Best Study Material for Preparation of Haryana Civil Services Exam (2018)

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French Revolution

  • After the fall of the Bastille, riots began against the aristocrats all over France and the Nobles were attacked.
  • They also destroyed the records of their feudal services.
  • The nobles voluntarily surrendered their feudal rights and the privileges on 4th August 1789.
  • Feudalism and serfdom were abolished.

Work of the National Assembly (1789 – 1791)

  • The National Assembly styled itself the Constituent Assembly.
  • It drew up the Declaration of the Rights of Man.
  • The new constitution drafted by the Constituent Assembly provided for a limited monarchy to France.
  • The titles of the nobles were abolished and Judiciary was remodelled.

The Split of National Assembly:

  • Despite the new government, old issues such as food shortages and government debt remained.
  • Angry cries for more liberty, more equality, and more bread soon caused the Revolution’s leaders to turn against one another.

Political Clubs

  • The political clubs sprang up in different quarters.
  • Of these, the most conspicuous were the Jacobin Club and Cordelier Club.
  • The Jacobian Club was led by Robespierre, a radical democrat.
  • The Cordelier Club was led by Danton.

Haryana Civil Services

फ्रांस की क्रांति

  • बास्तील के पतन के बाद, समूचे फ्रांस में कुलीनों के विरुद्ध दंगे होने लगे तथा कुलीनों पर आक्रमण किया गया |
  • उन्होंने सामंती सेवाओं के उनके अभिलेखों को भी नष्ट कर दिया |
  • कुलीनों ने स्वेच्छा से 4 अगस्त 1789 को अपने सामंती अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का त्याग कर दिया |
  • वर्ग-विभेद का उन्मूलन कर दिया गया |

राष्ट्रीय सभा ( 1789-1791 )  के कार्य :

  • राष्ट्रीय सभा ने खुद को संविधान सभा का नाम दिया|
  • इसने मानव  अधिकारों की घोषणा का प्रारूप तैयार किया |
  • संविधान सभा के द्वारा निर्मित नए संविधान में फ्रांस के लिए सीमित राजतंत्र की व्यवस्था की गयी |
  • कुलीनों के अधिकारों को समाप्त कर दिया गया तथा कानून का राज स्थापित किया गया|

राष्ट्रीय सभा का विभाजन :

  • नयी सरकार बनने के बावजूद भोजन की कमी एवं सरकारी ऋण जैसी पुरानी समस्याएँ बनी रहीं |
  • अधिक स्वाधीनता, अधिक समानता तथा अधिक रोटी के लिए रोष जल्द ही क्रांतिकारी नेताओं के एक-दूसरे के विरुद्ध खड़ा होने की वजह बन गया |

राजनीतिक क्लब :

  • विभिन्न दिशाओं में राजनीतिक क्लब उभर आये थे|
  • इनमें से सबसे विशिष्ट  जैकोबिन क्लब तथा कॉर्डेलियर क्लब थे |
  • जैकोबिन क्लब का नेतृत्व एक उग्रवादी प्रजातंत्रवादी रौबस्पीयर द्वारा किया गया |
  • कॉर्डेलियर क्लब का नेतृत्व डेंटन ने किया |

The National Convention (1792-1795):

  • Faced with the threat of the radicals, the members of the Legislative Assembly gave up the idea of a limited monarchy.
  • They set aside the Constitution of 1791, declared the king deposed, and dissolved their assembly, calling for the election of a new legislature.
  • After the dissolution of the Legislative Assembly, the National Convention met in 1792.
  • It abolished monarchy and declared France as a republic.

The Terror grips France:

  • The National convention was controlled by the Jacobins, who formed the majority and were major force to carry out the execution of the King.
  • After the execution of the King and the Queen, the Great Britain, Holland, and Spain joined Prussia and Austria in an alliance known as the First Coalition in early 1793.
  • The France was attacked from several sides and suffered a string of defeats.

Napoleon war:

  • From 1792 to 1815, France was engaged in war almost continuously.
  • It was a war between France and other states.
  • Some historians have termed it as an international civil war because it was fought between revolutionary France and countries upholding the old order.
  • In this war, France was alone.
  • However, until Napoleon became emperor, almost every enlightened person in the world sympathized with the French Revolution.

Consequences of revolution:

  • Destruction of feudalism in France.
  • Church lands and lands held in common by the community were bought by the middle classes.
  • The lands of nobles were confiscated.

व्यवस्थापिका सभा  ( 1792-1795 ) :

  • उग्रवादियों के खतरे का सामना करते हुए, विधान  सभा के सदस्यों ने सीमित राजतंत्र के विचार का त्याग कर दिया |
  • उन्होंने 1791 के संविधान को रद्द कर दिया, राजा को अपदस्थ घोषित कर दिया तथा नयी व्यवस्थापिका के चुनावों का ऐलान करते हुए अपनी सभा को भंग कर दिया |
  • सभा के भंग होने के बाद व्यवस्थापिका सभा की बैठक 1792 में हुई |
  • इसने राजतंत्र को समाप्त कर दिया तथा फ़्रांस को एक गणतंत्र घोषित किया |

फ्रांस पर आतंक की पकड़ :

  • राष्ट्रीय सम्मेलन का नियंत्रण जैकोबिन क्लब के लोगों  के द्वारा किया जाता था, जिन्होंने बहुमत का निर्माण किया तथा ये वो लोग थे जिन्होंने राजा को प्राणदण्ड देने में अहम भूमिका निभाई थी |
  • राजा तथा रानी को फाँसी के बाद, ग्रेट ब्रिटेन, होलैंड, तथा स्पेन, प्रशा तथा ऑस्ट्रिया के साथ एक संधि में शामिल हो गए जिसे आरंभिक 1793 के प्रथम गठबंधन के रूप में जाना जाता है |
  • फ़्रांस पर कई तरफ से आक्रमण किया गया तथा इसे पराजयों की एक श्रृंखला का सामना करना पड़ा |

नेपोलियन युद्ध :

  • 1792 से 1815 तक, फ़्रांस निरंतर युद्ध से जूझ रहा था |  
  • यह युद्ध फ़्रांस तथा अन्य राज्यों के बीच था |
  • कुछ इतिहासकारों ने इसे अंतर्राष्ट्रीय गृह युद्ध का नाम दिया  है क्योंकि यह क्रांतिकारी फ्रांस तथा पुरानी व्यवस्था वाले अन्य देशों के बीच लड़ा गया था |
  • इस युद्ध में, फ़्रांस अकेला था |
  • हालाँकि, जबतक नेपोलियन राजा नहीं बना था , विश्व के लगभग प्रत्येक प्रबुद्ध व्यक्ति ने फ़्रांस की क्रांति के साथ संवेदना व्यक्त की |

क्रांति के परिणाम :

  • फ्रांस में सामंतवाद का अंत |
  • चर्च  की ज़मीनें तथा सार्वजनिक अधिकार वाली ज़मीनों को मध्यवर्ग ने खरीद लिया |
  • कुलीनों की ज़मीनें ज़ब्त कर ली गयीं |  

Impact of French Revolution in world:

  • It inspired revolutionary movements in almost every country of Europe and in South and Central America.  
  • Even though the old ruling dynasty of France had been restored to power in 1815, and the autocratic governments of Europe found themselves safe for the time being, the rulers found it increasingly difficult to rule the people.
  • Some of the changes that took place in many parts of Europe and the Americas in the early 19th century were the immediate, direct consequences of the Revolution and the Napoleonic wars.

Revolutions in Central and South America:

  • The impact of the Revolution was felt on the far away American continent. Revolutionary France had abolished slavery in her colonies.
  • The former French colony of Haiti became a republic. This was the first republic established by the black people, formerly slaves, in the Americas.
  • Inspired by this example, revolutionary movements arose in the Americas to overthrow foreign rule, to abolish slavery and to establish independent republics.  
  • The chief European imperialist powers in Central and South America were Spain and Portugal.
  • During the early 19th century, these two imperialist countries were cut off from their colonies, with the result that most of the Portuguese and Spanish colonies in Central and South America became independent.
  • The movements for independence in these countries had earlier been inspired by the successful War of American Independence. The French Revolution ensured their success.       
  • By the third decade of the 19th century, almost entire Central and South America had been liberated from the Spanish and the Portuguese rule and a number of independent republics were established.        

विश्व में फ़्रांस की क्रांति के प्रभाव :

  • इसने यूरोप के तथा दक्षिण एवं मध्य अमेरिका के  लगभग प्रत्येक देश में क्रांतिकारी आंदोलनों को प्रेरित किया |
  • भले ही फ़्रांस का पुराना शासक वंश 1815 सत्ता में वापिस आ गया था तथा यूरोप की निरंकुश सरकारों ने खुद को उस समय के लिए सुरक्षित पाया, किंतु फिर भी शासकों को लोगों पर शासन करने में अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा |
  • इस क्रांति और नेपोलियन युद्ध के फलस्वरूप 19 वीं शताब्दी की शुरुआत में यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में बहुत से परिवर्तन देखे गए |

मध्य तथा दक्षिण अमेरिका में क्रांति :

  • क्रांति का प्रभाव काफी दूर स्थित अमेरिकी महाद्वीप में भी महसूस किया गया | क्रांतिकारी फ़्रांस ने उसके उपनिवेशों में दास प्रथा का उन्मूलन कर दिया |
  • हैती अब एक गणतंत्र बन चूका था जो कभी फ़्रांस का एक उपनिवेश था | यह एकमात्र ऐसा देश था जो अश्वेत लोगों द्वारा स्थापित किया गया था | ये अश्वेत अमेरिका में दास थे |
  • इस उदाहरण से प्रेरित होकर, विदेशी शासन को उखाड़ फेंकने, दास प्रथा का उन्मूलन करने तथा स्वतंत्र गणतंत्रों की स्थापना करने के लिए, अमेरिका में कई क्रांतिकारी आंदोलनों का उदय  हुआ |
  • मध्य तथा दक्षिण अमेरिका में मुख्य यूरोपीय साम्राज्यवादी शक्तियाँ स्पेन तथा पुर्तगाल थीं |
  • उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान, ये दो साम्राज्यवादी देश अपने उपनिवेशों से मुक्क्त  कर दिए गए, जिसका परिणाम यह हुआ कि मध्य तथा दक्षिण अमेरिका में अधिकांश पुर्तगाली तथा स्पेनिश उपनिवेश स्वतंत्र हो गए |
  • इन देशों में स्वतंत्रता के लिए आंदोलन आरम्भ में सफल अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित था | फ़्रांस की क्रांति ने इनकी सफलता को सुनिश्चित किया |
  • उन्नीसवीं शताब्दी के तीसरे दशक तक, लगभग पूरा मध्य तथा दक्षिण अमेरिका  स्पेनिश तथा पुर्तगाली शासन से स्वतंत्र हो चुका था  तथा कई स्वतंत्र गणतंत्रों की स्थापना हो चुकी थी |

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