Haryana Civil Services Exam Content 2018 for Pre and Mains- History

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Mughal Period

India under the Mughals:

Economic and Social Life:

  • Many European travelers came to India and accounted the economic and social life under Mughals.
  • They described how wealthy India was but only a part of population like nobles of court were wealthy.
  • They live luxurious life.

Mughal Nobility:

  • They were privileged class during Mughal period.
  • Like Delhi sultanate, here also most were foreigners like Turks and Afghans and they have conflicts.
  • Most settled here and made India their permanent home.

Rural Masses:

  • While the wealthy people wore silk and cotton clothes, the poor people wore the minimum cloths.
  • They suffer from insufficient clothing even during the winter.

Growth of Trade:

Trading communities:

  • There was large no. of trading communities with specializations.
  • Well organized and highly professional.
  • Seth, Bohra traders – specialized in long distance trade.

In north India:

  • Gujarati merchants included Hindus, Jains and Muslims.
  • In Rajasthan Oswals, Maheshwaris and Agarwals came to be called the Marwaris.

In south India:

  • The Chettis on the Coromandel coast and the Muslim merchants of Malabar were the most important trading communities.

Trade

Exports from India:

  • Bengal: exported sugar, rice, delicate muslin and silk.
  • Coromandel coast:centre of textile production.

Haryana Civil Services Examमुग़ल काल

मुगलों के अधीन भारत की स्थिति :

आर्थिक और सामाजिक जीवन:

  • कई यूरोपीय यात्री भारत आए और मुगलकालीन आर्थिक और सामाजिक जीवन का लेखा जोखा तैयार किया |
  • उनके अनुसार भारत बहुत समृद्ध था,लेकिन धन सम्पदा केवल कुलीनों तक ही सिमित थी |
  • इन्होने विलासमय जीवन व्यतीत किया |

मुगल कुलीन वर्ग

  • मुगल काल के दौरान ये विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग थे
  • दिल्ली सल्तनत की तरह, यहां भी अधिकांश तुर्की और अफगान जैसे विदेशी कुलीन थे एवं इनके आपस में मतभेद थे |
  • अधिकांश कुलीन यही बस गए और भारत को ही अपना स्थायी घर बना लिया |

ग्रामीण जनता:

  • जबकि धनी लोग रेशम एवं सूती वस्त्र पहनते थे तथा गरीब लोग न्यूनतम किस्म का वस्त्र पहनते थे |
  • इनके पास सर्दियों में भी पर्याप्त वस्त्र नहीं थे |

व्यापार का विकास:

व्यापारी समुदाय:

  • इस समय कई विशेषताओं के साथ  व्यापारियों का एक बड़ा समूह था |
  • ये अच्छी तरह से संगठित और अत्यधिक पेशेवर थे |
  • सेठ,बोहरा व्यापारी – अधिक दूरी तक व्यापार करने में विशेषज्ञ थे |

उत्तरी भारत में व्यापारी वर्ग

  • गुजरती व्यापारियों में  हिंदू, जैन और मुस्लिम शामिल थे।
  • राजस्थान में ओस्वाल,  महेश्वरी और अग्रवाल को मारवाड़ी कहा जाता था |

दक्षिण भारत में:

  • कोरोमंडल तट पर चेत्ति और मालाबार के मुस्लिम व्यापारी सबसे महत्वपूर्ण व्यापारी समुदाय थे।

व्यापार

भारत से निर्यात:

  • बंगाल: चीनी, चावल, मलमल और रेशम का निर्यात करते थे |
  • कोरोमंडल तट: कपड़ा उत्पादन केंद्र।

Surat :

  • A gateway for trade with west Asia
  • An emporium of western trade
  • Also called gate of Mecca because many pilgrim ships sail from here
  • In 17th century, factories of major European companies .

Imports into India

Major imports :

  • Tin and copper, war horses and luxury items such as ivory.
  • The balance of trade was maintained by the import of gold and silver.
  • The growth of foreign trade had resulted in the increased import of gold and silver in the 17th century.

Administration:

  • Mughal empire was divided into Subas which were further subdivided into Sarkar, Pargana and Gram.
  • However, it also had other territorial units as Khalisa (royal  land), Jagirs (autonomous rajyas) and Inams (gifted lands, mainly waste lands)
  • There were 15 subas during Akbar’s Reign which later increased to 20 under Aurangzeb’s reign.
  • Almost the whole nobility, bureaucracy and military holds mansabs.
  • Mansabdars were of 3 categories: Mansabdars, Amirs and Amir-i-umda.
  • According to pay mode they were: Naqdi (paid through cash) and Jagirdar( paid through Jagirs)
  • There were several methods of revenue collection in practice i.e. kankut (estimate), Rai ( yield per unit area) and Zabti (Based on the yields of crops).
  • Dahsala Bandobast or Zabti : A standard method of collection based on rates of crops determined after 10 years assessment

Paintings

  • Remarkable contribution to Painting.
  • Foundation of painting was laid by Humayun, who brought two Persian painters, Mir Sayyid Ali and Abdul Samad, after return from Persia.
  • They became famous during Akbar’s reign.
  • Several literary and religious texts illustrations were painted on orders of Akbar.

Miniature painting

  • Illustrations of Persian versions of Mahabharata and Ramayana were produced in miniature form.
  • Akbar had enlarged his father’s painting library.

सूरत:

  • यह पश्चिम एशिया के साथ व्यापार के लिए एक प्रवेश द्वार था |
  • पश्चिमी व्यापार का एक विक्रय केन्द्र बन गया
  • इसे मक्का का प्रवेश द्वार भी कहा जाता था क्यूंकि तीर्थयात्रियों की जहाजें यहीं से चलती थी |
  • सूरत का वस्त्र उद्योग उनके सुनहरे किनारों की वजह से प्रसिद्ध थे |

भारत में आयात

प्रमुख आयात:

  • टिन और तांबा , युद्ध के घोड़े और विलासी वस्तुयें जैसे हाथीदांत
  • व्यापार के संतुलन को सोने और चांदी के आयात द्वारा बनाये रखा जाता था |
  • 17 वीं सदी में सोने और चांदी के बढ़ते आयात से विदेशी व्यापार में वृद्धि हुई |

प्रशासन

  • मुगल साम्राज्य सूबों में विभाजित था, जो आगे सरकार,परगना और ग्राम में विभाजित था |
  • हालाँकि इसके अन्य क्षेत्रीय विभाजन भी थे जैसे खलिसा (शाही भूमि),जागीर (स्वायत्त राज्य) एवं ईनाम (उपहार में दी गई भूमि, मुख्यतः अनुपजाऊ भूमियां)
  • अकबर के शासनकाल में 15 सूबे थे, जो बाद में औरंगजेब के शासनकाल में ये 20 हो गए |
  • सभी कुलीन,नौकरशाह और सैनिक मनसाब थे |
  • मनसबदार तीन प्रकार के थे :मनसबदार,अमीर और अमीर-ए-उम्दा
  • वेतन के आधार पर : नकबी (नकद भुगतान) एवं जागीरदार (वेतन के रूप में जागीर दी जाती थी)
  • राजस्व संग्रह के कई तरीके थे जैसे , कनकुट (आकलन द्वारा), राय (प्रति इकाई क्षेत्र में उपज) और ज़ब्ति (फसलों की पैदावार के आधार पर)।
  • दहसाला बंदोबस्त अथवा जब्ती: 10 साल के मूल्यांकन के बाद निर्धारित फसलों की दरों के आधार पर कर संग्रह की एक मानक विधि

चित्रकारी

  • इनका चित्रकारी में उल्लेखनीय योगदान था
  • चित्रकारी की स्थापना हुमायूं ने की थी, वह फारस से वापिस लौटते समय अपने साथ दो चित्रकारों मीर सैय्यद अली और अब्दुल समद को लाया |
  • ये अकबर के शासनकाल के दौरान प्रसिद्ध हुए |
  • अकबर के आदेश पर कई साहित्यिक और धार्मिक ग्रंथों को चित्रों के रूप में प्रस्तुत किया गया |

लघुचित्र

  • महाभारत और रामायण के फारसी संस्करणों का वर्णन लघु चित्रों में ही किया गया था |
  • अकबर ने अपने पिता के चित्र संग्रहालय को और बड़ा कर दिया |

Mughal paintings under Jahangir

  • He employed a number of painters like Abul Hasan, Bishan Das, Madhu, Anant, Manohar, Govardhan and Ustad Mansur.
  • Many albums containing paintings and calligraphy were produced during the Mughal period.
  • Brushwork became finer and the colours lighter.
  • Deeply influenced by European paintings.

Mughal paintings under Aurangzeb

  • Aurangzeb did not actively encourage Mughal paintings.

Music :

  • Developed under the Mughals.
  • Akbar patronized Tansen of Gwalior.
  • Tansen was prominent Hindustani classical music composer, musician and vocalist and  composed many ragas.
  • He was disciple of Swami Haridas.
  • Jahangir and Shah Jahan were also fond of music.
  • The classical music performed in the Mughal courts survives today in the form known as Dhrupad.

Literature

Literature during Akbar

  • Abul Fazl wrote a 3 volume history of Akbar’s reign titled, Akbar Nama.
  • 1st volume: Dealt with Akbar’s ancestors
  • 2nd volume: Recorded the events of Akbar’s reign.
  • 3rd volume: Ain-i Akbari.
  • It deals with Akbar’s administration, household, army, the revenues and geography of his empire.
  • The most interesting aspect about the Ain-i Akbari is its rich statistical details about things as diverse as crops, yields, prices, wages and revenues.
  • Abul Fazl set a style of prose writing and it was followed by many generations.

Literature during Jahangir:

  • Jahangir’s autobiography, Tuzuk-i-Jahangiri, written by Jahangir was famous for its style.  
  • He patronized many scholars like Ghiyas Beg, Naqib Khan and Niamatullah.
  • Writers and historians like Abdul Hamid Lahori (author of Padshahnama) and Inayat Khan (author of Shah Jahan Nama).

Literature during Aurangzeb

  • Many historical works were written during the reign of Aurangzeb.
  • Famous dictionaries of the Persian language were also compiled during the Mughal period.

Language :

  • Persian language became widespread in the Mughal Empire by the time of Akbar’s reign.

जहांगीर के शासन काल में मुगल चित्र

  • उसने अब्दुल हसन, बिशन दास, मधु, अनंत, मनोहर, गोवर्धन और उस्ताद मंसूर जैसे कई चित्रकारों को अपने दरबार में नियुक्त किया।
  • मुगल काल के दौरान चित्रकारी और सुलेख युक्त कई एल्बम तैयार किए गए थे।
  • ब्रश कृतियां उत्कृष्ट एवं रंग चमकदार हो गए |
  • यूरोपीय चित्रों का गहरा प्रभाव था |

औरंगजेब के शासन काल में चित्रकारी

  • औरंगजेब ने सक्रिय रूप से मुगल चित्रों को प्रोत्साहित नहीं किया।

संगीत:

  • मुगलकाल में विकसित हुआ |
  • अकबर ने ग्वालियर के तानसेन को सरंक्षण प्रदान किया |
  • तानसेन हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार,संगीतज्ञ और गायक थे, इन्होने कई प्रकार के राग भी बनाये थे |
  • वह स्वामी हरिदास के शिष्य थे।
  • जहांगीर और शाहजहां भी संगीत के शौकीन थे
  • मुगल दरबारों में पेश किए गए शास्त्रीय संगीत को वर्तमान में ध्रुपद के नाम से जाना जाता है |

साहित्य

अकबर के शासन काल में साहित्य

  • अबुल फजल ने अकबर के शासन में अकबर के इतिहास के 3 संस्करणों को लिखा जिसका नाम अकबर नामा था।
  • पहला संस्करण : यह अकबर के पूर्वजों के बारे में थी |
  • दूसरा संस्करण: अकबर के शासनकाल की घटनाओं का लेखा जोखा था
  • तीसरा खंड: आईने अकबारी
  • यह अकबर के प्रशासन, गृहस्थी,सेना, राजस्व और उसके साम्राज्य के भूगोल से संबंधित थी |
  • आईने अकबरी के बारे में सबसे रोचक तथ्य इसकी विभिन्न वस्तुओं के विषय में सांख्यिकी जानकारी थी जैसे कई प्रकार की फसलें, पैदावार, कीमतें, मजदूरी और राजस्व |
  • अबुल फजल ने गद्य लेखन की शैली का निर्माण किया,उसके बाद यह कई पीढ़ियों द्वारा अपनाई गई |

जहांगीर के काल में साहित्य:

  • जहांगीर की आत्मकथा, जहांगीर द्वारा लिखी गई तुजुक-ए-जहांगीरी, अपनी शैली के लिए प्रसिद्ध थी।
  • उसने मिर्ज़ा ग्यास बेग,नकीब खान, एवं नियामतुल्ला जैसे विद्वानों को सरंक्षण प्रदान किया |
  • लेखक और इतिहासकार जैसे अब्दुल हमीद लाहौरी (पादशाहनामा का लेखक) एवं इनायत खान (शाहजहाँ नामा के लेखक) को bhi सरंक्षण prdaan किया |

औरंगजेब के काल में साहित्य

  • औरंगजेब के शासनकाल के दौरान कई ऐतिहासिक कृतियां लिखी गई |
  • मुगल काल के दौरान फ़ारसी भाषा के प्रसिद्ध शब्दकोश भी संकलित किए गए थे।

भाषा:

  • अकबर के शासनकाल के समय तक मुगल साम्राज्य में फारसी भाषा बहुत विस्तृत हो चुकी थी

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