Best Study Material for HCS Prelims Exam 2018 || UPSC | IAS Content

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Expansion and consolidation of British Power

British occupation of Bengal

Background

  • The Company had secured valuable privileges in 1717 under a royal Farman by the Mughal Emperor Farrukhsiyar.
  • It had granted the Company the freedom to export and import their goods in Bengal without paying taxes and the right to issue passes or Dastaks for the movement of such goods.
  • The name came from the Persian word for “pass.”
  • The Indian merchants and company’s servant were equal in paying taxes.
  • This Farman was a perpetual source of conflict between the Company and the Nawab of Bengal.

Black Hole Tragedy

  • English had started to mount guns on walls of fort William.
  • They gave offence to nawab by giving a helping hand to his rivals to claim throne.
  • Finding his authority flouted in his own dominions, Siraj launched the offensive against English.
  • In other words, Siraj, was willing to let the Europeans remain, as merchant but not as masters.
  • He ordered both the English and the French to demolish their fortifications at Calcutta and Chandernagore and to desist from fighting each other.
  • 123 of them died inside due to suffocation.
  • This incident is known as Black-hole tragedy.

Battle of Plassey

  • Fought between Siraj ud-Daulah, the last independent Nawab of Bengal, and the British East India Company.
  • In the meantime, a web of intrigue and treachery was organised with the leading men of the Nawab’s court.

Chief among these were

  • Mir Jafar: the Mir Bakshi
  • Manik Chand: the Officer-in-Charge of Calcutta
  • Amichand: a rich merchant

Treaty of Alinagar:

  • Signed between Robert Clive and the Nawab of Bengal, Mirza Muhammad Siraj Ud Daula.
  • Restored the English their former privileges of trade, grant permission to fortify Calcutta and promising compensation for the losses suffered by the English.

Best Study Material

ब्रिटिश का बंगाल पर कब्जा

पृष्ठभूमि

  • 1717 के  मुग़ल शासक फर्रुख़ सियर के शाही  फरमान पर कम्पनी को विशेषाधिकार प्राप्त था |
  • इसके अनुसार कम्पनी  बंगाल में अपने सामान का निर्यात और आयात बिना शुल्क दिए कर सकते थे और अपने सामान के लिए पास अथवा दस्तक जारी कर सकते थे |
  • यह नाम फ़ारसी के पास शब्द से आया है |
  • भारतीय व्यापारी तथा कम्पनी के नौकरों के लिए समान कर व्यवस्था थी |
  • यह फरमान कम्पनी तथा बंगाल के नवाब के बीच सतत संघर्ष का स्रोत था |

काल कोठरी की घटना

  • अंग्रेजी ने फोर्ट विलियम की दीवारों पर बंदूकें तानना शुरू कर दिया |
  • इन्होने नवाब के प्रतिद्वंद्वियों को सिंहासन का दावा करने के लिए मदद करके एक आपराधिक कृत्य किया |
  • अपने राज्य में अपने ही आज्ञा का अनुपालन न होने पर सिराज ने अंग्रेज़ों केखिलाफ एक आक्रामक शुरुआत की
  • दूसरे शब्दों में, सिराज, यूरोपियों को सिर्फ व्यापारी बनाकर रखना चाहता था न की स्वामी |
  • उन्होंने अंग्रेजों और फ्रेंच दोनों को कलकत्ता और चन्दननगर में अपने दुर्गों को हटाने तथा एक दूसरे से युद्ध निरस्त करने का आदेश दिया |
  • घुटन के कारण उनमें से 123 की मृत्यु हो गई।
  • इस घटना को काल कोठरी की घटना कहा गया |

प्लासी की लड़ाई

  • यह लड़ाई सिराजुद्दौला, बंगाल के आखिरी स्वतंत्र नवाब, और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच लड़ी गई |
  • इस बीच, नवाब के दरबार के प्रमुख पुरुषों के द्वारा साजिश और विश्वासघात का एक जाल बन दिया गया |

ये प्रमुख इस प्रकार थे-

  • मीर जाफर: मीर बख्सी
  • माणिक चंद: कलकत्ता के प्रभारी अधिकारी
  • अमिचंद: एक अमीर व्यापारी

अलीनगर नगर की संधि:

  • रॉबर्ट क्लाइव और बंगाल के नवाब, मिर्जा मुहम्मद सिराज उदा दुल के बीच हुई |
  • इस संधि के अनुसार अंग्रेज़ों वापिस उनके व्यापारी अधिकार दे दिए गए,साथ ही कलकत्ता में किला बनाने तथा अंग्रेज़ों को हुए नुकसान की भरपाई करने की अनुमति दे दी गई |

Importance of Battle of Plassey

  • The battle of Plassey was of immense historical importance as it had benefited the British in lot of ways.
  • It paved the way for the British mastery of Bengal and eventually of the ‘whole of India’.

Deposition of Mir Jafar

  • Soon Mir Jafar repented the bargain.
  • He realized it was impossible to meet English demands forever.
  • His treasury was emptied

Treaty with Mir Qasim (September. 1760)

  • Mir Qasim found it as an opportunity and claimed for Nawabship.
  • He promised English to take measures immediately to relieve the financial distress of company.

Mir Qasim and EIC

  • Nawab belied English hopes
  • Became threat to their position and designs in Bengal
  • He was an able, efficient, and strong ruler, determined to free himself from foreign control
  • He believed that since he had paid the Company adequately for putting him on the throne, they should now leave him alone to govern Bengal

Battle of Buxar

  • The Battle of Buxar was fought on 22 October 1764 between the forces under the command of the British East India Company led by Hector Munro and the combined armies of Mir Qasim, the Nawab of Bengal; the Nawab of Awadh; and the Mughal Emperor Shah Alam II.
  • The 3 allies met with English at Buxar on 22 October 1764 and were thoroughly defeated.
  • One of the most decisive battles of Indian history because it demonstrated the superiority of English arms over combined armies of 2 major Indian provinces.

प्लासी की लड़ाई का महत्व

  • प्लासी की लड़ाई का ऐतिहासिक महत्व का था क्योंकि इससे ब्रिटिश को कई तरीकों से लाभ पहुँचाया |
  • इसने बंगाल में ,और अंततः ‘पूरे भारत’ के लिए ब्रिटिश स्वामित्व मार्ग प्रशस्त किया

मीर जाफर का अपदस्थ होना

  • जल्द ही मीर जाफर को अपने फैसले पर पछतावा हुआ |
  • उन्हें एहसास हुआ कि अंग्रेजी मांगों को पूरा करना असंभव था।
  • उनका खजाना खाली हो चुका था |

मीर कासिम के साथ संधि (सितंबर 1760)

  • मीर कासिम ने इसे अवसर के रूप में लिया और नवाब बनने के लिए दावा पेश किया |
  • उन्होंने अंग्रेजी कम्पनी को वित्तीय संकट से उभारने का वचन दिया

मीर कासिम और अंग्रेजी ईस्ट इण्डिया कम्पनी

 

  • नवाब अंग्रेज़ों की उम्मीद पर खरे नहीं उतरे |
  • ये बंगाल में इनकी स्थिति और मंसूबों के लिए खतरा बन गए |
  • वह एक सक्षम, कुशल और मजबूत शासक था, जो खुद को विदेशी नियंत्रण से मुक्त कर सकता था |
  • उनका यह मानना था कि चूंकि सिंहासन ग्रहण करने में अंग्रेज़ों ने उनकी मदद की और बदले उन्हें बहुत सारा धन दिया गया इसलिए अंग्रेज़ों को उन्हें बंगाल पर शासन करने के लिए छोड़ देना चाहिए |

बक्सर की लड़ाई

  • बक्सर का युद्ध  22 अक्टूबर 1764 में बक्सर नगर के आसपास ईस्ट इंडिया कंपनी के हैक्टर मुनरो और मुगल तथा नबाबों की सेनाओं के बीच लड़ा गया था। बंगाल के नबाब मीर कासिम, अवध के नबाब शुजाउद्दौला, तथा मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना अंग्रेज कंपनी से लड़ रही थी।
  • 22 अक्तूबर 1764 को ये तीनों बक्सर की लड़ाई में अंग्रेज़ों से हार गए |
  • यह भारतीय इतिहास की सबसे निर्णायक लड़ाइयों में से एक थी ,क्यूंकि इसकी विजय के साथ ही अंग्रेज़ों का वर्चस्व दो प्रमुख भारतीय प्रांतो की सेनाओं पर हो गया था |

How battle of Buxar had made British as masters of Bengal, Bihar and Orissa?

  • Company had obtained the Diwani (right to collect to revenue) of Bengal, Bihar and Orissa from titular head of Mughal Empire.
  • Dual system of administration of Bengal
  • The real master of Bengal was company from 1765.
  • Police and judicial power – EIC appointed the Deputy Subahdar
  • Dual or double government – From 1765 to 1772 there was dual government in Bengal because there were 2 separate authorities.

Expansion under Lord Wellesley (1798 – 1805)

  • Lord Wellesley remained Governor General of Fort Williams from 1798 to 1805.
  • During his tenure, the Fourth and last Anglo-Mysore war was fought and Tipu was killed in this war.
  • The Second Anglo Maratha war also happened in which Bhonsle, Scindia and Holkar were defeated.
  • Wellesley followed the policy of “subsidiary alliance”, which was accepted by the rulers of Mysore, Jodhpur, Jaipur, Bundi, Macheri, Bharatpur, Oudh, Tanjore, Berar, Peshwa and Nizam of Hyderabad.
  • Wellesley believed that time had ripe to bring as many Indian states as possible under British control.
  • As in 1797, 2 major Indian powers, Mysore and Marathas were declined.
  • Helping Indian states by paid British force was old technic.
  • Wellesley shaped it and used to subordinate Indian states under paramount authority of the Company.

बक्सर के युद्ध ने अंग्रेज़ों को बंगाल, बिहार और उड़ीसा का स्वामी बना दिया ?

  • मुगल साम्राज्य के प्रमुख के नाम पर कंपनी ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा के दिवानी (राजस्व एकत्र करने का अधिकार) को प्राप्त किया
  • बंगाल प्रशासन की दोहरी व्यवस्था
  • बंगाल की वास्तविक स्वामी 1765 से कंपनी थी |
  • पुलिस और न्यायिक शक्ति – ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने उप सूबेदार को नियुक्त किया
  • दोहरी सरकार – 1765 से 1772 तक बंगाल में दोहरी सरकार थी क्योंकि वहां दो अलग-अलग स्वामित्व वाली संस्था थी |

रिचर्ड वेलस्ली के अधीन विस्तार (1798 – 1805)

  • रिचर्ड वेलस्ली 1798 से 1805 तक फोर्ट विलियम्स के गवर्नर जनरल बने रहे।
  • इनके कार्यकाल के दौरान, चौथे और आखिरी एंग्लो-मैसूर युद्ध लड़े गए और टीपू सुल्तान की हत्या की गई |
  • दूसरा एंग्लो मराठा युद्ध भी इन्ही के कार्यकाल में हुआ जिसमे भोंसले, सिंधिया और होलकर पराजित हुए।
  • वेलेस्ली ने “सहायक गठजोड़” की नीति का अनुसरण किया , जिसे मैसूर, जोधपुर, जयपुर, बुंदी, मैखेरी, भरतपुर, अवध, तंजावुर , बेरार, पेशवा और हैदराबाद के निजाम के शासकों द्वारा स्वीकार किया गया था।
  • वेलेस्ली का मानना था कि अब संभवतः अधिकांश भारतीय प्रांतो को ब्रिटिश शासन के अधीन लाने का समय आ गया है |
  • 1797 में, 2 प्रमुख भारतीय शक्तियां, मैसूर और मराठों का पतन हो गया |
  • ब्रिटिश द्वारा शुल्क के बदले भारतीय राज्यों की मदद करना पुरानी तकनीक थी |
  • वेलेस्ली ने इसे एक नया रूप दिया और इसका उपयोग अधीनस्थ भारतीय राज्यों को कम्पनी के प्रभुत्व में लाने के लिए किया |

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