HCS 2018 Examination | History Study Content | Online Exam Preparation

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Unification of Italy-

  • Like Germany, Italy was also divided into a number of states.
  • The major states in the early 19th century Italy were Sardinia, Lombardy, Venetia, Kingdom of the Two Sicilies (Sicily and Naples), Papal States, Tuscany, Parma and Modena.
  • Of these the most powerful was the kingdom of Sardinia.
  • Venetia and Lombardy were under Austrian occupation.
  • Thus the Italian people were faced with the task of expelling the Austrians and forcing the rulers of independent states to unite.

Young Italy movement:

  • The struggle for Italian independence and unification was organized by the two famous revolutionaries of Italy –Giuseppe Mazzini and Giuseppe Garibaldi.
  • The movement led by them is known as the ‘Young Italy’ movement.
  • It aimed at the independence and unification of Italy and the establishment of a republic there.
  • In 1848, as in other parts of Europe, revolutionary uprisings had broken out in Italy and the rulers were forced to grant certain democratic reforms to the people.

इटली का एकीकरण-

  • जर्मनी की भांति , इटली भी कई राज्यों में विभाजित था |
  • आरंभिक 19वीं शताब्दी में इटली के प्रमुख राज्य सारडीनिया, लोम्बार्डिया, वेनिस, दो सिस्ली के राज्य (सिस्ली तथा नेप्लस ), पेपल स्टेट्स, टोस्काना, पर्मा तथा मोडेना थे |
  • इनमें से, सबसे शक्तिशाली राज्य सारडीनिया था|
  • वेनिस तथा लोम्बार्डिया ऑस्ट्रिया के अधिकार में थे |
  • इस प्रकार इटालियन लोगों का एकमात्र कार्य ऑस्ट्रियाई शासकों को खदेड़ना तथा स्वयं को उनसे स्वतंत्र करवाना था, ताकि वे एकीकृत इटली का हिस्सा बन सके |

यंग इटली आंदोलन :

  • इटली की स्वतंत्रता तथा एकीकरण हेतु आंदोलन का नेतृत्व इटली के दो प्रमुख क्रांतिकारी ज्यूसेपे मेत्सिनी तथा ज्यूसेपे  गैरीबाल्डी ने किया |
  • इस आंदोलन को  “यंग इटली” आंदोलन के नाम से जाना जाता है |
  • इसका लक्ष्य इटली की आज़ादी तथा एकीकरण एवं वहां गणतंत्र की स्थापना करना था |
  • 1848 में, यूरोप के अन्य भागों की तरह ही, इटली में भी क्रांतिकारी विद्रोह शुरू हो गए ततः शासकों को कुछ निश्चित लोकतांत्रिक अधिकार लोगों को प्रदान करने के लिए मजबूर किया गया |

Italy after 1848-

  • The king of Sardinia had introduced many reforms in the political system of his kingdom after the revolution of 1848.
  • After 1848, his prime minister, Count Cavour, took the initiative of uniting Italy under the leadership of Sardinia.
  • Cavour’s policy in some ways was similar to that followed by Bismarck in Germany.
  • Hoping to gain the support of Britain and France, he entered the Crimean war in 1853-56 against Russia even though Sardinia had no dispute with Russia.
  • However, nothing came out of this war.
  • In 1859, Cavour entered into an alliance with Louis Bonaparte and went to war with Austria.
  • Although France soon withdrew from the war, Austria was ousted from Lombardy, which was taken over by Sardinia.
  • Tuscany, Modena, Parma and the Papal States of the north also joined Sardinia.
  • Venetia, however, was still under Austrian occupation.
  • The other states that remained to be united with Sardinia were the Kingdom of the Two Sicilies and Rome which was under the rule of the Pope.

 1848 के बाद का इटली-

  • 1848 की क्रांति के बाद सारडीनिया के राजा ने अपने राज्य की राजनीतिक व्यवस्था में कई सुधार किये|
  • 1848 के बाद, इसके प्रधानमंत्री काबूर  ने सारडीनिया के नेतृत्व में इटली को एकीकृत करने की पहल शुरू की |
  • काबूर की नीति कुछ मामलों में वैसी ही नीति थी जिसका अनुसरण जर्मनी में बिस्मार्क ने किया था |
  • ब्रिटेन तथा फ्रांस का समर्थन मिलने की उम्मीद में, वह 1853-56 के क्रीमिया युद्ध में रूस के खिलाफ लड़ा , यद्यपि सारडीनिया का रूस के साथ कोई भी विवाद नहीं था |
  • 1859 में, काबूर ने  लुइ बोनापार्ट की सहायता से ऑस्ट्रिया को युद्ध में पराजित कर दिया |
  • हालाँकि फ्रांस जल्द ही युद्ध से अलग हो गया, लेकिन ऑस्ट्रिया से लोम्बार्डिया को छीन लिया गया अब इस पर सारडीनिया का अधिकार था |
  • वेनिस, लेकिन अभी भी ऑस्ट्रिया के अधीन था |
  • सारडीनिया के साथ एकीकृत होने वाले अन्य राज्यों में दो सिसली  के राज्य तथा रोम शामिल थे जिन पर पोप का शासन था |

Uprising in Sicilies-

  • Meanwhile an uprising had broken out in the Kingdom of the Two Sicilies.
  • Garibaldi marched into the island of Sicily with his revolutionary fighters and liberated it from the rule of the king within three months.
  • Then he marched to Naples in support of the revolt that had already broken out there.
  • By the end Of November 1860 the entire Kingdom of the Two Sicilies had been liberated.
  • The Italian revolutionaries were not perhaps strong enough to push the victory of the people in the Sicilies further with a view to establishing a united republic of Italy.
  • They surrendered the former kingdom to the King of Sardinia, Victor Emmanuel II, who then took the title of King of Italy in 1861.
  • Garibaldi, the revolutionary who had played such a vital role in the liberation and unification of Italy, now retired to lead a life of obscurity.

Rome become the capital:

  • Rome was still outside the kingdom of Italy.
  • It was ruled over by the Pope with the help of the French soldiers provided to him by Louis Bonaparte.
  • When the war between France and Prussia broke out in 1870, Bonaparte was forced to withdraw his troops from Rome.
  • Italian soldiers occupied the city of Rome in 1870, and in July 1871, Rome became the capital of united Italy.
  • In spite of the important role played by democratic and revolutionary leaders such as Mazzini and Garibaldi in the struggle for Italy’s liberation and unification, Italy also, like Germany, became a monarchy

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सिसली में विद्रोह-

  • इसी बीच दो सिसली के राज्य में एक विद्रोह शुरू हो गया |
  • गैरीबाल्डी अपने क्रांतिकारी लड़ाकों के साथ सिसली  द्वीप में आ गया तथा तीन महीनों के भीतर इसे राजा के शासन से मुक्त कर दिया |
  • उसके बाद वह क्रांति के समर्थन में नेप्लस गया, उसके जाने से पहले ही वहां विद्रोह भडक उठा था
  • नवम्बर 1860 के अंत तक, दो सिसली  के समूचे राज्य को स्वतंत्र करवाया जा चुका था |
  • सम्भवत: इटली के क्रान्तिकारी सिसली में मिली एकीकृत इटली गणराज्य की स्थापना के लिए लोगों को मिली जीत के उत्साह को दबा नहीं पाए |
  • उन्होंने पुराने राज्य को सारडीनिया के राजा विक्टर इमैन्युल द्वितीय को समर्पित कर दिया जिसने बाद में 1861 में इटली के राजा की उपाधि ग्रहण की |
  • इटली की आज़ादी तथा एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले  गैरीबाल्डी ने राजनीति से सन्यास ले लिया एवं उनके बाद के जीवन के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नही है|  

रोम का राजधानी बनना :

  • रोम अभी भी इटली के राज्य के बाहर था |
  • इस पर फ्रांस के सैनिकों की सहायता से पोप का शासन था | ये सैनिक पोप को लुइ बोनापार्ट द्वारा प्रदान किये गए थे |
  • जब 1870 में फ्रांस तथा प्रशा के बीच युद्ध शुरू हुआ, तब बोनापार्ट को रोम से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा |
  • 1870 में इटली के सैनिकों ने रोम पर अधिकार कर लिया, तथा जुलाई 1871 में, रोम एकीकृत इटली की राजधानी बन गया |
  • इटली की आज़ादी तथा एकीकरण में मेत्सिनी एवं गैरीबाल्डी जैसे क्रांतिकारी तथा प्रजातंत्रवादी  नेताओं द्वारा अदा की गयी महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद, जर्मनी की तरह ही, इटली भी एक राजतंत्र बन गया |

After the revolts and unifications 

  • The unification of Germany and Italy, in spite of the fact that democracy was not completely victorious there, marked a great advance in the history of the two countries.
  • The revolutions and movements along with the Industrial Revolution, deeply influenced the course of the history of mankind.
  • The forces that generated these revolutions and movements were also at work in other countries.
  • Their success in one place fed the fires of revolt and encouraged change in the rest of the world.
  • They are still being felt today, transforming social, political and economic life everywhere.
  • One of the aspects of the movements is the gradual growth of political democracy, that is, the ever increasing participation of increasing number of people in the political life of a country.
  • This happened in countries where the form of government became republican as well as in those which remained monarchies such as England, Germany and Italy.
  • The period of autocracies and privileged aristocracies was gradually coming to an end.
  • Alongside, there were also the movements for national unity and national independence.
  • These movements were victorious in Italy, Germany, and some other countries of Europe and in the, Americas.
  • In a few more decades they were to succeed in the rest of Europe and in the recent period in most of the world.
  • The new political and economic system that was emerging in Europe in the 19th century was also creating imperialism.

क्रांति तथा एकीकरण के बाद-

  • जर्मनी और इटली का एकीकरण दोनों देशों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी | हालाँकि यह भी सत्य है की ये दोनों देश पूर्ण रूप से लोकतांत्रिक नही बन पाए थे |
  • औद्योगिक क्रांति के साथ-साथ इन क्रांतियों तथा आंदोलनों ने मानव जाति के इतिहास को गहराई से प्रभावित किया |
  • इन क्रांतियों तथा आंदोलनों को जन्म देने वाली ताकतें अन्य देशों में भी कार्य कर रही थीं |
  • एक स्थान पर उनकी सफलता ने शेष विश्व में विद्रोह की आग को हवा दी तथा परिवर्तन को प्रोत्साहित किया |
  • ये  शक्तियाँ आज भी महसूस की जा रही हैं, जो हर जगह सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक जीवन को परिवर्तित कर रही हैं |
  • इन आंदोलनों का एक पहलू राजनीतिक लोकतंत्र का क्रमिक विकास है अर्थात देश की आम जनता देश की राजनीतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है|
  • ये ऐसा समय था जब कुछ देश गणराज्य बन गए थे जबकि कुछ राजशाही ही बने रहे जैसे इंग्लैंड, जर्मनी और इटली |  
  • एकतंत्र और कुलीनतंत्र की व्यवस्था धीरे धीरे समाप्ति के कगार पर थी|
  • इसके अलावा, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए भी आंदोलन चलाए गए।
  • ये आन्दोलन इटली, जर्मनी, और यूरोप एवं अमेरिका के कुछ अन्य देशों में सफल रहे|
  • कुछ और दशकों में वे यूरोप के बाकी हिस्सों में और हाल के दिनों में दुनिया के अधिकांश हिस्सों में सफल रहे।
  • 19 वीं शताब्दी में यूरोप में उभर रहे नए राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था भी साम्राज्यवाद के बीज बो रही थी |

Imperialism-

  • The period of the triumph of democracy in Europe was also the period of the conquest of Asia and Africa by the imperialist powers of Europe.
  • The 19th century saw the beginning of the revolts against imperialism in Asia and Africa.
  • The term imperialism means the practice of extending the power, control or rule by a country over the political and economic life of the areas outside its own borders.
  • Imperialism refers to the process of capitalist development, which leads the capitalist countries to conquer and dominate pre-capitalist countries of the world.
  • The imperialist country or Metropolis (literal meaning mother country), subordinates another country/ colony for its own economic and political interests.
  • This may be done through military or other means and particularly through colonialism.

What is colonialism?

  • Colonialism means the practice of acquiring colonies by conquest (or other means) and making them dependent.
  • The country which is subjugated by a metropolitan capitalist country is described as a colony, and what happens in a colony is colonialism.
  • Direct rule over a country by another country is not always an essential feature of imperialism
  • The essential feature is exploitation, with or without direct political control.

Imperialism vs Colonialism:

  • Imperialism refers, more broadly, to control or influence that is exercised either formally or informally, directly or indirectly, politically or economically while Colonialism usually implies formal political control, involving territorial annexation and loss of sovereignty.
  • Imperialism is a specifically European phenomenon while colonialism is the system prevalent in the colonies

What is Neocolonialism?

  • In the present day world, almost all countries are politically independent, however the imperialist control has not come to an end.
  • Neocolonialism is the practice of exploitation (mainly economic) and domination of independent but economically backward countries, by the powerful countries.

What is New Imperialism?

  • During the initial period of Industrial Revolution, the pursuit of colonies had slowed down.

Reason:

  • Between 1775 and 1875, Europeans lost more territory than they acquired in North America and Latin America, because of successful revolution.
  • Spanish colonial rule from Mexico to Argentina was overturned.
  • There was a widespread feeling in Europe that sooner or later colonies would revolt and fight for independence.
  • New imperialism resulted because of the economic system that had developed as a result of Industrial Revolution.
  • During this phase a few industrialized capitalist countries established their Political and economic control and domination over the rest of the world.
  • The form of domination and control included direct colonial rule, sphere of influence and various types of commercial and economic agreements.

Players in New Imperialism:

  • New imperialist countries emerged viz. Germany, Italy, Belgium, USA and Japan.
  • While,Britain and France continued to be powerful and expand.
  • Power of Spain and Portugal declined.

साम्राज्यवाद-

  • यूरोप में लोकतंत्र की विजय की अवधि,  यूरोप के साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा एशिया और अफ्रीका के विजय की अवधि भी थी।
  • 19 वीं शताब्दी में एशिया और अफ्रीका में साम्राज्यवाद के विरूद्ध विद्रोह की शुरुआत हुई।
  • साम्राज्यवाद का अर्थ है एक देश द्वारा अपनी सीमाओं के बाहर के क्षेत्रों के राजनीतिक और आर्थिक जीवन पर सत्ता, नियंत्रण या शासन का विस्तार करने का अभ्यास।
  • साम्राज्यवाद पूंजीवादी विकास की प्रक्रिया को दर्शाता है, जिससे पूंजीवादी देशों को दुनिया के पूर्व पूंजीवादी देशों को जीत और हावी करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
  • साम्राज्यवादी देश या मेट्रोपोलिस (जिसका शाब्दिक अर्थ है मातृ-भूमि), अपने स्वयं के आर्थिक और राजनीतिक हितों के लिए किसी अन्य देश अथवा उपनिवेश को अपने अधीन करना।
  • ऐसा सेना द्वारा अथवा अन्य तरीकों से किया जा सकता है विशेषकर उपनिवेशवाद के माध्यम से |

उपनिवेशवाद क्या है?

  • उपनिवेशवाद का अर्थ है जीत अथवा किसी अन्य तरीके से किसी क्षेत्र पर कब्जा कर उन्हें अपने अधीन करना |
  • वह देश जो किसी महानगरीय पूंजीवादी देश के अधीन हो गया हो उसे उपनिवेश कहा जाता है एवं इस उपनिवेश में होने वाली सारी गतिविधियां उपनिवेशवाद के अंतर्गत रखी जा सकती है|
  • एक देश द्वारा किसी अन्य देश पर प्रत्यक्ष शासन साम्राज्यवाद की एक अनिवार्य विशेषता नहीं है|
  • इसकी सबसे अनिवार्य विशेषता राजनीतिक नियंत्रण अथवा किसी भी अन्य तरीके से आमजन का शोषण है|

साम्राज्यवाद एवं उपनिवेशवाद

  • साम्राज्यवाद का अर्थ है औपचारिक या अनौपचारिक रूप से अथवा  प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अथवा राजनीतिक रूप से या आर्थिक रूप से किसी भी क्षेत्र पर अपना शासन करना जबकि उपनिवेशवाद का अर्थ आम तौर पर औपचारिक राजनीतिक नियंत्रण होता है,जिसमें क्षेत्रीय अधिग्रहण और क्षेत्रीय संप्रभुता को क्षति पहुँचाना शामिल है|
  • साम्राज्यवाद विशेष रूप एक यूरोपीय अवधारणाहै, जबकि उपनिवेशवाद विभिन्न उपनिवेशों में प्रचलित प्रणाली है |

नव-उपनिवेशवाद क्या है?

  • वर्तमान में विश्व में, लगभग सभी देश राजनीतिक रूप से स्वतंत्र हैं, हालांकि इन पर साम्राज्यवाद का नियंत्रण समाप्त नहीं हुआ है।
  • नव-उपनिवेशवाद का सीधा सा अर्थ शक्तिशाली देशों द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े देशों का शोषण है | हालंकि ये देश स्वतंत्र होते है|

नव-साम्राज्यवाद क्या है?

  • औद्योगिक क्रांति की प्रारंभिक अवधि के दौरान, उपनिवेशों की खोज धीमी हो गई थी।

कारण:

  • 1775 और 1875 के बीच हुई कई क्रांतियों के चलते यूरोपियों ने उत्तरी अमेरिका और लैटिन अमेरिका में जितने क्षेत्र अपने अधीन किये थे उससे कहीं ज्यादा तो उसने गवां दिए थे |
  • मेक्सिको से अर्जेंटीना तक स्पेनिश औपनिवेशिक शासन की जड़े उखड चुकी थी |
  • यूरोप में एक भावनात्मक बयार बह रही थी जिसके फलस्वरूप लोग उपनिवेशी ताकतों से स्वतंत्रता की जंग लड़ रहे थे |
  • औद्योगिक क्रांति के परिणामस्वरूप विकसित हुई आर्थिक प्रणाली के कारण नए साम्राज्यवाद का उदय हुआ |
  • इस चरण के दौरान कुछ औद्योगिक पूंजीवादी देशों ने अपने राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण के चलते बाकी दुनिया के ऊपर वर्चस्व स्थापित कर लिया था।
  • सत्ता और नियंत्रण के रूप में प्रत्यक्ष औपनिवेशिक शासन, प्रभाव के क्षेत्र और विभिन्न प्रकार के वाणिज्यिक और आर्थिक समझौतों शामिल हैं।

नव साम्राज्यवाद शामिल देश:

  • नए साम्राज्यवादी देशों में जर्मनी, इटली, बेल्जियम, अमेरिका और जापान जैसे देशों का उदय हुआ |
  • हालांकि, ब्रिटेन और फ्रांस शक्तिशाली बने रहे और अपने उपनिवेशों को बढ़ाने में लगे रहे।
  • स्पेन और पुर्तगाल की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर हुई |

 

 

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