Geography HCS Exam Content 2018 : HCS Online Exam – Frontier IAS

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Plate Tectonics Theory

  • In 1967, McKenzie and Parker suggested the theory of plate tectonics. The theory was later outlined by Morgan in 1968.
  • By then, the ‘Continental drift theory’ was completely discarded with the emergence of ‘Convectional current theory’ and ‘Seafloor spreading theory’.
  • According to the theory of plate tectonics, the earth’s lithosphere is broken into distinct plates which are floating on a ductile layer called asthenosphere (upper mantle).
  • J.T. Wilson was the first man to use the term “Plate”
  • Plates move horizontally over the asthenosphere as rigid units.

Chemical composition of interior

  • Inner core is solid and is  made up of Fe, Ni
  • Outer core is liquid and is made up of Fe, Ni and Silica
  • Mantle is made up of Olivine rocks
  • Oceanic crust is made up of Basalt

Plate tectonics theory

There are mainly three type of plates:

  • Entirely Oceanic
  • Entirely Continental
  • Both Continental and Oceanic

There are 6 major and 20 minor plates.

  • Antarctica and the surrounding oceanic plate
  • North American plate
  • South American plate
  • Pacific plate
  • India-Australia-New Zealand plate
  • Africa with the eastern Atlantic floor plate
  • Eurasia and the adjacent oceanic plate

Geography HCS Exam Content 2018

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत

  • सन् 1967 में मैकेन्जी पारकर और मोरगन ने एक अवधारणा प्रस्तुत की जिसे  प्लेट विवर्तनिकी कहा जाता है | बाद में इस अवधारणा की रूपरेखा 1968 में मोरगन द्वारा तैयार की गई |
  • इसके पश्चात महाद्वीपीय विस्थापन अवधारणा ने पूरी तरह से सवंहन धारा की अवधारणा तथा महासागरीय अधोस्तल की अवधारणा को नकार दिया |
  • प्लेट विवर्तनिकी  के सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी का स्थलमंडल कई प्लेटों में विभक्त है  जो एक मृदु  परत पर तैरती है जिसे दुर्बलतामंडल (ऊपरी मैंटल )कहा जाता है |
  • जे.टी.विल्सन ने सर्वप्रथम प्लेट शब्द का उपयोग किया
  •  ये प्लेटें दुर्बलामंडल पर  एक दृढ़ इकाई के रूप में क्षैतिज अवस्था में चलायमान है |

आंतरिक भाग की रासायनिक सरंचना

  • आंतरिक क्रोड ठोस होती है एवं यह आयरन तथा निकल द्वारा निर्मित होती है |
  • बाह्य क्रोड तरल होती है एवं यह आयरन, निकल और सिलिका द्वारा निर्मित होती है |
  • मेंटल का निर्माण ओलीवाइन चट्टानों से होता है |
  • महासागरीय भूपर्पटी बेसाल्ट  द्वारा बनी होती है |

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत

प्लेट के तीन प्रकार है-

  • पूर्ण रूप से महासागरीय
  • पूर्ण रूप से महाद्वीपीय
  • महाद्वीपीय एवं महासागरीय दोनों

कुल मिलाकर 6 बड़ी तथा 20 छोटी प्रकार की प्लेटें है |

  • अंटार्कटिका और आसपास की  महासागरीय प्लेट
  • उत्तर अमेरिकी प्लेट
  • दक्षिण अमेरिकी प्लेट
  • प्रशांत प्लेट
  • भारत-ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड प्लेट
  • अफ्रीका, पूर्वी अटलांटिक अधोस्तल प्लेट के साथ
  • यूरेशिया और उसके साथ वाली समुद्रीय प्लेट

Minor tectonics plate

  • Cocos plate: Between Central America and Pacific plate
  • Nazca plate: Between South America and Pacific plate
  • Arabian plate: Saudi Arabian landmass
  • Philippine plate: Between the Asiatic and Pacific plate
  • Caroline plate: Between the Philippine and Indian plate (North of New Guinea)
  • Fuji plate: North-east of Australia.
  • Turkish plate
  • Aegean plate (Mediterranean region),
  • Caribbean plate
  • Juan de Fuca plate (between Pacific and North American plates)
  • Iranian plate.
  • There are many more minor plates other than the above mentioned plates.
  • Most of the these minor plates were formed due to stress created by converging major plates.

Example:

Mediterranean Sea is divided into numerous minor plates due to the compressive force exerted by Eurasian and African plates.

Force for the plate movement

  • The slow movement of hot, softened mantle that lies below the rigid plates is the driving force behind the plate movement.
  • The heated material rises to the surface, spreads and begins to cool, and then sinks back into deeper depths (convection currents).
  • This cycle is repeated over and over to generate what scientists call a convection cell or convective flow.

Interaction of plates

Plate Tectonics – Interaction of Plates

  • Major geomorphological features such as fold and block mountains, mid-oceanic ridges, trenches, volcanism, earthquakes etc. are a direct consequence of interaction between various lithospheric plates.
  • There are three ways in which the plates interact with each other.

1. Ocean-Ocean convergence

2. Ocean- Continental Convergenc

3. Continental-Continental convergence

अन्य विवर्तनिकी  प्लेट

  • कोकोस प्लेट: यह मध्य अमेरिका  तथा प्रशांत प्लेट के बीच में स्थित है |
  • नज़का प्लेट : दक्षिणी अमेरिका तथा प्रशांत प्लेट के बीच |
  • अरेबियन प्लेट : सऊदी अरब के भू-खंडों में
  • फिलिपीन  प्लेट : एशियाई एवं प्रशांत प्लेट के बीच
  • कोरोलिन प्लेट :फिलिपियन प्लेट और भारतीय प्लेट के बीच (नई गिनी के उत्तर में )
  • फयूजी प्लेट :ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्व में |
  • टर्किश प्लेट
  • ईजियन प्लेट(भूमध्य क्षेत्र)
  • कैरीबियाई प्लेट
  • हुआन दे फ़ूका प्लेट (प्रशांत तथा उत्तरी अमेरिकी प्लेट के बीच)
  • ईरानी प्लेट
  • उपरोक्त बताई गई प्लेटों के अलावा भी अन्य बहुत सी छोटी प्लेटें है |
  • इनमे से बहुत सी छोटी प्लेटों का निर्माण बड़ी प्लेटों के अभिसरण द्वारा उत्पन्न बल द्वारा होता है

उदाहरण के लिए :

  • भूमध्य सागर यूरेशियन और अफ्रीकी  प्लेटों द्वारा लगाए गए संपीड़न बल के कारण कई छोटी प्लेटों में विभाजित है |

प्लेट संचालन के लिए बल

  • कठोर प्लेटों के नीचे स्थित गर्म, मृदु मैंटल की धीमी गति का कारण इन प्लेटों के मध्य कार्य करने वाला संचालन बल है |
  • गर्म होने वाला पदार्थ सतह तक ऊपर उठता है,फैलता है एवं फिर ठंडा होना आरम्भ हो जाता है और बाद में यह अत्यधिक गहराई में डूब जाता है | (सवंहन धारा )
  • यह प्रक्रिया बार बार चलती है , वैज्ञानिक इसको सवहन सेल अथवा सवंहन प्रवाह कहते है |

प्लेटों के मध्य अंत: क्रिया

प्लेट विवर्तनिकी – प्लेटों के मध्य अंत: क्रिया

  • प्रमुख भू-आकृति विज्ञान विशेषताएं जैसे वलित पहाड़  एवं शिलाखंड ,मध्य महासागर के  गर्त, कटक ज्वालामुखी, भूकंप इत्यादि स्थलमंडलीय प्लेटों के बीच प्रत्यक्ष क्रिया का परिणाम है |  
  • तीन तरह से प्लेटें एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं।
  1. महासागर-महसागर अभिसरण
  2. महसागर-महाद्वीप अभिसरण
  3. महासागर -महाद्वीप अभिसरण

Divergent Boundary

Divergence forming Divergent Edge or the Constructive Edge:

  • As the name itself suggests, in this kind of interaction, the plates diverge (move away from each other).
  • Divergent boundary will be formed at the place which has ascending limb of convection current below Ocean or Continent.
  • It will always have a rising limb of convection cell below it.
  • The basaltic magma erupts and moves apart (sea floor spreading) and Mid-oceanic ridges are formed due to this kind of interaction.

Convergent Boundary

Convergence forming Convergent Edge or Destructive Edge

  • In this kind of interaction, two lithospheric plates collide against each other.
  • The zone of collision may undergo crumpling and folding and folded mountains may emerge.
  • This is an orogenic collision. | Himalayan Boundary Fault is one such example.

Ocean Ocean Convergence

  • This is a collision between two oceanic plates
  • When these plate come towards each other, heavy plate gets subducted.
  • As both plates are oceanic plates, and are made of basalt, heaviness will be decided by length of oceanic plate.
  • The lengthier the plate, the heavier it is.
  • Subduction of plate results into melting of Oceanic crust because of intense mantle temperature.

अपसारी सीमा

अपसरण अपसारी किनारे अथवा रचनात्मक किनारे का निर्माण

  • जैसा की नाम से ही ज्ञात हो रहा है इस प्रकार की अंत: क्रिया में प्लेटें आपस में अपसरण करती है |
  • उस स्थान पर अपसरण सीमा का निर्माण होता है जहाँ पर सवंहन धारा के किनारे उभर रहे होते है यह महासागर या महाद्वीप के नीचे स्थित होती है
  • इसके नीचे हमेशा बढ़ता हुआ सवंहन किनारा होता है |
  • इसमें बेसाल्टिक मैग्मा का स्खलन (महासागरीय अधोस्तल विस्तरण ) होता है एवं इस प्रकार की अंत: क्रिया में मध्य महासागरीय गर्त का निर्माण होता है |

अभिसारी सीमा

अभिसरण द्वारा अभिसारी किनारे अथवा ध्वस्त करने वाले किनारे का निर्माण होता है –

  • इस प्रकार की अंत: क्रिया में दो स्थलमंडलीय प्लेटें आपस में टकराती है |
  • संघर्ष वाला क्षेत्र विखंडन तथा वलन की प्रक्रिया से गुजरता है एवं वलित पहाड़ों का निर्माण करता है |
  • यह एक पर्वतजन टकराव है |हिमालयी परिसीमा  भ्रंशन इसका एक उदाहरण है |

महासागर -महासागर अभिसरण

  • यह दो महासागरीय प्लेटों के बीच होने वाला टकराव है |
  • जब ये प्लेटें एक दूसरे के निकट आती है तो अपेक्षाकृत भारी प्लेट विखंडित हो जाती है |
  • चूँकि दोनों प्लेटें महासागरीय है एवं बेसाल्ट द्वारा निर्मित है, अतः भारीपन का निर्धारण महासागरीय प्लेटों की लम्बाई द्वारा होता है |
  • ज्यादा लम्बाई वाली प्लेट भारी होती है |
  • मैंटल के तीव्र तापमान के कारण प्लेटों के प्रविष्ठन के परिणामस्वरूप महासगरीय भू-पर्पटी पिघल जाती है |

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