Haryana Civil Services (HCS) 2018 Exam : Study Notes | Geography

Haryana Civil Services (HCS) 2018 Exam : Study Notes | Geography

Haryana Civil Services (HCS) 2018 Exam : Study Notes | Geography

Haryana Civil Services (HCS) 2018 Exam : Study Notes | Geography

Haryana Civil Services (HCS) 2018 Exam : Study Notes | Geography

Cyclone

  • Cyclone is a low pressure area surrounded by high pressure area from all the sides along with winds moving from all the sides towards central low.
  • Cyclones moves in anti clockwise in Northern Hemisphere and in Clockwise direction in Southern Hemisphere under the effect of westerlies due to coriolis effect.

Tropical Cyclone

  • A system of low pressure occurring in tropical latitude is known as tropical cyclone.
  • They are violent storms that originate over oceans in tropical areas and move over coastal areas bringing about large scale destruction due to violent winds, very heavy rainfall and storm surge.
  • They are irregular wind movements involving closed circulation of air around a low pressure center.

Favorable conditions for Tropical Cyclone

Large and continuous supply of warm and moist air:

  • Tropical cyclones develop over the warm tropical oceans where the surface temperature is around 27°C.
  • The high temperature near the surface of the oceans makes the air full of water vapor.
  • The latent heat is transported into the storms and released in the process of cloud and rain formation.

Origin of  Tropical Cyclone

  • Tropical cyclones have a thermal origin
  • Develop over tropical seas during late summers (August to mid-November).
  • Tropical cyclones are most destructive.
  • Vertically, these storms dominate the full height of the troposphere.

Haryana Civil Services

चक्रवात

  • चक्रवात एक कम दबाव वाला क्षेत्र है जो चारों तरफ से उच्च दबाव क्षेत्र से घिरा होता है एवं वायु इसे मध्य भाग की ओर बहती है |
  • पच्छमी हवा द्वारा जनित कॉरिओलिस प्रभाव के कारण चक्रवात उत्तरी गोलार्ध वामावर्त तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणावर्त गति करते है|

उष्णकटिबंधीय चक्रवात

  • उष्णकटिबंधीय अक्षांश में होने वाले कम दबाव वाला तंत्र उष्णकटिबंधीय चक्रवात के रूप में जाना जाता है
  • ये प्रचंड तूफ़ान होते है जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में महासागरों से उत्पन्न होते हैं एवं तटीय इलाकों चलते है जिसके परिणामस्वरूप तेज़ हवाओं ,अधिक वर्षा तथा प्रचंड तूफ़ान की वजह बड़े पैमाने पर तबाही होती है
  • ये निम्न दाब वाले केंद्र के आसपास अव्यवस्थित निष्क्रिय वायु की गति है |

उष्णकटिबंधीय चक्रवात के लिए आदर्श स्थिति

गर्म और आर्द्र हवा की बड़े पैमाने पर लगातार आपूर्ति |

  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात गर्म उष्णकटिबंधीय महासागरों के ऊपर विकसित होते हैं जहां सतह का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है |
  • महासागरों की सतह के निकट उच्च तापमान वायु को जलवाष्प से परिपूर्ण करता है |
  • प्रसुप्त ऊष्मा तूफान को स्थानांतरित हो जाती है तथा बादल और बारिश के निर्माण की प्रक्रिया में निर्मुक्त कर दी जाती है |

उष्णकटिबंधीय चक्रवात की उत्पत्ति

  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात ताप द्वारा उत्पन्न होते है |
  • देर से गर्मियों के दौरान उष्णकटिबंधीय समुद्रों पर विकसित होता है |(अगस्त से मध्य नवंबर)
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात सबसे अधिक विनाशकारी हैं
  • ऊर्ध्वाधर रूप से ये तूफ़ान क्षोभ मंडल की अधिकतम ऊंचाई तक फैले होते है |

Tropical Cyclone

Why cyclones occur mostly in late summers?

  • Whirling motion is enhanced when the doldrums (region within ITCZ) over oceans are farthest from the equator.
  • In August-September, during the autumnal equinox, the air is overheated and the sun is exactly over the equator.

Stages of Tropical Cyclone development

Early stage

  • In the thunderstorm, air is uplifted as it is warm and light.
  • At certain height, due to lapse rate and adiabatic lapse rate, the temperature of air falls and moisture in the air undergoes condensation.
  • Condensation releases latent heat of condensation making the air more warmer. It becomes much lighter and is further uplifted.

Mature stage

  • At this stage, the spiraling winds create multiple convective cells with successive calm and violent regions.
  • The regions with cumulonimbus cloud (rising limbs of convective cell) formation are called rain bands below which intense rainfall occurs.
  • The ascending air will lose moisture at some point and descends back to surface through the calm regions that exist between two rain bands.

Eye

  • A mature tropical cyclone is characterised by the strong spirally circulating wind around the centre, called the eye.
  • Roughly circular area of comparatively light winds.
  • Fair weather found at the center of a severe tropical cyclone.
  • Little or no precipitation and sometimes blue sky or stars can be seen.

उष्णकटिबंधीय चक्रवात

चक्रवात केवल ग्रीष्मकाल में बहुत देरी से  ही क्यों आते है ?

  • बवंडर गति में वृद्धि होती है महासागर के  विषुव-प्रशांत भूमध्य रेखा से दूर हो जाते है |
  • अगस्त-सितंबर में शरत्काल विषुव वायु बहुत अधिक गर्म हो जाती है एवं सूर्य बिलकुल भूमध्य रेखा पर होता है |

उष्णकटिबंधीय चक्रवात के विकास की अवस्थाएं  

आरंभिक अवस्था

  • तूफान में, हवा ऊपर उठ जाती  है क्योंकि यह गर्म और हल्की होती  है |
  • कुछ ऊंचाई पर,पतन दर एवं समोष्ण की पतन दर के कारण वायु का तापमान गिर जाता है ,तथा वायु में उपस्थित नमि संघनित हो जाती है
  • संघनन की क्रिया द्वारा संघनन की प्रसुप्त ऊष्मा निकलती है, जो वायु को और अधिक गर्म करती है | इस प्रकार यह और अधिक गर्म हो जाती है एवं ऊपर की तरफ गति करती है |

प्रौढ़ अवस्था

  • इस स्तर पर, सर्पिल हवाएं कई संवहनी कक्षों का निर्माण करती है एवं क्रमश: शांत तथा उग्र क्षेत्र भी बनते है |
  • कपासी वर्षी बादल वाले क्षेत्रों को वर्षा पट्टी कहा जाता है जिनके नीचे तीव्र वर्षा होती है।
  • आरोहण करने वाली वायु एक बिंदु पर अपनी आर्द्रता खो देती है एवं दो वर्षा पट्टियों के बीच में स्थित शांत क्षेत्र द्वारा सतह पर वापिस चले जाते है |

चक्रवात की आंख

  • एक विकसित उष्णकटिबंधीय चक्रवात के केंद्र के चारों ओर सर्पिल परिसंचारी वायु होती है , इसे चक्रवात की आंख कहा जाता है |
  • यह अपेक्षाकृत हल्की पवनों वाला वर्तुलाकार क्षेत्र है |
  • तीव्र उष्णकटिबंधीय चक्रवात के केंद्र पर साफ़ मौसम पाया जाता है |
  • यहाँ कम अथवा बिल्कुल भी वर्षण नहीं होता है एवं कभी-कभार नीला आकाश अथवा तारे भी दिखाई देते है |

Vertical Structure of Tropical Cyclone

There are three divisions in the vertical structure of tropical cyclones.

Lowest layer:

  • Extending up to 3 km
  • Known as the inflow layer
  • Responsible for driving the storm.

Middle layer:

  • Extending from 3 km to 7 km (where the main cyclonic storm takes place)

Outflow layer:

  • Lies above 7 km.
  • The maximum outflow is found at 12 km and above.

Characteristics of Tropical Cyclone

  • Have symmetrical elliptical shapes with steep pressure gradients.
  • Wind velocity, is more in poleward margins than at center and is more over oceans than over landmass.
  • Follow a parabolic path, their axis being parallel to the isobars.
  • Tropical cyclones die at 30° latitude because of cool ocean waters and increasing wind shear due to westerlies.

Nomenclature of Tropical Cyclone

  • Indian Ocean–Cyclones
  • Caribbean sea, Gulf of Mexico, Gulf of panama–Hurricane
  • China Sea–Typhoon
  • Philippines–Baguio

उष्णकटिबंधीय चक्रवात की ऊर्ध्वाधर

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की ऊर्ध्वाधर संरचना में तीन प्रभाग हैं।

निम्नतम परत:

  • यह 3 किमी तक फैली हुई है |
  • इसे अन्तर्वाह परत के रूप में भी जाना जाता है
  • यह तूफान को गति देती है |

मध्यम परत:

  • यह 3 किमी से 7 किमी तक फैली है | (जहां मुख्य चक्रवाती तूफान होता है)

बहिर्वाह परत:

  • 7 किमी से ऊपर पाई जाती है |
  • अधिकतम बहिर्वाह 12 किमी और इससे ऊपर के स्थान पर पाई जाती है |

उष्णकटिबंधीय चक्रवात के गुण

  • इनकी आकृति पूरी तरह से अण्डाकार होती है एवं इनकी दाब प्रवणता खड़ी होती है |
  • पवन वेग, केंद्र की तुलना में ध्रुवों की सीमा पर अधिक होता है तथा भूतल की तुलना में महासागरों पर अधिक होता है |
  • ये परवलयिक पथ  में चलती है एवं इनका अक्ष समताप-रेखा के  समानांतर हो जाता है।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात 30 डिग्री अक्षांश पर ठंडे महासागरीय जल के कारण खत्म हो जाते है,और आगे गति करती हुई वायु पच्छमी हवा के प्रभाव से समाप्त हो जाती है |

उष्णकटिबंधीय चक्रवात का नामकरण

  • हिंद महासागर – चक्रवात
  • कैरेबियन समुद्र, मैक्सिको की खाड़ी, पनामा की खाड़ी – हरिकेन
  • चीन सागर – टाइफून (रतूफ़ान)
  • फिलिपींस – बाग्यो

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