Haryana Civil Services (HCS) 2018 Exam | Online Study Content

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Mineral and Energy Resources

Energy resources

  • Energy can be generated from fuel minerals like coal, petroleum, natural gas, uranium and from electricity.
  • Energy resources can be classified as conventional and nonconventional sources.

Conventional sources : Coal, Petroleum, Natural gas, Firewood, Cattle dung cake, and electricity (both hydel and thermal).

Non-conventional sources: Solar, Wind, Tidal, Geothermal, Biogas and Atomic energy.

Coal

  • Most abundantly available fossil fuel.
  • provides a substantial part of the nation’s energy needs.

Uses: for power generation, to supply energy to industry as well as for domestic needs.

Formation:

  • formed from plants and vegetation buried, ‘in situ’ or drifted in from outside to a place, which got covered by deposits of sediments.
  • Coal is therefore referred to as Buried Sunshine.

Distribution:

In India coal occurs in rock series of two

main geological ages:

  • Gondwana(about 200 million years ago)
  • Tertiary deposits(about 55 million years old)
  • Gondwana coal fields:
  • In Damodar Valley (Jharkhand-Bengal coal belt), Raniganj, Jharia (largest), Bokaro, Giridih, Karanpura.
  • Godavari, Mahanadi and Son river valleys
  • Important coal mining centres: Singrauli( Madhya Pradesh), Korba(Chhattisgarh), Talcher and Rampur(Odisha).

Petroleum

Crude petroleum consists of hydrocarbons of liquid and gaseous states varying in chemical composition, colour and specific gravity.

Formation:

  • Found between the layers of rocks and is drilled from oil fields located in offshore and coastal areas.
  • Also found in fault traps between porous and nonporous rocks.

Uses:

  • Essential source of energy for all internal combustion engines in automobiles, railways and aircraft.
  • Its by-products are processed in petrochemical industries such as fertiliser, synthetic rubber, synthetic fibre, medicines and cosmetics etc.

Haryana Civil Services

ऊर्जा संसाधन

  • ऊर्जा का उत्पादन ईंधन खनिजों जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम तथा विद्युत् से किया जा सकता है |  
  • ऊर्जा संसाधनों को परंपरागत तथा गैर-परंपरागत साधनों में वर्गीकृत किया जा सकता है |

परंपरागत साधन :  कोयला,   पेट्रोलियम,     प्राकृतिक गैस, लकड़ी,   उपले तथा विद्युत् ( दोनों जल विद्युत् व्  ताप विद्युत् )|

गैर-पारम्परिक साधन :  सौर,   पवन, ज्वारीय, भू-तापीय,   बायोगैस तथा परमाणु ऊर्जा |

  • कोयला बहुतायत में पाए जाने वाला जीवाश्म ईंधन है |
  • यह देश की ऊर्जा आवश्यकताओं का महत्वपूर्ण भाग प्रदान करता है |
  • उपयोग : ऊर्जा उत्पादन, उद्योगों और घरेलु जरूरतों के लिए ऊर्जा की आपूर्ति के लिए किया जाता है |

निर्माण

  • इनका निर्माण पादपों एवं वनस्पतियों को उनके स्थान पर दबाये जाने अथवा किसी अन्य स्थान से ला कर ढेर लगाने से हुआ है जो काल खंड में तलछटों द्वारा ढक लिए गए |
  • इसलिए कोयले को दबा हुआ सूर्य का प्रकाश कहा जाता है |

वितरण :

भारत में कोयला मुख्य रूप से दो भूगर्भिक कालों की शैल क्रमों में पाया जाता है :

  • गोंडवाना (लगभग 200 लाख वर्ष पूर्व )
  • टर्शियरी निक्षेप  (जो लगभग 55 लाख वर्ष पुराने हैं)

गोंडवाना कोयला क्षेत्र :

  • दामोदर घाटी ( झारखंड- पश्चिम बंगाल पट्टी ), रानीगंज,  झरिया ( सबसे बड़ा ) , बोकारो, गिरिडीह, करनपुरा
  • गोदावरी,  महानदी, सोन नदी घाटी

महत्वपूर्ण कोयला खनन केंद्र : सिंगरौली ( मध्य प्रदेश ),  कोरबा ( छत्तीसगढ़ , तलचर और रामपुर ( ओडिशा )

पेट्रोलियम

कच्चा  पेट्रोलियम   द्रवों  और गैसीय  अवस्था के हाइड्रोकार्बन से  युक्त होता है तथा इसकी   रासायनिक संरचना, रंगों और विशिष्ट   घनत्व में भिन्नता पायी जाती है |

निर्माण :

  • यह  शैलों  के परतों   के मध्य पाया   जाता है और  इसका वेधन अपतटीय   और तटीय क्षेत्रों  में स्थित तेल क्षेत्रों   से किया जाता है |
  • यह   सरंध्र और   असरंध्र चट्टानों   के बीच भ्रंश ट्रैप   में   भी पाया   जाता है |

उपयोग :

  • यह  मोटर  वाहनों , रेलवे   तथा वायुयानों के  अंतर-दहन ईंधन के लिए  ऊर्जा का एक अनिवार्य श्रोत  है |
  • इनके  अनेक सह- उत्पाद  पेट्रो- रसायन उद्योगों, जैसे  की उर्वरक,  कृत्रिम रबर,  कृत्रिम, रेशे ,  दवाइयां और सौंदर्य  सामग्री में प्रक्रमित  किये जाते हैं |

Natural Gas

  • Natural gas is found with petroleum deposits and is released when crude oil is brought to the surface.
  • Used as a source of energy as well as an industrial raw material in the petrochemical industry.
  • Can be used as a domestic and industrial fuel.

Distribution:

  • Krishna- Godavari basin
  • Reserves of the Mumbai High
  • Andaman and Nicobar islands

Solar energy

  • Being a tropical country,  India has enormous possibilities of tapping solar energy.
  • Photovoltaic technology converts sunlight directly into electricity.
  • Helpful in rural and remote areas.
  • Reduces the dependence of rural households on firewood and dung cakes, contribute to environmental conservation.

Nuclear Energy

  • Obtained from energy stored in the nuclei of atoms of naturally occurring radioactive elements like Uranium and Thorium.
  • These fuels undergo nuclear fission in nuclear reactors and emit power.
  • In India Rajasthan and Jharkhand have large deposits of Uranium.

Wind Energy

  • Wind energy is absolutely pollution free, inexhaustible source of energy.
  • The kinetic energy of wind, through turbines is converted into electrical energy.
  • The permanent wind systems such the trade winds, westerlies and seasonal wind like monsoon have been used as source of energy.

प्राकृतिक गैस

  • प्राकृतिक गैस  पेट्रोलियम निक्षेपों के साथ पायी जाती है और  तब निर्मुक्त होती है जब  अपरिष्कृत तेल को धरातल पर लाया जाता है |
  • इसे  ऊर्जा के एक साधन के रूप में तथा पेट्रो रसायन उद्योग के एक औद्योगिक  कच्चे माल के रूप में  प्रयोग किया जाता है |
  • इसका प्रयोग घरेलु तथा वाणिज्यिक ईंधनों के रूप में किया जा सकता है |

वितरण :

  • कृष्णा – गोदावरी  बेसिन
  • मुंबई हाई में संचित भंडार
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

सौर ऊर्जा

  • एक उष्ण – कटिबंधीय देश होने के नाते भारत में सौर ऊर्जा के दोहन की असीम संभावनाएं है|
  • फोटोवोल्टाइक प्रौद्योगिकी द्वारा धूप को सीधे विद्युत् में परिवर्तित किया जाता है |
  • यह ग्रामीण तथा सुदूर क्षेत्रों में उपयोगी है |
  • यह ग्रामीण घरों में लकड़ी तथा उपलों पर निर्भरता को काम करता है और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देता है |

नाभिकीय ऊर्जा

  • नाभिकीय ऊर्जा प्राकृतिक तौर से प्राप्त रेडियोसक्रिय पदार्थ जैसे यूरेनियम और थोरियम के परमाणुओं के केन्द्रक में संगृहीत ऊर्जा से प्राप्त की जाती है |
  • ये पदार्थ नाभिकीय रिएक्टरों में नाभिकीय विखण्डनों से गुजरते है और ऊर्जा उत्सर्जित करते है |
  • भारत में राजस्थान और झारखण्ड के पास यूरेनियम के विशाल निक्षेप हैं |

पवन ऊर्जा

  • पवन ऊर्जा पूर्णरूपेण प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा का असमाप्य श्रोत है |
  • पवन की गतिज ऊर्जा को टरबाइन के माध्यम से विद्युत् ऊर्जा में बदला जाता है |
  • सम्मार्गी पवनों तथा पछवा पवनों जैसी स्थायी पवन प्रणालियाँ और मानसून पवनों को ऊर्जा के श्रोत के रूप में प्रयोग किया गया है |

Geothermal Energy

  • Geothermal energy refers to the heat and electricity produced by using the heat from the interior of the Earth.
  • Geothermal energy exists because, the Earth grows progressively hotter with increasing depth.
  • The hot water that gushes out through the geyser wells is also used in the generation of thermal energy.
  • Two experimental projects have been set up in India to harness geothermal energy.
  • One is located in the Parvati valley near Manikaran in Himachal Pradesh and the other is located in the Puga Valley, Ladakh.

Bio-energy

  • Bio-energy refers to energy derived from biological products like agricultural residues, municipal, industrial and other wastes.
  • Decomposition of organic matter yields biogas, which has higher thermal efficiency in comparison to kerosene, dung cake and charcoal.
  • It can be converted into electrical energy, heat energy or gas for cooking.
  • Biogas plants are set up at municipal, cooperative and individual levels.
  • The plants using cattle dung are known as ‘Gobar gas plants’ in rural India.

Conservation of energy resources

  • By developing a sustainable path of energy development.
  • By Promoting energy conservation methods
  • By increasing use of renewable energy sources
  • By using public transport systems instead of individual vehicles

भू-तापीय ऊर्जा

  • पृथ्वी के आतंरिक भागों से ताप का प्रयोग कर उत्पन्न की जाने वाली विद्युत् को भू-तापीय ऊर्जा कहते हैं |
  • भू-तापीय ऊर्जा इसलिए अस्तित्व में होती है क्योंकि बढ़ती गहराई के साथ पृथ्वी प्रगामी ढंग से तप्त होती  जाती है |
  • गीजर कूपों से निकलते गर्म पानी से ताप ऊर्जा पैदा की जा सकती है |
  • भू- तापीय ऊर्जा के दोहन के लिए भारत में दो प्रायोगिक परियोजनाएं शुरू की गयी है |
  • एक हिमाचल प्रदेश में मणिकरण के निकट पार्वती घाटी में स्थित है और दूसरी लद्दाख में पूगा घाटी में स्थित है |

जैव ऊर्जा

  • जैव ऊर्जा उस ऊर्जा को कहा जाता है जिसे जैविक उत्पादों से प्राप्त किया जाता है जिसमे कृषि अवशेष, नगरपालिका,औद्योगिक तथा अन्य अपशिष्ट शामिल होते हैं |
  • जैविक पदार्थ के अपघटन से बायो गैस उत्पन्न होती है जिसकी तापीय समक्षता मिटटी के तेल, उपलों और चारकोल की अपेक्षा अधिक होती है |
  • इसे विद्युत् ऊर्जा, ताप ऊर्जा तथा खाना पकाने के लिए गैस में परिवर्तित किया जा सकता है |
  • बायोगैस संयत्र नगरपालिका, सहकारिता तथा निजी स्तर पर लगाए जाते हैं |
  • पशुओं का गोबर प्रयोग करने वाले संयंत्र ग्रामीण भारत में “गोबर गैस सयंत्र ” के नाम से जाने जाते हैं |

खनिज संसाधनों का संरक्षण

  • ऊर्जा के विकास के सतत मार्ग को विकसित कर
  • ऊर्जा संरक्षण के तरीकों का प्रचार के द्वारा
  • नवीकरणीय ऊर्जा साधनों के बढ़ते प्रयोग द्वारा
  • निजी वाहन की अपेक्षा सार्वजनिक वाहन के उपयोग द्वारा

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