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ |
  • हालाँकि उनमे से कुछ ने तो शिक्षा भी प्राप्त की |
  • कुमार कम्पन की धर्मपत्नी गंगा देवी ने प्रसिद्ध पुस्तक मधुराविजयम का लेखन किया।
  • न्यूनीज़ के अनुसार शाही राजमहल में बड़ी संख्या मे महिलाएं ,नर्तकी, घरेलू नौकरानी एवं पालकी धारकों के रूप में कार्य करती थी |

आर्थिक स्थिति

  • विदेशी यात्रियों के अनुसार विजयनगर उस समय का संसार का सबसे धनी क्षेत्र था
  • लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि था |
  • विजयनगर के शासकों ने तुंगभद्रा जैसी नदियों  पर बाँध एवं तालाब का निर्माण करवाकर सिंचाई कार्य को प्रोत्साहित किया |

उद्योग:

  • विभिन्न उद्योग शिल्पीसंघों में व्यवस्थित थे | इस काल में धातु श्रमिक  एवं अन्य कारीगर फल फुले |
  • कुरनूल एवं अनंतपुर में हिरे की खान थी |

व्यापार:

  • व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र |
  • मुख्य सोने का सिक्का वराह था,लेकिन भार एवं आमाप अलग अलग स्थानों पर अलग अलग थे |

Bahmani Kingdom:

  • Alauddin Bahman Shah also known as Hasan Gangu founded the Bahmani kingdom in 1347.
  • Capital – Gulbarga.
  • 14 sultans had ruled over this kingdom.  Among them, Alauddin Bahman Shah, Muhammad Shah I and Firoz Shah were important.  

Extension of Bahmani Kingdom:

  • It extended from the Arabian sea to the Bay of Bengal.
  • On the west – Goa to Bombay.  
  • On the east – Kakinada to the mouth of the river Krishna.

Mahmud Gawan

  • He was a Persian merchant.
  • The Bahmani kingdom reached its peak because of the guidance of Mahmud Gawan.

Administrative reforms:

  • To increase the control of Sultan over the nobles and provinces, royal officers were appointed in each province for this purpose.
  • Most of the forts were under the control of these officers.
  • Nobles took advantage of weak sultans and declared their independence.  

बहमनी साम्राज्य:

  • अलाउद्दीन बहमन शाह को हसन गंगु के रूप में भी जाना जाता है, 1347 में बहमनी साम्राज्य की स्थापना की |
  • पूंजी – गुलबर्गा
  • 14 सल्तनों ने इस राज्य पर शासन किया था। इनमे , अलाउद्दीन बहमन शाह, मुहम्मद शाह प्रथम  और फिरोज शाह महत्वपूर्ण थे।

बहमनी साम्राज्य का विस्तार:

  • यह साम्राज्य अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ था |
  • पश्चिम में- गोवा से मुंबई |
  • पूर्व में – काकीनाड़ा से  कृष्णा नदी के मुहाने तक |

महमूद गवान

  • वह एक फ़ारसी व्यापारी था |
  • महमूद गवान के मार्गदर्शन में बहमनी साम्राज्य ने कई ऊंचाइयों को छुआ |

प्रशासनिक सुधार:

  • कुलीनों और प्रांतों पर सुलतान का नियंत्रण बढ़ाने के लिए प्रत्येक राज्य में शाही अधिकारी नियुक्त था
  • अधिकांश किले इन अधिकारियों के नियंत्रण में थे।
  • कुलीनों ने कमजोर शासकों का फायदा उठाया एवं उनकी स्वतंत्रता की घोषणा करवा दी |

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