HCS Online Complete Study Material (History) | HCS Online Preparation

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French Revolution

  • The French Revolution was brewing while the War of American Independence was being fought.
  • The French Revolution (1789-1815) was a period of ideological, political and social upheaval in the political history of France and Europe as a whole, during which the French polity, previously an absolute monarchy with feudal privileges for the aristocracy and Catholic clergy, underwent radical change to forms based on Enlightenment principles of republicanism, citizenship and rights.
  • The French Revolution, however, was more world-shaking than the American.

Causes of French revolution:

Political causes:

  • France was ruled by a dynasty called House of Bourbon, which firmly believed in Political absolutism and the Divine Right theory-that they were representatives of God and they were answerable only to God.

Social Causes:

  • France was a strong and powerful state in the 18th century.
  • She had seized vast territories in North America, islands in the West Indies.
  • French society was divided into classes, or estates.

Economic causes:

  • The financial condition of France was very critical during the reign of Louis XVI.
  • The national debt had increased beyond the limit.
  • The national income was less than national expenditure.
  • The result was that the king tried to mobilize national income by selling important offices of the government.

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फ्रांस की क्रांति

  • जिस वक्त अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम हो रहा था, उस वक्त फ्रांस की क्रांति की पृष्ठभूमि तैयार हो रही थी |
  • फ़्रांस की क्रांति ( 1789-1815 ) फ़्रांस तथा यूरोप के राजनीतिक इतिहास में वैचारिक, राजनीतिक तथा सामाजिक उथल-पुथल की अवधि थी, जिस दौरान फ्रांस की राजनीति, जो पहले कैथोलिक पादरियों तथा कुलीन वर्ग को सामंती विशेषाधिकार देने वाली राजशाही थी, वह क्रांतिकारी ढंग से गणतंत्रवाद, नागरिकवाद तथा अधिकारों के प्रबोधन सिद्धांतों पर आधारित राजनीतिक रूपों में परिवर्तित हो गयी |
  • फ़्रांस की क्रांति,हालाँकि, अमेरिकी क्रांति की तुलना में दुनिया को अधिक हिला के रख देने वाली थी |

फ्रांस की क्रांति के कारण :

राजनीतिक कारण :

  • फ्रांस पर बुर्बों नामक एक राजवंश का शासन था जो दृढ़ता से राजनीतिक निरपेक्षता तथा ईश्वरीय शक्ति सिद्धांत में विश्वास करता था  अर्थात वे मानते थे कि वे ईश्वर के प्रतिनिधि हैं तथा वे केवल ईश्वर के प्रति जवाबदेह हैं |

सामाजिक कारण :

  • फ़्रांस 18वीं शताब्दी में एक शक्तिशाली तथा मजबूत राष्ट्र था |
  • उसने उत्तरी अमेरिका में विशाल क्षेत्रों तथा वेस्ट इंडीज़ में  द्वीपों पर कब्ज़ा किया हुआ था |
  • फ्रांस का समाज वर्गों अथवा रियासतों में बंटा हुआ था |

आर्थिक कारण :

  • लुइ सोलहवां के शासनकाल में फ़्रांस की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी |
  • राष्ट्रीय ऋण अपनी सीमा से अधिक हो गया था |
  • राष्ट्रीय आय, राष्ट्रीय व्यय से कम थी |
  • इसका परिणाम यह हुआ कि राजा ने राष्ट्रीय आय को सरकार के महत्वपूर्ण पदों को बेचकर गति में लाने की कोशिश की |

Inspiration from the American War of Independence

  • The independence of the thirteen American colonies from England provided a boost to the French people.
  • The French captain Lafayette with his soldiers returned from America after helping the colonies to secure their independence.
  • His experience in America along with the fighting spirit for the cause of democracy reached the ears of the French and inspired them.

Impact of the French philosopher:

  • The revolutionary ideas of philosophers spread throughout France and created awareness among the masses.
  • The French intellectuals gave the motto “Liberty, Equality and Fraternity” which became the watchwords of the revolution of 1789.

Democracy: Jean Jacques Rousseau

  • The philosopher-writer, Montesquieu, thought about the kind of government that is best suited to man and outlined the principles of constitutional monarchy.
  • However, it was Jean Jacques Rousseau who asserted the doctrine of popular sovereignty and democracy.
  • He recognized property in modern societies as a ‘necessary evil’.

Major event of French revolution Convening of the Estates-General:

  • The financial condition of France was very critical during the reign of Louis XVI.
  • The national debt had increased beyond the limit. King tried to mobilize national income by selling important offices of the government but in vain.

अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरणा :

  • इंग्लैंड से तेरह अमेरिकी उपनिवेशों की स्वतंत्रता ने फ्रांस के लोगों को प्रोत्साहन दिया |
  • फ़्रांसीसी कैप्टन लाफियेट उपनिवेशों को उनकी स्वतंत्रता सुरक्षित करने में सहायता करने के बाद अपने सैनिकों के साथ अमेरिका से  फ़्रांस लौटे |
  • लड़ाई की भावना के साथ-साथ अमेरिका में लोकतंत्र की माँग हेतु उनका अनुभव फ़्रांस के लोगों के कानों तक पँहुचा तथा उन्हें प्रेरित किया |

फ़्रांसीसी दार्शनिकों का प्रभाव :

  • दार्शनिकों के क्रांतिकारी विचारों का प्रसार समूचे फ़्रांस में हुआ तथा  ये विचार जन साधारण में जागरूकता लेकर आये |
  • फ़्रांसीसी बुद्धिजीवियों ने “स्वतंत्रता, समानता तथा भाईचारे” का सिद्धांत दिया जो 1789 की क्रांति का नारा बन गया |

लोकतंत्र : जीन-जक्क़ुएस रूसो

  • दार्शनिक-लेखक मोनटीसकीव ने उस तरह की सरकार की कल्पना की जो मनुष्य के लिए सबसे उपयुक्त हो तथा उन्होंने संवैधानिक राजतंत्र के सिद्धांतों को रेखांकित किया |
  • लेकिन, यह जीन-जक्क़ुएस रूसो थे जिन्होंने लोकप्रिय संप्रभुता तथा लोकतंत्र पर ज़ोर दिया |
  • उन्होंने आधुनिक समाज में संपत्ति को एक “अनिवार्य बुराई” के रूप में माना |

फ़्रांस की क्रांति की प्रमुख घटनाएँ सम्पदा सार्विक को बुलाना :

  • लुइ सोलहवां के शासनकाल में फ़्रांस की वित्तीय स्थिति बहुत नाज़ुक हो गयी थी |
  • राष्ट्रीय ऋण अपनी सीमा से अधिक हो गया था | राजा ने सरकार के महत्वपूर्ण पदों को बेचकर राष्ट्रीय आय को गति प्रदान करने की कोशिश की किंतु यह असफल रहे |

National Assembly

  • Under the assembly’s medieval rules, each estate’s delegates met in a separate hall to vote, and each estate had one vote.
  • The two privileged estates could always outvote the Third Estate.
  • The Third Estate delegates, mostly members of the bourgeoisie, whose views had been shaped by the ideas of Liberty and Fraternity, were eager to make changes in the government.
  • This would give the advantage to the Third Estate, which had as many delegates as the other two estates combined.
  • However, the King took the side of the Nobles. He ordered the Estates-General to follow the medieval rules.
  • The delegates of the Third Estate, however, became more and more determined to wield power.
  • Thus, there was a deadlock.
  • On 17th June 1789, the third Estate declared itself as the National Assembly.
  • The king got alarmed and prevented them from entering the hall.
  • But, the members of the National Assembly went to a nearby Tennis Court and took an oath to frame a new constitution.
  • This is known as Tennis Court Oath.

Fall of Bastille:

  • The King though recognised the National Assembly, yet he decided to suppress it.
  • A large number of soldiers were brought to Versailles and Paris.
  • Necker, the popular minister was also dismissed.
  • On hearing this, the mob of Paris became violent.
  • They attacked the State prison called the Bastille, murdered the guards and freed the prisoners.
  • The fall of the Bastille was regarded in France as a triumph of liberty.
  • After the fall of the Bastille, the peasants rose against the nobles.
  • On 5th October, a large number of women went to the King’s palace at Versailles to make a petition.
  • They were not satisfied with the reply of the queen and hence they brought with them the king, the queen and their son to Paris.

राष्ट्रीय सभा

  • सभा के मध्ययुगीन नियमों के तहत , प्रत्येक वर्ग के प्रतिनिधि अलग-अलग कक्षों में मतदान के लिए इकठ्ठा होते थे, तथा प्रत्येक वर्ग के पास एक मत था|
  • दो विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग हमेशा तीसरे वर्ग को अधिक वोट से पराजित कर सकते थे |
  • तीसरे वर्ग के प्रतिनिधि, जो अधिकतर बुर्जुआ वर्ग के सदस्य थे, तथा जिनके दृष्टिकोण को स्वतंत्रता तथा भाईचारे के विचार से आकार मिला था, सरकार में परिवर्तन लाने के लिए उत्सुक थे |   
  • इससे तीसरे वर्ग को लाभ मिलता, जिसके प्रतिनिधियों की संख्या अन्य दोनों वर्गों के संयुक्त प्रतिनिधियों की संख्या के बराबर थी |
  • लेकिन, राजा ने कुलीनों का पक्ष लिया | उसने सम्पदा सार्विक को मध्यकालीन नियमों का अनुसरण करने का आदेश दिया |
  • तीसरे वर्ग के प्रतिनिधि, हालाँकि, सत्ता को हाथ में लेने के लिए अधिक से अधिक दृढ-संकल्पित थे |
  • इस तरह,  एक गतिरोध उत्पन्न हो गया |
  • 17 जून 1789 को, तीसरे वर्ग ने खुद को राष्ट्रीय सभा के रूप में घोषित कर दिया |
  • राजा को खतरे का आभास हो गया तथा उसने उन्हें सभा में प्रवेश करने से रोका |
  • किंतु राष्ट्रीय सभा के सदस्य पास के टेनिस कोर्ट चले गये तथा नए संविधान का निर्माण करने के लिए शपथ ली |
  • इसे टेनिस कोर्ट शपथ के नाम से जाना जाता है |

बास्तील का पतन :

  • हालाँकि राजा ने राष्ट्रीय सभा को मान्यता दे दी, किंतु फिरभी उसने इसका दमन करने का फैसला किया |
  • बड़ी संख्या में सैनिकों को वर्सेल्स तथा पेरिस लाया गया |
  • नेकर, जो लोकप्रिय मंत्री था, उसे भी बर्खास्त कर दिया गया |
  • यह सुनने के बाद, पेरिस की भीड़ हिंसात्मक हो गयी |
  • उसने बास्तील नामक राज्य कारागार पर आक्रमण कर दिया, पहरेदारों की हत्या कर दी गयी तथा कैदियों को आज़ाद कर दिया गया |
  • बास्तील के पतन को फ़्रांस में स्वतंत्रता की जीत माना गया |
  • बास्तील के पतन के बाद, किसानों ने कुलीनों के खिलाफ विद्रोह कर दिया |
  • 5 अक्टूबर को, बड़ी संख्या में महिलाएं राजा के वर्साय स्थित महल में याचिका दायर करने गयीं |
  • वे रानी के जवाब से संतुष्ट नहीं थीं तथा इसलिए वे अपने साथ राजा, रानी तथा उनके पुत्र को पेरिस लेकर आयीं |  

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