Haryana Civil Services (HCS) 2018 Exam || Online History Study notes

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Mughal Empire

Babur (1526 – 1530) :

  • Founder of the Mughal Empire in India.
  • Original name: Zahiruddin Muhammad.
  • He was related to Timur from his father’s side and to Chengiz Khan through his mother.
  • He succeeded his father Umar Shaikh Mirza, who was ruler of Farghana.

Military Conquests:

  • In 1525 when Babur want to invade India there were 5 prominent Muslim rulers: Sultans of Delhi, Gujarat, Malwa, Bengal and the Deccan and two prominent Hindu rulers – Rana Sanga of Mewar and the Vijayanagar Empire.
  • He started from Kabul to conquer India.
  • He occupied Lahore easily by defeating its governor, Daulat Khan Lodi.  

Battle of Khanwa:

  • Rana Sanga of Mewar, a great Rajput warrior, marched against Babur and in the Battle of Khanwa(1527), Babur won a decisive victory over him.
  • Babur assumed the title Ghazi.

Battle of Chanderi and Ghagra:

  • In 1528, Babur defeated another Rajput ruler Medini Rai at Chanderi.
  • In the next year, Babur defeated the Afghans in the Battle of Ghagra, the confluence of Ganga and Ghagra in Bihar.
  • By these victories, Babur consolidated his power in India.

Humayun (1530-1540 and 1555–1556)

  • Eldest son of Babur.
  • Humayun means “fortune” but he remained the most unfortunate ruler of the Mughal Empire.
  • Kamran, Askari and Hindal: Step brothers of Humayun.
  • Probably he was the only king to treated his step brothers as real brother and received betrayal in response.

Sur empire: Sher Shah Suri(1540 – 1545)

  • Founder of the Sur dynasty
  • Original name:Farid
  • Father-Hasan Khan, a jagirdar of Sasaram in Bihar.
  • Initially Farid served under the Afghan ruler of Bihar, who gave him title of Sher Khan for his bravery.
  • Sher Shah usurps the throne as Hazarat-i- Ala.

Ministers:

  • The king was assisted by four important ministers:
  • Diwan–i-Wizarat (Wazir) – in charge of Revenue and Finance.
  • Diwan-i-Ariz: in charge of Army.
  • Diwan-i-Rasalat: Foreign Minister. (Rasalat was for religious matters under Delhi sultanate)

Haryana Civil Services

मुगल काल

बाबर (1526-1530):

  • भारत में मुगल साम्राज्य के संस्थापक
  • वास्तविक  नाम:ज़हिर उद-दिन मुहम्मद
  • इसका पिता तैमूर वंश का था जबकि माँ चंगेज़ खान के वंश से थी |
  • यह अपने पिता उमर शेख मिर्ज़ा का उत्तराधिकारी था जो फ़रगना घाटी का शासक था |

सैन्य विजय:

  • 1525 में जब बाबर भारत पर आक्रमण करना चाहता था,तब भारत में 5 प्रमुख मुस्लिम शासक थे:  दिल्ली,गुजरात,मालवा,बंगाल एवं दक्कन तथा दो हिन्दू सम्राट थे मेवाड़ के राणा सांगा तथा विजयनगर साम्राज्य |
  • उसने काबुल से भारत विजय का अभियान शुरू किया |
  • इसने लाहौर के गर्वनर दौलत खान लोदी को हराकर इस पर कब्जा कर लिया |

खानवा का युद्ध

  • मेवाड़ के शासक राणा सांगा जो एक महान राजपूत योद्धा थे,बाबर के खिलाफ 1527 में खानवा में युद्ध किया जिसमे बाबर की निर्णायक विजय हुई
  • बाबर ने गाज़ी का खिताब ग्रहण किया |

चन्देरी और घाग्गरा का युद्ध

  • 1528 में,बाबर ने चंदेरी के राजपूत शासक मेदिनी राय को हराया |
  • अगले वर्ष बाबर ने अफगान शासक महमूद लोदी को घाग्गरा के युद्ध में हराया,यह बिहार में घाग्गरा और गंगा नदी के संगम पर था |
  • इन्ही विजयों के साथ बाबर भारत में मजबूती के साथ उभरा |

हुमायूं (1530-1540 और 1555-1556)

  • बाबर का सबसे बड़ा पुत्र
  • हुमायूं का अर्थ “भाग्य” होता है लेकिन वह मुगल साम्राज्य का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण शासक सिद्ध हुआ |
  • कामरान मिर्जा,अस्करी एवं हिंदल इसके सौतेले भाई थे |
  • संभवतया वह केवल एकमात्र राजा था जिसने अपने भाइयों के साथ सगे भाई जैसा बर्ताव किया परन्तु इसके बदले में केवल विश्वासघात मिला

सूर साम्राज्य: शेर शाह सूरी (1540-1545)

  • सूर राजवंश का संस्थापक
  • वास्तविक नाम: फरीद
  • पिता-हसन खान, बिहार में सासाराम का एक जागीदार।
  • शुरू में फरीद ने बिहार के अफगान शासक के अधीन काम किया था,जिसने फरीद को उसकी बहादुरी के लिए शेर खान का खिताब दिया था।
  • शेर शाह ने हज़रत-ए-अला के रूप में सिंहासन का ग्रहण किया |

मंत्रीगण

  • राजा की सहायता के लिए चार महत्वपूर्ण मंत्री थे |
  • दीवान-ए-विजारत (वजीर)- राजस्व और वित्त के प्रभारी
  • दीवान-ए-आरिज़ : सेना के प्रभारी
  • दीवान-ए-रसालत: विदेश मंत्री (रसालत दिल्ली सल्तनत के में धार्मिक मामलों के लिए था)

Administration:

  • Brilliant administrative system.
  • The central government consisted of several departments.
  • He setup cantonment in various parts of his empire and strong garrison was posted in each cantonments.

Currency:

  • Introduced Silver coins called “Dam” and which remained in circulation till 1835.
  • Issued the coin called Rupia and fixed standard weights and measures all over the empire.

Transport:

  • Laid 4 important highways.
  • Sonargaon to Sind , Agra to Burhampur, Jodhpur to Chittor and Lahore to Multan.
  • He built Grand Trunk Road, that runs from Calcutta to Peshawar.

Akbar (1556-1605)

  • Akbar, the eldest son of Humayun, ascended the throne under the title of Jalaluddin Muhammad Akbar Badshah Ghazi at the young age of 14 at Kalanaur, Punjab.
  • His tutor Bairam khan was appointed as the regent.
  • One of the greatest monarchs of India.
  • Second Battle of Panipat (5 Nov, 1556) was fought between Hemu (the Hindu general of Muhammad Adil Shah) and Bairam Khan (the regent of Akbar)

Relations with Rajputs :

  • His Rajput policy was notable.
  • He kept a careful balance between defeating but not humiliating.
  • Married to Rajput princess, Jodha, the daughter of Raja Bharmal.
  • After this point history of Mughals had taken a turn.

शासन प्रबंध:

  • प्रशासनिक व्यवस्था अति उत्तम थी
  • केंद्र सरकार में कई विभाग शामिल थे
  • इन्होने अपने साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों में छावनी बनाई हुई थी एवं प्रत्येक छावनी में एक शक्तिशाली दुर्गरक्षक होता था |

मुद्रा:

  • चांदी के सिक्के जारी किये जिन्हे डम कहा गया ये सिक्के 1835 तक प्रचलन में रहे |
  • रुपया नामक सिक्का चलाया एवं उसके लिए पुरे साम्राज्य में माप-तोल का एक निश्चित पैमाना स्थापित किया |  

परिवहन:

  • 4 महत्वपूर्ण राजमार्ग थे
  • सोनारगांव से सिंध, आगरा से बुरहमपुर, जोधपुर से चित्तौड और लाहौर से मुल्तान।
  • उसने ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माण किया, जो कलकत्ता से पेशावर तक था |

अकबर (1556-1605)

  • हुमायूँ का सबसे बड़ा पुत्र जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर बादशाह गाजी के शीर्षक के साथ 14 वर्ष की आयु में कालानौर (पंजाब) का सिंहासन संभाला |
  • उसके गुरु बैरम खान को उसका राज-प्रतिनिधि नियुक्त किया गया |
  • भारत के महान शासको में से एक |
  • पानीपत का दूसरा युद्ध (5 नवम्बर, 1556) हेमू (मुहम्मद आदिल शाह का हिन्दू सेनापति) एवं बैरम खान (अकबर का राज प्रतिनिधि) के बीच हुआ |

राजपूतों के साथ संबंध:

  • अकबर की राजपूत नीति उल्लेखनीय थी।
  • वह हराने और अपमानित करने में अंतर समझता था |
  • इसने भारमल की राजपूत राजकुमारी जोधा से विवाह किया |
  • इसके बाद मुगल इतिहास में एक मोड़ आया |

Religious policy:

  • As a revolt against orthodoxy and bigotry of religious priests, Akbar proclaimed a new religion, Din-i-Ilahi, in 1581.
  • The new religion was based on a synthesis of values taken from several religions like Hinduism, Islam, Jainism and Christianity.
  • It did not recognise the prophet, Birbal was the only Hindu who followed this new religion.

Reasons for his tolerant policy was:

  • His early contacts with the sufi saints
  • Teachings of his tutor Abdul Latif

Construction works:

  • Akbar built Fatehpur Sikri, Agra fort, Lahore Fort and Allahabad Fort and Humayun’s Tomb at Delhi.
  • It is said that Akbar had no son for a long time. Sheikh Salim Chisti, a sufi saint blessed Akbar with a son who was named Salim/ Sheikho Baba (Jahangir)

Land Revenue Administration:

  • Main source of income was tax on the produce of the peasantry.
  • The land revenue system of Akbar was called Zabti or Bandobast system.

Important years of Akbar:

1562: Visited Ajmer first time

1562: Ban on forcible conversion of war-prisoners into slaves

1563: Abolition of Pilgrimage tax

1564: Abolition of Jizya

1571: Foundation of Fatehpur Sikri

धार्मिक नीति:

  • रूढ़िवादी और धार्मिक पुरोहितों की कट्टरता के विरोध में, विद्रोहस्वरूप अकबर ने 1581 में एक नए धर्म दीन-ए-इलाही की स्थापना की |
  • यह नया धर्म हिन्दू,मुस्लिम,जैन एवं ईसाई धर्म की मिश्रित शिक्षाओं पर आधारित था |
  • इसका कोई नबी नहीं था,इस धर्म को स्वीकार करने वाला एकमात्र हिन्दू व्यक्ति बीरबल था

उसकी सहिष्णु नीति के कारण इस प्रकार थे:-

  • सूफी संतों के साथ उसके आरम्भिक सम्पर्क
  • उसके गुरु अब्दुल लतीफ की शिक्षाएं |

निर्माण कार्य:

  • अकबर ने फतेहपुर सीकरी, आगरा किला, लाहौर किला और इलाहाबाद किला और हुमायूं के मकबरे को दिल्ली में बनाया।
  • ऐसा कहा जाता है कि लम्बे समय तक अकबर का कोई पुत्र नहीं था | शेख सलीम चिश्ती नामक एक सूफी संत ने उसे पुत्र का आशीर्वाद दिया जिसका नाम सलीम/शेखो बाबा (जहांगीर) था |

भूमि राजस्व प्रशासन:

  • राजस्व का मुख्य स्त्रोत किसानों के उत्पादन पर लगा कर था |
  • अकबर की  भूमि राजस्व प्रणाली को ज़बाती अथवा बंदोबस्त प्रणाली कहा जाता था |

अकबर के महत्वपूर्ण वर्ष

  • 1562: पहली बार अजमेर का दौरा किया
  • 1562: युद्ध-कैदियों के ज़बरदस्त गुलामों में परिवर्तन करने की प्रणाली पर प्रतिबंध लगाया |
  • 1563: तीर्थयात्रा कर का उन्मूलन किया
  • 1564:  जजिया कर का उन्मूलन
  • 1571: फतेहपुर सीकरी की स्थापना

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