# HCS Preliminary Exam Notes 2018 :: Best Study Material | Geography

HCS Preliminary Exam Notes 2018 :: Best Study Material | Geography

Pressure Systems of The World

Atmospheric pressure

• The weight of a column of air contained in a unit area from the mean sea level to the top of the atmosphere is called the atmospheric pressure.
• It is measured by means of an instrument called barometer.
• Units: millibars (mb).
• The normal pressure at sea level =76 centimeters (1013.25 millibars).

Vertical variation of pressure

• In the lower atmosphere the pressure decreases rapidly with height (average at the rate of about 34 millibars every 300 metres of height)
• At the height of Mt. Everest, the air pressure is about two-third less than what it is at the sea level.
• The vertical pressure gradient force is much larger than that of the horizontal pressure gradient.

Horizontal distribution of pressure

• Small differences in pressure are highly significant in terms of the wind direction and velocity.
• Horizontal distribution of pressure is studied by drawing isobars at constant levels.
• Isobars are lines connecting places having equal pressure.
• In order to eliminate the effect of altitude on pressure, it is measured at any station after being reduced to sea level for purposes of comparison.

The seven pressure belts are :

• Equatorial low
• The subtropical highs (North-South)
• The sub-polar lows (North-South)
• The polar highs (North-South)

World distribution of sea level pressure

• Near the equator, the sea level pressure is low and the area is known as equatorial low.
• Along 30° N and 30° S are found the high-pressure areas known as the subtropical highs.
• Along 60°  N and 60° S, the low-pressure belts are termed as the sub polar lows.
• Near the poles the pressure is high and it is known as the polar high.

वायुमंडलीय दाब

• माध्य समुद्रतल से वायुमंडल की अंतिम सीमा तक एक इकाई क्षेत्रफल के वायु स्तम्भ के भार को वायुमंडलीय दाब कहते हैं |
• यह एक मापने वाले उपकरण जिसे बैरोमीटर कहते हैं, द्वारा मापा जाता है |
• इकाई : मिलिबार ( एमबी )
• समुद्रतल पर सामान्य वायु दाब = 76 सेंटीमीटर ( 1013.25 मिलिबार )

वायुमंडलीय दाब में  ऊर्ध्वाधर भिन्नता

• वायुमंडल के निचले भाग में वायु दाब ऊँचाई के साथ तीव्रता से घटता है ( औसतन प्रत्येक 300 मीटर की ऊँचाई पर 34 मिलिबार की दर से ) |
• माउंट एवेरेस्ट की ऊँचाई पर, वायु दाब समुद्रतल की वायु दाब से दो-तिहाई से कम हो जाता है |
• उर्ध्वाकार दाब प्रवणता क्षैतिज दाब प्रवणता की तुलना में अधिक होती है |

वायुमंडलीय दाब का क्षैतिज वितरण

• पवनों की दिशा व वेग के सन्दर्भ में वायुदाब में अल्प अंतर भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं |
• वायुदाब के क्षैतिज वितरण का अध्ययन समान अंतराल पर खिंची गयी समदाब रेखाओं द्वारा किया जाता है |
• समदाब रेखाएं वे रेखाएं हैं जो समान दाब वाले क्षेत्रों को जोड़ती हैं |
• दाब पर ऊँचाई के प्रभाव को दूर करने  और तुलनात्मक बनाने के लिए वायुदाब मापने के बाद इसे समुद्रतल पर घटा लिया जाता है |

सात वायुदाब क्षेत्र निम्नलिखित हैं –

• विषुवत्तीय निम्न अवदाब क्षेत्र
• उपोष्णकटिबंधीय उच्च ( उत्तर-दक्षिण )
• अधोध्रुविय निम्न ( उत्तर-दक्षिण )
• ध्रुवीय उच्च ( उत्तर-दक्षिण )

समुद्रतल वायु दाब का विश्व वितरण

• विषुवत रेखा के निकट समुद्रतल वायुदाब निम्न होता है और इस क्षेत्र को विषुवत्तीय निम्न अवदाब क्षेत्र  कहते हैं |
• 30° उत्तरी और 30° दक्षिणी अक्षांशों के साथ उच्च-दाब क्षेत्र पाए जाते हैं, जिन्हें उपोष्ण उच्च वायुदाब क्षेत्र कहते हैं |
• 60° उत्तरी और 60° दक्षिणी अक्षांशों के साथ निम्न दाब पेटियां हैं जिन्हें अधोध्रुवीय निम्न दाब पट्टियां कहते हैं |
• ध्रुवों के निकट उच्च दाब होता है और इसे ध्रुवीय उच्च वायुदाब क्षेत्र कहते हैं |

Equatorial Low Pressure Belt or ‘Doldrums’

• Lies between 5°N and 5°S latitudes.
• This belt happens to be the zone of convergence of trade winds from two hemispheres from subtropical high pressure belts.
• This belt is also called the Doldrums, because of the extremely calm air movements.

Subtropical High Pressure Belt or Horse Latitudes

• The subtropical high extend from near the tropics to about 30-35°N and S.
• After saturation (complete loss of moisture), the air moving away from equatorial low pressure belt in the upper troposphere becomes dry and cold.
• This dry and cold wind subsides at 30°N and S.

Horse Latitudes

• The corresponding latitudes of subtropical high pressure belt are called horse latitudes.

Why?

• In early days, the sailing vessels with cargo of horses found it difficult to sail under calm conditions of this high pressure belt.
• They used to throw horses into the sea when fodder ran out. Hence the name horse latitudes.

Polar High Pressure Belt

• The polar highs are small in area and extend around the poles.
• They lie around poles between 80–90° N and S latitudes.
• The air from subpolar low pressure belts after saturation becomes dry.
• This dry air becomes cold while moving towards poles through upper troposphere.

विषुवतरेखीय निम्न वायुदाब क्षेत्र या  ‘निर्वात मंडल’

• यह 5° उत्तर और 5° दक्षिण अक्षांशों के बीच पाया जाता है |
• यह क्षेत्र उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब क्षेत्रों से दो गोलार्द्धों के पूर्वी हवाओं के अभिसरण का क्षेत्र है |
• यह क्षेत्र हवा की अत्यधिक शांत गति के कारण  निर्वात मंडल भी कहलाता है |

उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब क्षेत्र या अश्व अक्षांश

• उच्च उपोष्णकटिबंधीय कटिबंधीय के निकट से 30-35° उत्तर और दक्षिण तक फैला हुआ है |
• संतृप्ति (नमी का सम्पूर्ण ह्रास )के बाद, विषुवतरेखीय निम्न वायुदाब से बहती हवा ऊपरी क्षोभ मंडल में शुष्क और ठंडी हो जाती है |
• यह शुष्क और ठंडी हवा 30° उत्तर और दक्षिण पर समाप्त हो जाती है |

अश्व अक्षांश

• उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब क्षेत्रों से तटस्थ अक्षांशों को अश्व अक्षांश कहते हैं |

क्यों ?

• शुरू के दिनों में, इन उच्च वायुदाब क्षेत्रों में घोड़ों के कार्गो के साथ नौकायन जहाज का चलना काफी मुश्किल हो गया |
• जब चारे ख़त्म हो गए तो उन्होंने घोड़ों का समुद्र में फेंकना शुरू कर दिया | इस प्रकार से इसका नाम अश्व अक्षांश पड़ा |

ध्रुवीय उच्च वायुदाब क्षेत्र

• ध्रुवीय उच्च दाब कम क्षेत्र में होते हैं और ध्रुवों के आसपास तक फैलते हैं |
• ये 80–90°उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के बीच ध्रुवों के आसपास स्थित है |
• अधोध्रुवीय निम्न वायुदाब क्षेत्र से हवा संतृप्ति के बाद शुष्क हो जाती है |
• शुष्क होने के बाद ऊपरी क्षोभ मंडल से ध्रुवों की ओर बहते समय ये ठंडी होना शुरू हो जाती है |

Factors controlling pressure system

There are two main causes, thermal and dynamic, for the pressure differences resulting in high and low pressure systems.

Thermal Factors

• When air is heated, it expands and, hence, its density decreases.
• This naturally leads to low pressure. On the contrary, cooling results in contraction. This increases the density and thus leads to high pressure.

Dynamic factors:

• Apart from variations of temperature, the formation of pressure belts may be explained by dynamic controls arising out of pressure gradient forces and rotation of the earth (Coriolis force).
• Thus formation of subtropical high and subpolar low pressure belts are due to dynamic factors like pressure gradient forces, apparent movement of sun and rotation of the earth (Coriolis force)

World distribution of sea level pressure

Causes of the Coriolis Effect

• The main cause of the Coriolis effect is the earth’s rotation.
• As the earth spins in a counterclockwise direction on its axis, anything flying or flowing over a long distance above its surface appears to be deflected.
• As latitude increases and the speed of the earth’s rotation decreases, Coriolis effect increases.
• A plane flying along the equator itself would be able to continue flying on the equator without any apparent deflection.

वायुमंडलीय दाब प्रणाली को नियंत्रित करने वाले कारक

• उच्च और निम्न वायुदाब प्रणाली में अंतर के दो मुख्य कारण तापीय ऊर्जा और गतिशीलता है |

तापीय ऊर्जा वाले कारक

• जब वायु गर्म होती है तो यह फैलती है और इस प्रकार इसका घनत्व घटता है |
• इससे स्वतः निम्न वायुदाब उत्पन्न होता है | दूसरी तरफ शीतलन के परिणामस्वरूप संकुचन होता है | इससे घनत्व में बढ़ोत्तरी होती है और उच्च वायुदाब का निर्माण होता है |

गतिशीलता वाले कारक

• तापमान में भिन्नता के अलावा, वायुदाब क्षेत्रों के निर्माण को दाब प्रवणता बल और पृथ्वी के घूर्णन (कोरिओलिस बल ) के परिणामस्वरूप गतिशील नियंत्रण द्वारा समझा जा सकता है |
• उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब और अधोध्रुवीय निम्न वायुदाब के निर्माण में  दाब प्रवणता बल, सूर्य की किरणों का विस्थापन और पृथ्वी का घूर्णन (कोरिओलिस बल) का योगदान रहता है |

समुद्रतल वायु दाब का विश्व वितरण

कोरिओलिस प्रभाव के कारण

• इस प्रभाव का मुख्य कारण पृथ्वी का घूर्णन है |
• क्यूंकि धरती अपने अक्ष पर घड़ी की दिशा में घूमती है, इसके धरातल के ऊपर एक लम्बी दूरी तय करते हुए कोई भी उड़ती या बहती हुई चीज विक्षेपित होती हुई लगती है |
• जैसे अक्षांशों में वृद्धि और धरती के घूर्णन की गति में कमी आती है कोरिओलिस प्रभाव बढ़ता है |
• विषुवत रेखा के ऊपर उड़ने वाला हवाई जहाज बिना किसी स्पष्ट विक्षेपण के विषुवत रेखा के ऊपर उड़ना जारी रहता है |

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